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इस्लामाबाद - दर्रा आदम खेल- पाकिस्तान, इस कबिलाई जिले की पहचान विश्व के कुछ सबसे बड़े हथियार बाजार के तौर पर है। इस्लामाबाद से 85 मील पश्चिम में मौजूद इस इलाके में किराना स्टोर की तरह आपको बंदूकों और गोला-बारूद की दुकानें दिख जाएंगी। इस मार्केट में घूमते वक्त आपको एहसास होगा कि भारत में जिस तरह मंडी में फल व सब्जी बेची जाती है, वैसे ही पाकिस्तान की इस मार्केट में एके-47 समेत अन्य घातक बंदूके और बम आदि खुलेआम बिकते हैं।
एक स्थानीय पुस्तक प्रेमी (Book Lover) और लाइब्रेरी चलाने वाले राज मुहम्मद को उम्मीद है कि एक दिन दर्रा आदम खेल की पहचान हथियारों के बड़े बाजार की जगह पुस्तकालय के तौर पर होगी। उनके पिता ने यहां एक बंदूक की दुकान के बगल में 12 वर्ष पहले एक पुस्तकालय खोला था। अगस्त 2018 में राज मुहम्मद ने इस पुस्तकालय को दोबारा आम लोगों के लिए खोला है। राज मुहम्मद के अनुसार ये लाइब्रेरी प्यार का प्रतीक होने के साथ-साथ क्षेत्र और दुनिया के लिए एक बड़ा संदेश भी है। उनका कहना है कि ‘मैं किताबों को गन मार्केट के ऊपर रखता हूं। किताबें बंदूकों से श्रेष्ठ है। ये शांति की तरफ बढ़ाए गए एक कदम के तौर पर है।’
32 वर्षीय मुहम्मद ने पेशावर यूनिवर्सिटी से उर्दू लिटरेचर्स में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। पाकिस्तान वापस लौटने से पहले तक वह दुबई की एक पर्यटन कंपनी में काम करते थे। उन्होंने बताया कि पिता के व्यवसाय में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। लिहाजा उन्होंने पुस्तकाल को दोबारा खोलने का निर्णय लिया, ताकि स्थानीय लोगों तक किताबों और शिक्षा की पहुंच को आसान बनाया जा सके।
लाइब्रेरी पर क्या कहते हैं आर्म्स डीलर
हथियारों के बाजार में खुले इस पुस्तकालय ने मार्केट के आर्म्स सेलर (हथियार बेचने वालों) को भी आकर्षित किया है। मार्केट में स्थित बंदूकों की दुकान में बैठने वाले नूर अहमद मलिक कहते हैं कि उन्हें भारत, पाकिस्तान और इस्लामिक इतिहास से जुड़ी किताबें पढ़ना पसंद है। उन्होंने बताया कि हाल-फिलहाल क्षेत्र में जो सबसे बेहतरीन चीज हुई है, वो लाइब्रेरी खुलने की है।
लंबे समय तक तालिबान के कब्जे में रहा है ये क्षेत्र
दर्रा आदम खेल लंबे समय तक तालिबान के कब्जे में रहा है। वर्ष 2010 में पाकिस्तानी सेना ने इस इलाके को तालिबानी लड़ाकों से मुक्त कराया है। हालांकि, अब भी अक्सर आतंकी इस इलाके को निशाना बनाते रहते हैं। वर्ष 2012 में यहां हुए एक आत्मघाती हमले में 16 लोगों की मौत हो गई थी। 2010 में यहां की एक मस्जिद पर हुए हमले में 60 लोगों की मौत हुई थी। एक लाख से ज्यादा आबादी वाले इस क्षेत्र में अब भी बहुत से क्षेत्र हैं, जिस पर किसी का अधिकार नहीं है। यहां पिछले साल खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आदिवासी क्षेत्रों के विलय तक पाकिस्तानी कानून लागू नहीं होते थे।
पाकिस्तानी सेना भी कर रही मदद
अब दर्रा आदम खेल में पुस्तकालय बनाने में पाकिस्तानी सेना भी मुहम्मद की मदद कर रही है। इस लाइब्रेरी में एक साथ 65 लोग बैठकर किताबें पढ़ सकते हैं। पाकिस्तानी सेना का मानना है कि लाइब्रेरी के जरिए इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को वर्षों से तालिबानी लड़ाकों का जुल्म झेलने से हुए अवसाद से उबरने में मदद मिलेगी। एक स्थानीय सरकारी अधिकारी के अनुसार यहां के लोग अब भी उस उग्रवाद से उबरने का प्रयास कर रहे हैं, जिसने सैकड़ों नागरिकों और सैनिकों को मार डाला है।
पाकिस्तान के पास साक्षरता के सही आंकड़े नहीं
पाकिस्तान में वयस्क साक्षरता दर मात्र 58 फीसद है। हालांकि, पाकिस्तान के पास ऐसा कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है कि कितने लोग किताबें पढ़नें या पुस्तकालय जाने में सक्षम हैं। माना जाता है कि इनकी संख्या और भी कम है। मुहम्मद की लाइब्रेरी में अलग-अलग विषयों से संबंधित 2500 से ज्यादा किताबें मौजूद हैं। इसमें इतिहास, राजनीति, धार्मिक, उर्दू रचनाएं शामिल हैं। मुहम्मद आने वाले महीनों में लाइब्रेरी में और किताबें बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। लाइब्रेरी को शुरू हुए अभी नौ माह ही हुए हैं और यहां 240 सदस्य जुड़ चुके हैं। इन लोगों को लाइब्रेरी को सालान तकरीबन 150 पाकिस्तानी रुपये (लगभग एक अमेरिकी डॉलर) का भुगतान करना होता है। इनमें से 30 सदस्य महिलाएं हैं, जबकि दर्रा आदम खेल एक पिछड़ा हुआ इलाका माना जाता है, जहां महिलाओं के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी है। ऐसे में महिलाएं लाइब्रेरी के फेसबुक पेज के जरिए किताबों का चयन करती हैं।
महिला पाठकों तक किताब पहुंचाने में मदद करती है मुहम्मद की बेटी
लाइब्रेरी के सदस्यों में एक नाम है मुहम्मद की 11 वर्षीय बेटी शिफा राज का। वह छठवीं कक्षा की छात्रा है और नियमित किताबें पढ़ती है। साथ ही वह लाइब्रेरी की किताबों को महिला सदस्यों तक पहुंचाने में पिता की मदद भी करती है। मुहम्मद की बेटी ने न्यूयार्क टाइम्स को बताया कि वह स्कूल में लड़कियों को बताती है कि उनके पास उसी एरिया में एक बड़ी लाइब्रेरी है। वह लड़कियों से कहती है कि अगर उन्हें लाइब्रेरी की सदस्यता चाहिए तो वह उन्हें फार्म उपलब्ध करा सकती है। इस पर उसे काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
मलाला को आदर्श मानते हैं मुहम्मद
मुहम्मद बताते हैं कि पाकिस्तानी एक्टिविस्ट मलाला युसुफजई उनकी आदर्श हैं। लड़कियों की शिक्षा के लिए उनके द्वारा चलाए जाने वाले अभियान और सबसे कम उम्र में उनके नोबल पुरस्कार हासिल करने पर उन्हें गर्व है। महुम्मद कहते हैं कि वह यहां पैदा हुए हैं और वह चाहते हैं कि दुनिया दर्रा आदम खेल को अच्छी वजहों से जाने। उनके इलाके की पहचान बंदूके नहीं किताबों से बने।


