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नई दिल्ली - एक पूर्व शवदाह गृह की छत से 11 बच्चों के शव सड़े-गले हालत में मिलने से सनसनी फैल गई है। डेट्रॉयट सिटी पुलिस को शुक्रवार को एक पत्र मिला जिसमें शवदाह गृह की सीलिंग (छत) गुप्त तरीके से 11 बच्चों के शव छुपाए जाने की बात कही गई थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और पत्र मिलने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस हरकत में आई पूर्व शवदाह घर के सीलिंग 11 बच्चों के अवशेष बरामद कर लिए। पुलिस ने बताया कि पत्र लिखने वाले ने अपने नाम क खुलासा नहीं किया।
मामला अमेरिका के मिशीगन राज्य के डेट्रॉयट शहर की है। डेट्रॉयट फ्री प्रेस के अनुसार, यह शवदाह गृह एक भारतीय मूल के लोगों के गांव के पास बना था। नियमों का उल्लंघन करने के मामले में राज्य सरकार ने इसे अप्रैल में बंद करने का फैसला किया था। 11 बच्चों के शव बरामद होने के बाद पुलिस ने स्नाइफर डॉग्स की मदद से पूरी बिल्डिंग की तलाशी ली लेकिन इन शवों के अलावा वहां कोई और शव नहीं मिला।
पुलिस मीडिया को बताया कि जिन बच्चों के शव बरामद हुए हैं उनमें से कुछ के नाम उनके पास हैं। वह अब बच्चों के परिजनों से संपर्क करेंगे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी यह कहना मुश्किल है कि शव कितने पुराने हैं और कब से यहां छुपाकर रखे गए थे, लेकिन जिस तरह से बच्चों के शव मिले हैं वह अपसेट करने वाला है।
पुलिस अब इस मामले की जांच करेबी यहां शवों को किसने छिपाया और इसके पीछे राज क्या है।


वाशिंगटन - अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लापता पत्रकार जमाल खशोगी के बारे में वह सऊदी अरब के किंग सलमान से बात करेंगे। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब सऊदी पत्रकार मामले को लेकर उन पर अमेरिकी सांसदों और मीडिया का दबाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के करीब दो दर्जन सांसदों ने पत्र लिखकर उनसे इस मामले की जांच कराने की मांग की है।
अमेरिका निवासी जमाल दो अक्टूबर को तुर्की के इस्तांबुल शहर में स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास गए थे। वह तभी से लापता हैं। तुर्की के अधिकारियों को संदेह है कि दूतावास में ही उनकी हत्या कर दी गई। 59 वर्षीय जमाल सऊदी सरकार और प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के मुखर आलोचक माने जाते हैं। ट्रंप ने शुक्रवार को एक चुनावी अभियान के दौरान कहा, 'मैं कुछ मुद्दों पर किंग सलमान से बात करूंगा। हम यह पता लगाने जा रहे हैं कि क्या हुआ था।'
सऊदी ने हत्या के दावों को बेबुनियाद बताया
पत्रकार की हत्या कराने के लग रहे आरोपों पर सऊदी अरब के आंतरिक मामलों के मंत्री प्रिंस अब्देल अजीज बिन सउद बिन नायेफ ने कहा कि जमाल की हत्या की खबरें झूठी और बेबुनियाद हैं।
एपल वॉच से मिल सकता है सुबूत
तुर्की के अखबार सबाह ने शनिवार को दावा किया कि लापता पत्रकार जमाल की हत्या के सुबूत उनकी एपल वॉच में रिकार्ड हो सकते हैं। उन्होंने सऊदी दूतावास में जाने से पहले घड़ी के रिकार्डिंग फंक्शन को ऑन कर दिया था। उनसे पूछताछ, यातना और हत्या का रिकार्ड हुआ ऑडियो उनके फोन और आइक्लाउड पर चला गया होगा।

 


