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सीमाएं राज्यों को बांट सकती हैं, दिलों को नहीं: हिमंता बिस्वा सरमा

सीमाएं राज्यों को बांट सकती हैं, दिलों को नहीं: हिमंता बिस्वा सरमा
  • PublishedAugust 13, 2026

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच ऐसा रिश्ता है जो उनकी अंतरराज्यीय सीमाओं से कहीं आगे का है। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारें बातचीत और आपसी समझ से सीमा से जुड़े बाकी मतभेदों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सीएम सरमा ने कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश के लोगों के बीच पीढ़ियों से करीबी रिश्ते रहे हैं। उन्होंने दोनों राज्यों के बीच के रिश्ते को प्यार, स्नेह और आपसी सम्मान पर आधारित बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा, “असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच एक ऐसा बंधन है जो सीमाओं से कहीं आगे है। पीढ़ियों से हमारे लोग प्यार, स्नेह और आपसी सम्मान के साथ भाई-बहन की तरह रह रहे हैं।” सरमा ने कहा कि हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर के इन पड़ोसी राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर मतभेदों को दोनों सरकारों के बीच बातचीत और दोस्ती के जरिए सुलझा लिया गया है।

उन्होंने कहा, “अब सिर्फ 52 गांव बचे हैं और दोनों सरकारें विवाद को पूरी तरह से सुलझाने के लिए इसी भावना के साथ बातचीत जारी रखेंगी।” असम के मुख्यमंत्री ने अंतरराज्यीय सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की और जोर दिया कि इस विवाद का असर दोनों राज्यों के लोगों के बीच पारंपरिक रूप से करीबी रिश्तों पर नहीं पड़ना चाहिए।

सीएम सरमा ने कहा, “मैं असम और अरुणाचल के लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करता हूं। सीमाएं भले ही हमारे राज्यों को तय करती हों, लेकिन वे हमारे दिलों को कभी नहीं बांट सकतीं।” असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद पूर्वोत्तर में लंबे समय से चले आ रहे अंतर्राज्यीय सीमा मुद्दों में से एक है। हालांकि, दोनों राज्यों ने हाल के वर्षों में संस्थागत तंत्र और बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

सरकारों का मानना ​​है कि सीमावर्ती इलाकों में स्थायी शांति सुनिश्चित करने और सीमा के दोनों ओर रहने वाले समुदायों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को बनाए रखने के लिए टकराव के बजाय बातचीत से समाधान निकालना जरूरी है। सीएम सरमा द्वारा हाल में दिए बयान असम सरकार की उस प्राथमिकता को स्पष्ट करती है जिसमें असहमति वाले बाकी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत पर जोर दिया गया है।

साथ ही, उन्होंने सीमावर्ती जिलों के लोगों से ऐसी गतिविधियों या बयानों से बचने की अपील की है ,जिनसे शांति का माहौल बिगड़ सकता है। मुख्यमंत्री की यह अपील ऐसे समय में आई है जब दोनों पड़ोसी राज्य अपने सीमा विवादों के व्यापक और आपसी सहमति वाले समाधान तक पहुंचने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं।