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दुनिया (1895)

वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का दावा है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने आने वाले चुनाव में जीतने के लिए चीन से मदद मांगी है। आपको बता दें कि बोल्‍टन राष्‍ट्रपति ट्रंप के बेहद करीबी रह चुके हैं। सितंबर 2019 में ट्रंप ने उन्‍हें आपसी मतभेदों के बाद बाहर कर दिया था। मौजूदा समय में भी ट्रंप उनकी वजह से परेशान थे। इसकी वजह बनी है बोल्‍टन की लिखी एक किताब।इस किताब में ही उन्‍होंने इस बात का खुलासा किया है कि ट्रंप ने 2020 में राष्‍ट्रपति का चुनाव जीतने के लिए शी चिनफिंग से मदद की गुहार लगाई है। इस किताब को लेकर ट्रंप प्रशासन में हड़कप भी मचा हुआ है। इसमें उन्‍होंने ये भी लिखा है कि ट्रंप ने जून 2019 में एक शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की थी। इसी दौरान उन्‍होंने चिनफिंग से चुनाव को लेकर बातचीत की थी। । इस दौरान उन्‍होंने शी से पूछा था कि चीन किस तरह से अमेरिका में चुनावी प्रचार अभियान को प्रभावित कर सकता है। उन्‍होंने सीधेतौर पर शी चिनफिंग से उन्‍हें जिताने की अपील की थी।द न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित अंशों के मुताबिक उन्‍होंने लिखा कि इस बातचीत में अमेरिका के किसानों के महत्व पर जोर दिया और कैसे सोयाबीन और गेहूं की चीनी खरीद में वृद्धि, संयुक्त राज्य में चुनावी परिणाम को प्रभावित कर सकती है, इस पर चर्चा की।वाल स्‍ट्रीट जनरल को दिए एक इंटरव्‍यू में बोल्‍टन ने ट्रंप को को झूठा करार दिया है। उनकी किताब के कुछ अंशों को वाल स्‍ट्रीट जनरल ने “The Room Where It Happened: A White House Memoir,”के शीर्षक के साथ बुधवार को प्रकाशित किया था। फॉक्‍स न्‍यूज को दिए इंटरव्‍यू में ट्रंप ने यहां तक कहा है कि बोल्‍टन ने नियम और कानूनों का उल्‍लंघन करते हुए किताब में कई ऐसी चीजें लिखी हैं जिन्‍हें नहीं लिखना चाहिए था।बोल्टन ने अपनी किताब में दावा किया है कि ट्रंप ने चीन से ट्रेड वॉर खत्म करने और पश्चिम चीन में उइगर मुस्लिमों के लिए कन्सन्ट्रेशन कैंप बनाने की पेशकश तक कर डाली। उन्‍होंने अपनी किताब में कई ऐसे खुलासे किए हैं जिनकी बदौलत ट्रंप को आलोचना का शिकार होना पड़ा है। इस किताब में उन्‍होंने इस बात का भी जिक्र किया है कि वे चाहते थे कि यूक्रेन को दी जाने वाली करीब 2800 करोड़ रुपये की सुरक्षा सहायता तब तक रोक दी जाए, जब तक कि उसके अधिकारी जो बिडेन समेत डेमोक्रेट्स नेताओं की जांच में मदद नहीं करते।गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉन बोल्टन को बुक रिलीज रोकने की चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि वे नहीं मानें तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को भी अमेरिकी न्‍याय विभाग ने उनके आगामी व्हाइट हाउस संस्मरण के प्रकाशन को रोकते हुए एक न्यायाधीश से एक आपातकालीन आदेश मांगा है।