तेहरान - अमेरिका और ईरान के बीच हफ्तों से चल रही तनातनी के बीच एक खबर ने आज पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया। ईरान के रिवाल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने दावा किया है उन्होंने एक अमेरिका ड्रोन को मार गिराया है।
इसके ठीक पहले अमेरिका के अफसरों ने खुद समाचार एजेंसी एपी को बताया कि होर्मूज खाड़ी के पास अंतरराष्ट्रीय वायुसीमा के पास ईरानी मिसाइल ने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है।
ये ख़बर सबसे पहले ईरान की न्यूज एजेंसी द्वारा सबके सामने आई, जिसमें कहा गया कि ईरान के रिवाल्यूशनरी गार्ड्स ने एक अमेरिकी ड्रोन जो कि उनकी सीमा में घुसने की कोशिश में था, उसे मार गिराया है। हालांकि शुरुआती ख़बरों में अमेरिकी ने हमलों की बात से पूरी तरह इनकार किया था।
ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर हमले के जवाब में अमेरिका, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने यहां कहा, 'तेल टैंकरों पर हुए हमले का करारा जवाब देने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इसमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी इस बारे में सूचित किया गया है।'
बता दें कि हाल में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के करीब तेल टैंकरों पर हुए हमले के लिए अमेरिका ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। जबकि ईरान ने इससे साफ इन्कार किया है। ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद जरीफ का कहना है कि ईरान के खिलाफ अपने आर्थिक आतंकवाद की नीति पर पर्दा डालने के लिए अमेरिका यह आरोप लगा रहा है। 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग करने के बाद अमेरिका ने ईरान पर कई प्रतिबंध लगा दिए थे। इसकी वजह से दोनों देशों में टकराव की स्थिति है।
10 दिन में संवर्धित यूरेनियम भंडार की सीमा बढ़ाएगा ईरान
ईरान की परमाणु एजेंसी के प्रवक्ता बहरूज कमलवंदी ने कहा है कि अगले दस दिनों में हम संवर्धित यूरेनियम के अपने भंडार की सीमा को बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। वर्ष 2015 में हुए परमाणु समझौते के तहत ईरान 3.67 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम की 300 किलोग्राम मात्रा रख सकता है। बहरूज ने कहा कि ईरान को 20 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम की जरूरत है इसीलिए यूरेनियम संवर्धन क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। परमाणु हथियार बनाने के लिए 90 फीसद संवर्धित यूरेनियम की जरूरत होती है। 20 से 90 फीसद संवर्धित यूरेनियम बनाने की प्रक्रिया आसान है।

