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लियोन। अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन इंटरपोल के प्रमुख मेंग होंगवेई के लापता होने के कई दिनों के बाद इंटरपोल ने एलान किया है कि चीनी प्रमुख मेंग होंगवेई ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से पद त्याग दिया है। उनके स्थान पर दक्षिण कोरिया के उप प्रमुख किम जोंग यांग इंटरपोल के कार्यकारी अध्यक्ष बन गए हैं। इससे कुछ ही घंटे पहले चीन ने माना कि मेंग चीन में ही उसकी जांच के दायरे में हैं। जबकि उनकी पत्नी ने बताया कि मेंग ने लापता होने से ठीक पहले खतरे की तरफ इशारा करते हुए उन्हें चाकू का इमोजी (फोटो) भेजा था। बता दें कि 29 सितंबर को इंटरपोल चीफ के फ्रांस से रवाना होने के बाद से ही उनकी पत्नी उनसे संपर्क नहीं कर पा रही हैं।फ्रांस के शहर लियोन में इंटरपोल प्रमुख मेंग की पत्नी ग्रेस मेंग ने मीडिया से अपना चेहरा छिपाते हुए बताया कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय समुदाय का है। इंटरपोल के पहले चीनी प्रमुख मेंग की जान को खतरा है। उन्होंने फ्रांस की सरकार से मेंग की सलामती के लिए इस मामले में दखल देने की अपील की। मेंग 2016 में इंटरपोल प्रेसिडेंट बनने के बाद से अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ लियोन में ही रह रहे थे।हांगकांग के साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट ने एक अनाम सूत्र का हवाला देते हुए बताया था कि 64 साल के मेंग को चीन ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। बता दें कि इंटरपोल एक शीर्ष अंतरराष्ट्रीय पुलिस एजेंसी है, जिसके 192 देश सदस्य हैं। मेंग नवंबर 2016 में इंटरपोल के प्रमुख बने थे। उसी वक्त मानवाधिकार समूहों ने यह आशंका जाहिर की थी कि चीन विदेश में असहमति के स्वरों को दबाने के लिए उन्हें परेशान कर सकता है।इंटरपोल ने विगत शनिवार को अपने प्रमुख मेंग होंगवेई को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आने के बाद चीन की सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था। इसके बाद चीन ने रविवार को कहा, 'इंटरपोल के चीफ मेंग होंगवेई, जिनके लापता होने की खबर थी, कानून के उल्लंघन के चलते जांच के दायरे में हैं।' हालांकि चीन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके खिलाफ क्या मामला है।हाल के वर्षों में ऐसे तमाम मामले सामने आए हैं जब कई अधिकारी रहस्यमय ढंग से गायब हो गए और कई हफ्तों, कभी-कभी तो महीनों बाद चीनी सरकार ने एलान किया कि गायब व्यक्ति उनकी जांच के दायरे में है। चीन द्वारा ऐसे ज्यादातर मामले भ्रष्टाचार के बताए जाते हैं। हाल का एक वाकया तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर चीन की एक अभिनेत्री का है जो पिछले कुछ महीनों से गायब हैं और सरकार ने उनके खिलाफ टैक्स चोरी के आरोपों की जांच चलने की बात कही है।

न्यूयॉर्क। जहां 60 पार करते ही लोग बिस्तर पकड़ लेते हैं, वहीं ये बुजुर्ग 107 साल की उम्र में हाथों में कैंची लेकर लोगों को नया लुक दे रहा है। ये कोई असाधारण व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि दुनिया के सबसे बुजुर्ग नाई हैं। नाम है एंथनी मैनसिनेली। एंथनी न्यूयॉर्क में रहते हैं। 107 साल के होने के बाद भी वह अपने काम को पूरे जज्बे के साथ करते हैं। आज भी उन्हें अपने ग्राहकों के बाल काटने में उतनी ही खुशी मिलती है, जितनी 11 साल की उम्र में मिलती थी। एंथनी के हाथों में ऐसा जादू है कि उनके कस्टमर भी उनके सिवा किसी और से अपने बाल कटवाना पसंद नहीं करते। कई ग्राहक तो उनके पास 50 सालों से आ रहे हैं। उनके दादा, पापा और अब वह खुद एंथनी से बाल कटवा रहे हैं। एक ग्राहक ओरोर्के ने कहा, 'मैं किसी और को अपने बालों को छूने नहीं देता हूं। ये एक शताब्दी से बाल काटने का काम कर रहे हैं।'
11 साल की उम्र से काट रहे बाल:-एंथनी 11 साल की उम्र से नाई का काम कर रहे हैं। आज वह 107 साल के हो गए हैं, फिर भी वह फुल टाईम काम करते हैं। उनकी दुकान हफ्ते में पांच दिन खुलती है और वह दोपहर से लेकर रात 8 बजे तक लगातार लोगों के बाल काटकर उन्हें नया लुक देते हैं। 2007 में 96 वर्ष की उम्र में उन्हें 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में सबसे बुजुर्ग नाई का दर्जा दिया गया था। तब से लेकर आज तक कोई उनका रिकॉर्ड नही तोड़ पाया है।
20 वर्षीय युवा से अधिक फुर्ती:-दुकान की मालिक जेन डायनेजा ने कहा कि जब पहली बार कोई ग्राहक दुकान में आता है और उसे एंथनी की उम्र का पता चलता है, तो वे हैरान रह जाते है। उन्होंने आगे बताया कि एंथनी ने कभी भी बीमारी का बहाना बोल कर छुट्टी नहीं ली। यहां और भी लोग काम करते हैं, जो आए दिन घुटने और पीठ दर्द की शिकायत करते हैं और छुट्टी की मांग करते हैं। लेकिन एंथनी ने कभी ऐसी कोई शिकायत नहीं की। उन्होंने आगे बताया कि एंथनी किसी 20 वर्षीय युवा की तुलना में ज्यादा फुर्ती से लोगों के बाल काट सकते हैं। उनके पास दूसरों के मुकाबले अधिक ग्राहक आते हैं। वह कभी भी ज्यादा ड्रिंक और धूम्रपान नहीं करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि वह ऐसा क्या खाते हैं, जिससे उनमें इतनी ऊर्जा है। उन्होंने बताया कि में भोजन में 'पतली स्पेगिटी' खाता हूं, जिसकी वजह से मैं मोटा नहीं होता।
107 साल में भी सभी दांत और आंख सही सलामत:-आपको ये जानकार हैरानी होगी की 107 की उम्र में भी उनके सारे दांत सही सलामत हैं। इतना ही नहीं उनकी आंखों की रोशनी भी उतनी ही तेज है और उनके हाथों में आज भी वही हुनर है। एथंनी ने बताया कि मै डॉक्टर के पास बस इसलिए जाता हूं क्योंकि लोग मुझे वहां जाने की सलाह देते हैं। मुझे समझ नहीं आता वे ऐसा क्यों बोलते हैं। मैं सही सलामत हूं। मुझे दर्द या कोई और परेशानी नहीं है। उन्होंने बताया कि मैं लगातार काम बस इसलिए करता हूं क्योंकि इसकी वजह से मैं व्यस्त रहता हूं और मुझे अपनी स्वर्गवासी पत्नी की याद नहीं आती, जिनकी 14 साल पहले मृत्यु हो गई थी। मैं रोज काम करने के बाद अपनी पत्नी की कब्र पर जरूर जाता हूं।

 

