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नई दिल्ली - अमेरिका में टेक्सास प्रांत के डलास शहर में एक बंदूकधारी ने एक घर में अंधाधुंध गोलियां चलाकर आठ लोगों की हत्या कर दी। पुलिस ने बाद में हमलावर को मार गिराया। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि यह गोलीबारी की घटना डलास के प्लानो उपनगर में हुई।
प्लानो पुलिस विभाग के प्रवक्ता डेविड टिल्ली ने बताया कि दोनों ओर से हुई गोलीबारी में पुलिस के एक अधिकारी ने हमलावर को मार गिराया। इस गोलीबारी में पुलिस अधोकारी को किसी भी प्रकार की कोई चोट नहीं आई है। इस हमले में घायल दो लोगों को एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
टिल्ली ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर इस हमले की वजह जानने का प्रयास कर रही है। हमलावर और पीड़तिों के बीच संबंधों के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक गोलीबारी की यह घटना घुड़सवारों के एक जश्न के दौरान हुई।


न्यूयॉर्क - अमेरिका के न्यूयॉर्क में 11 सितंबर 2001 को हुए वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमले को आज यानि सोमवार को 16 वर्ष हो चुके हैं। आतंकी संगठन अलकायदा ने प्लेन को हाइजैक कर मिसाइल की तरह इस आतंकी हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में तकरीबन तीन हजार लोगों की मौत हो गई थी।
नॉर्थ अमेरिका में स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में कई बड़ी कंपनियों के दफ्तर थे। रोजाना हजारों की संख्या में कर्मचारी ऑफिस और पर्यटक घूमने आते थे।
11 सितंबर, 01 को अलकायदा ने चार वाणिज्यिक यात्री जेट एयरलाइनर्स का अपहरण कर लिया था। इसके बाद श्रृंखलाबद्ध तरीके से हमले को अंजाम दिया।
इस आतंकी हमले में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के साथ-साथ विमान में सवार सभी यात्री भी मारे गए थे। ट्विन टावर के अलावा आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा था। दो विमानों से ट्विन टावर पर हमला करने के बाद तीसरे विमान को अपहरणकर्ताओं ने वाशिंगटन डीसी के बाहर पेंटागन में टकरा दिया था।
90 देशों के नागरिकों की गई थी जान
अलकायदा द्वारा किए गए इस आतंकी हमले में 90 देशों के नागरिकों की जान चली गई थी। वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर के दोनों टावरों पर हुए आतंकी हमले में 2,996 लोगों की मौत हुई थी। इसमें 343 फायरब्रिगेड, 60 पुलिस अधिकारी भी शामिल थे।


सियोल - संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध प्रयासों पर उत्तर कोरिया ने अमेरिका को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। सुरक्षा परिषद भारतीय समयानुसार सोमवार को देर रात उत्तर कोरिया पर ताजा कड़े प्रतिबंधों के लिए मतदान करेगी। इसमें सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों समेत कुल 15 देश हिस्सा लेंगे।
अमेरिका के प्रस्ताव में उत्तर कोरिया को तेल निर्यात और उसके टेक्सटाइल आयात पर प्रतिबंध लगाने का मुख्य बिंदु है। इसके अतिरिक्त उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के आर्थिक संसाधनों और यात्राओं पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रस्ताव है। फ्रांस और ब्रिटेन के समर्थन वाले इन प्रस्तावों पर चीन और रूस को कुछ आपत्ति है।
माना जा रहा है कि कुछ संशोधनों के साथ यह प्रस्ताव पारित हो सकता है। इसके चलते तेल और गैस निर्यात में कटौती पर सुरक्षा परिषद में सहमति बन सकती है जबकि किम जोंग उन को प्रतिबंधों से दूर रखा जा सकता है। ये प्रतिबंध तीन सितंबर को उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण के विरोध में लगाए जाने का प्रस्ताव है। उल्लेखनीय है कि उत्तर कोरिया को प्रतिवर्ष करीब सवा पांच लाख टन कच्चे तेल की आपूर्ति चीन करता है जबकि रूस करीब 60 हजार टन तेल बेचता है।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी के माध्यम से सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि प्रतिबंध के जरिये उसे दबाने की कोशिश की गई तो अमेरिका को परिणाम भुगतने होंगे। उत्तर कोरिया के पास अभी भी अपने दुश्मनों के खिलाफ और सटीक हमले करने के विकल्प मौजूद हैं। वह उनका भी परीक्षण कर सकता है।


