कौन हैं Francesca Orsini? जिनकी भारत में Entry पर फिर लगा Ban, दिल्ली एयरपोर्ट से ही भेजा वापस

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर, 2025 ; दिवाली के दिन दिल्ली एयरपोर्ट पर एक बड़ी अकादमिक हस्ती के साथ अप्रत्याशित घटना सामने आई। प्रसिद्ध हिंदी साहित्य विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यात स्कॉलर (Scholar) फ्रांसेस्का ओरसिनी (Francesca Orsini) को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Indira Gandhi International Airport) पर भारत में प्रवेश से रोक दिया गया।
अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट को ब्लैकलिस्ट (Blacklist) कर दिया और उन्हें भारत लौटने से मना कर दिया। यह मामला सुर्खियों में इसलिए भी है क्योंकि यह इस साल दूसरी बार है जब ओरसिनी को भारत में प्रवेश से रोका गया है।
कौन हैं फ्रांसेस्का ओरसिनी?
फ्रांसेस्का ओरसिनी का नाम हिंदी और उर्दू साहित्य के अध्येताओं में अत्यंत सम्मान से लिया जाता है।
1. वे लंदन विश्वविद्यालय (University of London) के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज़ (SOAS) में प्रोफेसर एमेरिटा (Professor Emerita) हैं।
2. मूल रूप से इटली की निवासी ओरसिनी ने हिंदी, उर्दू और मध्यकालीन भारतीय साहित्य पर शोध किया है।
3. उन्होंने हिंदी जन-क्षेत्र और राष्ट्रवाद के दौर से जुड़ी प्रसिद्ध पुस्तक ‘The Hindi Public Sphere 1920–1940: Language and Literature in the Age of Nationalism’ लिखी, जिसे भारतीय और विदेशी दोनों ही अकादमिक जगत में बेहद सराहा गया।
4. उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ हिंदी, आगरा से भी अध्ययन किया है और भारत में लंबे समय तक शिक्षण और शोध कार्य से जुड़ी रही हैं।
एयरपोर्ट पर क्या हुआ?
फ्रांसेस्का ओरसिनी 20 अक्टूबर 2025 को हांगकांग से दिल्ली लौटी थीं।
1. आगमन पर रोका गया: जैसे ही वे इमिग्रेशन (Immigration) काउंटर पर पहुंचीं, अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया कि उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती।
2. वैध वीजा होने के बावजूद इनकार: उनके पास पांच साल का वैध ई-वीजा (E-Visa) था, फिर भी उन्हें रोक दिया गया और अगले फ्लाइट से वापस भेज दिया गया।
3. यह दूसरी बार हुआ: मार्च 2025 में भी इसी तरह उन्हें वापस भेजा गया था। उस समय भारतीय अधिकारियों ने उन पर वीजा शर्तों का उल्लंघन (Violation of Visa Conditions) करने का आरोप लगाया था।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पिछली यात्रा के दौरान उन्होंने अपने टूरिस्ट वीजा (Tourist Visa) पर ऐसे कार्यक्रमों में भाग लिया था जिनका स्वरूप शैक्षणिक (Academic) माना गया, जो वीजा की शर्तों का उल्लंघन था। इसी कारण उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया था।
फ्रांसेस्का ओरसिनी का पक्ष
घटना के बाद फ्रांसेस्का ओरसिनी ने एक बयान में कहा कि उन्हें एयरपोर्ट पर रोकने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया।
1. उन्होंने कहा, “मैं भारत में अपने पुराने दोस्तों और सहयोगियों से मिलने आई थी। यह यात्रा पूर्णतः व्यक्तिगत थी, किसी आधिकारिक कार्यक्रम से जुड़ी नहीं थी।”
2. उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले चार दशकों से भारत से जुड़ी रही हैं और हिंदी साहित्य, संस्कृति और समाज पर उनके शोध ने उन्हें भारत के प्रति गहरी लगाव दिया है।
