हैड ग्रंथी ज्ञानी रघुबीर सिंह ने दी दीवाली और बंदी छोड़ दिवस की शुभकामनाएं

अमृतसर, 21 अक्टूबर, 2025 : सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब के हैड ग्रंथी ज्ञानी रघुबीर सिंह ने दीवाली और बंदी छोड़ दिवस के पावन मौके पर देश-विदेश की सभी सिख संगत को बधाई दी है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बंदी छोड़ दिवस की ऐतिहासिक महत्ता और इस दिन के आध्यात्मिक संदेश पर प्रकाश डाला।ज्ञानी रघुबीर सिंह ने बताया कि यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि गुरु हरगोबिंद साहिब जी के बलिदान और मानवता के लिए उनकी सेवा की याद दिलाने वाला है।
गुरु हरगोबिंद साहिब जी और बंदी छोड़ दिवस का इतिहास
उन्होंने बताया कि गुरु हरगोबिंद सिंह जी ने ग्वालियर किले से 52 राजाओं को मुक्त कराकर बंदी छोड़ दिवस की मिसाल कायम की। इस घटना के बाद अमृतसर लौटने पर संगतों ने दीप जलाकर और आतिशबाजी करके गुरु जी का स्वागत किया था। तब से यह दिन हर साल विशेष तौर पर मनाया जाता है।
आत्मिक विकास का संदेश
ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि यह अवसर आत्मिक विकास का है। उन्होंने कहा कि हमें सतिगुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सेवा, सच्चाई और समर्पण को अपनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि विकारों की जंजीरों को तोड़कर सच्चे बंदी की मुक्ति ही वास्तव में अरदास हो सकती है।
दीपमाला और आतिशबाजी के आयोजन
उन्होंने यह भी बताया कि बंदी छोड़ दिवस की रात सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब में भव्य दीपमाला जलाने और सुंदर आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा परिसर झिलमिला उठेगा।
अंत में संगतों से अपील की गई कि इस बार दीवाली प्रदूषणमुक्त मनाएं ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे।
