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दुनिया (1895)

ह्यूस्टन। अमेरिकी अश्‍वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत पर शोक मनाने के लिए यहां की एक चर्च के बाहर देशभर के हजारों लोग एकत्र हुए। उधर, अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत और नस्लीय अन्याय के खिलाफ अमेरिका तथा अन्य पश्चिमी देशों में प्रदर्शनों का दौर जारी है। फ्लॉयड का शव शनिवार को ह्यूस्टन लाया गया और जहां मंगलवार को उसे दफनाया जाना है।
प्रदर्शन का दौर जारी:-उधर, फ्लॉयड की मौत को दो हफ्ते गुजर जाने के बाद भी प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे और चार्लोट-मेकलेनबर्ग के पुलिस अधिकारी को प्रदर्शनकारियों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने सीएमपीडी कैप्टन ब्रेड कोच को नारेबाजी करते हुए घेर लिया और एक श्वेत पुरुष प्रदर्शनकारी ने उनके बाल काट दिए। टेक्सास के गवर्नर ग्रेग अबॉट ने सोमवार को जॉर्ज फ्लॉयड के परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं जाहिर की। उन्होंने फ्लॉयड के परिवार को उसके सम्मान में टेक्सास कैपिटल में फहराया गया एक झंडा भी सौंपा। अबॉट ने पुलिसिया तंत्र में सुधार को समर्थन देने का भी संकेत दिया।
अंतिम दर्शन के लिए के लिए रखा गया जॉर्ज फ्लॉयड का शव;-जॉर्ज फ्लॉयड के शव को अंतिम दर्शन के लिए दोपहर से शाम छह बजे तक छह घंटे तक के लिए रखा गया है। जॉर्ज फ्लॉयड के अंतिम दर्शन के लिए चिलचिलाती धूप में 5,000 शोकाकुल लोग मास्क और दस्ताने पहने कतार में खड़े रहे। लोगों ने कुछ क्षण उसके सुनहरे ताबूत के सामने खड़े होकर फ्लॉयड को श्रद्धांजलि दी। फ्लॉयड का मंगलवार को अंतिम संस्कार होना है। उसके शव को पर्ललैंड में ह्यूस्टन मेमोरियल गार्डन्स कब्रिस्तान में उसकी मां लार्सेनिया फ्लॉयड की कब्र के बगल में दफनाया जाएगा। फ्लॉयड का बचपन ह्यूस्टन के थर्ड वार्ड में हुआ था और वह अपने स्कूल का प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी था जिसने स्थानीय लोकप्रिय डीजी स्क्रू के साथ रैप भी किया था। वह कई साल पहले काम के सिलसिले में मिनियापोलिस आ गया था।

 

वाशिंगटन। व्हाइट हाउस (White House) ने साफ किया है कि जर्मनी से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बारे में कोई घोषणा नहीं की जाएगी। हालांकि व्हाइट हाउस ने यह जरूर कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) अमेरिकी सैन्य बलों की विदेशों में मौजूदगी की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैली मेकनैनी (Kayleigh McEnany) ने सोमवार को उन मीडिया रिपोर्टों पर बयान दिया ज‍िनमें दावा किया जा रहा है कि ट्रंप ने जर्मनी से हजारों अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाए जाने का फैसला किया है।व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव मेकनैनी ने कहा कि फ‍िलहाल इस वक्त ऐसी कोई भी घोषणा नहीं करनी है। इस बारे में कुछ रिपोर्टें आ रही हैं लेकिन व्हाइट हाउस स्‍पष्‍ट करता है कि अभी ऐसी कोई घोषणा नहीं की जानी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) अमेरिकी सैन्य बलों की विदेशों में मौजूदगी का लगातार आकलन कर रहे हैं। हम अपने मजबूत सहयोगियों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मालूम हो कि जर्मनी (Germany) में अभी लगभग 34,500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।हालांक‍ि अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी की मानें तो ट्रंप प्रशासन सितंबर से इस कदम पर विचार कर रहा है। वहीं वॉल स्ट्रीट जर्नल और वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्टों के मुताबिक, यदि अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप की सैनिकों में कटौती की योजना से जुड़ी रिपोर्टें यदि सच होती हैं तो जर्मनी में 25 हजार अमेरिकी सैनिक रह जाएंगे। रिपोर्टों के मुताबिक, अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया था कि ट्रंप प्रशासन ने व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओब्रायन द्वारा हाल में हस्ताक्षर किए गए ज्ञापन में बदलाव का आदेश जारी किया है।वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सेना बुलाए जाने के फैसले के बारे में शुक्रवार तक जर्मनी को भी कोई जानकारी नहीं थी। बीते दिनों चांसलर एंजेला मर्केल के सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव ब्लॉक के एक सदस्य पीटर बेयर ने देश से हजारों सैनिकों को हटाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले की आलोचना की थी। उन्‍होंने कहा था कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है, खासकर तब जब वॉशिंगटन में किसी ने अपने नाटो सहयोगी जर्मनी को पहले से सूचित करने के बारे में नहीं सोचा है।


