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काबुल।अफगानिस्तान में बुधवार की सुबह एक बड़ा आतंकी हमला हो गया। हेरात-कंधार राजमार्ग पर बुधवार सुबह सड़क किनारे एक बम ब्लास्ट हो गया। इस आतंकी हमले में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 34 लोग मारे गए हैं।ब्लास्ट में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और हमले की जांच की जा रही है। हालांकि ये आतंकी हमले को कैसे अंजाम दिया गया, इसका अभी तक पता नहीं लग सका है।पश्चिमी अफ़गानिस्तान में हुए इस बम विस्फोट में दर्जनों यात्री मारे गए हैं, इनमें मुख्य रूप से महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।यह हमला कंधार प्रांत के एक व्यस्त बाजार में आत्मघाती हमले में तीन बच्चों और अन्य 23 लोगों की मौत के तीन दिन बाद हुआ है। पिछले एक सप्ताह में अफगानिस्तान में ये दूसरा बड़ा ब्लास्ट है। इससे पहले काबुल में बृहस्पतिवार को तीन धमाकों में 10 लोगों की मौत हो गई, इस हमले में भी पांच महिलाओं और एक बच्चे की मौत हुई थी।
गजनी में आतंकी हमला:-अफगानिस्तान के गजनी में आत्मघाती हमले के ठीक एक दिन बाद रविवार एक और हमला हुआ। आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक से भरी गाड़ी में धमाका कर दिया। बताया जा रहा है कि ये धमाका सुबह एबी बंद प्रांत में अफगान सेना के अड्डे के करीब हुआ है। फिलहाल हताहतों की संख्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है। तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि इस घटना से बड़े पैमाने पर हताहत हुए हैं और बेस को भी नुकसान पहुंचा है।बता दें कि शनिवार को अफगानिस्तान के गजनी प्रांत में आत्मघाती हमलावर ने कार में धमाका कर दिया था, इस धमाके में 4 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पत्रकार अक्सर अपने कारनामों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। पाकिस्तानी पत्रकार चांद नवाब को तो आप जानते ही होंगे, जो अपनी अलग रिपोर्टिंग की वजह से चर्चा में थे, लेकिन अब चांद नवाब को एक और पाकिस्तानी पत्रकार टक्कर दे रहा है।इन दिनो पाकिस्तान के कई राज्यों में बाढ़ जैसे हाताल हैं। इसी बाढ़ के दौरान एक पत्रकार की वीडियों वायरल हुई है। वीडियो में दिख रहा है कि पाकिस्तानी पत्रकार गर्दन तक गहरे बाढ़ के पानी में खड़ा होकर जैसे-तैसे रिपोर्टिंग कर रहा है। रिपोर्टिंग करते हुए रिपोर्टर की ये विडियो दुनिया भर में वायरल हो रही है। पाकिस्तानी पत्रकार जावेरिया सिद्दिकी ने अपने ट्विटर अकाउंट से वायरल वीडियो को शेयर किया है।पाकिस्तानी समाचार चैनल जीटीवी के लिए काम करने वाले आजाद हुसैन बाढ़ को कवर करने पहुंचे थे। रिपोर्टिंग के वक्त सिर्फ उनकी गर्दन और माइक ही पानी के उपर दिखाई दे रही थी। इस दौरान आजाद हुसैन प्रशासन पर बाढ़ से निपटने के लिए सवाल उठा रहे है। वह बता रहे हैं कि बाढ़ ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है और अब पानी शहरी अबादी की तरफ बढ़ रहा है।इस वीडियो को 25 जुलाई को शेयर किया गया था। इसे 1.4 लाख से अधिक बार देखा गया है। इसे सोशल मीडिया पर भी खूब देखा और शेयर किया गया है। विडियो बाढ़ की समस्या से ज्यादा गले तक पानी में डूब कर रिपोर्टिंग करने के लिए वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर तमाम लोग विडियो को लेकर मजाकिया टिप्पणियां कर रहे हैं। कई लोग ऐसे भी है जो हुसैन के काम की प्रशंसा कर रहे हैं और कई रिपोर्टर की जान खतरे में डालने के लिए समाचार चैनल की आलोचना कर रहे हैं।

वाशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के सेटेलाइट की मदद से वैज्ञानिकों ने तीन नए एक्सोप्लैनेट का पता लगाया है। ये ग्रह पृथ्वी से 73 प्रकाशवर्ष दूर स्थित हैं। एक्सोप्लैनेट ऐसे ग्रह होते हैं जो हमारे सौर मंडल के बाहर स्थित हैं और किसी तारे के चारों को घूमते रहते हैं।नेचर एस्ट्रोनॉमी नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, तीनों ग्रहों में से एक ग्रह चट्टानी और पृथ्वी से थोड़ा-सा बड़ा है, जबकि दो अन्य गैसीय और हमारे ग्रह के आकार से दोगुने हैं। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, रिवरसाइड के शोधकर्ताओं ने कहा कि नासा के ‘हंटिंग सेटेलाइट’ से खोजी गई नए तारों की प्रणाली, जिसे टीईएसएस ऑब्जेक्ट ऑफ इंटरेस्ट या टीओआइ-270 कहा जाता है, बिल्कुल वैसी ही है जैसी ट्रांसिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सेटेलाइट (टीईएसएस) को खोजने के लिए डिजाइन की गई थी। शोधकर्ताओं ने कहा कि ये ग्रह रहने के लिए अनुकूल हो सकते हैं, क्योंकि ये अपने तारे से इतनी दूरी पर स्थित हैं कि तारों की गर्मी से यहां के महासागरों में पानी तरल रूप में मिल सकता है और टीओआइ-270 तारे के पास स्थित होने के कारण देखने के लिहाज से ये ग्रह चमकीले भी हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि इसका मतलब है कि इसमें कुछ ऐसे भी भाग हैं जो वैज्ञानिकों को इसकी परिक्रमा करने वाले ग्रहों की आसानी से निगरानी करने में मदद कर सकते हैं।
रहने के लिए है अनुकूल;-यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के केन ने कहा कि जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियों वाले इस क्षेत्र में हमने कुछ ऐसे ग्रह खोजे हैं और यह दुर्लभ संयोग ही है कि ये ग्रह ऐसे तारे के पास हैं जो शांत है। उन्होंने कहा कि हमारे सौर मंडल में ऐसा कोई ग्रह मौजूद नहीं है। हमारे सौर मंडल में, पृथ्वी, बुध, शुक्र और मंगल जैसे छोटे, चट्टानी ग्रह हैं, या शनि, बृहस्पति, यूरेनस, और नेप्च्यून जैसे बड़े ग्रह हैं, जिनमें भूमि की तुलना में गैसों की मात्र ज्यादा है। सौर मंडल में नेप्च्यून से छोटे आकार का कोई ग्रह नहीं है, हालांकि ये अन्य तारों के आसपास छोटे ग्रहों का मिलना आम बात है।
चट्टानी और गैसीय ग्रहों के बीच संबंध का चलेगा पता:-अमेरिका की मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) के पोस्टडॉक्टरल फेलो ने मैक्सिमिलियन गंथर ने कहा कि टीओआइ-270 जल्द ही हमें पृथ्वी जैसे चट्टानी ग्रहों और नेप्च्यून जैसे गैसीय ग्रहों के बीच संबंधों का पता लगाने में मदद कर सकता है क्योंकि यहां इन सभी प्रकारों को एक ही प्रणाली में बनाया गया है।
मापी जाएगी ऑक्सीजन और हाइड्रोजन की मौजूदगी:-शोधकर्ताओं ने कहा कि यह टीओआइ-270 ग्रहों के वायुमंडल की संरचना को ऑक्सीजन, हाइड्रोजन और कार्बन मोनोऑक्साइड के लिए मापने में सक्षम होगा। केन ने कहा कि इससे यह निर्धारित करने में मदद मिल सकती है कि क्या किसी अन्य ग्रह में तरल पानी का महासागर हो सकते हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा सकेगा कि क्या किसी अन्य ग्रह में जीवन के लिए उपयुक्त परिस्थितियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि हमारी आकाशगंगा का व्यास दस लाख प्रकाश वर्ष है और नए एक्सोप्लैनेट पृथ्वी से 73 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। इसका का मतलब है कि यह हमारे पड़ोसी तारों में से एक है

 

 

लंदन। भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी की हिरासत लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने 22 अगस्त तक बढ़ा दी है।नीरव मोदी गुरुवार को लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए पेश हुआ। मोदी नियमित रिमांड सुनवाई के लिए कोर्ट के समक्ष पेश हुआ था। जज ने मोदी के केस में दस्तावेजों का जिक्र करते हुए उनकी रिमांड 22 अगस्त तक बढ़ाने की बात कही और अगले सुनवाई तक हिरासत में भेजने का ऑर्डर दिया। 