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Agni Prime Missile का भारत ने किया सफल परीक्षण, अब ट्रेन से भी तबाह होंगे दुश्मनों के ठिकाने, जानें 5 बड़ी खासियतें

Agni Prime Missile का भारत ने किया सफल परीक्षण, अब ट्रेन से भी तबाह होंगे दुश्मनों के ठिकाने, जानें 5 बड़ी खासियतें
  • PublishedSeptember 25, 2025

नई दिल्ली, 25 सितंबर, 2025 : भारत ने रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए पहली बार ट्रेन से लॉन्च की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। गुरुवार को डीआरडीओ (DRDO) ने नई पीढ़ी की मध्यम दूरी की परमाणु-सक्षम मिसाइल ‘अग्नि-प्राइम’ (Agni-Prime) को एक विशेष रूप से डिजाइन किए गए रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर (Rail-Based Mobile Launcher) से सफलतापूर्वक दागा। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया।
इस अभूतपूर्व सफलता के साथ, भारत उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल हो गया है, जिनके पास रेल नेटवर्क पर चलते हुए मिसाइल दागने की क्षमता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए डीआरडीओ, सामरिक बल कमान (SFC) और सशस्त्र बलों को बधाई दी है।

क्या है यह नई तकनीक और क्यों है इतनी खास?

यह परीक्षण भारत की सामरिक ताकत को कई गुना बढ़ा देता है। रेल-आधारित लॉन्च सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी गतिशीलता (Mobility) और सरप्राइज फैक्टर (Surprise Factor) है।

1. दुश्मन को चकमा देने की क्षमता: पहले मिसाइलें फिक्स्ड लॉन्च पैड से दागी जाती थीं, जिससे दुश्मन को उनकी लोकेशन का पता लगाना आसान होता था। अब इस मिसाइल को देश के विशाल रेल नेटवर्क पर कहीं भी ले जाया जा सकता है और चलती ट्रेन से भी लॉन्च किया जा सकता है, जिससे दुश्मन को इसकी वास्तविक लोकेशन का अंदाजा लगाना लगभग नामुमकिन होगा।

2. तेज रिएक्शन टाइम: यह प्रणाली बहुत कम समय में (कम प्रतिक्रिया समय) हमले के लिए तैयार हो सकती है। ट्रेन को कहीं भी रोककर तुरंत मिसाइल दागी जा सकती है।

3. हर मौसम में कारगर: मिसाइल को एक कैनिस्टर (Canister) यानी बंद बॉक्स में रखा जाता है, जो इसे बारिश, धूल और गर्मी से बचाता है। यह धुंध या रात जैसे कम दृश्यता वाले हालात में भी सुरक्षित रूप से काम कर सकती है।

‘अग्नि-प्राइम’ मिसाइल की विशेषताएं

अग्नि-प्राइम, अग्नि सीरीज की सबसे आधुनिक मिसाइलों में से एक है, जिसे विशेष रूप से सामरिक बल कमान (SFC) के लिए बनाया गया है।

1. रेंज: इसकी मारक क्षमता 1,000 से 2,000 किलोमीटर तक है।

2. सटीक निशाना: इसमें उन्नत नेविगेशन और मार्गदर्शन प्रणाली लगी है, जो इसे दुश्मन के ठिकानों पर सटीक निशाना लगाने में मदद करती है।

3. हल्की और तेज: यह अग्नि सीरीज की पुरानी मिसाइलों की तुलना में काफी हल्की है, जिससे इसकी गतिशीलता और बढ़ जाती है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परीक्षण?

1. रणनीतिक बढ़त: यह परीक्षण भारत को पाकिस्तान और चीन दोनों के खिलाफ एक बड़ी रणनीतिक बढ़त देता है। जहां अग्नि-5 मिसाइल पूरे चीन को अपनी जद में ले सकती है, वहीं अग्नि-प्राइम को विशेष रूप से पाकिस्तान को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

2. आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा: यह सफलता ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

3. वैश्विक शक्ति: इस क्षमता के साथ भारत अब अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों की बराबरी पर आ गया है, जिनके पास ऐसी तकनीक है।

यह अग्नि-प्राइम का पहला प्री-इंडक्शन नाइट लॉन्च (Pre-induction Night Launch) था। आने वाले समय में यह मिसाइल सेना में पुरानी अग्नि-I (700 किमी रेंज) मिसाइलों की जगह लेगी।