दुनिया

दुनिया (4530)

अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन से कहा है कि उन्होंने अमेरिका की विदेश मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान मध्य एशिया में जो विनाश किया है, वह उसके लिए माफी मांगें।ट्रंप ने मिशिगन में एक चुनावी रैली में आरोप लगाया, देश के विदेश मंत्री के तौर पर हिलेरी के कार्यकाल को अमेरिका के इतिहास में सबसे विनाशकारी समझा जा सकता है लेकिन उन्हें इस बात का कतई पछतावा नहीं है।उन्होंने हा, विदेश मंत्री के तौर पर उनके गलत फैसलों ने आईएसआईएस को दुनिया पर हावी कर दिया लेकिन उनके कारण जो मौतें एवं विनाश हुआ है, क्या उन्होंने कभी उसके लिए माफी मांगी।ट्रंप ने कहा, उनके विदेश मंत्री बनने से पहले की और बाद की दुनिया को देखो। हिलेरी के विदेश मंत्री बनने से पहले इराक में हिंसा में कमी देखी जा रही थी। लीबिया भी कुछ हद तक स्थिर था। सीरिया में हालात नियंत्रण में थे। जिस आईएसआईएस समूह को हम आज जानते हैं, वह थकने के कगार पर था। इराक प्रतिबंधों के कारण दबा हुआ था।ट्रंप ने कहा, अब, हमारे पास जो है, आप उस पर नजर डालें। हिलेरी के (विदेश मंत्री बनने के) बाद स्थिति यह है कि इराक में पूर्ण अराजकता है। सीरिया में विनाशकारी गृह युद्ध चल रहा है। उस पर अमेरिका एवं यूरोप को शरणार्थी संकट डरा रहा है, जहां हम हजारों लोगों को शरण दे रहे हैं। आईएसआईएस पूरी दुनिया पर हावी हो रहा है।उन्होंने कहा, हिलेरी की विरासत मौत, विनाश एवं आतंकवाद है। अमेरिका बेहतर विरासत का हकदार है। आप इससे कहीं अधिक बेहतर भविष्य के हकदार हैं। मैं इस बदलाव का वाहक हूं।ट्रंप ने कहा, हिलेरी क्लिंटन ने जो नुकसान किया है, वह उसके प्रति उदासीन है, उन्हें कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कभी माफी नहीं मांगी। उन्होंने आईएसआईएस को हावी बनाने के लिए कोई माफी नहीं मांगी। उन्होंने खुली सीमाओं के लिए कोई माफी नहीं मांगी। उन्होंने अपने ई-मेलों और बेनगाजी के बारे में झूठ बोलने के लिए माफी नहीं मांगी।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने विश्व मानवता दिवस पर दिए गए एक संदेश में कहा है कि रिकॉर्ड 13 करोड़ लोग जीवित रहने के लिए सहायता पर निर्भर करते हैं और यह आश्चर्यजनक संख्या पृथ्वी के सर्वाधिक जनसंख्या वाले दसवें देश के बराबर है।संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह दिवस मनाने के लिए कल रात आयोजित एक समारोह में अरब आइडल के विजेता मोहम्मद असफ, गेम ऑफ थ्रॉन्स में अभिनय करने वाली नाताली डोर्मर, द वॉयस की विजेता एलिसन पोर्टर और पूर्व हैमिल्टन स्टार लेज्ली ओडोम जूनियर के अलावा सैकड़ों राजनयिकों एवं मेहमानों ने वैश्विक पीड़ा को कम करने के प्रयास तेज करने में समर्थन देने के लिए शिरकत की।महासभा ने वर्ष 2008 में विश्व मानवता दिवस मनाए जाने की शुरूआत की थी ताकि उन मानवीय सहायता कर्मियों को सम्मानित किया जा सके, जिन्होंने अपना काम करते हुए अपनी जान गंवा दी या घायल हो गए। यह दिवस मनाने के लिए 19 अगस्त की तारीख इसलिए तय की गई थी क्योंकि इस दिन वर्ष 2003 को बगदाद में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में बमबारी हुई थी, जिसमें इराक में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष दूत सर्जियो विएरा डी मेल्लो समेत 22 कर्मी मारे गए थे।संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव जान एलियासन ने कहा कि यह बलिदान एवं साहसिक कार्यों को याद रखने, हमारी साक्षी मानवीयता को याद करने और विश्व भर के उन हजारों मानवीय सहायता कर्मियों को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिन्होंने संकट और घोर निराशा के बीच जरूरतमंद लोगों को जीवनरक्षक मदद मुहैया कराने के लिए अपनी जिंदगी जोखिम में डाली।उन्होंने बताया कि पिछले साल 109 सहायता कर्मी मारे गए, 110 कर्मी घायल हुए और 68 कर्मियों का अपहरण हुआ।संयुक्त राष्ट्र मानवीय कार्यों के प्रमुख स्टीफन ओब्रायन ने कहा, सीरिया से लेकर दक्षिण सूडान तक संकट में घिरे विश्वभर के लोगों को भोजन प्राप्त के लिए हिंसा करनी पड़ती है या पनाहगाहों की तलाश करते हुए डूबने का जोखिम मोल लेना पड़ता है, जिसकी हम में से अधिकतर लोग कल्पना भी नहीं कर सकते।उन्होंने विश्वभर के लोगों से एकजुटता दिखाने, अपनी आवाज बुलंद करने और यह मांग करने की अपील की कि विश्व के नेता ठोस कदम उठाएं।

