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नई दिल्‍ली। फिलीपींस की कैट्रिओना ग्रे का नाम आज पूरी दुनिया जान चुकी है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि उन्‍होंने बैंकॉक में आयोजित प्रतियोगिता में मिस यूनिवर्स 2018 का खिताब अपने नाम किया है। यह खिताब पाने वाली वह फिलीपींस की चौथी महिला हैं। लाल रंग का गाउन पहने ग्रे को पिछले साल की मिस यूनिवर्स डेमी ले नील-पीटर्स ने ताज पहनाया। इस प्रतियोगिता में 93 देशों की सुंदरियों ने हिस्सा लिया था। दक्षिण अफ्रीका की तमारीन ग्रीन दूसरे और वेनेजुएला की स्टेफनी गुतीरेज तीसरे स्थान पर रहीं।लेकिन हर किसी के जहन में एक सवाल बार-बार उठ रहा है कि आखिर ग्रे से ऐसा क्‍या पूछा गया जिसका जवाब वहां मौजूद जजों को इतना भाया और वह इस खिताब को जीतने में कामयाब हो सकीं। इसका जवाब हमारे पास है। जब ग्रे इस प्रतियोगिता के टॉप फाइव प्रतियोगियों में चुनी गई थी तब उनसे पूछा गया कि कनाडा हाल ही में गांजा को कानूनीतौर पर लीगल बनाने के लिए ऊराग्‍वे के साथ आया है। गांजे को कानूनी मान्‍यता देने पर उनका क्‍या विचार है।इस सवाल के जवाब में ग्रे का कहना था कि इसके इस्‍तेमाल किसी का इलाज करने तक तो सही है लेकिन सिर्फ मनोरंजन के लिए इसका इस्‍तेमाला करने के हक में वह नहीं है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि वह मानती हैं कि लोग शराब और सिगरेट को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े कर सकते हैं। हर चीज अच्‍छी हो सकती है यदि उसका सही तरह से इस्‍तेमाल किया जाए।लेकिन जब ग्रे टॉप थ्री में पहुंची तो उनसे पूछा गया कि कोई ऐसा सबक जो आपने अपने जीवन से सीखा हो और जो मिस यूनिवर्स के तौर पर आप दूसरों को भी देना चाहें।मैंने मनीला के टोंडो में फैले स्‍लम में काफी काम किया है।

वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने सूर्य से पृथ्वी की दूरी से सौ गुना से भी अधिक दूरी पर स्थित एक खगोलीय पिंड खोजा है। यह सौर मंडल का अब तक का सुदूर पिंड है। कार्नेगी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस के स्कॉट एस सेप्पर्ड, यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के डेविड थॉलेन और नार्दन एरिजोना यूनिवर्सिटी के चैड ट्रुजिलो द्वारा खोजे गए इस पिंड का नाम '2018 वीजी18' रखा गया है।पृथ्वी और सूर्य की दूरी से 120 गुना अधिक दूर होने के कारण इसे 'फॉर आउट' नाम भी दिया गया है। इसके बाद सौर मंडल के दूसरे सबसे दूर पिंड एरिस पृथ्वी व सूर्य के बीच की दूरी से 96 गुना अधिक दूरी पर मौजूद है। 'फॉर आउट' की खोज प्लेनेट एक्स समेत सौर मंडल के आखिरी छोर पर मौजूद पिंडों की खोज के मिशन का हिस्सा है। प्लेनेट एक्स को सौर मंडल का नौवां ग्रह भी माना जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन पिंडों के अध्ययन से सौर मंडल के बाहरी किनारों पर होने वाले क्रियाकलापों का पता चल सकता है।अत्यधिक दूरी के कारण अभी 2018 वीजी18 की कक्षा का पता नहीं चल सका है। दूर होने के कारण यह काफी धीमी गति से घूम रहा है, इसलिए इसकी कक्षा का पता लगाने में कुछ सालों का समय लग सकता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह करीब एक हजार साल में सूर्य की परिक्रमा पूरी करता है।
बहुतायत में हो सकती है बर्फ:-खगोलविदों ने चिली में मौजूद मैगेलन टेलीस्कोप की मदद से 2018 वीजी18 का अध्ययन किया था। उनके मुताबिक, इसका व्यास 500 किलोमीटर तक हो सकता है। गोलाकार और छोटा ग्रह हो सकने वाले इस पिंड का रंग गुलाबी है। आमतौर पर गुलाबी रंग वाले पिंडों पर बर्फ बहुतायत मात्रा में होती है।

