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नई दिल्ली। Pulwama Terror Attack का इल्जाम पाकिस्तान पर है। हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी भी ले ली थी। पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री इमरान खान तो भारत को युद्ध तक की धमकी दे चुके हैं। पूर्व तानाशाह राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में कहा कि Pulwama Terror Attack तो जैश-ए-मुहम्मद ने किया, इसके लिए पाकिस्तान पर इल्जाम लगाना ठीक नहीं है।पूर्व तानाशाह ने कहा, लश्कर और जैश जैसे संगठन 1991 से अस्तित्व में हैं, ये सोचना बिल्कुल गलत है कि वो पाकिस्तानी सरकार के नियंत्रण में है। परवेज मुशर्रफ ने कहा, 'जैश के प्रति न तो मैं सहानुभूति रखता हूं और न ही कोई अन्य पाकिस्तानी नागरिक। Pulwama Attack जैश-ए-मुहम्मद ने किया है और ये उसने खुद ही माना है, लेकिन उससे ऐसा करने को पाकिस्तान सरकार ने कहा ये सोचना ठीक नहीं। मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तानी सरकार इसमें शामिल है।'यही नहीं मुशर्रफ ने तो भारत सरकार को नसीहत तक दे डाली। उन्होंने कहा, 'अगर भारत Pulwama Terror Attack जैसी घटनाओं से बचना चाहता है तो उसे कश्मीर समस्या सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए।' पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, 'इमरान खान पाकिस्तान के सबसे स्वतंत्र प्रधानमंत्रियों में से एक हैं। भारत को उनकी बात सुननी चाहिए। भारत में बदले का जो शोर सुनाई दे रहा है वह भी बंद होना चाहिए।'मुशर्रफ यहीं नहीं रुके। उन्होंने भारत को धमकी तक दे डाली। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान कोई भूटान जैसा देश नहीं है, जहां भारत जाएगा और हमला कर देगा। पाकिस्तान के खिलाफ अगर कुछ भी होता है तो वह भारत की बड़ी गलती होगी और पाकिस्तान पूरी ताकत के साथ इसका जवाब देगा।'
पीएम मोदी पर हमला:-पूर्व पाकिस्तानी तानाशाह परवेज मुशर्रफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा, Pulwama Terror Attack में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों और कश्मीरी लोगों के लिए मोदी के दिल में कोई वास्तविक भावना नहीं है। मुशर्रफ ने कहा, 'मोदी के दिल में इन लोगों के लिए कोई आग नहीं है। अगर होती तो पहले वो कश्मीर का मसला सुलझाते।'
पाकिस्तान पर दोषारोपण बंद करें;-परवेज मुशर्रफ ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह फ्रांस और अमेरिका के साथ मिलकर पाकिस्तान पर दोषारोपण कर रहा है और उसे इसे बंद करना चाहिए। हम पर आरोप मत लगाएं कि हम भारत के अंदरूनी मामलों में दखल दे रहे हैं, आप हमारे मामलों में दखल नहीं देते? आपने क्यों पाकिस्तान के दो टुकड़े करने में मदद की, क्या आपने पूर्वी पाकिस्तान में उस वक्त दखल नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि आप फ्रांस और अमेरिका के साथ मिलकर पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करना चाहते हैं। ऐसा करना बंद करें।
कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई थी;-पूर्व पाकिस्तानी तानाशाह ने तो साल 2016 में भारतीय सेना द्वारा पीओके में हुई सर्जिकल स्ट्राइक को भी नकार दिया। उन्होंने कहा, 'भारत ने कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की थी। आप हमेशा सर्जिकल स्ट्राइक की बात करते हैं, मैं आपको स्पष्ट रूप से बता दूं कि यह सब एक तमाशा है और कुछ नहीं। भारत ने पाकिस्तान में आज तक कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की।'

ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पुराने इलाके में स्थित केमिकल और प्लास्टिक के गोदामों में बुधवार रात भीषण आग लग गई। इस हादसे में 70 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा झुलस गए। आग इतनी भीषण थी कि आसपास की कई इमारतें और एक सामुदायिक केंद्र भी इसकी चपेट में आ गए। घटना के समय इस केंद्र में एक शादी पार्टी चल रही थी।दमकल अधिकारियों के अनुसार, पुराने ढाका के चौकबाजार इलाके की पांच मंजिली इमारत के भूतल में बनाए गए केमिकल गोदाम में पहले आग लगी और बाद में आसपास की चार अन्य इमारतों तक फैल गई। इन इमारतों में भी गोदाम थे, जहां प्लास्टिक और ज्वलनशील पदार्थ रखे थे। ढाका अग्निशमन सेवा के प्रमुख अली अहमद ने आशंका जताई है कि गैस सिलेंडर में धमाके के कारण आग लगी।
आग बुझाने में लगे थे 200 दमकलकर्मी:-आग बुझाने में करीब 200 दमकल कर्मियों को करीब पांच घंटे तक जूझना पड़ा। दमकल की 37 गाडि़यों के साथ ही हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली गई। इलाके की गलियां संकरी होने के कारण घटनास्थल तक पानी पहुंचाने के लिए लंबे पाइप बिछाए गए थे।
जान बचाने को कई ने इमारतों से लगाई छलांग:-चश्मदीदों ने बताया कि अचानक भड़की आग की चपेट में कई राहगीर भी आ गए। इनमें से कई सामुदायिक केंद्र में चल रही शादी पार्टी और आसपास के रेस्तरां में जा रहे थे। कुछ लोग जान बचाने के लिए इमारतों से छलांग लगाने में घायल हो गए।
गेट बंद होने से फंस गए थे लोग:-टीवी पर प्रसारित तस्वीरों में दिखा कि आग की चपेट में आई इमारतों में से एक का मुख्य गेट बंद था जिसके चलते लोग उसमें फंस गए। यह इमारत पांच मंजिली थी।
ढाका में हो चुके हैं कई अग्निकांड
-2010 में एक केमिकल गोदाम में भीषण आग लगने से 120 से ज्यादा लोग मारे गए थे
-2012 में एक गारमेंट फैक्टरी में आग लगने से 112 लोगों की जान गई थी

सियोल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने गुरुवार को सियोल में योंसी विश्वविद्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की मून भी मौजूद रहे। प्रतिमा के अनावरण के बाद इन नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गांधी जी की 150वीं जयंती पर विश्व के 155 देशों के गायकों ने उनके भजन 'वैष्णव जन तेने कहिए' को गाया है। अब यह वैश्विक विरासत बन चुका है जो हमारे लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधी जी किसी एक युग के बंधन में नहीं थे। वह आने वाले समय में भी हम लोगों को प्रेरणा देते रहेंगे।योंसी विश्वविद्यालय में महात्मा गांधी की एक प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि गांधी जी के विचार और आदर्श हमें आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन के खतरे से उबरने में मदद करने की शक्ति देते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन ही ऐसे दो मुद्दे हैं जो दुनिया में सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़े हैं। पीएम मोदी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का दुरुपयोग करने से सभी लोगों को बचना चाहिए।इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार सुबह दो दिवसीय दौरे पर दक्षिण कोरिया पहुंचे। यह प्रधानमंत्री की दूसरी यात्रा है। यहां पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सियोल में भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इसके बाद पीएम ने भारत-दक्षिण कोरिया के उद्योगपतियों के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम न्यू इंडिया के निर्माण के लिए नए साथी की तलाश कर रहे हैं। दक्षिण कोरिया हमारा अहम साझीदार रहा है और यह देश के भारत के टॉप 10 ट्रेडर्स में शामिल है।

लंदन। ब्रेक्जिट पर मचे घमासान के बीच बुधवार को सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी से तीन सांसदों ने इस्तीफा दे दिया। ब्रेक्जिट विरोधी एना सॉबरी, सारा वोलास्टन और हीदी एलन ने अपने निर्णय के बारे में प्रधानमंत्री टेरीजा मे को तब जानकारी दी जब वह कुछ देर बाद 29 मार्च की समय सीमा से पहले इसे संसद से पारित कराने की सहमति पर यूरोपीय संघ से रियायतें लेने ब्रसेल्स रवाना होने वाली थीं।तीन सांसदों के इस्तीफे के बाद हाउस ऑफ कामंस में सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी की स्थिति कमजोर हुई है। वहीं इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह साथियों के निर्णय से दुखी हैं, लेकिन सरकार सही रास्ते पर है। वह संसद में सवालों का जवाब देने आई थीं।बता दें कि अब ये तीन सांसद विपक्षी लेबर पार्टी के उन सात सांसदों द्वारा बनाए गए ब्रेक्जिट इंडिपेंडेंट ग्रुप में शामिल होंगे, जिन्होंने इस सप्ताह के शुरू में इस्तीफा दे दिया था। इन लोगों ने कहा कि ब्रेक्जिट ने कंजरवेटिव पार्टी को फिर से परिभाषित किया है और इसे आधुनिक बनाने के प्रयासों को खत्म कर दिया है।दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल लेबर पार्टी केसांसद जोआन रेयान ने भी इस्तीफा दे दिया है। रेयान ने बुधवार को अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष जेरेमी कॉर्बिन के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में लेबर पार्टी यहूदियों के खिलाफ हो रहे नस्लवाद का शिकार हो गई है।