48 वर्षीय, नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (PNB Scam) धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मार्च में गिरफ्तारी के बाद से दक्षिण-पश्चिम लंदन के वड्सवर्थ जेल में बंद है। इस महीने की शुरुआत में यूके उच्च न्यायालय द्वारा उसकी जमानत अपील को खारिज कर दिया गया था। नीरव मोदी ने पांचवी बार जमानत के लिए प्रयास किया था।ज्ञात हो कि नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक को करीब 13 हजार करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है। फरवरी 2018 में जब PNB घोटाला देश के सामने आया था, तभी से नीरव मोदी फरार था। उसके बाद उसे लंदन में गिरफ्तार किया गया। तब से लेकर अब तक उसकी देश में कई करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है

नई दिल्ली। ‘हम चलते हैं जब ऐसे तो दिल दुश्मन के हिलते हैं...’ एक फिल्मी गानें की ये लाइनें न केवल सेना के हौंसले बल्कि उसकी शौर्य गाथा को बयां करती है। भारत ही नहीं हर देश के लिए उसकी सरहदों की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। आधुनिक युग में सुरक्षा के लिए जिस तरह से खतरा बढ़ रहा है, उसी तरह तमाम देशों की सेनाएं और युद्ध विशेषज्ञ भी इससे निपटने के नए-नए तरीके इजाद करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।ऐसे में फ्रेंच राष्ट्रपति इमेन्युअल मैक्रों के एक ट्वीट ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। उन्होंने 14 जुलाई को पेरिस में आयोजित बैस्टिल डे समारोह का एक वीडियो ट्वीट किया है। इस आविष्कारक समारोह में एक जवान जेट-पावर्ड फ्लाइबोर्ड पर सवार होकर समारोह स्थल पर उड़ता हुआ नजर आ रहा है। जवान के हाथों में ऑटोमैटिक गन है और वह फ्लाइबोर्ड पर संतुलन बनाए हुए पूरी तरह से मुस्तैद दिख रहा है।
फ्रेंच राष्ट्रपति ने ट्वीट किया वीडियो;-पैर में एक छोटी सी जेट मशीन लगाकर ऑटोमैटिक गन के साथ हवा में उड़ रहे इस सैनिक को देखकर वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया। यहां तक कि समारोह में मौजूद फ्रांस के राष्ट्रपति इमेन्युअल मैक्रो के लिए भी ये अद्भुत नजारा था। लिहाजा उन्होंने तुरंत परेड के दौरान हवा में उड़ते सैनिक का एक वीडियो ट्वीट कर दिया। उनके इस ट्वीट को अब तक 7.9 मिलियन (लगभग 80 लाख) लोग देख चुके हैं। तकरीबन 75 हजार लोगों ने उनके इस ट्वीट को लाइक किया है और 25 हजार से ज्यादा लोगों ने उनके ट्वीट को रीट्वीट किया है।
फ्रेंच राष्ट्रपति ने की सेना की तारीफ:-फ्रेंच राष्ट्रपति इमेन्युअल मैक्रों द्वारा ट्वीट करने के बाद थोड़ी ही देर में 1:02 मिनट का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसे कई देश के लोग देख चुके हैं और तमाम अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हवा में उड़ने वाले सैनिक की ये वीडियो दिखाया जा चुका है। अपने इस ट्वीट के साथ राष्ट्रपति इमेन्युअल ने लिखा, उन्हें अपनी सेना, उसके आधुनीकिकरण और उन्नत तकनीक पर गर्व है।
पहली बार इस तकनीक का हुआ सैन्य इस्तेमाल:-मालूम हो कि तमाम देश के रक्षा अनुसंधान संस्थान और सेनाओं द्वारा इस तरह की खोजें की जा रही हैं। ऐसे में फ्रेंच सेना द्वारा पहली बार इस तकनीक का अपनी आधिकारिक परेड में पूरी दुनिया के सामने इस्तेमाल करना, उनकी एक बड़ी उपलब्धी माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस जेट फ्लाईबोर्ड के साथ अत्याधुनिक हथियारों से लैस सैनिक 150 मीटर की ऊंचाई पर 10 मिनट से ज्यादा देर तक उड़ान भर सकता है। इसकी रफ्तार 190 किमी प्रतिघंटा तक हो सकती है।
ये है इस तकनीक की खासियत:-खास बात ये है कि इस तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए न तो किसी तरह के लांचिंग पैड की जरूरत है और न ही किसी रनवे आदि की। इस टेक्नोलॉजी को आसानी से कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ये मशीन इतनी हल्की है कि सैनिक आराम से इसे अपने कंधों पर लेकर कहीं भी आ जा सकते हैं। इस वजह से यह तकनीक सैनिकों के लिए और मददगार साबित हो सकती है। हालांकि फ्रेंच सेना ने इस तकनीक को आधिकारिक तौर पर अपनाया है या नहीं, ये अभी स्पष्ट नहीं है। माना जा रहा है कि जल्द ही फ्रेंच सेना इस तकनीक को अपना सकती है। बताया जा रहा है कि फ्रांस इस तकनीक को और समृद्ध करने की दिशा में काम कर रहा है।
