पीएम मोदी ने डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन पर शोक व्यक्त किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन पर शुक्रवार को गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने कहा कि डॉ. कश्यप भारत के सबसे प्रमुख संवैधानिक विशेषज्ञों में से एक थे, जिनका संसदीय और संवैधानिक विमर्श में योगदान हमारे समाज को समृद्ध बनाने वाला रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके लेखन और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उल्लेखनीय है। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार और मित्रों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया, “लोकसभा के पूर्व महासचिव के रूप में कार्य कर चुके डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन से अत्यंत दुखी हूं। वह भारत के सबसे प्रमुख संवैधानिक विशेषज्ञों में से एक थे, जिनका संसदीय और संवैधानिक विमर्श में योगदान हमारे समाज को समृद्ध बनाने वाला रहा है। लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के प्रति उनका लेखन और उनकी प्रतिबद्धता उल्लेखनीय थी। उनके परिवार और मित्रों के प्रति संवेदनाएं। ॐ शांति।”
सुभाष कश्यप ने 97 साल की उम्र में अपने आवास पर आखिरी सांस ली। जानकारी के अनुसार, उनकी मौत कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट की वजह से हुई।
डॉ. कश्यप प्रसिद्ध लेखक और विद्वान, एक प्रतिष्ठित संवैधानिक विशेषज्ञ, सलाहकार और अधिवक्ता थे। उन्होंने भारत और विदेशों में कई सर्वोच्च पदों पर कार्य किया। लोकसभा के पूर्व महासचिव को पद्म भूषण और डॉक्टर ऑफ लॉज़ (एलएल.डी.) सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने 3-खंडीय ग्रंथ ‘भारत का संवैधानिक कानून’ के अलावा 6-खंड भी पेश किये हैं। उनके वर्तमान कार्यों में ‘स्टेट ऑफ द नेशनः डेमोक्रेसी गवर्नेस एंड पार्लियामेंट’ “वी, द पीपल एंड आवर कंसटीट्यूसन”, “इंडियन कंसटीट्यूसन कंफ्लीक्टस् एंड कंट्रोवर्सिज” आदि शामिल हैं।
हमारी संसद की उनकी लोकप्रिय ग्रंथत्रय (Trilogy) ‘आवर पालिटिकल सिस्टम एंड आवर कंसटीट्यूसन’ की कई लाख प्रतियां बिकी और एनबीटी के बेस्ट सेलर्स में से एक है।