सिंगापुर - सिंगापुर की उच्च अदालत ने अपनी छात्रा के साथ कई बार छेड़छाड़ करने और धमकी देने वाले भारतीय योग शिक्षक की सजा बढ़ा दी। बीते अप्रैल में राकेश कुमार प्रसाद को इस मामले में नौ महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। प्रसाद ने सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी। अपील खारिज करते हुए कोर्ट ने उसकी सजा बढ़ाकर एक साल कर दी। उसे तीन कोड़े खाने की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई है।
राकेश ने 26 अप्रैल, 2015 को रियल योगा स्टूडियो में अपनी इकलौती छात्रा के साथ छेड़छाड़ की और उसकी गर्दन दबाई थी। पीडि़त महिला ने अगले दिन ही पुलिस में इसकी शिकायत की। निचली अदालत ने राकेश को दोषी पाया। छेड़छाड़ के लिए उसे नौ महीने की जेल और गर्दन पकड़ने के लिए एक हजार सिंगापुर डॉलर का जुर्माना हुआ था।
राकेश ने सजा के खिलाफ अपील की। उसके वकील का कहना था कि घटना के फुटेज से स्पष्ट है कि राकेश महिला के साथ उस तरह छेड़छाड़ नहीं कर सकता था जैसा महिला ने बताया है। हालांकि हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई कर रहे जज ने यह कहकर उसके तर्क को खारिज कर दिया कि फुटेज साफ नहीं है। फुटेज से राकेश के हक में भी कोई बात सामने नहीं आती है।
सजा बढ़ाते हुए जज सी ने कहा, 'राकेश ने शिक्षक के भरोसे को तोड़ा है। पीडि़ता के रोकने के बाद भी उसने अपनी हरकतें नहीं छोड़ी। उसने पीडि़ता को धमकाने की भी जुर्रत की। इसी कारण उसे कोड़े मारे जाने चाहिए।'


इस्लामाबाद - पाकिस्तान में हिंदुओं की संपत्ति पर किए जा रहे अवैध कब्जों पर मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इस संबंध में संघीय और सिंध प्रांत की सरकार को नोटिस जारी करते हुए 18 अक्टूबर को इसकी सुनवाई करने का आदेश दिया है।
सबसे खराब कानून-व्यवस्था
बता दें कि सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉक्टर भगवान देवी ने एक वीडियो मैसेज में चीफ जस्टिस से सहायता मांगते हुए कहा था कि वर्तमान समय में अल्पसंख्यक समाज सबसे खराब कानून-व्यवस्था और कुप्रबंधन का सामना कर रहा है।
जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें पाकिस्तान के अटार्नी जनरल, सिंध प्रांत के एडवोकेट जनरल, धार्मिक मामलों के मंत्रालय के सचिव और मानवाधिकार मामलों के सचिव, सिंध प्रांत के प्रमुख सचिव, अल्पसंख्यक मामलों के विभाग के सचिव, सिंध प्रांत की सरकार और लरकाना जिला कमिश्नर शामिल हैं।
भूमाफिया संपत्ति से बेदखल
डॉन न्यूज टीवी मुताबिक, भगवान देवी द्वारा जारी वीडियो मैसेज में उन्होंने आरोप लगाया है कि भूमाफिया जबरन हिंदुओं को उनकी संपत्ति से बेदखल कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के पैतृक जिले लरकाना में तो स्थिति अत्यधिक भयावह है।
यहां के अधिकांश हिंदुओं ने अपनी जमीन बेच दी है और पाकिस्तान छोड़कर जाने की तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि भगवान देवी अपने पति के साथ पिछले 15 दिनों से लरकाना प्रेस क्लब के सामने विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।


वाशिंगटन - पिछले महीने एक एफ-35 लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद इस तरह के सभी विमानों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। यह जानकारी अमेरिकी रक्षा विभाग ने गुरुवार को दी।
एफ-35 कार्यक्रम कार्यालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, अमेरिकी सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों ने एफ-35 के संचालन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। माना जा रहा है कि इन विमानों के फ्यूल ट्यूब में खामी है।
बयान में कहा गया है कि अगर निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध फ्यूल ट्यूब मिलती है तो उसे हटा दिया जाएगा और उसके स्थान पर अच्छी ट्यूब वाले विमानों के साथ उड़ानों को फिर से शुरू किया जाएगा। माना जा रहा है कि निरीक्षण अगले 24 से 48 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा।
बता दें कि पिछले महीने की 28 तारीख को दक्षिणी कैरोलिना में एक एफ-35 लड़ाकू विमान गिर गया था। हालांकि पायलट समय रहते सुरक्षित निकल आया था। एक एफ-35 फाइटर जेट की कीमत 100 मिलियन डॉलर (740 करोड़ रुपये) है।