 


नई दिल्ली - अमेरिका ने भारत को एच-1 बी वीजा को लेकर भारत से कहा है कि वह वीजा की संख्या सीमित करने पर विचार कर रहा है। ये नियम उन देशों पर लागू किया जाएगा, जो विदेशी कंपनियों को अपने यहां डेटा जमा करने के लिए बाध्य करती हैं। वहीं, इस बारे में एजेंसी रॉयटर्स ने तीन अलग-अलग सूत्रों के हवाले से बताया कि टैरिफ और ट्रेड वार की वजह से ऐसा किया जा रहा है।
यह फैसला ऐसे वक्त किया जा रहा है जब अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भारत के दौरे पर आने वाले हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका ऐसा बदले की भावना से कर रहा है। दरअसल, हाल ही के दिनों में टैरिफ वॉर के चलते भारत और अमेरिका के बीच संबंधों पर तलखी आ गई है। हाल ही में रविवार को भारत ने अमेरिकी समानों पर ज्यादा टैक्स लगाने का ऐलान कर दिया है। भारत ने यह कदम तब उठाया है जब पिछले दिनों अमेरिका ने भारत को व्यापार में मिलने वाली कुछ छूटों खत्म कर दिया था।
अमेरिका ने बुधवार को भारत के दो सिनियर अधिकारियों को अमेरिका ने वीजा पाबंदी के बारे में जानकारी दी। अब से कोटे के तहत सिर्फ 10-15 फीसदी भारत के लोगों को एच वन बी वीजा दिया जाएगा। जबकि अमेरिका हर साल 85000 लोगों को एच वन बी वीजा देता है। जिसमें से 70 फीसदी वीजा भारत के लोगों को दिया जाता है।
जानें डेटा को लेकर क्या है नया नियम
दरअसल, विदेशी कंपनियों से कहा जाता है कि वह भारत में ही अपना डेटा रखे ऐसा करने से कंपनियों पर नियंत्रण करने में आसानी होती है। लेकिन विदेशी कंपनियों की ताकत कम हो जाती है। अमेरिका की कंपनियां इससे नाखुश है। वह भारत के इस नए डेटा नियम से नाराज है। मास्टरकार्ड ने डेटा स्टोरेज के इस नए नियम पर आपत्ति जताई है।
क्या है एच-1बी वीजा
इस वीजा के जरिये अमेरिकी कंपनियों को उन क्षेत्रों में उच्च कुशल विदेशी पेशेवरों को नौकरी पर रखने की अनुमति मिलती है जिनमें अमेरिकी पेशेवरों की कमी है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही इस पर लगाम कसी जा रही है। हर साल कुल 85 हजार एच-1बी वीजा जारी किए जाते हैं। यह वीजा तीन साल के लिए जारी होता है और छह साल तक इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है।