वाशिंगटन। दुनिया में शायद ही कोई होगा जिसका सर्दी-खांसी से सामना नहीं हुआ हो। बच्चे से बुजुर्ग तक हर कोई इससे बराबर परेशान दिख जाता है। यही वजह है कि हर मेडिकल स्टोर पर इसके इलाज का दावा करने वाली तमाम दवाएं और सिरप भी मिल जाते हैं। कभी आपने सोचा है कि इन दवाओं का वास्तव में खांसी पर कितना असर पड़ता है? खांसी लोगों को डॉक्टर के पास भेजने में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाली परेशानियों में से है।अमेरिका में लोग सर्दी-खांसी की दवाओं पर सालाना आठ अरब डॉलर (करीब 56 हजार करोड़ रुपये) खर्च करते हैं। अमेरिका के स्टोनी ब्रूक यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के डॉ. नॉरमन एच. एडलमेन ने कहा, ‘लोग जल्दी से जल्दी ठीक होने के लिए बेचैन रहते हैं और उन्हें लगता है कि दवाएं उनकी मददगार हो सकती हैं। मैं यह नहीं कहना चाहता कि ये दवाएं असर नहीं करती हैं, लेकिन इनका असर ज्यादा प्रमाणित नहीं है। कुछ हद तक इनका साइड इफेक्ट भी होता है। हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए इनमें से कुछ दवाएं घातक भी हो सकती हैं।’कई दवाओं से लोग सिर्फ इसलिए ठीक हो जाते हैं, क्योंकि उनका मन उसे स्वीकार करता है। चिकित्सक इस असर को प्लेसबो इफेक्ट कहते हैं। बच्चों को प्राय: इन दवाओं से दूर रखना चाहिए। कई दवाओं पर लिखा भी होता है कि चार साल से छोटी उम्र के बच्चों को दवा ना दें। डॉ. एडेलमेन का मानना है कि छह साल की उम्र तक भी बच्चों को इन दवाओं से दूर रखना ही सही है।
निरर्थक दवाओं का करना पड़ता है सेवन:-दवा कंपनियां सबको साधने की कोशिश में एक ही दवा में अलग-अलग दवाओं के कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल करती हैं। इस वजह से लोगों को अनावश्यक रूप से उन दवाओं का भी सेवन करना पड़ता है, जिनकी बिलकुल जरूरत नहीं होती। यूनिवर्सिटी ऑफ हल के विशेषज्ञ और इंटरनेशनल सोसायटी फॉर द स्टडी ऑफ कफ के सदस्य डॉ. एलिन मॉरिस ने हाल में 163 मरीजों पर अध्ययन किया था। इसमें पाया गया कि खांसी की पारंपरिक दवाओं के मुकाबले चॉकलेट-बेस पर बनी दवा ज्यादा कारगर है। उन्होंने बताया कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि कोकोआ में इस तरह के गुण पाए जाते हैं।
महिलाएं ज्यादा होती हैं शिकार:-डॉ. एश्ले वुडकॉक और जैकलिन ए. स्मिथ के मुताबिक, कुल आबादी के अनुमानित 12 फीसद लोग खांसी की गंभीर परेशानी से ग्रस्त हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाएं खांसी से ज्यादा परेशान होती हैं। खासतौर पर उम्र के पांचवें और छठे दशक में खांसी का ज्यादा परेशान करती है।
लक्षण के हिसाब से अपनाएं घरेलू उपाय;-खांसी की शुरुआत के कई कारण होते हैं। कोई बारिश में भीगकर खांसी का शिकार हो जाता है, तो कोई ठंडी हवा में कुछ देर बिताने की वजह से। बच्चे कई बार खेलते-खेलते पसीने में तरबतर हो जाते हैं और उसके तुरंत बाद पानी पीने से सर्दी-खांसी हो जाती है। जानकारों का कहना है कि आमतौर पर इन स्थितियों में भाप लेना और नाक में डालने वाली दवा का इस्तेमाल कर लेना पर्याप्त रहता है। शहद वाली चाय, अदरक या ऐसे ही अन्य घरेलू उपाय भी कारगर हो सकते हैं। किसी तरह का संक्रमण सामने आने पर ही एंटी बायोटिक लेना चाहिए।

