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वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सुप्रीम कोर्ट के लिए नामित जज ब्रेट कैवनॉघ पर अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में शुक्रवार को मतदान होगा। इस मतदान से कैवनॉघ की नियुक्ति का फैसला होगा। यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरने के बाद कैवनॉघ ने पिछले हफ्ते संसदीय समिति के समक्ष पेश होकर सफाई दी थी।ट्रंप द्वारा इस मामले की एफबीआइ जांच के आदेश दिए जाने के चलते यह संभावना जताई गई थी कि उनके नाम पर मुहर लगने पर एक हफ्ते की देरी हो सकती है। सीनेट में बहुमत के नेता मिच मैककोनेल ने बुधवार रात कैवनॉघ के नामांकन पर मतदान का दिन तय किया।उन्होंने कहा कि एफबीआइ जल्द ही अपनी रिपोर्ट सीनेट को सौंप देगी। सीनेट में हालांकि कैवनॉघ के नाम पर मुहर लगना आसान नहीं होगा क्योंकि 100 सदस्यीय सदन में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी महज एक सीट से ही बहुमत में है। 53 वर्षीय कैवनॉघ पर प्रोफेसर क्रिस्टीन ब्लेसी फोर्ड समेत चार महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे।

 

 

फ्लोरेंस। अमेरिका में घर पर वारंट देने पहुंची पुलिस पर एक व्यक्ति ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। साउथ कैरोलिना प्रांत के फ्लोरेंस शहर में बुधवार को हुई इस घटना में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और सात घायल हो गए। पुलिस को घायल हुए अपने साथियों को बचाने के लिए बुलेटप्रूफ वाहन की मदद लेनी पड़ी। हमलावर ने कुछ बच्चों को दो घंटे तक बंधक भी बनाए रखा। पुलिस ने हालांकि बच्चों को सुरक्षित छुड़ाकर हमलावर को गिरफ्तार कर लिया।फ्लारेंस काउंटी के पुलिस प्रमुख एलेन हेडलर ने कहा, 'यह दहलाने वाली गोलीबारी की घटना थी। मैं उस परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं जिसने एक बहादुर पुलिस अधिकारी खो दिया।' पुलिस प्रवक्ता जॉन वुकेला ने गोलीबारी में टेरेंस कैरीवे (52) की मौत की पुष्टि की है। डार्लिगटन के रहने वाले टेरेंस ने हाल ही में पुलिस विभाग में अपने 30 साल पूरे किए थे। फ्लोरेंस के शेरिफ माइक नन ने बताया कि घर के अंदर से गोलीबारी के बाद आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में पुलिस बल को मदद के लिए बुलाना पड़ा। उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि पुलिस अधिकारी क्यों वारंट देने गए थे?
इस साल पहले भी हुई ऐसी घटना:-साउथ कैरोलिना में इस तरह की गोलीबारी में पुलिस अधिकारियों के घायल होने की इस साल यह दूसरी घटना है। गत जनवरी में यॉर्क काउंटी में 47 साल के एक पूर्व बैंकर ने चार पुलिस अधिकारियों को गोली मार दी थी। इसमें एक की मौत हो गई थी। पूर्व बैंकर की पत्नी ने मारपीट पर पुलिस बुलाई थी।