यांगून - रखाइन प्रांत की घटनाओं के चलते म्यांमार के बाकी हिस्सों में भी सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया है। मिश्रित आबादी वाले इलाकों के अलावा सरकार ने बौद्ध धार्मिक स्थल पैगोडा के आसपास सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया है। 25 अगस्त को रोहिंग्या आतंकियों के पुलिस और सेना पर हमलों के बाद भड़की हिंसा के चलते अभी तक करीब तीन लाख रोहिंग्या मुसलमान भागकर बांग्लादेश जा चुके हैं।
सांप्रदायिक तनाव के चलते मध्य म्यांमार के ताउंग विन गी शहर में रविवार शाम को करीब 70 लोगों को हुजूम ने एक मस्जिद पर हमला कर दिया। हाथों में लाठियां और तलवार लिये ये लोग ये लोग म्यांमार को अपना देश बता रहे थे और मुस्लिमों से देश छोड़कर जाने के लिए कह रहे थे। मस्जिद के इमाम मुफ्ती सुनलेमान ने यह जानकारी दी है। इमाम मस्जिद में अंधेरा करके वहां से भागने में सफल रहे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने रबर बुलेट का इस्तेमाल करके हुजूम को तितर-बितर किया।
सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। एक संदेश में कहा जा रहा है कि रखाइन की घटना के जवाब में 11 सितंबर को मुस्लिम लोग बौद्धों पर हमला करेंगे। उल्लेखनीय है कि बौद्ध बहुल इस देश में मुस्लिम अल्पसंख्यकों की आबादी 4.3 प्रतिशत है। बीते शनिवार को मुस्लिम आतंकी संगठन अराकान रोहिंग्या मुक्ति सेना (एआरएसए) ने एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा की है लेकिन सरकार ने उसका कोई जवाब नहीं दिया है।


लंदन - कहा जाता है कि लिखावट किसी शख्स का आईना है, लेकिन आज के डिजिटल जमाने में शायद इसकी अहमियत कम होती जा रही है। युवा तेजी से लैपटॉप और मोबाइल फोन पर ऑनलाइन टाइपिंग की ओर बढ़ रहे हैं और कमल की आदत छूटती जा रही है।
ब्रिटेन के प्रतिष्ठित कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के छात्रों को ही लें। विद्यार्थियों की खराब होती हैंडराइटिंग से परेशान विश्वविद्यालय प्रबंधन अब ऑफलाइन परीक्षा को बंद करने पर विचार कर रहा है। इसकी जगह सारी परीक्षाएं ऑनलाइन कराए जाने की तैयारी की जा रही है। यदि ऐसा होता है तो परीक्षा देने के लिए छात्र लैपटॉप और आइपैड का इस्तेमाल कर सकेंगे।
दरअसल कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के छात्र पूरी तरह लैपटॉप या आइपैड पर आश्रित हो चुके हैं। इससे विद्यार्थियों की लिखने की आदत लगभग छूट चुकी है। उनकी लिखावट खराब होती जा रही है। ऐसे में परीक्षकों को उत्तरपुस्तिकाओं की जांच करने में परेशानी हो रही है और मूल्यांकन सही नहीं हो पा रहा है।
परीक्षा को छोड़कर कम ही लिखते हैं हाथ से
विश्वविद्यालय में 800 साल से परीक्षा ऑफलाइन मोड (कागज-कलम के साथ) में ही होती आई है। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की वरिष्ठ व्याख्याता डॉ. सारा पियर्सल का कहना है कि ‘वर्तमान पीढ़ी के बीच हाथ से लिखने की कला खत्म होती जा रही है। 15 या 20 साल पहले विद्यार्थी नियमित तौर पर घंटों हस्तलेखन किया करते थे, लेकिन आज वे परीक्षा को छोड़ हाथ से कम ही लिखते हैं।’
वैसे कुछ छात्र अब भी ऑफलाइन परीक्षा के समर्थन में हैं। कैम्ब्रिज विवि ने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है। वहीं हस्तलेखन विशेषज्ञ ट्रेसी ट्रूसेल ने विवि से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि छात्र कक्षाओं मे लेक्चर के दौरान हाथ से ही लिखें।