केप टाउन । साउथ अफ्रीका में बुधवार को कोरोना वायरस के रिकॉर्ड 3,267 नए मामले दर्ज किए गए हैं। मार्च के बाद यह देश में सबसे बड़ा आंकड़ा है। नए मामलों के बाद देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 40 हजार 7 सौ 92 हो गई है। शिन्हुआ न्यूज ने स्वास्थ्य मंत्री ज्वेली मखिये (Zweli Mkhize) के हवाले से यह जानकारी दी है। इसके अलावा बुधवार को कोरोना के कारण सबसे ज्यादा 56 लोगों की मौत दर्ज की गई है। मंत्री ने कहा, "ताजा आंकड़ों के बाद देश में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 848 हो गई है।"
56 मौतों में से 54 कोरोना मरीजों की मत्यु पश्चिम केप प्रांत में हुई है। इसके अलावा देश में अभी तक 21,311 लोग कोरोना के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देश में रिकवरी रेट 52.24 फीसद है। पश्चिम केप प्रांत कोरोना महामारी का उपकेंद्र है यहां अभी तक 27,006 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है जबकि 651 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। सरकार के प्रवक्ता फुमला विलियम्स (Phumla Williams) ने कहा कि राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा (Cyril Ramaphosa) स्थिति का निरीक्षण करने और महामारी के निरंतर प्रबंधन के लिए प्रांत की तत्परता का आकलन करने के लिए शुक्रवार को केप प्रांत का दौरा कर सकते हैं।

 

हांगकांग । हांगकांग की विधायिका ने गुरुवार को एक विवादास्पद बिल को मंजूरी दे दी, जो चीनी राष्ट्रगान के अपमान को अवैध बनाता है। लोकतंत्र समर्थक विपक्षी सांसदों द्वारा वोटिंग को बाधित करने की कोशिशों के बावजूद कानून को मंजूरी दे दी गई। 41 सांसदों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया और इसके खिलाफ सिर्फ एक वोट पड़ा। लोकतंत्र समर्थक अधिकतर सांसदों ने मतदान का बहिष्कार किया। लोकतंत्र समर्थक खेमा राष्ट्रगान बिल को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अर्ध स्वायत्त क्षेत्र को मिले अधिक अधिकारों के उल्लंघन के रूप में देखता है। बीजिंग समर्थक बहुमत के धड़े ने कहा कि हांगकांग के नागरिकों के लिए चीनी राष्ट्रगान के प्रति उचित सम्मान दिखाना जरूरी है।
इससे पहले लोकतंत्र समर्थक सांसदों के विरोध के बाद बहस को बीच में स्थगित करना पड़ा, क्योंकि एक सांसद ने तरल पदार्थ से भरा बर्तन गिरा दिया। सांसद ने कहा कि एक जानलेवा शासन 10 हजार वर्षो से बदबू मार रहा है। सांसद रे चैन एक चीनी कागज के अंदर छिपे बर्तन के साथ सामने की ओर बढ़े। जब सुरक्षा गार्डो ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने लालटेन और बर्तन को गिरा दिया। इसके बाद उन्हंे बैठक से बाहर निकाल दिया गया। उनका साथ देने वाले एक और सांसद को बाहर कर दिया गया। चैंबर को खाली कराया गया और घटना की जांच के लिए पुलिस और दमकलकर्मियों को बुलाया गया। जब बैठक फिर से शुरू हुई, लोकतंत्र समर्थक सांसद टेड हुई ने फिर से बैठक कक्ष के सामने कुछ तरल छिड़क दिया। उन्हें भी बाहर निकाल दिया गया।


