आईएनएस सुनायना सिंगापुर पहुंचा, समुद्री सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

हिंद महासागर पोत आईएनएस सुनायना 26 अप्रैल 2026 को सिंगापुर के चांगी नौसैनिक अड्डा पर पहुंचा। यह महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) पहल के तहत आईओएस सागर तैनाती के दौरान उसका चौथा पोर्ट कॉल है।
कई देशों के दल के साथ तैनाती
16 मित्र विदेशी देशों के बहुराष्ट्रीय दल के साथ तैनात यह पोत हिंद महासागर क्षेत्र में सक्रिय है। सिंगापुर पहुंचने से पहले यह माले, फुकेत और जकार्ता के बंदरगाहों पर भी रुक चुका है।
भारत-सिंगापुर समुद्री संबंधों को मजबूती
सिंगापुर पहुंचने पर पोत का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जो भारत और सिंगापुर के मजबूत समुद्री संबंधों को दर्शाता है। सिंगापुर में भारत की उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले ने जहाज के चालक दल से बातचीत की और सागर विजन के तहत उनकी भूमिका की सराहना की।
सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियां
आईएनएस सुनायना के कमान अधिकारी कमांडर सिद्धार्थ चौधरी ने क्रांजी युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने सिंगापुर गणराज्य नौसेना (आरएसएन) के 9वें फ्लोटिला के कमांडर कर्नल चुआह मेंग सून से मुलाकात कर समुद्री सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रम
इस यात्रा के दौरान पोत को स्कूली बच्चों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए खोला गया, जिससे उन्हें समुद्र में जीवन का अनुभव मिला। 27 अप्रैल को चालक दल ने भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ ‘एक महासागर, एक मिशन’ थीम पर दौड़ में भाग लिया, जिसका उद्देश्य समुद्री जागरूकता बढ़ाना था।
संयुक्त गतिविधियों पर जोर
पोत का दल सिंगापुर गणराज्य नौसेना के साथ पेशेवर और सामुदायिक स्तर पर कई गतिविधियों में शामिल है। इसमें नेविगेशन और डैमेज कंट्रोल सिमुलेटर, सूचना संलयन केंद्र और नौसेना संग्रहालय का दौरा शामिल है, जिससे आपसी सीख और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
29 अप्रैल को होगा प्रस्थान
आईएनएस सुनायना 29 अप्रैल 2026 को सिंगापुर से रवाना होगा और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को मजबूत करने के अपने मिशन को आगे बढ़ाएगा।
