Delhi Pollution: घर से निकलने से पहले पढ़ें यह रिपोर्ट! हवा में घुला ‘जहर’, इन शहरों का हाल बेहाल

नई दिल्ली, 26 नवंबर, 2025 : दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में वायु प्रदूषण (Air Pollution) ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। बुधवार सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़ों ने सबकी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि राजधानी समेत आसपास के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता ‘खतरनाक’ (Hazardous) और ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है।
प्रदूषण के इस जानलेवा स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने पहली बार कड़ा कदम उठाते हुए निजी कार्यालयों के लिए एक सख्त आदेश जारी किया है, ताकि लोगों को जहरीली हवा के प्रकोप से बचाया जा सके।
ग्रेटर नोएडा और नोएडा में हालात ‘बेकाबू’
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, एनसीआर के शहरों में स्थिति दिल्ली से भी बदतर है। ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में एक्यूआई 414 और नोएडा (Noida) में 409 तक पहुंच गया है, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। वहीं, गाजियाबाद (Ghaziabad) में 395 और दिल्ली (Delhi) में औसत एक्यूआई 389 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी है। इसके अलावा लखनऊ (Lucknow), चंडीगढ़ (Chandigarh) और मेरठ (Meerut) की हवा भी सांस लेने लायक नहीं बची है।
निजी दफ्तरों में 50% ‘Work From Home’ अनिवार्य
प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने जिलाधिकारियों और पुलिस उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि राजधानी के सभी निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। इससे पहले सरकार सिर्फ सलाह जारी करती थी, लेकिन हालात की गंभीरता को देखते हुए इस बार इसे आदेश के रूप में लागू किया गया है।
क्यों बन रहा है ‘गैस चैंबर’?
विशेषज्ञों का मानना है कि पराली जलाने (Stubble Burning) का असर अभी भी बना हुआ है। इसके साथ ही, तापमान गिरने और ठंडी हवाओं की कमी के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के करीब फंस रहे हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं और निर्माण कार्य भी इस स्थिति को और बिगाड़ रहे हैं।
स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा, मास्क है जरूरी
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर का प्रदूषण फेफड़ों (Lungs) को कमजोर करने के साथ-साथ दिल की बीमारियों और कैंसर (Cancer) का खतरा भी बढ़ाता है। यह हवा बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और एन95 मास्क (N95 Mask) का इस्तेमाल करें। घर के अंदर हेपा फिल्टर (HEPA Filter) वाले एयर प्यूरीफायर (Air Purifier) का उपयोग करना बेहतर रहेगा।
