श्री हरमंदिर साहिब में बंदी छोड़ दिवस की रौनकें, शाम को जलाए जाएंगे 1 लाख घी के दीपक

अमृतसर, 21 अक्टूबर, 2025 : दीवाली और बंदी छोड़ दिवस (Bandi Chhor Divas) के अवसर पर सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब में आज भव्य उत्सव का आयोजन किया गया है। बता दे कि शाम को यहां लगभग 1 लाख घी के दिए जलाए जाएंगे और रंग-बिरंगी आतिशबाजी से पूरा परिसर जगमगा उठेगा। साथ ही दुर्गियाणा मंदिर में श्रद्धालु 14 वर्षों बाद भगवान श्री राम की अयोध्या वापसी की याद में दीवाली मनाएंगे। इस मौके पर लगभग 3 लाख श्रद्धालु शामिल होने की उम्मीद है।
बंदी छोड़ दिवस का ऐतिहासिक महत्व
ज्ञानी रघुबीर सिंह ने बताया कि बंदी छोड़ दिवस केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि यह आज़ादी, न्याय और मानवता का प्रतीक है। इस दिन गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को मुक्त कराया था। उनकी अमृतसर वापसी पर संगतों ने घी के दीयों से दीपमाला की और आतिशबाजी की, जिसके बाद से इस दिन को हर वर्ष बड़े उत्साह से मनाया जाता है।
आध्यात्मिक संदेश और सिख धर्म का योगदान
ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि बंदी छोड़ दिवस हमें सिखाता है कि सच्चा बंधन तभी छूटता है जब हम दूसरों को स्वतंत्रता दिलाते हैं। यह दिन आध्यात्मिक स्वतंत्रता, मानवाधिकार और अन्याय के विरुद्ध लड़ाई का प्रतीक है। सिख धर्म सदैव शांति, प्रेम और सेवा का संदेश देता है, और इस अवसर पर सभी को मानवता की सेवा और पर्यावरण संरक्षण का प्रण लेना चाहिए।
दीपमाला और रंगीन आतिशबाजी से जलेगा हरमंदिर साहिब
इस वर्ष भी श्री हरमंदिर साहिब को दीयों से जगमगाया जाएगा और भव्य रंगीन आतिशबाजी का आयोजन होगा, जिससे पूरा परिसर दीवाली के पर्व की रौनक से भर जाएगा।