इस्लामाबाद। फाइनेंसियल एक्शन टास्क फाॅर्स (FATF) की एक टीम पाकिस्तान के दौरे पर है। ये टीम इस बात का जायज़ा लेगी कि पाकिस्तान ने टेरर फंडिंग रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं। FATF का नौ सदस्यीय दल रविवार को पाकिस्तान पंहुचा था। यह नौ सदस्यों का दल 12 दिनों तक पाकिस्तान में रुकेगा। इस दौरान FATF की टीम पाकिस्तान द्वारा टेरर फंडिंग के उन कदमों की समीक्षा करेगी। जिसकी घोषणा इस साल के शुरू में पाकिस्तान ने की थी।FATF की टीम में ब्रिटिश स्कॉटलैंड यार्ड, अमेरिकी ट्रेज़री विभाग, मालदीव की वित्तीय खुफिया इकाई, इंडोनेशियाई वित्त मंत्रालय, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना और तुर्की के न्याय विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं। पाकिस्तान को इस साल जून में पेरिस में FATF बैठक के बाद आतंकवाद संबंधित गुटों को मौद्रिक सहायता प्रदान करने वाले देशों की 'ग्रे सूची' में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था।पाकिस्तान और FATF ने बातचीत करके आतंकवादियों को आर्थिक और वित्तीय मदद रोकने के लिए 10 बिंदुओं का कार्यक्रम तैयार किया था। इस साल अगस्त महीने में FATF की टीम पाकिस्तान आई थी। इस दौरान FATF की टीम ने पाकिस्तान एंटी मनी लॉन्डरिंग कानून और टेरर फंडिंग को रोकने वाले क़ानून की खामियों को चिन्हित किया था।FATF टीम के अधिकारी अपनी वर्तमान यात्रा के दौरान वित्त, विदेश मामलों और कानून के मंत्रालयों के अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाकिस्तान, नेशनल काउंटर-आतंकवाद प्राधिकरण, संघीय जांच एजेंसी, फेडरल बोर्ड ऑफ राजस्व, राष्ट्रीय उत्तरदायित्व ब्यूरो, एंटी-नारकोटिक्स फोर्स, फाइनेंशियल मॉनिटरिंग यूनिट, केंद्रीय निदेशालय के अधिकारियों से मिलने की भी संभावना है। 1989 में FATF को मनी लॉंडरिंग,आतंकवादी वित्तपोषण और अन्य संबंधित खतरों का मुकाबला करने के लिए स्थापित किया गया था।

वॉशिंगटन। अमेरिका के न्यूयॉर्क के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। दरअसल, यहां एक लिमोजिन कार राहगीरों को टक्कर मारते हुए एसयूवी से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई। खबर के मुताबिक, लिमोजिन में सवार सभी 18 लोग मारे गए हैं, जबकि हादसे में दो राहगीरों की भी मौत हुई है। ये हादसा न्यूयॉर्क सिटी के उत्तर में करीब 270 किमी दूर स्कोहैरी स्थित एप्पल बैरल कंट्री नाम की जगह पर हुआ है। लिमोजिन में सवार लोग एक बर्थडे पार्टी सेलिब्रेट करने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि ये हादसे पिछले एक दशक में सबसे बड़ा हादसा है।चश्मदीदों के बताया कि लिमोजिन पहले डिवाइडर से टकराई और फिर दूसरी कार से जा भिड़ी। इसके बाद गाड़ी एक दुकान की पार्किंग में खड़े लोगों की ओर बढ़ी।न्यूयॉर्क पुलिस ने रविवार को हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि एक लिमोजिन समेत दो वाहनों की आपस में टक्कर से ये हादसा सामने आया। दोनों कारों की भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि इस हादसे में 20 लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल हादसे की वजह का पता नहीं चल सका है। न्यूयॉर्क पुलिस का कहना है कि जांच अभी अपने शुरुआती चरण में है। जांच में एक आईडेंटिफिकेशन और ड्रोन टीम समेत कई अतिरिक्त पुलिस यूनिट्स को भी लगाया गया है।