ओटावा । कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने गुरुवार को चेतावनी दी कि कनाडा में कोरोना वायरस (सीओवीआईडी ​​-19) महामारी गंभीर बनी हुई है। संक्रमण की वृद्धि सभी आयु समूहों और देश के अधिकांश क्षेत्रों में धीमी हो गई है, लेकिन ट्रूडो ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में स्थिति गंभीर बनी हुई है जहां बड़ी संख्या में नए मामले अभी भी दर्ज किए जा रहे हैं, साथ ही साथ दीर्घकालिक देखभाल घरों जैसी जगहों पर भी।

 

इस्‍लामाबाद । पाकिस्तान में वरिष्ठ भारतीय राजनयिक के उत्पीड़न का मामला एक बार फिर सामने आया है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, भारतीय प्रभारी गौरव अहलूवालिया की कार का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के एक सदस्य ने मोटरसाइकिल से पीछा किया है। यही नहीं आइएसआइ ने गौरव अहलूवालिया का उत्पीड़न करने और उन पर नजर रखने के लिए उनके आवास के बाहर कई कारों और बाइकों का जमावड़ा लगा रखा है। इसमें बैठे आइएसआइ के जासूस हर वक्त भारतीय राजनयिक पर नजर रख रहे हैं। इसके जवाब में पाकिस्तान ने कहा कि उसने भारत से तनाव बढ़ाने से बचने के लिए अपनी सीमित और संयमित प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
कुछ ही दिन पहले नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के दो कर्मचारियों को भारतीय सेना की जासूसी करते हुए पकड़ा गया था और उन्हें वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था। पाकिस्तान अपनी इस खुन्नस में किसी न किसी बहाने भारतीय उच्चायोग के अफसरों को परेशान कर रहा है। सूत्रों के अनुसार मार्च के महीने में भी पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग ने अपने अधिकारियों और स्टॉफ का लगातार उत्पीड़न करने पर इस्लामाबाद के विदेश मंत्रालय को कड़ा संदेश दिया था। इस नोट में भारत ने मार्च में हुई 13 घटनाओं का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान को ऐसी घटनाएं रोकने को कहा और मामले की जांच कराने को कहा है। भारत ने पाकिस्तानी एजेंसियों से इन मामलों की तत्काल जांच कराने को कहते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं आगे से नहीं होनी चाहिए। नोट में यह भी कहा गया कि उत्पीड़न की ऐसी घटनाएं साफ तौर पर राजनयिक संबंधों पर वियेना सम्मेलन, 1961 का सीधा उल्लंघन है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों की जिम्मेदारी पाकिस्तानी सरकार की है। आठ मार्च को भारतीय उच्चायोग के फ‌र्स्ट सेक्रेट्री की कार का आक्रामक तरीके से पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने पीछा किया था।
आठ मार्च को भी किया पीछा बताया जाता है कि आठ मार्च को ही नौसैनिक सलाहकार का भी पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने पीछा किया। इसके अलावा पिछले कुछ दिनों में दो भारतीय अफसरों को धमकी भरे गुमनाम फोन आते रहे हैं। बीते 9 मार्च को भी भारतीय उप उच्चायुक्त की गाड़ी का एक बाइक से पीछा किया गया था। अगले दिन फिर जब वह अपने घर से बाजार जा रहे थे तो बाइक सवार पाकिस्तानी खुफिया अफसर ने उनका आक्रामक तरीके से पीछा किया। मालूम हो कि दिल्ली पुलिस ने 31 मई को पाकिस्तानी दूतावास के दो अधिकारियों को जासूसी करते वक्‍त रंगे हाथ पकड़ा था। इनको उस वक्‍त पकड़ा गया था जब ये एक व्यक्ति को पैसों का लालच देकर सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज हासिल करने की कोशिश में थे। दोनों अधिकारी दूतावास में वीजा असिस्टेंट के तौर पर काम करते थे। यही नहीं पाकिस्‍तानी खुफि‍या एजेंसी के लिए जासूसी करते पकड़े जाने पर इन अधिकारियों ने खुद को भारतीय नागरिक साबित करने की शर्मनाक कोशिश भी की थी। इनके पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए थे। इन दोनों को अगले ही दिन पाक लौटा दिया गया था। मौजूदा वक्‍त में जहां दुनिया कोरोना वायरस से लड़ रही है... वहीं पाकिस्‍तान भारत को अस्थिर करने की साजिशें रच रहा है। भारतीय इलाकों में आतंकियों की घुसपैठ कराने के मकसद से वह आए दिन सीमा पर संघर्ष विराम का उल्‍लंघन कर रहा है। बीते कुछ दिनों में सीमा पार करने की कोशिश में कई आतंकी मार गिराए गए हैं। पहले पाकिस्तानी सेना मोर्टार के गोले दाग रही थी लेकिन बीते रविवार को उसने पुंछ जिले के मेंढर और बालाकोट सेक्टर में टाउ मिसाइलें (गाइडेड) भी दागीं। यही नहीं भारतीय इलाकों के समीम पाकिस्तानी वायुसेना ने चीनी सेना के साथ अभ्यास भी कर रही है।

