पंजाब में बसों के ‘चक्का जाम’ को लेकर आया बड़ा ‘अपडेट’!

चंडीगढ़, 23 अक्टूबर, 2025 : पंजाब में आज (गुरुवार) सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों ने आखिरकार राहत की सांस ली है। नई ‘किलोमीटर स्कीम’ के विरोध में पनबस (Panbus) और पीआरटीसी (PRTC) के ठेका कर्मचारियों द्वारा सुबह से शुरू की गई हड़ताल (strike) अब खत्म हो गई है।
यूनियन ने सरकार से मिले एक अहम आश्वासन के बाद अपना ‘चक्का जाम’ कार्यक्रम 31 अक्टूबर तक के लिए स्थगित (postpone) कर दिया है।
सरकार ने दिया बैठक का आश्वासन
मिली जानकारी के मुताबिक, यह फैसला सरकार से मिले एक भरोसे (assurance) के बाद लिया गया है। सरकार ने यूनियन नेताओं को आश्वासन दिया है कि 31 अक्टूबर को उनकी सभी मांगों पर चर्चा करने और मसले का स्थायी हल निकालने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक (high-level meeting) की जाएगी।
हड़ताल के दौरान तनावपूर्ण रहे हालात
इससे पहले, आज दोपहर 12 बजे से राज्य भर में स्थिति तनावपूर्ण (tense) हो गई थी।
1. यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने 12 बजे से 2 (कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक 3) घंटे के लिए बसें बंद कर दी थीं।
2. इस दौरान, अमृतसर में गोल्डन गेट (Golden Gate) पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया, जिससे भारी ट्रैफिक जाम (traffic jam) भी लग गया।
3. राज्य के अन्य मुख्य चौकों जैसे जालंधर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और बठिंडा में भी प्रदर्शन किए गए।
क्यों हो रहा था यह विरोध? (विवाद की जड़)
यह पूरा विवाद सरकार की एक नई स्कीम को लेकर है, जिसका ठेका कर्मचारी (contract workers) पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
1. ‘किलोमीटर स्कीम’ के टेंडर: कर्मचारियों का मुख्य गुस्सा इस बात पर था कि सरकार आज (23 अक्टूबर) चंडीगढ़ में नई AC (HVAC) वोल्वो बसों के लिए ‘किलोमीटर स्कीम’ (Kilometer Scheme) के तहत टेंडर (tender) खोलने जा रही थी।
2. निजीकरण का डर: यूनियन का आरोप है कि इस स्कीम के जरिए सरकार प्राइवेट बसों (private buses) को विभाग में लाकर सरकारी ट्रांसपोर्ट को खत्म करने की साजिश रच रही है।
3. वादाखिलाफी का आरोप: नेताओं ने कहा कि वे कई बार सरकार से बैठकें कर चुके हैं, लेकिन सरकार हर बार अपनी ही मानी हुई मांगों से मुकर जाती है।
4. तनख्वाह का संकट: कर्मचारियों का यह भी कहना है कि विभाग के पास पहले ही उन्हें तनख्वाह (salary) देने के लिए पैसे नहीं हैं, और उन्हें हर महीने अपनी सैलरी के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है।