मैड्रिड - हमारे सौरमंडल में पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है जहां जीवन जीने के लिए सबसे उपयुक्त जलवायु पाई जाती है। अब वैज्ञानिकों ने सौरमंडल से बाहर दो ऐसे ग्रहों की खोज की है, जो पृथ्वी जैसे ही गर्म हैं और माना जा रहा है कि उनमें पानी भी हो सकता है और जीवन जीने के लिए ये ग्रह उपयुक्त हो सकते हैं।
वैज्ञानिक 2016 के बाद से ही टेलिस्कोप के जरिये तारों के पास मौजूद ग्रहों पर जीवन की संभावनाएं तलाश कर रहे हैं। दक्षिणी स्पेन के अलमेरिया स्थित कैलार ऑल्टो ऑब्जरवेटरी के दूरबीनों में इन ग्रहों की तस्वीरें कैद की गई हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि हमारे सौर मंडल से लगभग 12.5 प्रकाश वर्ष दूर 'टीगार्डन स्टार' मिला है जो एक ठंडा लाल बौना तारा है। अध्यन की सह-लेखक इग्नासी रेबास ने कहा कि टीगार्डन हमारे सूरज के द्रव्यमान का केवल आठ फीसद है। सूर्य की तुलना में यह बहुत छोटा और बेहद कम चमकीला है। उन्होंने कहा आश्चर्य की बात यह है कि पृथ्वी के करीब होने के बावजूद इसे अब तक खोजा नहीं जा सका। यह सूर्य की तुलना में 10 गुना छोटा है, इसलिए यह 1500 गुना कमजोर है और ज्यादातर इंफ्रारेड वेव्स का विकिरण करता है।
ऐसे लगाया ग्रहों का पता
तारे के मिलने के बाद वैज्ञानिकों ने डोप्लर तकनीक का इस्तेमाल किया। इसके माध्यम से किसी तारे के आसपास के ग्रहों का पता लगाने के लिए तारे के त्रिज्या-वेग माप का उपयोग किया जाता है। इससे दो ग्रहों टीगार्डन बी और टीगार्डन सी की पहचान हुई।
टीगार्डन बी का द्रव्यमान पृथ्वी के समान ही है और प्रत्येक 4 से 5 दिनों में यह तारे का चक्कर पूरा कर लेता है, जबकि दूसरा ग्रह परिक्रमा करने में 11 से 12 दिन का समय लेता है। रेबास ने कहा ‘वास्तव में टीगार्डन बी तारे के बेहद नजदीक है। जितना प्रकाश हम सूर्य से ग्रहण करते हैं, उससे 10 प्रतिशत अधिक प्रकाश टीगार्डन बी ग्रहण करता है, इसीलिए हमारा अनुमान है कि यह बहुत गर्म हो सकता है और इसमें पानी ना हो, लेकिन इसकी जलवायु के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है तो पानी के बारे में सही जानकारी मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यह ग्रह जिस स्थान पर हैं वह रहने के लिए उपयुक्त है। इसका मतलब है वहां का तापमान शून्य से 100 डिग्री सेल्सियस के बीच ही होगा और यदि ऐसा है तो यह बात और पुख्ता हो जाती है कि वहां पानी हो।
अभी एक वैज्ञानिकों का मानना था कि प्रोक्सिमा सेंचुरी पृथ्वी के सबसे निकट का ग्रह है और वहां जीवन संभव हो सकता है। लेकिन अब टीगार्डन की की खोज से शोधकर्ता बेहद उत्साहित हैं क्योंकि ये पृथ्वी के बेहद नजदीक हैं ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि यहां भी जीवन संभव हो सकता है।
रेबास ने कहा कि प्रॉक्सिमा सेंचुरी एक छोटा लाल बौना ग्रह है जो हमसे चार प्रकाश वर्ष की दूरी पर है। धरती के आकार का प्रॉक्सिमा बी इसकी परिक्रमा करता है और इसकी खोज 2016 में हुई थी। यह सौर मंडल के इतर सबसे करीबी ग्रह है। इसके आसपास धूल की परत मिली थी। माना जाता है कि यह चट्टानों और बर्फ के कणों से बना है।

 


