एयर फोर्स में आधुनिक सिम्युलेटर शामिल, नेविगेटर्स की तैयारी को मिलेगा बढ़ावा

भारतीय वायुसेना के ट्रेनिंग कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एस. श्रीनिवास ने गुरुवार को एयर फोर्स स्टेशन बेगमपेट स्थित नेविगेशन ट्रेनिंग स्कूल (एनटीएस) में स्वदेशी रूप से विकसित ‘एनएवीएसआईएम’ सिम्युलेटर का उद्घाटन किया।
पूरी तरह स्वदेशी, आधुनिक ग्राफिक्स से लैस
यह सिम्युलेटर पूरी तरह भारत में विकसित किया गया है। इसमें अत्याधुनिक ग्राफिक्स का उपयोग किया गया है, जो प्रशिक्षण को अधिक यथार्थ और प्रभावी बनाते हैं। ‘एनएवीएसआईएम’ विशेष रूप से रात्रि अभियानों और विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों के प्रशिक्षण के लिए डिजाइन किया गया है।
जटिल आपातकालीन परिस्थितियों का अभ्यास संभव
इस सिम्युलेटर में कई जटिल आपातकालीन परिदृश्य शामिल किए गए हैं, जिससे प्रशिक्षणार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों के करीब अनुभव मिलता है। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
नेविगेटर्स और वेपन सिस्टम ऑपरेटर्स को मिलेगा लाभ
नए सिम्युलेटर के शामिल होने से वायुसेना के नेविगेटर्स और वेपन सिस्टम ऑपरेटर्स का प्रशिक्षण और मजबूत होगा। अब वे वास्तविक उड़ान से पहले ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का अभ्यास कर सकेंगे, जिससे उनकी तैयारी और दक्षता में वृद्धि होगी।
स्वदेशी क्षमता निर्माण पर जोर
उद्घाटन के दौरान एयर मार्शल श्रीनिवास ने कहा कि यह सिम्युलेटर भारतीय वायुसेना की बढ़ती ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग कमांड स्वदेशी क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दे रहा है, जिससे लागत में कमी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
बेगमपेट ट्रेनिंग स्कूल की क्षमता में वृद्धि
भारतीय वायुसेना का नेविगेशन ट्रेनिंग स्कूल, बेगमपेट एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र है, जहां नेविगेटर्स और वेपन सिस्टम ऑपरेटर्स को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाता है। ‘एनएवीएसआईएम’ के शामिल होने से इस संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता और मजबूत हुई है।
आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण की दिशा में कदम
यह पहल भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। वायुसेना तेजी से ऐसे स्वदेशी उपकरणों को शामिल कर रही है, जो प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के साथ भविष्य के युद्ध परिदृश्यों के लिए भी तैयार करते हैं।