नई दिल्ली। होश संभालने के बाद हममें से अधिकतर लोगों ने मगरमच्छों को 4 पैरों पर ही चलते देखा है। प्राचीन मगरमच्छों के बारे में लंबे समय से यही माना जाता है कि वो अपने आधुनिक वंशजों की तरह ही चार पांवों पर चलते थे। मगर एक नई स्टडी में उनके दो पैरों पर चलने की संभावना जताई गई है।चीन, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के रिसर्चरों ने दक्षिण कोरिया के जींजू फॉर्मेशन में पैरों के कुछ निशान खोजें हैं उसके बाद वो इस नतीजे पर पहुंचे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार ऐसी एक रिसर्च रिपोर्ट नेचर साइंटिफिक में छपी है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार दक्षिण कोरिया का यह इलाका पुरातत्व के लिहाज से काफी खोजबीन वाला है।यहां पर छिपकली, मकड़े और शिकारी पक्षी रैप्टर की कुछ प्रजातियों के 12 करोड़ साल पुराने अवशेष मिले हैं। इनकी खोजबीन की जा रही है। ये सभी चौंकाने वाली चीजें हैं। इन पर रिसर्च करके जो जानकारियां सामने आएंगी वो काफी महत्वपूर्ण होंगी जिसके लिए रिसर्च जारी है। ऐसे भी कई सबूत मिले हैं जिनके आधार पर ये कहा जा रहा है कि प्राचीन समय के मगरमच्छ भी दो पैरों पर ही चला करते थे फिर समय के साथ अब ये 4 पैरों पर चलने वाले हो गए हैं। जो आज हमें दिखाई दे रहे हैं।रिसर्चरों का मानना है कि जिन मगरमच्छों के कदमों के निशान मिले हैं वो कम से कम तीन मीटर लंबे थे और उनका वैज्ञानिक नाम बात्राचोपस ग्रांडिस है। यह मगरमच्छ तनी हुई रस्सी पर चलने वाले बाजीगरों की तरह दो पैरों पर चलता था। चिंजू नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एजुकेशन के क्युंग सू किम का कहना है कि वो ऐसे ही चल रहे थे जैसे कि डायनोसॉर, लेकिन पैरों के ये निशान डायनोसॉर के नहीं हैं।पहले रिसर्चरों को लगा था कि ये निशान टेरोसॉर के हैं। यह डायनोसॉर की ही एक प्रजाति है लेकिन उसके पंख होते थे। यह डायनोसॉर 6.6 करोड़ साल पहले तक धरती पर मौजूद था हालांकि अब इन्हें क्रोकोडाइलोमॉर्फ फैमिली का एक सदस्य माना जा रहा है जिसकी अब तक खोज नहीं हुई थी। करीब 10 ईंच लंबे पैरों के निशान से मगरमच्छ के इस रिश्तेदार के आकार का आकलन किया गया है।

केप कैनवरल। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले रखा है इसका संक्रमण इतना घातक है फिर भी अपनी जान की कीमत लगा मेडिकल कर्मी फ्रंट लाइन पर तैनात हैं। उनके इस साहस को नासा (NASA) का मार्स रोवर पुरस्कृत कर रहा है। प्रक्षेपण से एक महीने पहले बुधवार को अंतरिक्ष एजेंसी ने ‘पर्सेवेरेंस (Perseverance)’ नाम के रोवर से स्मारक रूप में एक प्लेट जोड़ने का खुलासा किया। रोवर टीम ने इसे कोविड-19 पर्सेवेरेंस प्लेट का नाम दिया है जिसे पिछले कुछ महीनों में बनाया गया है।कैलिफोर्निया के पासाडेना में नासा के जेट प्रपल्सन लैब के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर माट वालेस ने कहा, ' लॉन्च की तैयारियों के दौरान फ्रंट लाइन पर तैनात हेल्थ केयर वर्कर हमारी सुरक्षा के लिए काम कर रहे थे। वास्तव में वे इस दौर में हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें प्रेरित करते हैं।' उन्होंने आगे बताया कि मार्स के लिए स्पेसक्राफ्ट तैयार करना काफी मुश्किल है लेकिन महामारी के समय यह काम और भी मुश्किल हो गया।' रोवर पर काम करने वाले लोगों की संख्या में कमी लाने के लिए अतिरिक्त शिफ्ट लगाए गए। कईयों को घर से काम (work from home) करना पड़ा। फ्लोरिडा में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बावजूद नासा 20 जुलाई को लॉन्च करने की तैयारी में है। यदि यह रोवर मध्य अगस्त तक लांच नहीं हो पाएगा तो इसे 2022 तक इंतजार करना पड़ेगा जब पृथ्वी और मंगल वापस एक सीध में नहीं आते। दो साल की देरी से अतिरिक्त 500 मिलियन डॉलर का खर्चा आएगा।नासा एडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्राइडनस्टीन (Jim Bridenstine) ने लोगों से घर में रहने और ऑनलाइन इस प्रक्रिया को देखने का आग्रह नहीं किया। उन्होंने कहा,' ऐसा लगा कि वे हमारी नहीं सुनते। इसलिए हमने लोगों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक गाइडलाइन को फॉलो करने के लिए कहा और हमें विश्वास है कि वे ऐसा करेंगे। संयुक्त अरब अमीरात ( United Arab Emirates) और चीन भी लाल ग्रह पर स्पेसक्राफ्ट लांच करने की तैयारी में है।

