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बिहार में 3,590 करोड़ रुपये की लागत से मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन सड़क को मंजूरी

बिहार में 3,590 करोड़ रुपये की लागत से मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन सड़क को मंजूरी
  • PublishedAugust 19, 2026

केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने बिहार में मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को चार लेन में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। 82.578 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर कुल 3,590.73 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत आएगी। परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत किया जाएगा।

यह परियोजना रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा को NH-27 के जरिए मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों से जोड़ेगी। इससे मुजफ्फरपुर, मुकसुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, डुमरा, भुतही और सोनबरसा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात की समस्या कम होने की उम्मीद है।

सरकार के अनुसार, चार लेन की सड़क बनने से यात्रियों और माल की आवाजाही तेज और सुरक्षित होगी। परियोजना को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत गति के हिसाब से तैयार किया गया है। इसमें तेज और सुरक्षित यातायात के लिए एट-ग्रेड मीडियन ओपनिंग नहीं होगी।

यह परियोजना पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप विकसित की जाएगी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सड़क के बेहतर होने से कृषि उत्पादों और अन्य माल की आवाजाही भी सुगम होगी तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना में सात प्रमुख पुल, तीन रेलवे ओवरब्रिज और दो फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इनमें बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा प्रमुख पुल भी शामिल है।

नया कॉरिडोर बिहार के महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों, जिनमें बौद्ध सर्किट और पुनौरा धाम स्थित माता जानकी मंदिर शामिल हैं, तक पहुंच को भी बेहतर करेगा।

इसके अलावा, यह मार्ग पांच पीएम गति शक्ति आर्थिक नोड, चार सामाजिक नोड और दो लॉजिस्टिक्स नोड से बेहतर संपर्क स्थापित करेगा। सरकार का कहना है कि परियोजना से यात्रा समय, ईंधन खपत और वाहन संचालन लागत कम होने के साथ सड़क सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।