सियोल। उत्तर कोरिया ने अमेरिका द्वारा लगाए प्रतिबंधों का विरोध किया है और कहा कि इस तरह के कदमों से दोनों देशों के बीच भरोसा कम होगा। साथ ही इसका असर दोनों देशों के बीच हुई परमाणु वार्ता पर भी पड़ेगा। बता दें कि उत्तर कोरिया के तरफ से ये बयान अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो के दौरे से पहले आया है। माइक पोंपियो 7 अक्टूबर को उत्तर कोरिया के दौरे पर जाएंगे।
उत्तर कोरिया ने कहा- अमेरिकी प्रतिबंध से बढ़ रहा अविश्वास;-उत्तर कोरिया के अधिकारिक अखबार में कहा गया कि अमेरिका को इन प्रतिबंधों से कुछ भी हासिल नहीं होगा, बल्कि इससे उनका ही नुकसान होगा। पहले की तरह हम अमेरिका से इन प्रतिबंधों को हटाने के लिए नहीं कहेंगे। अखबार में आगे कहा गया कि परमाणु निरस्त्रीकरण वॉशिंगटन और प्योंगयांग के बीच भरोसे का नतीजा है। लेकिन अमेरिका ने द्वारा लगाए गए प्रतिबंध अविश्वास को जन्म दे रहे हैं।अखबार में लिखा है कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के नेताओं के बीच हालिया अंतर-कोरियाई शिखर बैठक के दौरान किए गए अपने सभी वादों को पूरा किया गया है, जिसमें मिसाइल इंजन को नष्ट करना और लॉन्चिग पैड साइट व योंगबीन में अपने मुख्य परमाणु केंद्र को बंद करना शामिल था। आगे कहा गया है कि उठाए गए कदम इस बात का स्पष्ट सकेंत देते हैं कि उत्तर कोरिया ने अपनी वचनबद्धता को निभाया है। लेकिन इसके बदले में अमेरिका ने लगाए गए प्रतिबंधों को नहीं हटाया।
किम से मुलाकात करेंगे अमेरिकी विदेश मंत्री पोंपियो:-बता दें कि परमाणु मसले पर वार्ता में आए गतिरोध के दूर होने के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो अगले हफ्ते उत्तर कोरिया के दौरे पर जा रहे हैं। वह प्योंगयांग में उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे। पोंपियो छह से आठ अक्टूबर तक चार एशियाई देशों उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, जापान और चीन के दौरे पर रहेंगे।वह छह-सात अक्टूबर को टोक्यो में रहेंगे और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह प्योंगयांग जाएंगे और किम से मिलेंगे। यहां से पोंपियो सियोल पहुंचेंगे और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन और विदेश मंत्री कांग क्यूंग-वा से भेंट करेंगे।

 

