बाढ़ से प्रभावित किसान फूंकेंगे सरकार के पुतले

अमृतसर, 3 अक्टूबर, 2025 : किसान आंदोलन के भविष्य को लेकर किसान नेताओं के बीच दरार गहरी होती जा रही है। भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहां) के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्रहां द्वारा 401 दिन चले दिल्ली आंदोलन-2 पर दिए गए एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (KMSC) ने उग्रहां के उन आरोपों को “बेबुनियाद और तथ्यहीन” बताया है, जिनमें उन्होंने आंदोलन के भाजपा से मिले होने का इशारा किया था। KMSC ने एक निंदा प्रस्ताव पास करते हुए उग्रहां से तुरंत माफी मांगने की मांग की है।
“शहीदों का अपमान, उग्रहां माफी मांगें” – KMSC
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सभरा और महासचिव राणा रणबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी की बैठक में इस बयान की कड़ी निंदा की गई।
1. शहीदों का अपमान: KMSC के प्रदेश नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि जोगिंदर सिंह उग्रहां ने यह बयान देकर युवा शहीद शुभकरण सिंह समेत 40 से अधिक शहीदों और 400 से ज्यादा घायलों की कुर्बानी पर सवाल उठाया है।
2. माफी की मांग: उन्होंने कहा कि उग्रहां को अपना बयान तुरंत वापस लेना चाहिए और शहीदों के परिवारों से माफी मांगनी चाहिए।
आगामी संघर्ष की घोषणा: 6 अक्टूबर को पुतला दहन
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने अपनी आगामी रणनीतियों की भी घोषणा की है।
1. 6 अक्टूबर को पुतला दहन: पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ दर्ज हो रहे मामले, बाढ़ का अपर्याप्त मुआवजा और पंजाब सरकार की नाकामी के विरोध में किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर 6 अक्टूबर को पूरे पंजाब में सैकड़ों स्थानों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भगवंत मान के पुतले फूंके जाएंगे।
2. बिजली निजीकरण के खिलाफ एक्शन: बिजली के निजीकरण (Privatization) के खिलाफ एक बड़ी रणनीति बनाने के लिए 15 अक्टूबर को बिजली कर्मचारियों के संगठनों के साथ एक बैठक की जाएगी।
पराली और लखीमपुर खीरी पर भी उठाए सवाल
1. पराली का मुद्दा: नेताओं ने कहा कि पराली जलाने को लेकर सिर्फ किसानों को खलनायक बनाया जा रहा है, जो प्रदूषण में केवल 6% का योगदान देते हैं, जबकि 94% प्रदूषण फैलाने वाले कॉर्पोरेट घरानों का कोई जिक्र नहीं होता। उन्होंने कहा कि किसान पराली नहीं जलाना चाहता, लेकिन सरकार उसे न तो कोई विकल्प दे रही है और न ही 23 फसलों पर MSP की गारंटी का कानून बना रही है।
2. लखीमपुर खीरी कैंडल मार्च: कमेटी ने घोषणा की कि 3 अक्टूबर को चंडीगढ़ में किसान भवन से सेक्टर 17 तक लखीमपुर खीरी के शहीदों की याद में एक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च के जरिए अजय मिश्रा टेनी और आशीष मिश्रा समेत सभी दोषियों के लिए सजा की मांग की जाएगी।