लंदन। पूरे विश्व में अन्य बीमारियों से पीडि़त हर पांच में से एक मरीज को वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण का गंभीर खतरा है। इस लिहाज से विश्व के 1.7 अरब लोग प्रभावित हो सकते हैं। एक नए शोध में यह बात सामने आने के बाद जानलेवा संक्रमण के संभावित मरीजों के बचाव के लिए कोई रणनीति बनाई जा सकेगी।
डायबटीज, हृदय रोग, किडनी के रोगों से पीड़त लोग हो सकते हैं शिकार:-लैंसेट ग्लोबल हेल्थ में प्रकाशित शोध के अनुसार विश्व की 22 फीसद आबादी कोरोना संक्रमण के चंगुल में आ सकती है। यह महामारी उन लोगों के लिए अधिक घातक होगी जो पहले से किडनी की गंभीर बीमारी, डायबटीज, हृदय रोग या सांस लेने में तकलीफ के शिकार हों। ऐसे मरीजों के लिए कोरोना का खतरा बेहद गंभीर है।शोध कर्ताओं के अनुसार यह खतरा उन देशों की आबादी के लिए अधिक बड़ा है जहां बुजुर्ग लोग अधिक तादाद में हैं। इसका दुष्प्रभाव अफ्रीकी देशों जहां एचआइवी/एड्स से पीडि़त लोग अधिक हैं और उन छोटे द्वीप देशों में अधिक होगा जहां मधुमेह (डायबटीज) के मरीज बड़ी तादाद में हैं।
आयु के आधार पर करेगा असर;-ब्रिटेन में लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रापिकल मेडिसिन के शोधकर्ताओं के अनुसार विश्व की चार फीसद आबादी को कोविड-19 के गंभीर संक्रमण का खतरा है जिसे अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता पड़ेगी। इसी तरह छह फीसद पुरुषों और तीन फीसद महिलाओं को कोरोना संक्रमण का गंभीर खतरा हो सकता है। हालांकि यह खतरा आयु के आधार पर भी असर करेगा।

