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भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में अभियोजन सेवा प्रमुखों की 8वीं बैठक, डिजिटल न्याय व्यवस्था पर मंथन

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में अभियोजन सेवा प्रमुखों की 8वीं बैठक, डिजिटल न्याय व्यवस्था पर मंथन
  • PublishedJuly 20, 2026

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत विधि एवं न्याय मंत्रालय का विधि कार्य विभाग 20 और 21 जुलाई को ब्रिक्स अभियोजन सेवा प्रमुखों (BRICS Heads of Prosecution Services) की आठवीं बैठक का वर्चुअल आयोजन कर रहा है। भारत के महान्यायवादी आर. वेंकटरमणी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सदस्य देशों के अभियोजन प्रमुख आपराधिक न्याय प्रणाली, डिजिटल तकनीक और संस्थागत सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।

भारत के ब्रिक्स दृष्टिकोण को मिलेगा बल

यह बैठक “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” विषय के अनुरूप आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने, न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और आर्थिक प्रगति के लिए स्थिर, निष्पक्ष एवं पूर्वानुमानित संस्थागत ढांचे को मजबूत करना है।

आपराधिक न्याय प्रणाली की सर्वोत्तम प्रथाओं पर होगी चर्चा

दो दिवसीय बैठक का मुख्य विषय “Exchanging Experiences and Best Practices in Criminal Adjudication from the Prosecution’s Perspective” रखा गया है। इसमें सदस्य देश अभियोजन के दृष्टिकोण से आपराधिक न्याय प्रणाली के अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करेंगे। साथ ही आधुनिक संस्थागत चुनौतियों और विधायी प्रक्रियाओं पर भी चर्चा होगी।

एआई और डिजिटल न्याय व्यवस्था पर रहेगा फोकस

बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित न्याय प्रणाली, आपराधिक मामलों के डिजिटलीकरण, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के प्रबंधन और समयबद्ध मुकदमों के संचालन जैसे विषय प्रमुखता से शामिल रहेंगे। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी के उपयोग से न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।

पीड़ित-केंद्रित न्याय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर

बैठक में आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और पीड़ित-केंद्रित बनाने पर भी चर्चा होगी। सदस्य देश अभियोजन सेवाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने और जनता का विश्वास मजबूत करने के लिए अपने अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा सीमा पार वित्तीय अपराध, साइबर अपराध और पर्यावरण संबंधी उल्लंघनों जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर भी विचार किया जाएगा।

कानूनी सहयोग और क्षमता निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

बैठक के दौरान पारस्परिक कानूनी सहायता, सीमा पार साक्ष्य साझाकरण और सरकारी अधिकारियों के क्षमता निर्माण के लिए डिजिटल मंच विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। भारत का विधि एवं न्याय मंत्रालय इस दिशा में व्यावहारिक और गैर-बाध्यकारी सहयोगात्मक ढांचे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

डिजिटल मंच के जरिए संस्थागत संबंध होंगे मजबूत

वर्चुअल माध्यम से आयोजित यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच संस्थागत संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भारत इस मंच के जरिए आधुनिक, डिजिटल और सहयोगात्मक न्याय व्यवस्था को बढ़ावा देने में अपनी सक्रिय भूमिका को आगे बढ़ा रहा है।