ट्विटर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म से आतंकवाद को प्रमोट करने वाले 235000 अकाउंट को निलंबित कर दिया है। यह आंकड़ा इस साल फरवरी से अबतक का है। यह जानकारी ट्विटर ने अपने ताजा ब्लॉग में दी। बताया गया है कि इनमें से ज्यादातर अकाउंट वे हैं जिनका संबंध किसी न किसी तरह इस्लामिक स्टेट यानी IS से था।

आतंकवाद फैलाने के लिए होता है इसका प्रयोग:-पिछले साल से लगातार ट्विटर प्लेटफार्म का इस्तेमाल आतंकवादी खासतौर पर आईएस के लिए किया जाता रहा है। शोध संस्था ब्रूकिंग्स के अनुसार उन्होंने करीब 46000 अकाउंट्स ऐसे चिह्नित किये हैं जिनका संबंध आतंकी संगठन आईएस से था। इसके अलावा अमेरिका की ही संस्था रैंड कॉरपोरेशन के अध्ययन के मुताबिक पिछले साल जुलाई से लेकर इस साल मई तक उन्होंने 75000 ऐसे अकाउंट्स देखें हैं जिससे आईएस के समर्थन में मैसेज किये जाते हैं वो भी औसतन दिन में 60 बार।

स्पैम फाइटिंग टूल से नजर रख रही ट्विटर टीम:-ट्विटर पॉलिसी टीम के मुताबिक वैसे तो उनके पास को जादुई गणना नहीं है जिससे ये पहचाना जा सके कि इंटरनेट पर कौन आतंकवादी गतिविधि से संबंधित तथ्य हैं। लेकिन उन्होंने 'स्पैम फाइटिंग टेक्नोलॉजी' की मदद से वे आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहें इन अकाउंट्स पर नजर रख रहे हैं। इसके बाद इन अकाउंट्स को ट्रेस कर डिएक्टिवेट कर दिया जाता है।