वॉशिंगटन - चीन और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर सिविल न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी की बिक्री को लेकर कई शर्तें लगा दी हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि चीन न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल कर सकता है, जिसके मद्देनजर ये कदम उठाया गया है। अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह अमेरिकी प्रौद्योगिकियों को अवैध रूप से हासिल करने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि पहले से ही ट्रेड वार के कारण दोनों के बीच रिश्तों में तनाव है। जानकारों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ाने का काम करेगा।
ऊर्जा विभाग के सचिव रिक पेरी ने कहा कि यूएस-चीन असैनिक परमाणु सहयोग द्वारा स्थापित नियमों के बाहर जाकर चीन परमाणु प्रौद्योगिकी प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है। हम राष्ट्रीय सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि चीन अवैध रूप से अमेरिकी कंपनियों से परमाणु सामग्री, उपकरण और उन्नत प्रौद्योगिकी प्राप्त करना चाहता है। सुरक्षा नीतियों के अनुसार, सिविल न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी की बिक्री के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा स्थापित है, जिन्हें वर्तमान समय में सेना में परिवर्तन और प्रसार के कारण होल्ड पर रखा गया है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि अमेरिका की नई नीति के मुताबिक, चीन के सामान्य परमाणु ऊर्जा समूह से संबंधित मौजूदा प्राधिकरणों को नए लाइसेंस आवेदन या एक्सटेंशन की अनुमति नहीं दी जाएगी। चीन पर अमेरिका परमाणु प्रौद्योगिकी की चोरी करने का आरोप लगा रहा है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, 'पिछले काफी दशकों से, चीन सरकार ने परमाणु टेक्नोलॉजी हासिल करने के लिए एक संचालित रणनीति बनाई हुई है।'
इन क्षेत्रों में न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी का उपयोग
ऊर्जा विभाग ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों के साथ-साथ दीर्घकालिक जोखिम को देखते हुए ये शर्तें आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि चीन इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तीसरी पीढ़ी के न्यूक्लियर पॉवर सबमरीन, परमाणु संचालित एयरक्राफ्ट और परमाणु संचालित प्लेटफार्मों में, जैसे छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों और दक्षिण चीन सागर में तैरने वाले परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में करना चाहता है।
चीन पहले से ही कर रहा था परमाणु ऊर्जा का उपयोग
अमेरिकी आधिकारियों ने आरोप लगाया कि चीन पहले से ही दक्षिण चीन सागर में बनाए गए मानव निर्मित द्वीपों पर परमाणु ऊर्जा का उपयोग कर रहा था। अधिकारी ने कहा, 'हम जानते हैं कि वे इन द्वीपों पर परमाणु संचालित बर्फबारी के लिए प्लेटफार्म विकसित कर रहे हैं, इन द्वीपों पर परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी मौजूद हैं, जिसकी मदद से किसी भी प्लेटफॉर्म पर तेज़ी से तैनाती की जा सकती है।' 2017 में, चीन ने अमेरिका से 170 मिलियन अमरीकी डॉलर की परमाणु प्रौद्योगिकी आयात की। अधिकारी ने कहा कि हम समझते हैं कि इससे अमेरिकी उद्योग पर अल्प अवधि के लिए असर पड़ सकता है और नुकसान हो सकता है। लेकिन लंबी अवधि में, इस नीति से देश को लाभ होगा और इनसे अमेरिकी परमाणु उद्योगों की रक्षा होगी।'

 

नई दिल्ली - दुनियाभर में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को अगले 48 घंटों में नेटवर्क फेल्योर का अनुभव हो सकता है। इसकी वजह मेन डोमेन सर्वर का रूटीन मैंटेनेंस बताया जा रहा है।रसीया टुडे ने बताया कि वैश्विक इंटरनेट उपयोगकर्ता, नेटवर्क कनेक्शन फेल्योर का अनुभव कर सकते हैं, क्योंकि मेन डोमेन सर्वर और इसके संबंधित नेटवर्क कुछ समय के लिए स्लो हो जाएंगे। इंटरनेट कॉर्पोरेशन ऑफ असाइन नेम्स एंड नंबर (आईसीएएनएएन) की…
वाशिंगटन - अमरेकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद यूएस विदेश मंत्रालय ने रूस से एस-400 ट्रिंफ एयर डिफेंस सिस्टम खरीद के सौदे को लेकर भारत को चेतावनी दी है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीदर नॉर्ट ने रूस के साथ भारत की डील को सहायक नहीं बताया है। उन्होंने कहा 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब पूछा गया था कि प्रतिबंधों को फिर से लागू करने के बाद भारत ईरान से तेल…
इस्‍लामाबाद - पाकिस्‍तान में खुफिया एजेंसी आइएसआइ का कितना प्रभाव है, इसका एक ओर उदाहरण सामने आया है। आइएसआइ के खिलाफ टिप्पणी करने को लेकर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने हाईकोर्ट के एक जज को बर्खास्त कर दिया।पाक राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने गुरुवार को इस्‍लामाबाद हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश को बर्खास्त कर दिया। बता दें कि एक उच्च-स्तरीय संवैधानिक निकाय ने देश की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के खिलाफ सख्‍त…
नई दिल्ली - संयुक्त राष्ट्र ने प्राकृतिक आपदा से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक भारत प्राकृतिक आपदा से आर्थिक नुकसान झेलने वाले शीर्ष दस देशों में चौथे स्थान पर है। 1998 से 2017 के बीच पिछले 20 साल में भारत को प्राकृतिक आपदा से 79.5 अरब डॉलर (तकरीबन 59 खरब रुपये) का नुकसान हुआ है। इस सूची में शीर्ष पर…
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