लंदन । वैश्विक महामारी के कारण संकट में घिरी दुनिया के देश एक दूसरे की मदद के लिए तत्पर हैं। इस क्रम में यूनाइटेड किंगडम ने ग्लोबल वैक्सीन समिट 2020 का आयोजन किया। इस मिशन के तहत इम्युनाइजेशन और ग्लोबल वैक्सीन सप्लाई के लिए 7.4 बिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता का प्रस्ताव दिया है। इस वर्चुअल इवेंट में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र…
न्यूयॉर्क। अमेरिका के न्यूजर्सी प्रांत में एक सिख छात्र को सताए जाने का मामला सामने आया है। इसे लेकर एक शिक्षा बोर्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें यह आरोप लगाया गया कि उसके धर्म के कारण डराया-धमकाया गया और लंबे समय तक उत्पीड़न के चलते उसे स्कूल छोड़ना पड़ा। समुदाय के संगठन सिख कोअलिशन ने कहा कि उसने विधि दफ्तर के सह-वकील ब्रायन एम किगे के साथ…
इस्तांबुल। अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट के दिवंगत पत्रकार जमाल खशोगी के कातिलों को माफी दिए जाने का उनकी मंगेतर हतीचे चेंगीज ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि खशोगी के कातिलों को कोई माफी नहीं दे सकता है। माफी देने का अधिकारी किसी को नहीं है। खशोगी के बेटों ने शुक्रवार को कहा था कि उन्होंने अपने पिता के कातिलों को माफ कर दिया है। बीबीसी न्यूज के अनुसार, चेंगीज…
बर्लिन। ऐसा लगता है कि चीन ने वुहान से शुरू हुई कोरोना की महामारी को काबू में कर लिया है। पिछले चौबीस घंटे में चीन में संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि लैटिन अमेरिकी देशों में महामारी चरम पर है। ब्राजील इससे सर्वाधिक प्रभावित है। उधर, लॉकडाउन के बाद जर्मनी में फिर से खोले गए रेस्तरां और चर्च में दूसरे दौर के संक्रमण का खतरा पनपता…
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