कोलंबो। प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद महिंदा राजपक्षे मंगलवार को श्रीलंका की संसद में मुख्य विपक्षी नेता बन गए। 73 वर्षीय राजपक्षे ने संसद में वरिष्ठ तमिल नेता आर संपतन की जगह ली है, वह 2015 से यह जिम्मेदारी संभाल रहे थे।राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेन ने गत 26 अक्टूबर को रानिल विक्रमसिंघे को हटाकर राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था। विक्रमसिंघे ने अपनी बर्खास्तगी को अवैध बताते हुए पद छोड़ने से इन्कार कर दिया था। तब से श्रीलंका में सियासी उठापटक चल रही थी।सुप्रीम कोर्ट ने सिरिसेन के इस कदम को अमान्य करार दिया था। इसके बाद संसदीय और लोकतांत्रिक परंपरा निभाने का हवाला देते हुए सिरिसेन ने विक्रमसिंघे को दोबारा प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया।स्पीकर कारू जयसूर्या ने मंगलवार को संपतन की जगह राजपक्षे को मुख्य विपक्षी नेता बनाए जाने की घोषणा की। तमिल नेशनल एलायंस और श्रीलंका मुस्लिम कांग्रेस ने हालांकि इसका विरोध किया है। उनका कहना है राजपक्षे 2015 में यूनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम एलायंस से चुनाव लड़कर सांसद बने थे। उन्होंने अब श्रीलंका पीपुल्स पार्टी की सदस्यता ले ली है। ऐसे में उनका सांसद बने रहना अवैध है।

वाशिंगटन। जलवायु परिवर्तन की वजह से हिमालय के ग्लेसियर्स काफी तेज़ी से पिघल रहे हैं। इसके चलते जल्द ही भारत, पाकिस्तान और नेपाल के कुछ हिस्सों में पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका के ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है। यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा है कि सन 2100 तक जलवायु परिवर्तन की वजह से एंडीज पहाड़ और तिब्बती पठार पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है। उनका मानना है कि यहां से आधी बर्फ गायब हो जाएगी।शोधकर्ताओं ने कहा कि पिछले कुछ समय में पानी की आपूर्ति में कमी आई है और बढ़ती आबादी के कारण इसकी मांग बढ़ रही है। पेरू में ग्लेशियर फसलों, पशुओं और आमजन के लिए भारी मात्रा में पानी की आपूर्ति करते हैं। 2016 में, चीन और भारत के शोधकर्ताओं ने तिब्बती पठार पर इसी तरह के शोध करने के लिए एक पहल की थी, जिसमें हजारों ग्लेशियर शामिल थे, जो अफगानिस्तान, भूटान, चीन, भारत, नेपाल, पाकिस्तान और तजाकिस्तान के कुछ हिस्सों में लोगों को पानी की आपूर्ति कर सकते हैं।अंतरराष्ट्रीय शोध दल ने 'तीसरे ध्रुव' पठार को संवारना शुरू किया। यहां से उत्तर और दक्षिण ध्रुवों में उपयोग करने हेतु पानी का सबसे बड़ा भंड़ार है। इसके बाद से उन्होंने तिब्बती पठार और एंडीज पहाड़ों से बर्फ का नमूना लिया और इसके तापमान, वायु गुणवत्ता और अन्य बड़े पैमाने को लेकर पूर्व में हुए घटनाओं के बारे में जानने के लिए इसकी जांच की।थॉम्पसन ने कहा कि हमें लगता है कि फिछले 200 सालों के बारे में हमें लगभग सबकुछ पता चल गया है। अब हम पिछले 10,000 साल के बारे में पता लगाना चाहते हैं। पूर्व में कई बार ऐसा हुआ है कि अल नीनो की वजह से ग्लेशियर्स ने कई बार तापमान में वृद्धि का संकेत दिए हैं। हालांकि, पिछली शताब्दी के भीतर, एंडीज और हिमालय दोनों के ग्लेशियर्स ने तापमान में व्यापक तौर पर लगातार वृद्धि के संकेत दिए हैं। थॉम्पसन ने कहा कि वर्तमान समय में तापमान वृद्धि सामान्य नहीं है। यह काफी तेजी से बढ़ रहा है। इससे पेरू और भारत दोनों के ग्लेशियर्स प्रभावित हो रहे हैं। यह एक बड़ी समस्या है, क्योंकि बहुत से लोग पानी के लिए इन ग्लेशियर्स पर आश्रित हैं। ग्लेशियर पिघलने से हिमस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। इससे भी क्षेत्र की जलापूर्ति पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।