लॉस एंजिलिस। कोरोना महामारी के चलते द एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आ‌र्ट्स एंड साइंसेज ने सोमवार को 93वें ऑस्कर अवा‌र्ड्स को करीब दो महीने के लिए टालने का एलान किया। अब ये प्रतिष्ठित पुरस्कार अगले वर्ष 25 अप्रैल को दिए जाएंगे। पहले अवा‌र्ड्स के लिए 28 फरवरी, 2021 का दिन निर्धारित किया गया था।
40 वर्षो में ऑस्कर पुरस्कार समारोह की तारीख पहली बार बदली गई:-बीते 40 वर्षो में ऑस्कर पुरस्कार समारोह की तारीख पहली बार बदली गई है। एकेडमी के अध्यक्ष डेविड रबिन और सीईओ डॉन हडसन ने एक बयान में कहा, 'एक सदी से अंधकार के दौर में फिल्में हमें दिलासा देने, प्रेरित करने और मनोरंजन करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। यकीनन इस साल भी यही हो रहा है। हमें उम्मीद है कि अवा‌र्ड्स की तारीख को आगे ब़़ढाने से फिल्मकारों को अपनी फिल्मों को पूरा करने और रिलीज करने में सुविधा मिलेगी।'सीएनएन के अनुसार, वर्ष 1981 में अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन की हत्या के प्रयास के चलते ऑस्कर पुरस्कारों को 24 घंटे के लिए टाला गया था।आपको बता दें कि ऑस्कर सेरेमनी 28 फरवरी 2021 को होने वाली थी लेकिन लॉकडाउन की वजह से फिल्मों की शूटिंग बंद हैं, ऐसे में अकेडमी ने अवार्ड समारोह की डेडलाइन को बढ़ा दिया है, अब ऑस्कर के लिए नॉमिनेशन 31 दिसंबर 2020 से लेकर 28 फरवरी 2021 तक किए जा सकेंगे।मालूम हो कि अकेडमी पुरस्कार जिसे ऑस्कर के नाम से भी जाना जाता है, एक सम्मान है, जिसे अमेरिकन अकेडमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेस द्वारा फिल्म उद्योग में निर्देशकों, कलाकारों और लेखकों सहित पेशेवरों की उत्कृष्टता को पहचान देने के लिए प्रदान किया जाता है। इस औपचारिक समारोह को हर वर्ष 200 से अधिक देशों में टीवी पर सजीव प्रसारित किया जाता है। यह मीडिया का सबसे पुराना पुरस्कार समारोह भी है और इसके समकक्ष के ग्रेमी पुरस्कार (संगीत के लिए), एमी पुरस्कार (टेलीविजन के लिए) और टोनी पुरस्कार (थिएटर के लिए) अकादमी पर आधारित हैं।

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र में राइट टू रिप्लाई का भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रथम सचिव वी आर्यन ने इस्तेमाल किया।

बीजिंग। चीन के वुहान सीफूड मार्केट वुहान के बाद अब शिनफैडी होलसेल मार्केट में मिले कोरोनावायरस के बाद चीनी सरकार खासी परेशान है। चीन के वॉयरोलाजिस्ट ने इस मार्केट में मिले वायरस को वुहान में मिले वायरस से अधिक खतरनाक बताया है उसके बाद से सरकार के होश उड़े हुए हैं।वॉयरोलाजिस्ट का कहना है कि इस वायरस के अधिक खतरनाक होने का अंदाजा इसी से लगाया जा रहा है कि…
हेग। अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (International Criminal Court) पर प्रतिबंध लगाने की वजह से अमेरिका एक बार फिर से विवादों में घिरता दिखाई दे रहा है। अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट की निगरानी करने वाली असेम्बली ऑफ स्टेट पार्टीज के अध्यक्ष ओ-गॉन क्वॉन (O-Gon Kwon, President of the Assembly of States Parties) ने अमेरिकी सरकार के उस फैसले को खारिज कर दिया है जिसमें अफगानिस्‍तान में हुए कथित युद्ध अपराधों की जांच कर रहे…
काबुल। अफगानिस्तान सरकार और आतंकी संगठन तालिबान के बीच पहली सीधी शांति वार्ता दोहा की राजधानी कतर में होगी। फिलहाल बैठक के लिए किसी तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि 5,000 तालिबानी कैदियों की अफगान सरकार द्वारा रिहाई किए जाने के बाद इस संबंध में प्रगति होने की उम्मीद है।कतर में तालिबान का राजनीतिक कार्यालय:-कतर में ही तालिबान का राजनीतिक कार्यालय है और…
बीजिंग। चीन ने बड़े पैमाने पर बीजिंग में कोरोना वायरस (COVID-19) की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इस दौरान पिछले दिनों बीजिंग होलसेल मार्केट गए सैकड़ों लोगों की टेस्टिंग होगी, जहां से संक्रमण लोगों में फैला है। देश में कोरोना के 67 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 42 केस राजधानी से हैं। वायरस को फैलने से रोकने के लिए, बीजिंग में अधिकारियों ने 29,386 लोगों पर न्यूक्लिक एसिड…
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