आईएस लगातार करता रहा है ट्विटर का इस्तेमाल:-पिछले कुछ सालों में आतंकी संगठन आईएस ने ट्विटर का इस्तेमाल रिक्रूटमेंट के लिए किया है। आईएस ट्रेस न कर पाने वाले ट्वीट करने की वजह से भी पहचाना जाता है। दरअसल टेक्नोलॉजी में माहिर आतंकी ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं जिनकी वजह से ये ट्वीट आसानी से पकड़ में नहीं आ पाते। आईएस ट्विटर के जरिए लोगों को अपने संगठन में शामिल होने के लिए प्रेरित करता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में बलूचिस्तान मुद्दे का जिक्र करने के दो दिन बाद रक्षा बंधन पर बलूचिस्तान की एक एक्टिविस्ट ने गुरुवार को पीएम मोदी को अपना भाई माना है और उन्हें एक भावुक मैसेज भेजा है।करीमा बलोच नाम की महिला ने पीएम मोदी को रक्षा बंधन के दिन एक वीडियो मैसेज रिकॉर्ड कर भेजा है जिसमें उसने पीएम मोदी को अपना भाई कहकर बुलाया है। करीमा ने पीएम मोदी से अपील की है कि पीएम मोदी उनके भाई बनें और ब्लूच के संघर्ष के लिए आवाज उठाएं।बलूचिस्तान के बलोच स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन की चेयरपर्सन करीमा बलोच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि बलूचिस्तान में कई भाई लापता हैं और उनकी बहनें अभी तक अपने भाईयों के लौटने का इंतजार कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को अपना भाई मानते हुए अपील की है कि वो बलूच की स्थिति को इंटरनेशनल फोरम पर लेकर जाएं और बलूच की बहनों की आवाज बनें।करीमा ने कहा है कि हम चाहते हैं हमारी इस लड़ाई में पीएम मोदी हमारा साथ दें और हमारी आवाज आगे तक ले जाएं। इसके बाद वीडियो के अंत में करीमा ने गुजराती भाषा में एक संदेश दिया है। वीडियो को यू ट्यूब पर कनाडा के लेखक और ब्रॉडकास्टर तारेक फतेह ने पोस्ट किया है।

फोटो जिनमें कैद है दुनिया का इतिहास:-आज पूरी दुनिया वर्ल्ड फोटोग्राफी डे (#WorldPhotographyDay) मना रही है। फोटोग्राफी से जुड़ी रिसर्च तो काफी पहले शुरू हो गईं थीं लेकिन साल 1839 से प्रैक्टिकल फोटोग्राफी अस्तित्व में आ गई थी। Louis Daguerre की साल 1838 में खींची गई 'Boulevard du Temple' को दुनिया की पहली फोटो के तौर पर याद किया जाता है, हालांकि इससे पहले भी कई असफल प्रयास किए जा चुके थे। बहरहाल दुनिया में प्रोफेशनल फोटोग्राफी शुरू हुए अब तक करीब 177 साल हो चुके हैं। दुनिया इतनी बदल गयी है कि अगर पुरानी तस्वीरों से इसे पहचानने की कोशिश कि जाए तो अब ये संभव ही नहीं होगा। आज हम आपको बता रहे हैं उन 10 तस्वीरों के बारे में जो इतिहास में दर्ज हो गयी हैं: 

1. केविन कार्टर: साउथ अफ्रीका के मशहूर फोटोग्राफर केविन कार्टर ने साल 1993 में अकाल झेल रहे सूडान में ये तस्वीर ली थी। केविन की इस तस्वीर ने सूडान की हालत को दुनिया के सामने लाने में बड़ी भूमिका निभाई और उन्हें इसके लिए पुलित्जर पुरस्कार भी मिला। बाद में उन पर ये सवाल भी उठे कि उन्होंने बच्चे को बचाने की जगह फोटो खींचना ज्यादा ज़रूरी समझा। इस आरोप के बाद केविन डिप्रेशन के शिकार हो गए और बाद में उन्होंने आत्महत्या कर ली। 

2. थियेनमान स्क्वायर, चीन: साल 1989 में चीन के थियेनमान स्क्वायर पर प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स पर चीनी आर्मी ने कड़े बल का प्रयोग किया, इस घटना में 100 से ज्यादा छात्रों की मौत हो गई। इसी दौरान चीनी सेना के टैंकों के सामने एक शख्स खड़ा हो गया। उनकी तस्वीरें न्यूजवीक के जर्नलिस्ट चार्ली कोल ने खींची। ये तस्वीर प्रतिरोध के रूप में फेमस हुई और चार्ली को इसके लिए वर्ल्ड प्रेस फोटो अवार्ड भी मिला। 