वाशिंगटन। अमेरिकी सांसद ब्रैड शरमन ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) पाकिस्तान को चीन का उधार चुकाने के लिए कर्ज नहीं दे सकता। डेमोक्रेट सांसद ने कहा कि कई देशों को कर्ज के जाल में फंसा चुके चीन का धन लौटाने के लिए आइएमएफ से लोन ले लेना कोई सुविधाजनक तरीका नहीं है। अपनी खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए पाकिस्तान ने आइएमएफ से आठ अरब डॉलर (करीब 57 हजार करोड़ रुपये) का कर्ज देने की अपील की है।पाकिस्तान के असंतुष्ट बुद्धिजीवियों और पत्रकारों के साथ रविवार को यहां एक बैठक में शरमन ने कहा, 'पाकिस्तान यदि चीन की उधारी चुकाने के लिए कर्ज लेना चाहता है तो अमेरिका आइएमएफ में अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर ऐसा नहीं होने देगा।चीन खुद देशों को कर्ज के जाल में फंसाता है। यदि वे देश कर्ज नहीं चुका पाते तो यह चीन की समस्या है। इसके लिए आइएमएफ जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग नहीं होने दिया जा सकता।'अमेरिका-पाक संबंधों के भविष्य पर बात करते हुए शरमन ने कहा कि जब तक डॉ शकील अफरीदी का मामला नहीं सुलझता, संबंधों में दरार बनी रहेगी। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए को एबटाबाद में छिपे अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की जानकारी देने वाले अफरीदी को पाकिस्तान में 33 साल की जेल हुई है। अमेरिका अफरीदी की रिहाई चाहता है।

वाशिंगटन। अमेरिकी सिख समुदाय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करतारपुर गलियारा खोलेजाने को लेकर धन्यवाद दिया है। इस गलियारे से भारतीय तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब का बिना वीज़ा के दर्शन करने की सुविधा मिलेगी।उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पिछले महीने 26 नवंबर को इस परियोजना की नींव रखी थी और इसे छह माह के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। यह गलियारा पाक के करतारपुर में स्थित दरबार साहब को भारत के गुरूदासपुर में स्थित डेरा बाबा नानक से जोड़ेगा। इस गलियारे के बनने के बाद भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को बिना वीजा के केवल एक परमीट के सहारे 1522 ई में गुरू नानक देव द्वारा स्थापित करतारपुर साहब का दर्शन करने का मौका मिलेगा। अमेरिकी सिख समुदाय ने कहा कि हम प्रवासी सिख, नरेंद्र मोदी और उनके सरकार का इस गलियारे की नींव रखने और हमारे इस सपने को पूरा करने के लिए शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। चूंकि यह कवायद पाकिस्तान के तरफ से भी गई तो दुनियाभर के सिख समुदाय के लोगों को इससे काफी उम्मीदें हैं।पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले माह 28 नवंबर को इसकी नींव रखी थी। वाशिंगटन के मैरीलैंड में अमेरिका सिखों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों को इसका संकल्प पत्र की एक प्रति प्रस्तुत की गई। इस मौके पर अमेरिकी सिखों के चेयरमैन जसदीप सिंह ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से,सिख समुदाय के लिए भारत और विदेशों में अच्छी खबर आ रही है, उन्होंने1984 सिख दंगों में शामिल कुछ आरोपियों को सजा दिलाने के लिए भारत सरकार की सराहना की।

 

लंदन। गंभीर बोन मैरो कैंसर के इलाज की दिशा में उम्मीद की नई किरण दिखी है। ब्रिटेन की न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने क्लीनिकल ट्रायल में एक दवा को मायलोमा के मरीजों पर प्रभावी पाया है। इस कैंसर से जूझ रहे मरीजों को लेनालिडोमाइड दवा दी गई। लैंसेट ओंकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित नतीजों के मुताबिक, जिन मरीजों को यह दवा दी गई, उनमें अन्य के मुकाबले ज्यादा सुधार देखा गया।मायलोमा…
काबुल। पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ आपसी सहयोग के लिए समझौता किया है। शनिवार को काबुल में तीनों देशों के बीच मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद समझौता किया गया।इस पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, चीन के वांग यी और अफगानिस्तान के सलाहुद्दीन रब्बानी ने दस्तखत किए। इस मौके पर अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी भी मौजूद थे। तीनों पड़ोसी देशों के बीच यह दूसरी बैठक थी।इससे…
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में दोहरी नागरिकता वाले अफसरों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। पाक सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को संघीय और प्रांतीय सरकारों को आदेश दिया कि वे दोहरी नागरिकता वाले अधिकारियों के लिए नौकरी या दूसरी नागरिकता छोड़ने के लिए समय सीमा तय करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि दोहरी नागरिकता वाले लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पदों पर नियुक्त नहीं किया जाए।सर्वोच्च अदालत के चीफ…
वॉशिंगटन। चौतरफा जांच के घेर में आने के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का राजनीतिक जीवन खतरे में है। दो साल के कार्यकाल में ही ट्रंप के कारोबारी सहयोगी, राजनीतिक सलाहकार और परिवार के सदस्य जांच के घेरे में आ गए हैं। खुद ट्रंप भी कई मुकदमों में सीधे तौर पर नामित हैं। नवंबर में हुए मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी संसद के निचले सदन में बहुमत में आ गई…
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