वॉशिंगटन। सीमा पर गोलीबारी करने वाला और आतंकियों की पनाहगाह पाकिस्तान अब अमेरिका के सामने गिड़गिड़ा रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अमेरिका के सामने गुहार लगाई है कि वह (यूएस) भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता शुरू कराने में अहम भूमिका अदा करे। इतना ही नहीं, कुरैशी ने चेतावनी देते हुए कहा कि वार्ता बहाल न होने से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति और बढ़ सकती है। बता दें कि सीमा पर तनाव और आतंक को बढ़ावा देने के कारण दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच काफी वक्त से संवाद थप पड़ा है।
यूएस का मध्यस्थता से इनकार:-इस बीच कुरैशी ने बुधवार को वॉशिंगटन में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका ने इस संबंध में पाकिस्तान के अनुरोध को खारिज कर दिया है। इससे एक दिन पहले उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन से मुलाकात की थी।
भारत पर उलटा लगाया आरोप;-न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, कुरैशी ने अमेरिकी कांग्रेस द्वारा मुहैया कराए जाने वाले धन से चलने वाले शीर्ष थिंक टैंक यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में एक सवाल के जवाब में कहा, ''जब हमने अमेरिका से वार्ता में भूमिका निभाने के लिए कहा, तो हमने क्यों कहा? सिर्फ इसलिए कि हमारे बीच द्विपक्षीय वार्ता बंद है। हम सीमा के पश्चिमी ओर ध्यान लगाना, आगे बढ़ना चाहते हैं जो हम कर नहीं पा रहे हैं क्योंकि हमें पूर्वी ओर (भारत के साथ सीमा पर) मुड़कर देखना होता है। यह कोई अच्छी स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा, 'अब क्या आप (अमेरिका) मदद कर सकते हैं? उनका जवाब ना था। वे द्विपक्षीय संवाद चाहते हैं लेकिन कोई द्विपक्षीय गतिविधि नहीं है। उन्होंने आगाह किया कि इससे दोनों दक्षिण एशियाई देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है।
मध्यस्थता के विरोध में भारत, पक्ष में पाकिस्तान:-बता दें कि भारत, पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों में किसी तीसरे देश के मध्यस्थता का विरोध करता आया है। लेकिन कश्मीर समेत अन्य मतभेदों को हल करने के लिए पाकिस्तान ने हमेशा मध्यस्थता की मांग की है।
वार्ता से पीछे भारत हटा : कुरैशी:-वहीं, कुरैसी ने भारतीय नेताओं की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा, 'इस तरह बातचीत बंद होने से तनाव बढ़ता है और वहां से हाल में आए कुछ बयान बहुत मददगार नहीं हैं।' इस बीच उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की नई सरकार बातचीत से कतरा नहीं रही है। उधर, न्यूयॉर्क में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ बैठक रद होने का जिक्र करते हुए कुरैसी ने उलटा भारत पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि वार्ता से पीछ भारत हटा है।
भारत के वार्ता रद के फैसले को फिर बताया बहाना:-वहीं, भारत के आरोप, जिसमें कहा गया की डाक टिकट जारी कर आतंकियों का महिलामंडल किया गया और भारतीय सुरक्षाबलों की क्रूर हत्या की गई। इस सवाल को हल्के में लेते हुए कुरैशी ने कहा, 'अगर भारत के पास कोई बेहतर विकल्प है, तो हमारे साथ साझा करें। अगर एक-दूसरे से बातचीत नहीं करने से मुद्दे हल होंगे और क्षेत्र में स्थिरता आएगी तो ठीक है। अगर यह उनका आकलन है तो फिर ठीक है।'ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक खत्म करने के बाद पाकिस्तान के लिए रवाना होने से पहले कुरैशी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दोनों देश एक-दूसरे से बातचीत नहीं कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि यह सरकार क्या चाहती है? हम हालात सामान्य चाहते हैं। हम सहास्तित्व चाहते हैं। आपको वास्तविकता को पहचानना होगा। पाकिस्तान एक वास्तविकता है। सो भारत भी है। हमारे पास समस्याएं हैं। हम उन्हें कैसे हल करेंगे?
पहले शांति फिर गाया कश्मीर का राग:-बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चलने के भारत के रुख पर पूछे गए सवाल के जवाब में कुरैशी ने इमरान खान के एक बयान का हवाला दिया। उन्होंने कहा जब इमरान खान सत्ता में आए, तो उन्होंने कहा था कि आप (भारत) शांति के लिए एक कदम उठाएंगे, तो हम दो कदम बढ़ाएंगे। और उसका मतलब था। यह सिर्फ इसलिए नहीं था क्योंकि यह सुनने में अच्छा लगा। किसी को खुश करना नहीं था। इसके बाद वे कश्मीर राग भी गाने नजर आए। उन्होंने कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा, 'अगर वे महसूस करते हैं कि कश्मीर में जो भी गड़बड़ी हो रही है, वह सब पाकिस्तान करवा रहा है, तो यह गैर यथार्थवादी नजरिया है।

 

 

वाशिंगटन। सौर मंडल के आखिरी छोर पर एक खगोलीय पिंड की खोज हुई है। 2015 टीजी387 नामक यह पिंड 40 हजार सालों में सूर्य की परिक्रमा पूरी करता है। अमेरिका स्थित कार्नेगी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस के शोधकर्ताओं के अनुसार यह सूर्य से 80 एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट (एयू) की दूरी पर स्थित है। एयू सूर्य से पृथ्वी के बीच की दूरी का मापक है।2015 टीजी387 से सूर्य की दूरी सूर्य और प्लूटो के बीच की दूरी से भी ढ़ाई गुना अधिक है। परिक्रमा के दौरान इस पिंड की सूर्य से निकटतम दूरी करीब 65 एयू रहती है। इसके अलावा केवल 2012 वीपी113 और सेडना नामक पिंड की ही सूर्य से निकटतम दूरी 65 एयू से अधिक है। 2012 वीपी113 सूर्य से 80 एयू और सेडना 76 एयू की दूरी पर स्थित है।2015 टीजी387 सौर मंडल में मौजूद उन कुछ पिंड में शामिल है जो बृहस्पति और वरुण ग्रह के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के करीब नहीं आते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इनकी मदद से सौर मंडल के आखिरी छोर पर हो रही घटनाओं का अध्ययन किया जा सकता है। इस तरह के हजारों पिंड सौर मंडल में हो सकते हैं लेकिन अत्यधिक दूरी के कारण इनकी खोज करना कठिन है। 2015 टीजी387 99 फीसद समय तक सूर्य से इतना दूर होता है कि इसे आसानी से देखा नहीं जा सकता है।