दक्षिण कोरिया। ग्लोबल वार्मिंग के गंभीर परिणामों की चिंता पूरे विश्व को सता रही है। जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की संस्था इंटरगर्वमेंटल पैनल ऑफ क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) ने अपने नए आकलन में कहा है कि ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए समाज के सभी पहलुओं में दूरगामी और अभूतपूर्व परिवर्तन की आवश्यकता है। बता दें कि आईपीसीसी ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि ग्रीन हाउस गैसों के मौजूदा उत्सर्जन स्तर को देखते हुए 2030 तक दुनिया का तापमान 1.5 डिग्री तक बढ़ जाएगा। अगर दुनिया में 2 डिग्री से ज्यादा तापमान बढ़ गया तो यह गंभीर संकट पैदा कर सकता है। भारतीय उपमहाद्वीप में भी इसके भयानक परिणाम होंगे।
पेरिस समझौते की होगी समीक्षा;-आईपीसीसी की रिपोर्ट के अनुमानों पर, इस साल दिसंबर में पोलैंड में केटोवाइस जलवायु परिवर्तन पर होने वाली बैठक में इसपर चर्चा होगी। इस बैठक में दुनिया भर के देश जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए पेरिस समझौते की समीक्षा करेंगे। सबसे बड़े कार्बन उत्सर्जक देशों में से एक होने के कारण भारत इस वैश्विक बैठक में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है।
इन सब ने मिलकर तैयार की ग्लोबल वॉर्मिंग पर रिपोर्ट:-आईपीसीसी प्रमुख होसुंग ली ने कहा, '6000 से अधिक वैज्ञानिक संदर्भों का उल्लेख और दुनिया भर के हजारों विशेषज्ञ व सरकारी समीक्षकों के योगदान से यह महत्वपूर्ण रिपोर्ट तैयार की गई है।' बता दें कि 2015 में पेरिस समझौते को अपनाया गया तब, संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसीसी) के निमंत्रण के जवाब में 40 देशों के 91 लेखकों और समीक्षा संपादकों ने आईपीसीसी रिपोर्ट तैयार की ।
बढ़ सकता है तापमान:-400 पन्नों की इस रिपोर्ट के अनुसार, साल 2030 के बाद वैश्विक तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस का इजाफा हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है, 'अगर तापमान इसी गति से बढ़ता रहा तो ग्लोबल वार्मिंग 2030 से 2052 के बीच 1.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकती है।'
ग्लोबल वॉर्मिंग को सीमित करने के लिए.... :-रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ग्लोबल वॉर्मिंग को 1.5 डिग्री तक सीमित करने के लिए 2016 से लेकर 2035 तक करीब 2.4 लाख करोड़ डॉलर्स के निवेश की जरूरत होगी। यह वैश्विक जीडीपी का 2.5 फीसद है। हालांकि, वैज्ञानिकों का मानना है कि यह पर्यावरण की कीमत से बहुत कम है। उनका कहना है कि इतना तापमान महासागर का स्तर बढ़ाने और खतरनाक तूफान, बाढ़ और सूखा जैसी स्थिति लाने के लिए काफी अहम है।
भारत को भी खतरा;-इस रिपोर्ट में भारत के कोलकाता शहर और पाकिस्तान के कराची शहर का भी जिक्र किया गया है। चेतावनी जारी की गई है कि यहां गर्म हवाओं का सबसे अधिक खतरा होगा। रिपोर्ट में लिखा है, 'कराची और कोलकाता को साल 2015 जैसे गर्म थपेड़ों का सामना करना पड़ सकता है। जलवायु परिवर्तन की वजह तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है।' साथ ही, गर्म हवाओं के कारण होने वाली मौतें भी बढ़ रही हैं। बता दें कि 2015 की जानलेवा गर्म हवाओं में कम से कम 2500 लोगों की जान चली गई थी।
बढ़ेगी गरीबी, फसलों को होगा नुकसान:-इस रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण गरीबी भी बढ़ेगी। इसमें लिखा है, 'ग्लोबल वॉर्मिंग को दो डिग्री सेल्सियस की बजाय 1.5 डिग्री सेल्सियस तक रोकने से 2050 तक करोड़ों लोग जलवायु परिवर्तन से जुड़े खतरों और गरीबी में जाने से बच जाएंगे।' यह सीमा मक्का, धान, गेहूं व अन्य दूसरी फसलों में कमी को भी रोक सकती है।

क्वेटा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बलूचिस्तान को सीपीइसी में अपना उचित हिस्सा देने का वादा किया है। शनिवार को खान ने कहा कि उनकी सरकार चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) के संबंध में बलूचिस्तान की आशंकाओं को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, हमने इस सौदे से प्रांत को उचित हिस्सेदारी देने का वादा किया है।पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेतृत्व वाली सरकार बलूचिस्तान के संदेहों को दूर करने के लिए अरबों डॉलर के इस सौदे की समीक्षा कर रही है। इसकी पुष्टि इमरान खान ने प्रांत के कैबिनेट सदस्यों के साथ बैठक के दौरान की भी है।प्रधानमंत्री ने कहा, 'केंद्र बलूचिस्तान के साथ एक साथी के रूप में काम करेगा। हम ऐसा कोई वादा नहीं करेंगे, जिसके लिए हमें बाद में बहाना बनाना पड़े।' इस दौरान उन्होंने पिछले सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने पिछली सरकार में देश को हुए नुकसान और ऋणों के बोझ का जिक्र करते हुए कहा, 'हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही इस कठिनाई से छुटकारा पाएंगे।'यह बताते हुए कि देश की प्रगति दक्षिण-पश्चिमी प्रांत के विकास से जुड़ी हुई थी, खान ने कहा कि कच्छी नहर के पूरा होने के बाद बलूचिस्तान में कृषि क्रांति देखी जाएगी। बता दें कि कच्छ नहर परियोजना पाकिस्तान के पंजाब में स्थित है। यह 363 किमी लंबा नहर है, जिसमें से 281 किमी पंजाब में है और 80 किलोमीटर बलूचिस्तान में है। पीटीआई प्रमुख ने बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमल खान से भी नए स्थापित स्थानीय निकाय प्रणाली को लागू करने के लिए कहा, जिसे पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में भी पेश किया जाना था।

 

 

 

सियोल। दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति ली मायंग-बाक को 15 साल कारावास की सजा सुनाई गई है। उन पर अपने बेटे पार्क गुन-हाई के साथ बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोप है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सियोल की एक अदालत ने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली मायंग-बाक को भ्रष्टाचार के आरोपों पर 15 साल की जेल की सजा सुनाई है। कारावास के अलावा, ली मायंग-बाक पर 11.5 मिलियन डॉलर…
वाशिंगटन। ट्रंप प्रशासन की नई आतंकरोधी रणनीति के तहत कई आतंकी और अलगाववादी संगठनों की अमेरिका के लिए संभावित खतरे के तौर पर पहचान की गई है। इनमें खालिस्तान समर्थक बब्बर खालसा और पाकिस्तान से संचालित लश्कर-ए-तैयबा और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) भी शामिल हैं। भारत, अमेरिका और कनाडा समेत कई देश बब्बर खालसा पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। लश्कर-ए-तैयबा ने ही साल 2008 में मुंबई आतंकी हमले को अंजाम दिया…
वाशिंगटन। अमेरिका ने दबाव बनाते हुए पाकिस्तान से साफ कहा है कि वह आतंकियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करे। अमेरिका दौरे पर गए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस हफ्ते ट्रंप प्रशासन के कई शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की सुरक्षा सहायता पर लगी रोक पर चर्चा भी की।इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने भी कहा है कि सीमा पार आतंकी गतिविधियों…
ओस्लो। डेनिस मुकवेगे और नादिया मुराद को 2018 का शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया। उन्हें यौन हिंसा के खत्म करने के लिए ये पुरस्कार सम्मानित किया गया है। ओस्लो में घोषित किए जाने वाले शांति पुरस्कार के लिए कुल 331 लोगों और संगठनों का नाम मुकाबले में थे। बता दें कि नोबेल समिति उम्मीदवारों की लिस्ट गुप्त रखती है, केवल विजेताओं के नाम की ही घोषणा की जाती है।सोशल…
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