पाकिस्तान ने अब इस देश पर किया हमला

काबुल/नई दिल्ली, 10 अक्टूबर, 2025 : गुरुवार देर रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल जोरदार धमाकों से दहल उठी। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह धमाके पाकिस्तान द्वारा की गई एक कथित एयरस्ट्राइक (Airstrike) का नतीजा थे, जिसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी, तालिबान के सत्ता में आने के बाद पहली बार भारत के एक सप्ताह के ऐतिहासिक दौरे पर हैं। इस हमले को पाकिस्तान द्वारा भारत और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते संबंधों को लेकर एक सीधे संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला और किसे बनाया गया निशाना?
गुरुवार रात करीब 9:50 बजे काबुल के अब्दुल हक चौराहे और डिस्ट्रिक्ट 8 जैसे इलाकों में कम से कम दो बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई। स्थानीय निवासियों ने आसमान में लड़ाकू विमानों और ड्रोन की मौजूदगी की भी पुष्टि की।
1. मुख्य निशाना: पाकिस्तानी मीडिया और रक्षा सूत्रों ने दावा किया है कि इस हमले का मुख्य निशाना TTP का सरगना नूर वली महसूद था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसकी कार और एक गेस्ट हाउस को निशाना बनाया गया।
2. मौत पर सस्पेंस: पाकिस्तानी मीडिया ने हमले में नूर वली महसूद के मारे जाने का दावा किया है। हालांकि, कुछ ही देर बाद महसूद का एक ऑडियो संदेश सामने आया, जिसमें उसने खुद के सुरक्षित होने का दावा किया और इसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों का “फर्जी प्रचार” बताया।
3. तालिबान का बयान: अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने काबुल में धमाकों की पुष्टि की है, लेकिन इसे एक सामान्य घटना बताते हुए कहा, “चिंता की कोई बात नहीं है, स्थिति नियंत्रण में है और जांच चल रही है।” उन्होंने हमले के स्रोत या नूर वली महसूद के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
क्यों की पाकिस्तान ने यह कार्रवाई?
इस एयरस्ट्राइक के पीछे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की कुछ घंटे पहले दी गई खुली धमकी को मुख्य कारण माना जा रहा है।
1. “अब बहुत हो चुका”: गुरुवार को नेशनल असेंबली में बोलते हुए ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि TTP के आतंकी अफगान धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान पर हमलों के लिए कर रहे हैं और पाकिस्तान का सब्र अब खत्म हो गया है। उन्होंने कहा, “अब बहुत हो चुका (Enough is enough)”।
2. तात्कालिक कारण: यह चेतावनी हाल ही में TTP के एक हमले के बाद आई थी, जिसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर सहित 11 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। आसिफ ने साफ संकेत दिया था कि अगर काबुल ने कार्रवाई नहीं की तो इस्लामाबाद सख्त कदम उठाएगा।
भारत दौरे के बीच हमले के मायने
यह हमला जानबूझकर ऐसे समय पर किया गया है जब अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भारत दौरे पर हैं, जो अगस्त 2021 के बाद किसी अफगान मंत्री का पहला भारत दौरा है।
1. संबंधों में खलल डालने की कोशिश: विशेषज्ञ इसे भारत और अफगानिस्तान के बीच पनपते नए रिश्तों को बाधित करने की पाकिस्तानी कोशिश के रूप में देख रहे हैं। मुत्ताकी का यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीतिक संवाद की एक नई शुरुआत माना जा रहा है।
2. भारत-अफगान बातचीत: आज (शुक्रवार, 10 अक्टूबर) मुत्ताकी की भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण बैठक भी होनी है।
यह हमला न केवल पाकिस्तान और अफगान-तालिबान के बीच तनाव को चरम पर ले गया है, बल्कि इसने पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में एक नई भू-राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।