बगदाद। कुर्द नेता बरहम सालिह को इराक का नया राष्‍ट्रपति चुना गया है। पेट्रिओटिक यूनियन ऑफ कुर्दिस्तान (पीयूके) के उम्मीदवार सालिह ने कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी (केडीपी) के उम्मीदवार फुवाद हुसैन को हराया। देश के सांसदों ने उनको दूसरे उम्मीदवीरों पर तरजीह देकर वोट दिया। सालिह के नाम एलान मंगलवार शाम को किया गया।बरहम ने अपने प्रतिद्वंदी को बड़े अंतर से हराया है। फुवाद को सिर्फ 22 वोट मिले, वहीं बरहम को 219। ऐसे में कहा जा सकता है कि बरहम को सभी का समर्थन मिला। हालांकि वोटिंग के बाद विवाद होने पर मतगणना फिर करानी पड़ी थी। बता दें कि सालिह 58 साल के हैं और वह इराक के आठवें राष्‍ट्रपति हैं।वैसे किसी कुर्द नेता का इराक के राष्‍ट्रपति के रूप में चुने पर किसी को हैरानी नहीं है। दरअसल, 2003 के बाद से इराक में राष्ट्रपति हमेशा कुर्द बनता रहा है। प्रधानमंत्री शिया मुसलमान और संसद का स्पीकर सुन्नी बनता है। लगभग 15 साल से ऐसा ही देखने को मिलता रहा है। शपथ ग्रहण में सालिह ने कहा कि इराक की अखंड़ता और सुरक्षा के लिए काम करेंगे। नए राष्ट्रपति के पास संसद के सबसे बड़े गठबंधन को नई सरकार के गठन के लिए 15 दिन का समय होगा।

वाशिंगटन। परमाणु मसले पर वार्ता में आए गतिरोध के दूर होने के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो अगले हफ्ते उत्तर कोरिया के दौरे पर जा रहे हैं। वह प्योंगयांग में उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे।विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नौअर्ट ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि पोंपियो छह से आठ अक्टूबर तक चार एशियाई देशों उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, जापान और…
नई दिल्‍ली। जिस देश में हथियार रखना बुनियादी अधिकार है, वहां बंदूकों को लेकर एक से बढ़कर एक प्रयोग होते रहते हैं। हॉलीवुड फि‍ल्‍मों में हमने देखा है कि किस तरह इलेक्‍ट्रोनिक बंदूकों के साथ अंतरिक्ष में फायरिंग होती है। ठीक उसी तरह अमेरिका की एक कंपनी ने रिबन गन बनाई है। यह बंदूक एक बार में चार गोलियां फायर कर सकती है। इतना ही नहीं, प्रति सेकंड 250 राउंड…
दुबई। महात्‍मा गांधी की जयंती पर उन्‍हें दुनिया के कई देशों में अलग-अलग ढंग से श्रद्धांजलि दी गई। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने गांधी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने का एक अलग ही जरिया अख्तियार किया गया। यूएई ने विश्व की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा को गांधीजी के और भारत के तिरंगे के रंग में रंग दिया। भारत सरकार ने यूएई के इस कदम का स्वागत करते हुए सराहना…
सिंगापुर। भारतवंशी नागराज बालाजी पर यहां की अदालत में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के अधिकारियों को धमकाकर पांच लाख सिंगापुर डॉलर (करीब 2.66 करोड़ रुपये) की वसूली करने की कोशिश करने का आरोप तय किया गया है। दोषी साबित होने पर उसे दो से पांच साल की जेल के साथ कोड़े खाने की सजा मिल सकती है।अदालत में जमा दस्तावेजों के मुताबिक बालाजी ने कथित तौर पर बैंक के डिजीटल बैंकिंग…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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