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काबुल - अफगानिस्तान में अगले साल अप्रैल में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को कुछ महीनों के लिए टाल दिया गया है। इस साल अक्तूबर में हुए संसदीय चुनाव के दौरान कई तरह की तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हुई थीं जिन्हें दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
स्वतंत्र चुनाव आयोग के उप प्रवक्ता अब्दुल अजीज इब्राहिमी ने बताया कि मतदाता सूची की जांच और पुष्टि तथा धोखाधड़ी कम करने के उद्देश्य से बनाई गई बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली का प्रशिक्षण कर्मचारियों को देने के लिए समय की जरूरत है। संसदीय चुनाव में कई तरह की समस्याओं और विलंब का सामना करना पड़ा था क्योंकि बायोमेट्रिक तकनीक के लिए जिन कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया था, उनमें से कुछ पोलिंग बूथ पर नहीं आए थे और अनगिनत पंजीकृत मतदाताओं का नाम मतदातासूची पत्र में ही नहीं था। वहीं परिणाम को भी चुनौती देते हुए कई कानूनी शिकायतें दर्ज हुई थी। राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभी नई तारीख तय नहीं हुई है। पिछला राष्ट्रपति चुनाव 2014 में आयोजित किया गया था। इसमें भी धोखाधड़ी और धांधली के आरोप लगे थे।

 


"मोटरसाइकिल से टूर का कॉन्सेप्ट अभी भारत के लोगो में फेमस नही हुआ है।"-बाईकर देबाशिष घोष
मुंबई (हम हिंदुस्तानी)-बाईक से वर्ल्ड टूर करके भारत का नाम रोशन करनेवाले मुंबई के जांबाज़ बाईकर देबाशिष घोष अब अफ्रीका के दी लायन व्हिस्परर से मशहूर केविन रिचर्डसन के इनविटेशन पर ९ दिनों के लिए साउथ अफ्रीका जा रहे है। केविन रिचर्डसन वहां लायन को बचाने के लिए मुहीम शुरू करके रक्खा है, जिससे जनजागृति आये और लोगो इसके बारे में जाने।केविन रिचर्डसन के लायन को बचाने के अभियान को बाईकर देबाशिष घोष वहां पर बाईक राइड के जरिये यह लोगों तक पहुँचायेंगे। जिसके लिए वे काफी तैयारी कर रहे हैं। इस बारे में देबाशिष घोष कहते है," यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि केविन रिचर्डसन ने मुझे इसके काबिल समझा। साउथ अफ्रीका में यह कार्यक्रम २० फरवरी २०१९ को है। "
वैसे बाईकर देबाशिष घोष ने ९ महीने में ३४ देशों की ६८,००० किलोमीटर की यात्रा अब्ने बी एम डब्लू जी एस एडवेंचर मोटर साइकल द्वारा भारत से शुरू करके भारत में ख़त्म करके रिकॉर्ड बनाया था।जिसके लिए सारे अखबार की सुर्खियों में आ गए।बाईक से वर्ल्ड टूर के लिए उन्होंने दो साल प्लानिंग की थी, जिसमें रूट,क्लाइमेट कंडीशन, वीसा इत्यादि को बड़े सिस्टमेटिक ढंग से सेट किया था। अपने इस कीर्तिमान के बारे में देबाशिष घोष कहते है,"मोटरसाइकिल से टूर का कॉन्सेप्ट अभी भारत के लोगो में फेमस नही हुआ है,लेकिन धीरे धीरे लोगो को समझ मे आ रहा है।जबकि विदेशो में काफी फेमस है।यह लोगों के लिए एक जोश और जस्सबा है,जिसके लिए लोग बाइक रेस इत्यादि में हिस्सा लेते है।"

लाहौर। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (69) को मंगलवार को लाहौर की कोट लखपत जेल ले जाया गया। मंगलवार को उनका जन्मदिन भी था। जवाबदेही न्यायालय ने एक दिन पहले भ्रष्टाचार से जुड़े अल-अजीजिया स्टील मिल मामले में उन्हें सात साल जेल की सजा सुनाई थी।शरीफ को पहले रावलपिंडी की अदियाला जेल ले जाया गया था। लेकिन उन्होंने अपने परिजनों और डॉक्टर के लाहौर में होने का हवाला देते हुए कोर्ट से कोट लखपत जेल भेजे जाने की अपील की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। जेल अधिकारियों के अनुसार, शरीफ को उसी बैरक में रखा गया है जिसमें कभी पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को भी भ्रष्टाचार के आरोपों में रखा जा चुका है। शरीफ को एक गद्दा, मेज, दो कुर्सी, टीवी और अखबार भी उपलब्ध कराया गया है।पिछले साल पनामा पेपर्स मामले में पीएम पद गंवाने के बाद शरीफ और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार के तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। लंदन में चार आलीशान फ्लैट से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में उन्हें पहले ही 11 साल की सजा हो चुकी है। अल अजीजिया स्टील मिल में मिली सजा के बाद भी शरीफ ने खुद को निर्दोष बताया है। उनके वकीलों का कहना है कि इस फैसले को इस्लामाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