एक साल से चल रही थी कवायद;-रूसी टेलीविजन नेटवर्क आरटी के अनुसार, पहले फ्लाइबोर्ड का आविष्कार करने वाले फ्रांसीसी खोजकर्ता फ्रैंक ज़ैपाटा को एयरोनॉटिकल माइक्रो-जेट इंजन के विकास के लिए पिछले साल फ्रांसीसी सेना ने 1.47 मिलियन डॉलर का अनुदान दिया था। मतलब फ्रांस करीब एक वर्ष से इस तकनीक को विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। सशस्त्र बल के मंत्री फ्लोरेंस पैरी के हवाले से आरटी ने बताया कि ज़ैपाटा की इस खोज को "विभिन्न प्रकार के उपयोगों के लिए टेस्ट की इजाजत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि फ्लाइंग लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म या, हमले के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है।

नई दिल्ली ब्रिटेन की नई गृहमंत्री प्रीति पटेल वहां बसे भारतीयों के बीच काफी लोकप्रिय है। फिलहाल उनको गृह मंत्रालय संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में उनको गृहमंत्री का पद मिला है। भारतीय मूल की 47 वर्षीय प्रीति ब्रिटेन में ब्रेग्जिट समर्थकों का प्रमुख चेहरा हैं। प्रीति पटेल को कंजरवेटिव पार्टी के मौजूदा दौर में सबसे चर्चित नेताओं में से गिना जा रहा है। जॉनसन की ही तरह वह भी दक्षिणपंथी रुझान के लिए जानी जाती हैं।
प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने की वजह से छोड़ा था पद:-प्रीति पटेल को 2017 में इजरायल की निजी यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के कारण अपना पद भी छोड़ना पड़ा था। साल 2017 में परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के लिए वह इजरायल गई थीं। इस यात्रा में उन्होंने ना तो ब्रिटिश सरकार ना ही ब्रिटिश दूतावास को कोई जानकारी दी, उन्होंने बिना इजाजत के इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और वहां के अधिकारियों से भेंट की थी। इस यात्रा पर विवाद के बाद उन्हें इंटरनैशनल डिवेलपमेंट सेक्रेटरी यानी अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
ब्रेग्जिट समर्थक:-2016 में ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से अलग होने का उन्होंने खुलकर समर्थन किया था। ब्रेग्जिट के समर्थन में उन्होंने कई रैलियां भी की थीं। ब्रेग्जिट पर प्रधानमंत्री टरीजा मे के आगे बढ़ने के तरीकों की वह मुखर आलोचक रहीं। उन्होंने नए पीएम बोरिस जॉनसन के समर्थन के लिए अभियान का भी खुलकर समर्थन किया था। उसी की वजह से बोरिस जॉनसन को कामयाबी भी मिली। ब्रिटेन में बसे भारतीयों के बीच उनकी लोकप्रियता मोदी समर्थक के तौर पर है। मालूम हो कि पूर्व ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरन ने उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की लंदन यात्रा के लिए तमाम तरह की जिम्मेदारियां सौंपी थी। लंदन में भारतीय समुदाय के बीच वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक के तौर पर भी लोकप्रिय हैं। प्रीति ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों के सभी प्रमुख कार्यक्रमों में अतिथि होती हैं। उन्हें ब्रिटेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्साही प्रशंसक के रूप में देखा जाता है।
