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दुनिया (351)

वेनेजुएला। वेनेजुएला मामले में अमेरिका और रूस के बीच छिड़ा वाकयुद्ध अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। वेनेजुएला की मौजूदा राजनीतिक हालात पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस और चीन के वीटो के बाद अब यह जंग दिलचस्‍प मोड़ पर पहुंच गई है। हालांकि, रूस और चीन के वीटो के बाद अमेरिका अपने स्‍टैंड पर कायम है। अमेरिका किसी भी हाल में वेनेजुएला में राजनीतिक स्थिरता और शांति के लिए राष्‍ट्रपति चुनाव को जरूरी बता रहा है। अब यह देखना दिलचस्‍प होगा कि वेनेजुएला में ऊंट किस करवट बैठता है। बहरहाल, वेनेजुएला में महाशक्तियों के बीच शुरू हुई रार अब खुलकर सामने आ गई है।
प्रस्‍ताव पर रूस और चीन साथ-साथ;-खास बात यह है कि वेनेजुएला में राष्‍ट्रपति चुनाव को लेकर अमेरिका और रूस की लड़ाई में अब चीन भी खुलकर सामने आ गया है। सुरक्षा परिषद में उसने रूस के पक्ष में वोट दिया है। बता दें कि वेनेजुएला में राष्‍ट्रपति चुनाव को लेकर अमेरिका और रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को परस्पर विरोधी प्रस्ताव सौंपे हैं।एक ओर वेनेजुएला में शांति और राजनीतिक स्थिरता के लिए अमेरिका ने यहां राष्‍ट्रपति चुनाव की जोरदार वकालत की है। वहीं दूसरी ओर रूस और चीन दोनों वेनेजुएला में नए राष्‍ट्रपति चुनाव का विरोध कर रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिका ने वेनेजुएला की विपक्ष के नेता को देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति जुआन गुएडो के रूप में मान्यता दी है, जबकि रूस और चीन निवर्तमान राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को समर्थन दे रहे हैं।सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों की ओर से सुरक्षा परिषद को सौंपे गए प्रस्तावों को संगठन के 15 सदस्यों के बीच प्रसारित किया गया है। अमेरिका ने अपने प्रस्ताव में वेनेजुएला में शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया की शुरू करने की मांग की है ताकि देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और राष्ट्रपति चुनाव विश्वसनीय तरीके से कराए जा सकें। साथ ही संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से इस दिशा में कार्य करने का आग्रह किया गया है।
मादुरा और गुएडो को लेकर महाशक्तियों में मतभेद:-मई 2018 में वेनेजुएला में हुए राष्‍ट्रपति चुनाव में गुएडो ने धांधली का आरोप लगाते हुए अपने को कार्यवाहक राष्‍ट्रपति घोषित किया था। इसके बाद से वेनेजुएला में सत्‍ता के लिए राजनीतिक संघर्ष जारी है। इस राजनीतिक संघर्ष में यूरोपीय संघ, यूरोपीय और लैटिन अमेरिकी देशों के साथ गुएडो को अमेरिका का समर्थन हासिल है। उधर, राष्‍ट्रपति मादुराे को रूस और चीन का समर्थन हासिल है। रूस का कहना है कि वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में अमेरिका और अन्‍य मुल्‍काें को हस्‍तक्षेप नहीं करना चाहिए। रूस और चीन राष्‍ट्रपति मादुरो का खुलकर समर्थन कर रहे हैं।
सुरक्षा परिषद में वोटो का समीकरण:-किसी भी प्रस्ताव को सुरक्षा परिषद में पारित करने के लिए नौ वोटों की मंजूरी जरूरी है। इसलिए सुरक्षा परिषद में अमेरिकी प्रस्ताव के पारित होने की संभावना ज्यादा लग रही है। अमेरिका सहित इटली को छोड़कर प्रमुख यूरोपीय शक्तियों समेत करीब 50 देश गुएडो के समर्थन में हैं। हालांकि, सभी स्थाई सदस्य-अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के पास प्रस्ताव को वीटो करने की शक्ति है।