इस्लामाबाद - पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान सोशल मीडिया पर एक बार फिर ट्रोल हो गए। दरअसल, इमरान ने भारतीय कवि और नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर का एक कोट शेयर किया। जिसका क्रेडिट उन्होंने खलील जिब्राल को दे दिया। इसके बाद लोगों ने उन्हें जमकर ट्रोल किया।
इमरान ने लेबनानी-अमेरिकी कवि खलील जिब्रान को क्रेडिट देते हुए अंग्रेजी में एक इंस्पिरेशनल कोट शेयर की। जिसमें लिखा था कि 'I slept and I dreamed that life is all joy. I woke and I saw that life is all service. I served and I saw that service is joy' हिंदी में इसका अर्थ है 'मैं सोया और सपना देखा कि जीवन आनंद है। मैं जागा और देखा कि जीवन सेवा है। मैंने सेवा की और पाया कि सेवा आनंद है।'
इसके कैप्शन में पाक पीएम ने लिखा कि जो लोग जिब्रान के शब्दों में ज्ञान को खोजते हैं और उसे पा लेते हैं, वे कुछ इस तरह संतोष का जीवन भी पा लेते हैं। हालांकि इमरान को अपनी गलती के बारे में नहीं पता चल पाया लेकिन, लोगों ने उन्हें उनकी गलती का एहसास करवाते हुए उन्हें ट्रोल कर दिया।
कुछ लोगों ने इमरान के पोस्ट पर कमेंट करते हुए उन्हें बताया कि यह कोट रवींद्रनाथ टैगोर की है। साथ ही लोगों ने उन्हें सलाह भी दे डाली की वह कुछ फॉरवर्ड करने से पहले चेक कर लिया करें।
इतना ही नहीं एक शख्स ने मीम शेयर करते हुए मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा की 'मैं रवींद्रनाथ टैगोर से इमरान खान की ओर से माफी मांगता हूं'। गौरतलब है कि इमरान खान के इस ट्वीट को 6 हजार से ज्यादा लोग रिट्वीट कर चुके हैं और 26 हजार लोगों ने इसे पसंद किया है।

 


लाहौर - पाकिस्तान के सबसे वजनी व्यक्ति को सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 55 साल के नूरुल हसन का वजन 330 किलोग्राम है। चलने-फिरने में असमर्थ पंजाब प्रांत के सादिकाबाद जिले में रहने वाले हसन को 400 किलोमीटर दूर लाहौर के सेना अस्पताल में हेलीकॉप्टर से पहुंचाया गया। मुख्य दरवाजे से नहीं निकल पाने के कारण हसन के घर की दीवार तोड़नी पड़ी।
सोशल मीडिया पर मदद की गुहार के बाद पाकिस्तान की सेना ने हसन को अस्पताल ले जाने और इलाज करवाने का जिम्मा उठाया। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने हसन के इलाज के लिए जरूरी इंतजाम किए जाने के आदेश दिए थे। पाकिस्तान इंडोक्राइन सोसायटी के अनुसार, मुल्क की 29 फीसद आबादी मोटापे का शिकार है।

 

वॉशिंगटन - अमेरिकी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले राष्ट्रपति भवन जिसे हम सब व्हाइट हाउस (White House) के नाम से भी जानते हैं, बुधवार को व्हाइट हाउस की सुरक्षा में सेंध उस वक्त लग गई जब व्हाइट हाउस में अमेरिका की खुफिया सेवाओं ने एक संदिग्ध को यहां से गिरफ्तार किया। यह शख्स व्हाइट हाउस परिसर में एक बैग फेंककर सुरक्षा घेरे से फरार होने की कोशिश कर रहा…
फ्लोरिडा - अगर चार पहिया वाहन की कीमत में किसी को आलीशान विला मिले तो भला कौन नहीं खरीदना चाहेगा। यहां के करविले होलनेस ने भी यह मौका नहीं गंवाया, लेकिन अब उन्हें पछताते नहीं चुक रहा है। दरअसल एक प्रॉपर्टी वेबसाइट पर बेहद सस्ते दामों पर विला खरीदने का प्रस्ताव था। होलनेस ने प्रस्ताव देखा और विला की तस्वीरें देखीं तो उन्हें यह सौदा बहुत सस्ता लगा।लिहाजा उन्होंने छह…
ऑरलैंडो - अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में बड़ी रैली कर 2020 में होने वाले चुनाव के लिए अपने अभियान की शुरुआत कर दी है। ऑरलैंडो शहर में इस रैली में जुटी हजारों की भीड़ के सामने 73 वर्षीय ट्रंप ने ‘कीप अमेरिका ग्रेट’ यानी अमेरिका को महान बनाए रखने का नारा दिया। रैली में अपने चिर-परिचित अंदाज में उन्होंने मीडिया और विपक्ष को फिर आड़े हाथों लिया।…
टोकियो - जापान में मंगलवार रात को 10.22 बजे 6.7 तीव्रता का भूकंप आया जिसमें 21 लोग घायल हो गए हैं। इस भूकंप के चलते उत्तर-पश्चिमी तट पर हल्‍की सुनामी भी आई। भूकंप का केंद्र समुद्र में था। अधिकारियों ने बताया कि जापान में सीमा से सटे निगाता और यामागाता में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके महसूस किए जाने के बाद जापानी मौसम विभाग ने…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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