काबुल। पुलवामा आतंकी हमले के बाद अफगानिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्‍तानी राजदूत को तलब कर दो टूक कहा है कि अगर पाकिस्‍तान हिंसा का सहारा लेता है तो अफगान शांति वार्ता प्रभावित हो सकती है।पाकिस्‍तानी राजदूत ज़ाहिद नसरुल्लाह के साथ बैठक के बाद जारी एक बयान में अफगान विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकी हमला और शांति प्रक्रिया दोनों पाकिस्‍तान की प्रतिबद्धताओं के साथ विरोधाभास है। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस्लामाबाद ने अपनी धरती पर सक्रिय आतंकवादियों को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। उधर, पाकिस्तान अधिकारियों ने हमले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। बता दें कि पाक राजदूत नसरुल्ला ने मंगलवार को कहा था कि इस हमले के जवाब में भारत द्वारा किया गया कोई भी हमला इस पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित करेगा।उनके इस बयान के बाद अमेरिकी दूतों का कहना है कि क्षेत्र में अफगान में शांति प्रयासों के मद्देनजर पाकिस्‍तान की अहम भूमिका को देखते हुए यह जरूरी है कि पाक की कार्रवाई से तालिबान को एक संदेश मिले। वहीं, अफगान के एक पूर्व उप रक्षा मंत्री ने कहा कि नसरुल्लाह की टिप्पणी स्थानीय सरकारी अधिकारियों को गुस्सा दिलाने वाली है। लंबे समय से गृहयुद्ध में फंसे अफगान के लिए पाकिस्‍तान का यह कदम सही संदेश नहीं देगा। खासतौर पर तब जब तालिबान ने अफगान सरकार को अमेरिकी सरकार का पपेट कहकर शांति वार्ता में शामिल हाेने से इंकार कर दिया है। अफगान सरकार ने पाकिस्‍तान से अपनी प्रतिबद्धताओं पर कार्रवाई करने का आह्वान किया है।

 

 

नई दिल्ली। सऊदी अरब के 33 वर्षीय क्राउन प्रिंस और भावी शासक मुहम्मद बिन सलमान मंगलवार देर रात भारत पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनकी आगवानी करने नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। वह पाकिस्तान यात्रा के ठीक बाद दो दिन की भारत यात्रा पर आए हैं। पुलवामा हमले के ठीक बाद उनके भारत आने से इस यात्रा का महत्व और बढ़ गया है। उनके दौरे से भारत को…
काठमांडू। नेपाल में एक बार फ‍िर हिंदू राज्‍य घोषित करने की मांग तेज हो गई है। नेपाल में एक दक्षिणपंथी राजनीतिक दल ने सरकार से धर्मनिरपेक्षता के प्रावधान को रद करके देश को हिंदू राज्य घोषित करने की मांग की है। बता दें कि वर्ष 2006 यहां के एक जन आंदोलन के बाद नेपाल की व्‍यवस्‍था में कई तरह के बदलाव देखे गए। वर्ष 2008 में नेपाल ने अपने आपको…
बीजिंग।ल्हासा में चीनी शासन के खिलाफ 1959 के विद्रोह की 60वीं वर्षगांठ के मद्देनजर चीन ने तिब्‍बत में विदेशी यात्रियाें की आवाजाही पर रोक लगा दी है। बुधवार को यहां की ट्रैवल एजेंसियों से कहा गया है कि वह विदेशी पर्यटकों को एक अप्रैल तक हिमालयी क्षेत्र का भ्रमण नहीं कराएंगे।हालांकि, अभी यह इस बात की जानकारी नहीं हो सकी है कि यह प्रतिबंध कब से लागू है। लेकिन कुछ…
वाशिंगटन। मिस इंडिया यूएसए, 2019 की प्रतियोगिता में न्यू जर्सी की किम कुमारी ने बाजी मारी है। न्यू जर्सी के फ़ॉर्म्स सिटी में आयोजित एक शानदार आयोजन में क्रमशः न्यूयॉर्क की रेणुका जोसेफ और फ्लोरिडा की आंचल शाह को प्रथम और द्वितीय रनर अप घोषित किया गया। इस वर्ष 26 राज्यों के 75 प्रतियोगियों की रिकॉर्ड संख्या ने प्रतियोगिता में भाग लिया।यह कार्यक्रम अमेरिका स्थित भारत महोत्सव समिति द्वारा आयोजित…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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