3. वर्ल्ड वार 2: झंडे का रंग बदलकर इस तस्वीर का इस्तेमाल ज्यादातर सेनाएं करती मिल जाएंगी। लेकिन हम आपको बता दें कि ये असली तस्वीर अमेरिकी सेना की है जो वर्ल्ड वार 2 के वक़्त Joe Rosenthal ने साल 1945 में खींची थी। ये फोटो एकदम असली है और माउंट सुरिबची की फतह के दौरान ली गई थी।

4. आर्मेनियन वीमेन सोल्जर:ये तस्वीर आर्मेनियन वॉर की वीभत्सता को उजागर करती है। तस्वीर में एक 106 साल की महिला दिखाई दे रही हैं को कि जंग के दौरान परिवार की रक्षा के लिए तैनात है। ये तस्वीर साल 1990 में ली गई थी।

5. एसिड इन पूल:ये तस्वीर अमेरिका में ब्लैक लोगों के साथ होते आए भेदभाव को दर्शाती है। साल 1964 में खींची गई ये तस्वीर ब्लैक्स के प्रति अमानवीयता की जीती जागती मिसाल है। तस्वीर में होटल मालिक काले लोगों के स्विमिंग पूल में नहाने से नाराज़ है और इसलिए वो पूल में एसिड डाल रहा है। 

6. बॉय विद शूज:ये तस्वीर सेकेंड वर्ल्ड वॉर के आखिरी दिनों में ली गई है। बता दें कि ऑस्ट्रिया इस जंग के दौरान पूरी तरह तबाह हो गया था। इस तस्वीर में एक बच्चा है जिसके जूते पूरी तरह फट गए हैं और नए जूते मिलने अपर वो ख़ुशी जाहिर कर रहा है। 

7. एडिनबर्ग हादसा:सैम शेर ने ये फोटो साल 1937 में खींची थी। इस विमान को भविष्य का विमान कहा गया था लेकिन ये उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें 36 लोगों की मौत हो गई थी। बाद में इस हादसे को लेकर कई तरह की कोंस्पिरेसी थ्योरीज में सामने आई।

8. वियतनाम युद्ध:इस तस्वीर ने वियतनाम युद्ध कितना वीभत्स था ये सच्चाई दुनिया के सामने पेश की। ये फोटो साल 1972 में असोसिएट प्रेस के फोटोग्राफर निक यूटी ने खींची थी। इस तस्वीर को लेने के बाद निक इस बच्ची को अस्पताल भी लेकर गए थे।

9. किसिंग सेलर:ये दुनिया की सबसे आईकॉनिक तस्वीरों में से एक मानी जाती है। ये तस्वीर टाइम्स स्क्वायर की है। तस्वीर जब ली गई तब सेकेंड वर्ल्ड वॉर के ख़त्म होने की खुशियां मनाई जा रही थी और ये किस स्पॉट की गई। सालों तक किसी को पता नहीं चला कि ये अमेरिकन सेलर और नर्स कौन थे। साल 2005 में एक किताब आई और इन दोनों की पहचान जॉर्ज मेंडोसा और ग्रेटर जिम फ्रीडमैन के रूप में की गई। 

10. महामंदी:ये तस्वीर 1930 में आई महामंदी के दौरान ली गई है। बता दें कि इस मंदी के दौरान यूरोप की ज्यादातर अर्थव्यवस्थाएं कंगाल हो गयीं थीं। ये उसी दौरान के एक क्रिसमस की है। तस्वीर में एक परिवार के बच्चे क्रिसमस डिनर में बंदगोभी और ब्रेड खाते दिख रहे हैं। 