 

 

 

कराजी। पाकिस्तान नेशनल असेंबली के पूर्व सदस्य सैय्यद अली रजा आबिदी की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना खैबर-ए-गाजी चौराहा के फेस पांच की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक आबिदी पर हमला उनके आवास के पास हुआ। गोलीबारी के दौरान आबिदी कार में अकेले थे और खुद गाड़ी चला रहे थे।पुलिस के मुताबिक, दो अज्ञात हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और अबीदी के कार पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। आबिदी के पिता उन्हें घायल अवस्था में पीएनएस शीफा अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच कर रही है और सबूत इकट्ठा कर रही है। सिंध इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस डॉ. सैयद कलीम इमाम इस मामले में पुलिस की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि इस साल सितंबर में आबिदी ने मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार अपने देश और भारत में अल्पसंख्यकों के हालात की तुलना करते हुए कहा कि भारत में जो हो रहा है उसकी तुलना में ‘नये पाकिस्तान’ में अल्पसंख्यकों को बराबरी का दर्जा मिलेगा। पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की जयंती के मौके पर मंगलवार को खान ने कहा कि जिन्ना ने पाकिस्तान के 'लोकतांत्रिक, न्यायपूर्ण और सद्भावनापूर्ण' राष्ट्र बनने का सपना देखा था।इमरान खान ने ट्वीट किया, 'नया पाकिस्तान कायद-ए-आजम (जिन्ना) का पाकिस्तान होगा और सुनिश्चित करेगा कि हमारे अल्पसंख्यकों के साथ बराबरी का व्यवहार हो और भारत जैसा कुछ ना हो।' उन्होंने कहा कि जिन्ना चाहते थे कि अल्संख्यक भी बराबरी का दर्जा पाएं। यह याद रखा जाना चाहिए कि उनका शुरुआती राजनीतिक जीवन हिन्दू-मुसलमान एकता के लिए था।पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि पृथक मुसलमान राष्ट्र के लिए संघर्ष उस वक्त शुरू हुआ, जब उन्हें एहसास हुआ कि हिन्दू बहुलता वाले देश में मुसलमानों के साथ बराबरी का व्यवहार नहीं होगा।यह हकीकत है कि वहां की पूरी सियासत भारत के ही इर्द-गिर्द घूमती है। भारत से नफरत भले बयानों पर पाकिस्‍तान में कोई भी सरकार सत्‍ता में आती है और यदि वह इसमें कमी कर दे और गलती से भी दोस्‍ती की तरफ आगे बढ़े तो उसको बेदखल होने में ज्‍यादा वक्‍त नहीं लगता है। इमरान इस सच से वाकिफ हैं। इसलिए वह भारत से जुड़े मुद्दों पर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।कुछ दिन पहले ही बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने बुलंदशहर में फैली हिंसा और आगजनी की घटना को लेकर अफसोस जताया था। इस घटना का फायदा पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने हक में उठाना चाहा। उन्‍होंने इस पूरी घटना पर बयान दिया कि वह भारत को बताएंगे कि अल्‍पसंख्‍यकों के साथ कैसा व्‍यवहार करना चाहिए। हालांकि भारत की ओर से उन्‍हें करारा जवाब दिया गया।ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भारत में अल्संख्यकों की स्थिति पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, ‘पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक तो सिर्फ मुस्लिम ही वहां का राष्ट्रपति बन सकता है, जबकि भारत ने वंचित तबके से आने वाले कई राष्ट्रपतियों को देखा है।’ ओवैसी ने कहा है कि इमरान खान को समावेशी राजनीति और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के बारे में भारत से सीखना चाहिए।

लंदन। वैज्ञानिकों ने पहली बार ध्वनि तरंगों की मदद से टांकों की सिलाई करने में सफलता हासिल कर ली है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसकी मदद से न केवल कपड़े सिले जा सकेंगे, बल्कि ऑपरेशन के बाद घावों को बंद करने के लिए टांके लगाने में भी इसकी मदद ली जा सकेगी। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ध्वनि तरंगों में भी ताकत होती है। जब इनकी पिच बहुत अधिक होती है तभी इंसानों को सुनाई देती है। अब वैज्ञानिकों ने इन ध्वनि तरंगों का प्रयोग करके एक ध्वनि क्षेत्र तैयार किया है, जो चीजों को हिलाने में सक्षम हैं।ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल और स्पेन की यूनिवर्सिडड पब्लिका डी नवर्रा के वैज्ञानिकों ने इस नई तकनीक का विकास किया है। इसमें दो मिलीमीटर पॉलीस्टीरीन धागा एक टुकड़े से जुड़ा हुआ है। ध्वनिक चिमटी के जरिये टुकड़े में लगे धागे से किसी कपड़े पर सिलाई कर सकते हैं। इस सिलाई को हवा में थ्रीडी यानी तीन स्थानों से नियंत्रित किया जा सकता है और इसे 25 बार चलाया जा सकता है।ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के प्रोफेसर ब्रूस ड्रिंकवाटर के मुताबिक, इस तकनीक को कई तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। वह कहते हैं, हमने 256 छोटे लाउडस्पीकरों की ध्वनि को नियंत्रित करने के लिए एल्गोरिदम का प्रयोग किया है। इससे हमने इस जटिल प्रक्रिया को आसान बना लिया। इससे बहुत आसानी से ध्वनिक क्षेत्र बन गया।यूनिवर्सिडड पब्लिका डी नवर्रा के असीर मार्जो ने कहा, ध्वनिक चिमटी 2018 में नोबेल पुरस्कार जीतने वाली ऑप्टिकल चिमटी की तरह ही है। यह लेजर का प्रयोग करके सूक्ष्म कणों को फंसाने और चलाने का काम करती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि लेजर पारदर्शी माध्यम में ही ठीक से काम कर पाता है, लेकिन जैविक ऊतक के भीतर इसका इस्तेमाल बहुत मुश्किल होता है। ध्वनिक उपकरण ऑप्टिकल सिस्टम की तुलना में एक लाख गुना अधिक शक्तिशाली होते हैं।वैज्ञानिकों का कहना है कि ध्वनि की ताकत को जरूरत के मुताबिक, घटा और बढ़ाकर अलग-अलग जगहों पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी ताकत से छोटी चीजों को एक जगह से दूसरी जगह पर स्थानांतरित करने में भी मदद ली जा सकेगी। शोधकर्ताओं ने कहा, इससे हम कह सकते हैं कि हमें अब कई हाथ मिल गए हैं। जटिल प्रक्रियाओं को करने के लिए हाथों के कई जोड़े इन संभावनाओं को खोलते हैं, जो पहले नहीं थे। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक चिकित्सा क्षेत्र में बहुत उपयोगी साबित होगी।
ज्यादा सुरक्षित है ये प्रणाली:-वैज्ञानिकों का कहना है कि ऑप्टिकल चिमटी का इस्तेमाल सावधानी से करने की जरूरत होती है। यह कोशिकाओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वहीं, ध्वनिक चिमटी से ऐसा कोई खतरा नहीं है। ब्रूस ने कहा, ‘एक साल के अंदर ही इसका इस्तेमाल हो सकेगा। अध्ययन के स्तर पर सारे प्रयोग हो चुके हैं। अल्ट्रासोनिक ध्वनि तरंगों के लचीलेपन से हमें 3डी प्रिंटेड असेंबलिंग या ऊतकों के भीतर स्थिति कोशिकाओं को माइक्रोमीटर स्केल तक पर संचालित करने की अनुमति मिलेगी।’

 

ढाका। बांग्लादेश पुलिस ने 30 दिसंबर को देश में होने जा रहे चुनाव से पहले 10,500 से ज्यादा विपक्षी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। विपक्षी दलों ने मंगलवार को यह आरोप लगाया। अमेरिका ने रविवार को प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार से स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित कराने का आग्रह किया था। इसके बाद गिरफ्तारी का आंकड़ा जारी किया गया। प्रधानमंत्री को इस चुनाव में लगातार चौथी बार जीत की उम्मीद…
ढाका। भारत के पड़ोसी मुल्‍क बांग्‍लादेश में इन दिनों चुनावी सरगर्मियां तेज हैं। हालांकि, इस बार यहां के चुनाव में भारत का रूख बदला-बदला नजर आ रहा है। पांच वर्ष पूर्व यहां हुए आम चुनाव की सफलता के लिए भारत ने यहां के राजनीतिक दलों के साथ मिलकर काम किया था। तत्‍कालीन भारतीय विदेश सविच सुजाता सिंह ने ढाका में राजनीतिक दलों के साथ जुड़कर मतदान के प्रचार-प्रसार के लिए…
लंदन। क्‍या आप अपने जीवन से निराश हो चुके हैं। या फ‍िर आप खुशियों की तलाश कर रहे हैं। अगर ऐसा है तो यह खबर आपको राहत प्रदान कर सकती है। जी हां, आप इन आठ मंत्रों का प्रयोग कर अपने जीवन में अपार खुशियां ला सकते हैं।1- खेल में सकारात्‍मक प्रतिस्पर्धा से बढ़ता है आत्‍मविश्‍वास:-शोधकर्ताओं का दावा है कि फुटबॉल खेलने से एक ओर जहां आपके अंदर आत्मविश्वास में…
प्योंगयांग। उत्तर और दक्षिण कोरिया ने दोनों देशों को जोड़ने वाली रेल और सड़क संपर्क परियोजना की बुधवार को आधारशिला रखी। वर्ष 1950 से 1953 तक चले कोरियाई युद्ध के दौरान दोनों देशों का यह संपर्क टूट गया था। इस साल अक्टूबर में दोनों देशों ने इसे फिर से जोड़ने पर सहमति जताई थी। लेकिन, अधिकारियों का कहना है कि उत्तर कोरिया पर प्रतिबंधों के चलते इस परियोजना पर वास्तविक…
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