डाक विभाग ने अमेरिका को भेजे जाने वाले मेल की बुकिंग स्थगित करने की घोषणा की

अमेरिका जाने वाले डाक के परिवहन में वाहकों की निरंतर असमर्थता और परिभाषित नियामक तंत्र की अनुपस्थिति को देखते हुए, भारत के डाक विभाग ने अमेरिका जाने वाले 100 अमेरिकी डॉलर तक के मूल्य वाले पत्रों, दस्तावेजों और उपहार वस्तुओं सहित सभी श्रेणियों के डाक की बुकिंग को पूरी तरह से निलंबित करने का निर्णय लिया है।
22 अगस्त, 2025 के सार्वजनिक नोटिस के क्रम में, डाक विभाग ने संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए मेल की बुकिंग के निलंबन की समीक्षा की है।
संचार मंत्रालय ने 31 अगस्त को एक बयान जारी कर कहा कि विभाग स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है और जल्द से जल्द सेवाएं बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। जिन ग्राहकों ने पहले ही सामान बुक कर लिया है और जो नहीं भेजा जा सका है, वे डाक शुल्क वापसी का दावा कर सकते हैं। मंत्रालय ने आगे कहा कि सम्मानित ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।
डाक विभाग ने अमेरिकी प्रशासन द्वारा 30 जुलाई को जारी कार्यकारी आदेश संख्या 14324 पर ध्यान दिया था, जिसके तहत 800 अमेरिकी डॉलर तक के मूल्य के सामान के लिए शुल्क मुक्त न्यूनतम छूट 29 अगस्त से वापस ले ली गई थी। संयुक्त राज्य अमेरिका को भेजे जाने वाले सभी अंतर्राष्ट्रीय डाक सामान, चाहे उनका मूल्य कुछ भी हो, देश-विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (आईईईपीए) टैरिफ ढांचे के अनुसार सीमा शुल्क के अधीन थे।
कार्यकारी आदेश के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय डाक नेटवर्क के माध्यम से शिपमेंट पहुंचाने वाले परिवहन वाहकों, या अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) द्वारा अनुमोदित अन्य “योग्य पक्षों” को डाक शिपमेंट पर शुल्क एकत्र करना और भेजना आवश्यक है। हालांकि सी.बी.पी. ने 15 अगस्त को कुछ दिशानिर्देश जारी किए, लेकिन “योग्य पक्षों” के पदनाम तथा शुल्क संग्रहण एवं प्रेषण के तंत्र से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं अभी भी अनिर्धारित हैं।
परिणामस्वरूप, अमेरिका जाने वाली हवाई कम्पनियों ने परिचालन और तकनीकी तैयारी की कमी का हवाला देते हुए 25 अगस्त के बाद डाक खेप स्वीकार करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की है।
गौरतलब हो, डाक विभाग ने पहले ही 25 अगस्त से अमेरिका जाने वाली सभी प्रकार की डाक वस्तुओं की बुकिंग अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया था, सिवाय 100 अमेरिकी डॉलर तक के मूल्य वाले पत्रों / दस्तावेजों और उपहार वस्तुओं के। वहीं, जारी बयान के अनुसार, 100 अमेरिकी डॉलर से कम मूल्य की सभी बुकिंग भी निलंबित कर दी गई हैं।