सियोल। एक रूसी कार्गो जहाज दक्षिण कोरिया में गुरूवार को बुसान तट परग्वांगवान ब्रिज के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि इस जहाज का कैप्टन नशे में था,जिसने पुल में टक्कर मार दी। इसके बाद उसने घटनास्थल से भागने की कोशिश की, लेकिन उसे हिरासत में ले लिया गया है। जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में कोई घायल नहीं हुआ है।इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी जारी हुआ है, जिसमें जहाज पुल से टकराते हुए दिखाई दे रहा है। दक्षिण कोरियाई कोस्टगार्ड (केसीजी) के अधिकारियों ने कहा कि जहाज में शराब पीना पूरी तरह से वैध है, लेकिन कैप्टन के खून में अल्कोहल स्तर 0.086 प्रतिशत पाया गया जो कानूनी सीमा 0.03 प्रतिशत से बहुत ज्यादा है।केसीजी के अनुसार, सीग्रेन्ड 1,495 टन लोहे के पाइप को उतारने के लिए यह जहाज बुधवार सुबह करीब 9 बजे बुसान पहुंचा। यह गुरुवार को व्लादिवोस्तोक, रूस से 1,415 टन स्टील लेकर रवाना हुआ। उन्होंने बताया कि इस हादसे में किसा के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन सुरक्षा निरीक्षण के लिए पुल के एक हिस्से को बंद कर दिया गया है।बता दें कि ग्वांगवान ब्रिज की दूरी 7.4 किमी है और यह दक्षिण कोरिया के दूसरे सबसे बड़े शहर में स्थित है। रात में यह अपने शानदार प्रकाश के कारण एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है।

इस्लामाबाद। भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के भारत आगमन के बीच यह खबर है कि इस रिहाई को रोकने के लिए एक पाकिस्तानी नागरिक ने शुक्रवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस याचिका में कहा गया है कि वर्तमान ने देश के खिलाफ अपराध किया है। इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। इसके बाद ही भारतीय पायलट की रिहाई होनी चाहिए। बता दें कि पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को नेशनल असेंबली में यह ऐलान किया था कि शुक्रवार को विंग कमांडर को भारत को सौंप दिया जाएगा। पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री ने कहा था कि शांति के लिए विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्‍तानी सेना वाघा सीमा पर भारतीय अधिकारियों को सौंपेगी। इमरान के इस बयान के बाद भारत में खुशी की लहर दौड़ गई थी। पूरा देश उनकी रिहाई का इंतजार कर रहा है। वर्तमान के स्‍वागत की तैयारी में पूरा देश जुटा है। बाधा बार्डर पर सैकड़ों की तादाद में लोग भारतीय झंडे के साथ उनका सुबह से इंतजार कर रहे हैं।बता दें बुधवार को भारतीय वायु सेना का एक फाइटर विमान मिग-21 देश की नियंत्रण रेखा पर पाकिस्‍तान के एफ-16 का पीछा करते हुए क्रैश हो गया था। लेकिन विमान पर सवार पायलट विंग कमांडर अभिनंदन इस हादसे में पूरी तरह से बच गए थे। पाकिस्‍तानी सेना ने उन्‍हें नियंत्रण रेखा के समीप गिरफ्तार किया था। लेकिन भारत ने अपने कूटनीतिक कौशल का परिचय देते हुए पड़ोसी मुल्‍क को उनके रिहाई के लिए बाध्‍य किया।