न्यूयॉर्क - अमेरिका में होने वाली एक नीलामी के दौरान जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर के एक जोड़े बॉक्सर शाट र्स (हाफ पैंट) के 5,000 डॉलर (319800 रुपये) में बिकने की संभावना है। अमेरिका के एलेक्जेंडर हिस्टॉरिकल ऑक्शन्स के अनुसार सफेद रंग की धारी वाले शाट आश्चर्यजनक रूप से 19 इंच लंबे हैं, जिसकी कमर की चौड़ाई 39 इंच की है। इस पर हिटलर के नामाक्षर ए़एच़ भी दर्ज है।
उसके ये बॉक्सर ऑस्ट्रिया के पार्कहोटल ग्राज होटल में रह गए थे, जहां वह वर्ष 1938 में ठहरा था। नोटरी वाले पत्र के जरिये बॉक्सर भेजने वाले व्यक्ति ने कहा है कि वह पार्कहोटल ग्राज के पूर्व मालिक के पोते हैं। हिटलर इस होटल में तीन-चार अप्रैल 1938 को ठहरा था।
हिटलर की आत्मकथा मेन केम्फ की हस्ताक्षरित दुर्लभ प्रति को भी नीलामी के लिए रखा जाएगा। इसके अलावा हिटलर के नामाक्षर वाली सफेद कमीज और उसके ग्लोब की नीलामी की जाएगी। इस ऑनलाइन नीलामी की शुरआत 13 सितंबर को होगी।

नई दिल्ली - पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी आज अमेरिका निर्मित एफ-16 लड़ाकू विमान उड़ाने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अब्बासी ने पाकिस्तान वायु सेना (पीएएफ) के एक परिचालन वायु शिविर में नवस्थापित एयरपॉवर सेंटर ऑफ ऐक्सीलेंस की यात्रा के दौरान एकल इंजन वाले सुपरसोनिक मल्टीरोल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी।58 साल के अब्बासी वायुसेना की उड़ान में हिस्सा लेने वाले…
नई दिल्ली - मुझे लगता था कि मैं पागल हो जाऊंगी। 25 साल की जेसिका मेयर ने अपना यह दर्द बयां करते हुए बताया कि कैसे उनके शरीर में पांच इंसानों के व्यक्तित्व रहते हैं, जिनमें से चार पुरुष हैं। इनमें से कभी भी कोई भी व्यक्तित्व उन पर हावी हो जाता है और वह उस इंसान की तरह बर्ताव करने लगती हैं। इस अजीबोगरीब बीमारी ने उनकी जिंदगी बर्बाद…
संयुक्त राष्ट्र - संयुक्त राष्ट्र के अनुसार उत्तर कोरिया ने प्रतिबंधों का उल्लंघन करके चीन और भारत समेत कुछ देशों को हाल के महीनों में 270 मिलियन डॉलर (1,727 करोड़ रुपये) के माल का निर्यात किया। प्रतिबंधों के उल्लंघन की जानकारी विशेषज्ञों के दल की जांच में सामने आई है।संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने कोयला, लौह अयस्क (आयरन ओर) और अन्य वस्तुओं का निर्यात चीन, भारत,…
वाशिंगटन - फ्लोरिडा के तटीय इलाकों में रविवार को इरमा तूफान पहुंचने की संभावना के बावजूद बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिकियों ने वहीं रुकने का फैसला किया है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने अनिवार्य रूप से इन जगहों को खाली करने की चेतावनी दी है।फ्लोरिडा में बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिकियों के होटल हैं और आपदा की इस घड़ी में उन्होंने जरूरतमंदों के लिए उन्हें खोल दिया है। इसी तरह मंदिरों…

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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