पारिवारिक इतिहास:-प्रीति पटेल के पैरंट्स गुजरात से युगांडा चले गए थे और 1960 के दशक में वहां से भागकर ब्रिटेन में आकर बस गए। प्रीति का जन्म 29 मार्च 1972 को इंग्लैंड में ही हुआ। उनके पिता का नाम सुशील और मां का नाम अंजना पटेल है। प्रीति ने कील और एसेक्स यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल की है। ग्रैजुएशन करने के बाद कंजरवेटिव पार्टी के सेंट्रल ऑफिस में नौकरी की और इसके बाद 1995 से 1997 तक सर जेम्स गोल्डस्मिथ के नेतृत्व वाली रेफरेंडम पार्टी की प्रवक्ता रहीं। यह पार्टी ब्रिटेन में यूरोपीय संघ की विरोधी पार्टी मानी जाती थी। ब्रिटेन की राजनीति में भी सक्रिय हुई और 1997 में कंजरवेटिव पार्टी का हिस्सा बन गईं और अगले तीन सालों तक पार्टी की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी भी रहीं। प्रीति पहली बार 2005 में नॉटिंगम सीट से चुनाव लड़ीं पर उन्हें जीत नहीं मिली। फिर 2010 में उन्होंने विटहैम सीट से चुनाव जीत लिया था। 2014 में उन्हें ट्रेजरी मंत्री बनाया गया और 2015 के आम चुनावों के बाद वो रोजगार मंत्री बन गई थीं। 2016 जून में उन्हें अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री बनाया गया था लेकिन एक साल बाद इस्तीफा देना पड़ा। दो साल बाद जबर्दस्त वापसी करते हुए ब्रिटेन की गृह मंत्री बन गई हैं। भारतीय मूल की प्रीति पटेल बनीं ब्रिटेन की गृहमंत्री दक्षिणपंथी रुझानों के लिए जानी जाती हैं।
दक्षिणपंथी रुझान:-बोरिस जॉनसन की ही तरह प्रीति को भी दक्षिणपंथी रुझानों के लिए जाना जाता है। प्रीति पटेल ने ही ब्रिटेन में समलैंगिक जोड़ों की शादी की वैधता का विरोध किया था इसके अलावा उन्होंने स्मोकिंग के खिलाफ भी अभियान चलाया था। ब्रेग्जिट के समर्थक चेहरों में वह सबसे प्रमुख नेता रही हैं। उन्होंने ब्रेग्जिट के समर्थन में कई रैलियां की थीं। ब्रेग्जिट का समर्थन करते हुए उन्होंने 'सेव ब्रिटिश ' का नारा दिया।
आयरन लेडी है प्रीति की सबसे बड़ी आदर्श;-प्रीति पटेल आयरन लेडी मार्ग्रेट थैचर को अपना आदर्श मानती है। मार्ग्रेट थैचर पूर्व ब्रिटिश पीएम रह चुकी है, थैचर की ख्याति अंतरराष्ट्रीय समुदाय में आयरन लेडी के तौर पर रही है। इस वजह से वो युवतियों और महिलाओं के बीच खासी लोकप्रिय भी हैं।

नई दिल्‍ली/प्योंगयांग। उत्तर कोरिया ने फिर से दो शॉर्ट रेंज मिसाइल लॉन्‍च (Short Range Missile) कर कहीं न कहीं ये जता दिया है कि वह अपने मिसाइल प्रोग्राम को जारी रखे हुए है। इसके अलावा यह मिसाइल परीक्षण इस बात का भी संकेत है कि उसका निकट भविष्‍य में अपने मिसाइल कार्यक्रम को रोकने का कोई इरादा नहीं है। जापान और अमेरिका ने इन मिसाइलों को शॉर्ट रेंज मिसाइल बताया…
नई दिल्ली। Forbes की लिस्ट के अनुसार इस साल देश में अरबपतियों की संख्या भी कम हो गई है। साल 2018 में जहां देश में 131 अरबपति थे वहीं साल 2019 में Forbes पत्रिका की ओर से जारी की गई लिस्ट के हिसाब से अब इनकी संख्या 106 रह गई है। अमेरिका में अरबपतियों की संख्या सबसे अधिक 607 दर्ज की गई है। इसके बाद चीन और जर्मनी का नंबर…
काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बम धमाके की खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि एक के एक लगातार तीन धमाके हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक धमाके में 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 10 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।अफगान पुलिस का कहना है कि एक आत्मघाती हमलावर ने कर्मचारियों…
नई दिल्‍ली। बोरिस जॉनसन बुधवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। वह अपने प्रतिद्वंदी जेरेमी हंट को बड़े अंतर से हराकर इस पद पर पहुंचने में सफल हुए हैं। ब्रिटिश मीडिया में बोरिस के साथ-साथ एक गर्लफ्रेंड की भी चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है। यह चर्चा उस वक्‍त और बढ़ गई जब बुधवार को जॉनसन पहली बार प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास डाउनिंग स्‍ट्रीट पहुंचे। उस…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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