अबु धाबी। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नाम तो नहीं लिया लेकिन पाकिस्तान को दुनियाभर में अलग-थलग करने की बात कही। सुषमा ने कहा कि जो भी देश आतंकियों को पनाह देते हैं और उन्हें दुनिया के सामने लाना ही होगा, ताकि उस देश में मौजूद आतंकियों को मिल रही शरण पर रोक लगे। सुषमा स्वराज अबु धाबी में आयोजित इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि साल 2019 बहुत महत्वपूर्ण है। इस साल भारत महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है। उन्होंने कहा, 'मैं करीब सवा अरब भारतीयों का अभिवादन करती हूं, जिसमें 18.5 करोड़ से अधिक मुस्लिम भाई-बहन शामिल हैं। हमारे मुस्लिम भाई और बहन भारत की विविधता का सूक्ष्म रूप हैं।'उन्होंने कहा कि यहां के कई देशों के साथ भारत के मजबूत और अच्छे संबंध हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि की वजह से संबंध और मजबूत हुए हैं। OIC में यूएन के चौथाई देश और मानवता के भी चौथाई देश शामिल हैं। हममें से कई देशों ने उपनिवेशवाद का अंधकार देखा है। कई देशों ने साथ में आजादी का उजाला देखा। आज हम प्रतिष्ठा के मामले में बराबरी पर खड़े हुए हैं।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी भी धर्म से टकराव नहीं:-उन्होंने कहा कि आतंकवाद और कट्टरवाद दोनों एक ही हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी भी धर्म के खिलाफ टकराव नहीं है। यह वैसा नहीं हो सकता जैसा इस्लाम का शाब्दिक अर्थ है शांति, अल्लाह के 99 नामों में से कोई भी हिंसा का मतलब नहीं है। इसी तरह, दुनिया का हर धर्म शांति, करुणा और भाईचारे के लिए खड़ा है।सुषमा ने कहा कि यह सभ्यताओं या संस्कृतियों का टकराव नहीं है, बल्कि विचारों और आदर्शों की प्रतियोगिता है। जैसा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने अक्सर कहा है, यह मानवतावाद और अमानवीयता की ताकतों के बीच संघर्ष है।बता दें कि यह पहली बार है जब भारत को सम्मानित अतिथि के रूप में इस बैठक में आमंत्रित किया गया है। सुषमा आज दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआती पूर्ण बैठक में भाग लेंगी। यह संगठन 57 देशों का प्रभावशाली समूह है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और कट्टरवाद दोनों एक ही हैं। इस्लाम का संदेश शांति है। कुरान में कहा गया है, 'धर्म की मजबूरी नहीं होनी चाहिए।' उन्होंने इस दौरान कहा कि ऋग्वेद में कहा गया है, 'भगवान एक है लेकिन लोग अगल-अलग तरह उसको परिभाषित करते हैं।' यहीं दुनिया के सभी धर्मों में कहा गया है।इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस्लामी सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की 46वीं बैठक के लिए अबु धाबी पहुंच गई हैं। उन्हें यूएई के विदेश मंत्री एचएच शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने 'गेस्ट ऑफ ऑनर' के रूप में आमंत्रित किया है। विदेश मंत्री पूर्ण बैठक को संबोधित करेंगी और द्विपक्षीय बैठकें करेंगी।
पाक ने किया OIC का बहिष्कार:-पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने स्वराज के भाग लेने पर ओआइसी बैठक का बहिष्कार करने की बात कही है। स्वराज के जाने से पहले अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से बातचीत की और दोनों देशों से तनाव कम करने की अपील की थी।बता दें, पाकिस्तान के खैबर- पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में मंगलवार को भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक ने जैश-ए-मुहम्मद (JeM) के आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया था। इसके बाद बुधवार की सुबह पाकिस्तान ने भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश की। जवाब में भारत ने पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया। इस दौरान भारत का मिग-21 जेट भी दुर्घटना का शिकार हो गया और उसके पायलट विंग कमाडंर अभिनंदन को पाकिस्तान ने बंदी बना लिया।

संयुक्‍त राष्‍ट्र। पुलवामा आतंकी हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ( UN General Assembly) की अध्यक्ष मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा गार्सेस ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जाहिर की है। उन्‍होंने दोनों देशों से आपस में बातचीत की पेशकश की है।एस्पिनोसा की प्रवक्ता मोनिका ग्रेले ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष ने कहा है कि भारत और पाक कूटनीतिक तरीके से आपसी मतभेदों को सुलझाए। ग्रेले ने कहा कि राजनीतिक विवादों को निपटाने का यह सबसे अच्‍छा तरीका होगा। उन्‍होंने कहा कि हम उम्‍मीद करते हैं कि संबंधित पक्ष शांतिपूर्ण तरीकों से मौजूदा स्थिति का हल सकते हैं। ग्रेले ने कहा महासभा की अध्यक्ष का मानना है कि दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव चिंताजनक है। उन्‍होंने यह बात गुरुवार को एक संवाददाता सम्‍मेलन में कही।बता दें कि पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष पद संभालने के बाद एस्पिनोसा भारत आईं थीं। इस साल जनवरी में पाकिस्‍तान की यात्रा की थी। उस वक्‍त उन्‍होंने कहा था कि भारत-पाक को वार्ता के जरिए अपनी समस्‍याओं का समाधान निकालना चाहिए। इस बीच कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने भी दक्षिण एशिया के दो परमाणु हथियारों से लैस मुल्‍कों के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता व्‍यक्‍त किया है। उन्‍होंने दोनों देशों को संयम बरतने की अपील की है। इन नेताओं ने कहा है कि दोनों देशों को बातचीत के जरिए हल निकालना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के पूर्व उप-महासचिव और स्वीडन के विदेश मंत्री जान एलियासन ने ट्वीट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा संघर्ष आत्मघाती है।