5 शहरों में लगी हैं प्रतिमाएं:-पूरे अमेरिका के पांच शहरों में डोनाल्ड ट्रंप की आदमकद नग्न प्रतिमाएं लगायी गयी हैं। ये प्रतिमाएं आंदोलनकारियों के एक कला समूह द्वारा लगायी गयी हैं जिसका कहना है कि रिपब्लिकन पार्टी के विवादास्पद प्रत्याशी को कभी भी अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं बनना चाहिए।पूर्व में ट्रंप की आलोचना करने वाले इनडिक्लाइन नामक समूह ने कल यह प्रतिमाएं न्यूयॉर्क, सैन फ्रांस्सिको, लॉस एंजिलिस, सीएटल और क्लीवलैंड में लगायी है। प्रतिमाओं के पास से गुजरने वाला लोगों का हुजूम प्रसन्न और आश्चर्यचकित हैं और वे प्रतिमा के साथ तस्वीरें ले रहे हैं।

ट्रंप के समर्थक ने बनाईं प्रतिमाएं:-प्रतिमा में ट्रंप का चेहरा सख्त और बालों का रंग पीला नजर आ रहा है और वे अपने पेट पर हाथ मोड़ कर खड़े नजर आ रहे हैं। इस समूह के एक बयान के हवाले से एनबीसी न्यूज ने एक रिपोर्ट में कहा है कि प्रतिमाओं को रखने के पीछे जो उम्मीद है वो यह कि ट्रंप को कभी भी विश्व में सर्वाधिक शक्तिशाली और सैन्य पद पर आसीन नहीं किया जाना चाहिए।समूह ने एक बयान में कहा, इन प्रतिमाओं के जरिए हमने अमेरिका के सबसे कुख्यात और बुरा-भला कहने वाले राजनीतिज्ञों में से एक के प्रतीकात्मक अवतार की आत्मा के भयंकर स्वरूप को दर्शाने का प्रयास किया है।शहर के बागवानी विभाग द्वारा हटाये जाने से पूर्व मैनहटटन के यूनियन स्क्वायर पर ऐसी ही एक प्रतिमा की ओर तुरंत लोगों का ध्यान गया था। कई लोगों ने ट्रंप की प्रतिमा के साथ तस्वीरें ली और अन्य लोगों ने ट्रंप विरोधी नारे लगाए। इन प्रतिमाओं को मूर्तिकार जोशुआ मुनरो ने तैयार किया है जो एक समय में ट्रंप के समर्थक थे। उन्हें जिंजर के नाम से भी जाना जाता है।

अमेरिका के 72 सांसदों के एक समूह ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से दलाई लामा के तिब्बत लौटने के अधिकार का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने और चीन के जेल में सड़ रहे सभी राजनीतिक कैदियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई के लिए आहवान करने का अनुरोध किया है।सांसदों ने ओबामा को एक पत्र में कहा है, हम यह कहने के लिए पत्र लिख रहे हैं कि पद…
अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि कभी-कभी सही शब्दों का इस्तेमाल न करने और गलत बात बोलकर लोगों को दुख पहुंचाने का उन्हें खेद है। वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी की उनकी प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन ने इस बयान को मात्र अच्छी तरह से लिखा गया बयान बताया है।उत्तर केरोलिना के शेर्लोट में चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने कहा, कई बार आप…
तुर्की में सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर किए गए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फाटों में कम से कम 14 व्यक्तियों की मौत हो गई और 220 अन्य घायल हो गए। बम विस्फोटों के लिए कुर्द विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि हमलों में दो कार बम विस्फोट शामिल थे जिससे पूर्वी तुर्की में पुलिस थानों को निशाना बनाया गया जबकि तीसरा विस्फोट देश के दक्षिणपूर्व हिस्से में…
Top5 इलीट टास्क फ़ोर्स:-दुनिया में बढ़ रहीं आतंकवाद और कट्टरता से जुड़ी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए सभी देश इलीट टास्क फोर्सेज का गठन करती रहतीं हैं। भारत के पास मौजूद NSG, ATS, MARCOS, Para Commandos, COBRA, Force One और Special Protection Group जैसी टास्क फोर्सेज इसका उदाहरण हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि दुनिया की Top5 फोर्सेज कौन सी हैं, आइये हम आपको बताते हैं: 5.…

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें