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नई दिल्‍ली। वेनेजुएला के हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं। वहां की मौजूदा राजनीतिक स्थिति ने भी हालात को बेकाबू करने का काम किया है। वर्तमान में वहां पर निकोलस मादुरो और जुआन गुएडो के बीच जबरदस्‍त खींचतान चल रही है। वहीं अमेरिका ने यहां के राजनी‍तिक संकट की आग को भड़काने में घी का काम किया है। आपको बता दें कि गुएडो ने यहां पर खुद को राष्‍ट्रपति घोषित कर सेना से मादुरो का हुक्‍म मानने से इंकार करने की अपील की है। यहां के बिगड़े हालात का अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि राजधानी में जगह-जगह राष्‍ट्रपति मादुरो के खिलाफ लोग लामबंद होकर सड़क पर उतर रहे हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान इसको लेकर हुई झड़पों में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि इस तरह की झड़पें वेनेजुएला में पहली बार देखने को नहीं मिल रही है। 2017 में भी अप्रैल से जुलाई के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच हुई झड़पों में 125 लोगों की मौत हो गई थी। विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। विपक्ष के नेता तो गुएडो को भी गिरफ्तार किए जाने की आशंका जता रहे हैं।
वेनेजुएला पर बंटे हैं देश:-देश में उभरे राजनीतिक संकट में अमेरिका ने वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में विपक्षी नेता जुआन गुएडो को मान्यता दी, जिसके बाद मादुरो ने अमेरिका से सभी संबंध तोड़ लिए हैं। उन्‍होंने अमेरिकी राजदूत को देश छोड़ने के लिए 72 घंटे का वक्‍त भी दिया है। इसके अलावा सात दक्षिण अमेरिकी देश-ब्राजील, कोलंबिया, चिली, पेरू, इक्वेडोर, अर्जेंटीना और पराग्वे ने भी जुआन को अंतरिम राष्ट्रपति माना है। वहीं कनाडा ने भी उन्‍हें ही समर्थन देने का एलान कर दिया है। इसके अलावा यूरोपीय संघ वहां पर दोबारा चुनाव करवाने के पक्ष में है। 'द ऑर्गनाइजेशन ऑफ़ अमेरिकन स्टेट' ने भी गुएडो के राष्ट्रपति पद की दावेदारी को समर्थन दिया है। हालांकि साल 2017 में वेनेजुएला इस संगठन से ख़ुद को अलग कर चुका है। मादुरो के समर्थक देशों की बात करें तो इसमें मेक्सिको, बोलिविया और क्यूबा शामिल है।
कौन है जुआन गुएडो;-आपको यहां बता दें कि खुद को राष्‍ट्रप‍ति घोषित करने वाले जुआन को इससे पहले कोई नहीं जानता था। वह इसी माह संसद में विपक्ष के नेता बने हैं। जुआन के मुताबिक, उनके पास देश में दोबारा चुनाव होने तक अंतरिम राष्‍ट्रपति बने रहने का संवैधानिक अधिकार है। जहां तक जुआन की बात है, तो उन्‍होंने छात्र राजनीति के दौरान मादुरो के राजनीतिक गुरू ह्यूगो चावेज के खिलाफ़ प्रदर्शन किया था। ह्यूगो चावेज ने ही निकोलस मादुरो को अपने उत्तराधिकारी के तौर पर चुना था।
गिर रही अर्थव्‍यवस्‍था;-बहरहाल, वेनेजुएला में व्‍याप्‍त अराजकता के बीच वहां की अर्थव्‍यवस्‍था लगातार गिर रही है। आलम ये है कि वहां पर लोगों को खाने के भी लाले पड़ रहे हैं। तेल पर टिकी इस देश की अर्थव्‍यवस्‍था का हाल पिछले काफी समय से खराब चल रहा है। वर्तमान में यहां के एक हजार वेनेजुएला बोलवियर की कीमत यदि ब्रिटेन के पाउंड से आंकी जाए तो यह महज 76 पाउंड ही रह गई है। वहीं यूरो में इसकी कीमत 8888, आस्‍ट्रेलियन डॉलर में 141 और अमेरिकी डॉलर में इसकी कीमत महज 100 डॉलर है। यहां के बिगड़ते मौजूदा हालात का अंदाजा आप इस बात से भी लगा सकते हैं कि साढ़े पांच हजार रुपये में एक किलो लहसुन, सात हजार रुपये किलो शकरकंद मिल रही है। ऐसा ही हाल दूसरी खाने की चीजों का भी है। सभी की कीमत आसमान छू रही हैं।
13 लाख तक पहुंची मुद्रास्फिति की दर:-वेनेजुएला में मौजूदा समय में खराब होती अर्थव्‍यवस्‍था के बीच लोगों के पास या तो खाने का पैसा नहीं है या फिर इतने हैं कि उनसे वह कुछ खरीद नहीं पा रहे हैं। मौजूदा समय में यहां पर मामूली ब्रेड की कीमत भी सैकड़ों में चली गई है। बीते समय में कुछ जगहों पर खाने को लेकर भी संघर्ष साफतौर पर देखा गया है। वहीं बीते कुछ वर्षों के दौरान वेनेजुएला से लाखों लोग पड़ोसी देशों में शरण ले चुके हैं। वेनेजुएला की सीमा पश्चिम में कोलंबिया, पूर्व में गुयाना और दक्षिण में ब्राजील से मिलती है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञात तेल भंडार है और यह तेल के दुनिया के अग्रणी निर्यातकों में से एक है। इसके बाद ही इसको 2017 तक क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने दिवालिया घोषित कर दिया था। हाल ये है कि बीते वर्ष दिसंबर में यहां पर मुद्रास्‍फीति की दर करीब दस लाख फीसद तक पहुंच गई है। इसका अंदाजा अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष ने अगस्‍त में ही लगा लिया था। वर्तमान में यह 13 लाख फीसद है। दरअसल पिछले वर्ष अगस्‍त में राष्‍ट्रपति मादुरो ने देश की मुद्रा बोलवियर का नाम बदलकर 'सॉवरेन बोलवियर' कर दिया था। इसके अलावा इसका 95 फीसद अवमूल्यन भी किया गया था। इसके बाद से ही लगातार देश में मुद्रास्‍फीति की दर बेतहाशा बढ़ रही है।

नई दिल्‍ली। वेनेजुएला में गहराए आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच अचानक से जुआन गुएडो के नाम की खूब चर्चा हो रही है। गुएडो दरअसल, वहां विपक्ष के नेता हैं, लेकिन उनका परिचय सिर्फ यहीं तक नहीं है। इससे पहले गुएडो राष्‍ट्रपति मादुरो के गुरू शावेज का भी खुलेतौर पर विरोध कर चुके हैं। लेकिन अब अमेरिका का साथ मिल जाने पर वह अचानक से काफी आक्रामक हो गए हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप द्वारा मादुरो की जगह गुएडो को अपना समर्थन दिए जाने के बाद ही उन्‍होंने खुद को अंतरिम राष्‍ट्रपति भी घोषित किया है। आपको बता दें कि ट्रंप ने गुएडो को समर्थन देने को लेकर ट्वीट भी किया था। यहां पर ये भी नहीं भूलना चाहिए कि राष्‍ट्रपति मादुरो के साथ ट्रंप के रिश्‍ते काफी समय से खराब चल रहे हैं।
रूस का विरोध:-बहरहाल, वेनेजुएला में अमेरिकी हस्‍तक्षेप का रूस ने काफी सख्‍ती के साथ विरोध किया है। रूस ने सीधेतौर पर वहां फैली अस्थिरता के लिए अमेरिका को ही दोषी ठहराया है। फिर भी इन सभी के बीच गुएडो को लेकर उठ रहे स्‍वर देश में उनके राजनीतिक कद का तो परिचय दे ही रहे हैं। इसलिए उनके बारे में जानना और अधिक जरूरी हो जाता है। वहीं वेनेजुएला के बाहर उनका नाम ज्‍यादा प्रसारित नहीं हुआ है। आपको बता दें कि इसी वर्ष जनवरी में ही उन्हें विपक्षी दलों के नियंत्रण वाली नेशनल असेंबली का अध्यक्ष चुना गया। यह कदम राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ अभियान तेज करने के लिए उठाया गया। यहां पर आपको बता दें कि विपक्ष लगातार मादुरो को एक तानाशाह के रूप में पेश कर रहा है।
अंडरग्राउंड हुए जुआन:-जुआन गुएडो ने 23 जनवरी को ही खुद को देश का राष्‍ट्रपति घोषित किया था। इसके तुरंत बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप, कनाडा, और कई लेटिन अमेरिकी अमेरिकी देशों समेत अमेरिकी राज्यों के संगठन ने भी उनका समर्थन करने का एलान कर दिया था। बदलते घटनाक्रम के बीच हरकत में आई सरकार ने तुरंत गुएडो के समर्थकों की गिरफ्तारी भी शुरू कर दी और खुद गुएडो अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गए हैं।जहां तक उनसे सरकार के खींचतान की बात है तो बता दें कि पिछले सप्‍ताह भी टाउनहॉल में बैठक के लिए जाते समय पुलिस ने उन्‍हें हिरासत में ले लिया था। आपको बता दें कि गुएडो ने ऐसे समय में देश के राजनीतिक परिदृश्य में कदम रखा है जब देश के आर्थिक हालात बेहद खराब हो चुके हैं। इतना ही नहीं यहां मुद्रास्‍फीति की दर 13 लाख फीसद तक पहुंच चुकी है। छात्र राजनीति से देश की राजनीति में कदम रखने वाले जुआन गुएडो पेशे से इंजीनियर हैं।
राजनीतिक जीवन;-गुएडो जब 15 साल के थे तब देश में समाजवादी परिवर्तन की लहर थी। उस वक्‍त मादुरो के राजनीतिक गुरू ह्यूगो शावेज की तूंती बोलती थी। उस वक्‍त ला ग्‍वेरा में हुए एक लैंडस्‍लाइड की चपेट में उनका परिवार आ गया था। इस घटना ने कई लोगों की जान ले ली थी और काफी लोग बेघर हो गए थे। गुएडो ने एक समाचार एजेंसी से यहां तक कहा है कि उन्‍हें डर है कि उनका हश्र भी दूसरे सहयोगियों के जैसा ही हो सकता है। 2015 में वह नेशनल एसेंबली के लिए चुने गए और इस साल के पहले सत्र में उन्हें असेंबली का अध्यक्ष चुन लिया गया। उनके शुरुआती दौर में मादुरो ने जुआन पर खास ध्‍यान नहीं दिया था। उस वक्‍त वह उन्‍हें कभी गाइदो तो कभी ग्‍वायर बताते थे। ग्‍वायर दरअसल यहां की राजधानी में बहने वाली प्रदुषित नदी है।
लोपेज को जाता है श्रेय:-उन्‍हें राजनीति में आगे बढ़ाने का श्रेय पूरी तरह से वेनेजुएला के सबसे मशहूर विपक्षी नेता लियोपोल्डो लोपेज को ही जाता है। गुएडो उनके काफी समय से सहायक रहे हैं। 2014 में लोगों ने पहली बार गुएडो को लोपेज के करीब देखा था। वहीं लोपेज का हर कदम गुएडो से सलाह के बाद ही उठाया गया होता था। फिलहाल मादुरो सरकार ने लोपेज को नजरबंद किया हुआ है। 2017 में मादुरो ने संवैधानिक एसेंबली का गठन किया था और नेशनल एसेंबली के अधिकार छीन लिए थे। इसके बाद भी लोपेज पर्दे के पीछे काम करते रहे थे। लोपेज पॉपुलर विल पार्टी से संबंध रखते हैं। फिलहाल नेशनल एसेंबली का नेतृत्व उनकी ही पार्टी के हाथ में है और गुएडो इसके अध्‍यक्ष हैं। मादुरो इस पार्टी के करीब आठ नेताओं को बीते चार वर्षों में देश निकाला दे चुके हैं। 2017 के विरोध प्रदर्शनों में उन्‍हें भी रबड़ की गोलियां लगी थीं, जिनके निशान आज भी उनके शरीर पर मौजूद हैं।

बीजिंग। चीन के एक शापिंग मॉल में हुए बम धमाके ने लोगों को दहला दिया है। इस घटना में एक व्‍यक्ति की मौत हो गई है। हालांकि अन्य जगह मिले विस्‍फोटक को नष्‍ट कर दिया गया है। घटनास्थल से मिली रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक व्यक्ति ने एक ऊंची इमारत से विस्फोटक फेंका।स्‍थानीय समाचार रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह आतंकी घटना हो सकती है, हालांकि विस्‍फोटक को नष्‍ट कर दिया गया है। इस कारण होंगकी स्ट्रीट पर वांडा शॉपिंग प्लाजा के आसपास के क्षेत्र में पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है। यह विस्फोट चांगचुन में वांडा प्लाजा अपार्टमेंट बिल्डिंग की 30 वीं मंजिल पर दोपहर 2:20 बजे हुआ।शहर के अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा कि घटना की जांच की जा रही है। पहला धमाका एक बेसमेंट कार पार्क में हुआ था, जबकि दूसरा एक शॉपिंग सेंटर की 30 वीं मंजिल पर ऊंची बिल्डिंग में हुआ था। चांगचुन पूर्वोत्तर चीन के जिलिन प्रांत की राजधानी है।

वॉशिंगटन। अमेरिका में सबसे लंबा शटडाउन खत्म होने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 35 दिन से जारी शटडाउन के बाद समझौते की घोषणा कर दी है। उन्होंने समझौते के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। ट्रंप ने शुक्रवार को आंशिक कामबंदी खत्म करने और संघीय सरकार के कामकाज के अस्थाई रूप से फिर शुरू करने के लिए विपक्षी डैमोक्रेड्स के साथ समझौते की घोषणा कर दी है। हालांक, इस समझौते में ट्रंप की प्रमुख मांग- US-मेक्सिको दीवार निर्माण....शामिल नहीं है।
22 दिसंबर, 2018 की हुई थी शटडाउन की घोषणा:-ट्रंप ने कहा कि संघीय सरकार के कामकाज को फरवरी तक दोबारा शुरू करने के लिए वे समझौता करने को तैयार हैं। दरअसल, यूएस-मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने की योजना के लिए फंडिंग को लेकर जारी विवाद के कारण 22 दिसंबर, 2018 को शटडाउन की घोषणा की थी, जो अबतक का सबसे लंबा शटडाउन है। इस कारण पिछले पांच हफ्ते से संघीय सरकार का कामकाज ठप पड़ा है। शटडाउन के कारण देश के 800,000 कर्मियों को एक माह से सैलरी नहीं मिली है। राष्ट्रपति ट्रंप दीवार के निर्माण के लिए 5.7 बिलियन डॉलर के फंड की मांग कर रहे हैं।
समझौते पर हस्ताक्षर के साथ चेतावनी:-ट्रंप ने कहा, 'हम बंद को खत्म करने और संघीय सरकार के कामकाज को फिर से शुरू करने के लिए समझौते पर पहुंच गए हैं। मैं जल्द ही तीन हफ्तों के लिए यानी 15 फरवरी तक सरकारी कामकाज को फिर से शुरू करने के लिए एक बिल पर हस्ताक्षर करूंगा।' हालांकि, इस समझौते के साथ ही ट्रंप ने चेतावनी भी जारी की है। ट्रंप ने कहा है कि कांग्रेस से उचित शर्तों पर समझौता नहीं होने की स्थिति में कामकाज फिर से बंद हो सकता है या फिर वे कानून व अमेरिका के संविधान के तहत आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रपति को मिली हुईं शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं

काराकस। तेल के प्रचुर भंडार से संपन्न दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के देश वेनेजुएला में मचे राजनीतिक घमासान पर दुनिया में ध्रुवीकरण तेज हो गया है। अमेरिका और ज्यादातर दक्षिण अमेरिकी देश एक तरफ और रूस, चीन और तुर्की दूसरी तरफ आ गए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने मुसीबत से बचने के लिए बातचीत करने की अपील की है। वहीं, यूरोपीय संघ ने लोकतंत्र की बहाली के लिए स्वतंत्र चुनाव कराने का आह्वान किया है।अमेरिका और कनाडा के साथ ही कई क्षेत्रीय देशों ने वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में गुएडो को मान्यता दे दी है। अमेरिका ने तो वेनेजुएला के तेल निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाने के संकेत भी दे दिए हैं। इससे निकोलस मादुरो अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ही गुएडो द्वारा खुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित करते ही उन्हें मान्यता दे दी थी।गुरुवार को ट्रंप ने गुएडो की नेशनल असेंबली को 'वेनेजुएला के लोगों द्वारा निर्वाचित सरकार की एकमात्र वैध शाखा' बताया। ट्रंप के इस कदम से नाराज मादुरो ने अमेरिका के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने की घोषणा की। उन्होंने अमेरिकी राजनयिकों को 72 घंटे के अंदर देश छोड़ने का भी अल्टीमेटम दिया, लेकिन इसके जवाब में गुएडो ने ट्वीट कर कहा कि उनके नेतृत्व में वेनेजुएला चाहता है कि 'उनके राजनयिक हमारे देश में मौजूद रहें।'वहीं, अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति मादुरो के पास संबंध खत्म करने का अधिकार नहीं है। 35 साल के इंडस्ट्रीयल इंजीनियर गुएडो ने देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का वादा किया है। दूसरी ओर, रूस पश्चिमी देशों की आलोचना करते हुए मादुरो के समर्थन में खुलकर आ गया है। रूस ने वेनेजुएला में किसी भी तरह की सैनिक कार्रवाई पर अमेरिका को चेतावनी भी दी है। चीन, तुर्की और मैक्सिको ने भी मादुरो का समर्थन किया है और उन्हें वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति करार दिया है। चीन ने किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप का विरोध किया है।
चुनाव के पक्ष में यूरोपीय संघ:-यूरोपीय संघ की राजनयिक प्रमुख फेडेरिका मोघेरिनी ने एक बयान में वेनेजुएला में संवैधानिक व्यवस्था के तहत तत्काल लोकतंत्र की बहाली लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का आह्वान किया है। जबकि, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुतेरस ने बातचीत के लिए संकट का समाधान निकालने की अपील की है।
हिंसक झड़पों में 13 की मौत:-इस सियासी उठापटक के बीच वेनेजुएला में विरोध का दौर भी चल रहा है। मादुरो की सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे हैं। कई जगह हिंसक झड़पें हुई हैं। सेना अभी मादुरो के साथ है। सेना विरोध प्रदर्शनों को दबाने में लगी है। इस हिंसा में 13 लोगों के मारे जाने की खबर है। कई लोग घायल हुए हैं। 2017 में भी अप्रैल से जुलाई के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच हुई झड़पों में 125 लोगों की मौत हो गई थी। विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। विपक्ष के नेता तो गुएडो को भी गिरफ्तार किए जाने की आशंका जता रहे हैं। सैनिकों ने विरोध की शुरुआत की राष्ट्रपति मादुरो के खिलाफ विरोध की शुरुआत सोमवार को उस वक्त हुई थी, जब राजधानी काराकस के एक कमांड पोस्ट में 27 सैनिक मादुरो सरकार के खिलाफ खड़े हो गए थे। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में इन सैनिकों ने लोगों से सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने का आह्वान किया था। उसके बाद मंगलवार और बुधवार को काराकस और बोलीवर में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए थे। बोलीवर में प्रदर्शनकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज की प्रतिमा को भी आग के हवाले कर दिया था।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बार फिर से मीडिया पर निशाना साधा और उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन से उनकी मुलाकात के बारे में फेक न्यूज फैलाने का आरोप लगाया। बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप और किम जोंग उन के बीच पिछले साल सिंगापुर में हुए जी-7 समिट के इतर मुलाकात हुई थी। ट्रंप ने कहा कि 'फेक न्यूज मीडिया' ने उनकी और किम की मुलाकात को लेकर वो बातें फैलाईं जो हुई ही नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वाशिंगटन करीब 40 साल पहले कोरियाई युद्ध में शहीद हुए लोगों की यादें लाने में सफल रहा है। साथ ही ट्रंप ने कहा कि हमने उत्तर कोरिया की परमाणु मिसाइलों को निरस्त करने में भी सफलता पाई है।ट्रंप ने इन सब बातों को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'फेक न्यूज मीडिया को ये कहना बहुत पसंद है कि मेरे और किम के बीच मुलाकात में बहुत कम हुआ। गलत! 40 साल बाद भी कुछ न करने के कारण उत्तर कोरिया के साथ हम यु्द्ध के कगार पर थे, सिर्फ 15 महीने के छोटे से टाइम में रिश्ते दोबारा से बनाए गए।'वहीं, उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ दूसरी मुलाकात को लेकर तैयारियां शुरूकरने का आदेश दिया है। किम ने हाल में ट्रंप की ओर से मिले पत्र पर बेहद संतोष जताया है।

 

बर्लिन। जर्मनी की सबसे खूबसूरत महिला पुलिस अधिकारी अब सिंगल हैं। उन्होंने खुद अपने सिंगल होने की खबर दी है। दरअसल, हुआ यूं कि इंस्टाग्राम में एड्रिनी कोलेजार (Adrienne Koleszar) की लोकप्रियता उनके प्रेमी को रास नहीं आई और उसका नतीजा यह हुआ कि दोनों अब अलग हो गए हैं। एड्रिनी के इंस्टाग्राम पर करीब 700,000 फॉलोअर्स हैं, जिन्हें उन्होंने बताया कि उनका दस साल का रिश्ता खत्म हो गया,…
वाशिंगटन। लास एंजिलिस की एक कंपनी कुछ ऐसा बेच रही है, जिसे दुनिया की अजीबोगरीब चीजों में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, ये कंपनी 80 डॉलर (5700 रुपये) में सर्दी जुकाम में इस्तेमाल किए गए टिश्यू पेपर बेच रही है।कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, टिश्यू के अंदर जुकाम और बुखार फैलाने वाले विषाणु मौजूद हैं, जिसे इस्तेमाल करने पर शरीर के अंदर इन वायरस के लिए प्रतिरोधक क्षमता विकसित…
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