हेलमंड। अफगानिस्‍तान में प्रांतीय गवर्नर के मीडिया कार्यालय ने एक बयान में बताया है कि शुक्रवार सुबह हेलमंड स्थित मिलिटरी बेस में हमला करने वाले तीन सुसाइड बॉम्बरों और छह हमलावरों को मार गिराया गया है। अफगान स्पेशल फोर्सेज़ द्वारा सफाई अभियान जारी है। टोलो न्‍यूज ने यह जानकारी दी है।हाल ही में अफगानिस्तान में 17 साल से जारी संघर्ष समाप्त कराने के प्रयास में अमेरिका और तालिबान के बीच कतर की राजधानी दोहा में ठोस वार्ता हुई। दोनों पक्षों ने वार्ता को रचनात्मक बताया और कहा कि दो दिनों के विराम के बाद शनिवार से फिर आगे की बातचीत की जाएगी। तालिबान ने गुरुवार को एक बयान में कहा, 'अफगानिस्तान से विदेशी सैनिकों की वापसी और इस देश को दोबारा आतंकियों का अड्डा बनने से रोकने के लिए व्यापक चर्चा की गई।' जबकि अमेरिका के विशेष दूत जालमे खलीलजाद ने ट्वीट किया, 'दोहा में तालिबान के साथ तीन दिन तक ठोस वार्ता हुई। बैठक उपयोगी रही। हम लगातार शांति की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। दोनों पक्ष दो दिन के आपसी विचार-विमर्श के बाद शनिवार को फिर वार्ता करेंगे।'अमेरिका और तालिबान के बीच दोहा में बीते सोमवार से तीन दिन तक वार्ता चली। दोनों पक्षों के बीच इससे पहले जनवरी में भी इसी शहर में छह दिनों तक वार्ता हुई थी। तब उनमें एक संभावित समझौते के मसौदे पर सहमति बनी थी।

 

 

संयुक्त राष्ट्र। पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर नकेल कसने के लिए भारत की कूटनीति रंग ला रही है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव दिया है। बुधवार को दिए गए प्रस्ताव में इन देशों ने 15 सदस्यीय सुरक्षा प्रतिबंध समिति से अजहर की अंतरराष्ट्रीय यात्रा…
वाशिंगटन। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्‍तान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गए हैं। विश्‍व मंच पर पाकिस्‍तान को आतंकी समूहों से सख्‍ती के साथ निपटने की सलाह दी जा रही है। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की पोती फातिमा भुट्टो ने बुधवार को इमरान सरकार से भारतीय वायुसेना के उस पायलट को रिहा करने के लिए कहा, जिसे एक हवाई…
हनोई। वियतनाम की राजधानी हनोई में अमेरिका-उत्तर कोरिया परमाणु शिखर सम्मेलन गुरुवार को बिना किसी समझौते के अचानक समाप्त हो गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उत्‍तर कोरिया नेता किम जोंग उन की संपूर्ण प्रतिबंधों को हटाने की मांग के बदले हनोई से चलने का फैसला लिया। ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि किम जोंग चाहते हैं कि अमेरिका, उत्‍तर कोरिया से पूरी तरह से प्रतिबंध हटा लें,…
इस्लामाबाद। सीमा पर जारी भारी तनाव और भारतीय सेना के संभावित एक्शन से घबराए पाकिस्तान ने भारतीय विंग कमांडर को छोड़ने की घोषणा कर दी है। पाक संसद के साझा सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान ने आज कहा कि शांति का संकेत देते हुए हम भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन को कल रिहा कर देंगे।पाक संसद में बोलते हुए इमरान खान ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर को हमने…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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