दुनिया

दुनिया (5229)

कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति और विपक्ष के नेता महिंदा राजपक्षे शुक्रवार शाम को भारत की यात्रा के लिए रवाना होंगे। यह जानकारी राजपक्षे के कार्यालय ने दी। राजपक्षे बंगलौर में भारत-श्रीलंका संबंधों पर एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। पिछले महीने श्रीलंका में विपक्ष के नेता बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। छह महीने के दौरान महिंदा राजपक्षे की यह दूसरी भारत यात्रा है।इससे पहले महिंदा राजपक्षे सितंबर 2018 में भारत की यात्रा पर आये थे। इस दौरान उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की बैठक में द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई थी। भारत आने पर राजपक्षे का शानदार स्वागत किया गया था।राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना अक्टूबर में रानिल विक्रमसिंघे को हटाकर महिंदा राजपक्षे को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था। राजपक्षे की नियुक्ति से श्रीलंका में संवैधानिक संकट पैदा हो गया था। यह संकट करीब 50 दिनों के बाद खत्म हुआ था। श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला रानिल विक्रमसिंघे के पक्ष में दिया था। संसद में रानिल विक्रमसिंघे ने बहुमत साबित भी कर दिया था। कोर्ट के आगे झुकते हुए राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने रानिल विक्रमसिंघे को दोबारा प्रधानमंत्री नियुक्त किया।

वाशिंगटन। अमेरिका ने भारत के साथ मिसाइल रक्षा प्रणाली पर करार के लिए चर्चा की है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने आग्रह पूर्वक कहा कि भारत से 'अधिक गहरे व विस्तृत संबंध' अमेरिका चाहता है। हालांकि रक्षा नीति उपमंत्री जॉन रूड ने कहा कि यह निर्धारित करना बहुत जल्दबाजी होगी कि रक्षा सहयोग के संबंध में भारत इसमें कितनी दिलचस्पी दिखाएगा क्योंकि उसके पास पहले से ही पर्याप्त घरेलू मिसाइल रक्षा क्षमताएं हैं।रूड ने वाशिंगटन में गुरुवार को एक थिंक टैंक से कहा, 'हमने मिसाइल रक्षा को एक संभावित क्षेत्र के तौर पर पहचानने के साथ ही उस पर साझेदारी के बारे में भारतीयों से बातचीत की है। अभी यह कहना बहुत जल्दबाजी होगी कि यह कितना संभव हो पाएगा।' रूड से जब उन खबरों के बारे में पूछा गया जिनके मुताबिक भारत अमेरिका से टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफ्रेंस सिस्टम (थाड) खरीदने का इच्छुक है तो उन्होंने कहा, 'भारतीयों के पास पर्याप्त घरेलू क्षमताएं हैं और उन्होंने कुछ मिसाइल रक्षा कार्यक्रम विकसित भी किए हैं। इसलिए वह खरीद करने या अमेरिका में हमारे साथ साझेदारी में काम करने के लिए किस हद तक इच्छुक हैं, यह अभी देखना होगा।'पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन ने कभी भी अपने उन्नत मिसाइल रक्षा तंत्र को भारत से साझा करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई जिसके बाद भारत ने रूस से इसकी खरीद शुरू कर दी। भारत-प्रशांत रणनीति के तहत ट्रंप प्रशासन भारत को अपनी मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के लिए अब ज्यादा झुकाव दर्शा रहा है और दोनों देशों के बीच बातचीत पहले ही शुरू हो चुकी है।

नई दिल्‍ली। सऊदी अरब मूल के अमेरिकी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्‍या को लेकर अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में नया खुलासा किया गया है। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि खशोगी की हत्‍या से करीब साल भर पहले सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान ने खशोगी को गोली मारकर खत्‍म करने का आदेश दिया था। न्‍यूयार्क टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक यह आदेश 2017 में दिए गए थे। क्राउन प्रिंस का कहना था कि यदि खशोगी आराम से सऊदी अरब वापस नहीं आते हैं तो उन्‍हें जबरदस्‍ती वापस लाया जाए। क्राउन प्रिंस का आदेश था कि यदि वे वापस आकर सरकार से अपने विवादों को खत्‍म नहीं करते हैं तो उन्‍हें वहीं गोली मार दी जाए। इस बातचीत को अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने इंटरसेप्‍ट किया है। गौरतलब है कि प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन ने 2018 के पर्सन ऑफ द ईयर के लिए जिन चार पत्रकारों को चुना था उनमें से एक खशोगी भी थे।इस रिपोर्ट में एक दूसरी खास चीज ये भी निकल कर आई है कि सितंबर 2017 में क्राउन प्रिंस ने विशेष सहयोगी तुर्खी एलदाखिल से मुलाकात की थी। यह वही समय था जब खशोगी ने वाशिंगटन पोस्‍ट में अपना कॉलम शुरू किया था। अमेरिकी एनएसए ने इस खुफिया रिपोर्ट को दूसरी एजेंसियों से भी शेयर किया है। इसके अलावा इस बारे में अमेरिका के विदेशी सहयोगियों से भी क्राउन प्रिंस को लेकर जानकारी जुटाई गई है।यह रिपोर्ट इस लिहाज से भी खास है क्‍योंकि खशोगी की हत्‍या को लेकर पहले भी सऊदी क्राउन प्रिंस पर अंगुली उठ चुकी है। आपको बता दें कि पिछले वर्ष अक्‍टूबर में खशोगी की हत्‍या उस वक्‍त कर दी गई थी जब वह तुर्की स्थित सऊदी अरब के काउंसलेट में कुछ जरूरी दस्‍तावेज जमा कराने गए थे। इसके बाद उनके शव के टुकड़े कर उन्‍हें नष्‍ट कर दिया गया था। इसको लेकर पूरी दुनिया में सऊदी अरब सरकार की काफी आलोचना हुई थी।अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी इस हत्‍या के लिए सऊदी अरब की कड़ी आलोचना की थी और हत्‍यारों को कठोर सजा देने को कहा था। हालांकि कड़ी आलोचना के बाद सऊदी अरब ने इस मामले में क्राउन प्रिंस का हाथ होने से साफ इन्‍कार किया था।

 

ब्रासीलिया। ब्राजील के प्लेमिंगों यूथ टीम के प्रशिक्षण केंद्र निन्हो उरुबा में आग लगने से दस लोगों की मौत हो गई है। आग लगने से कई लोग झुलस गए, जिनमें से एक की हालत नाजुक है। रियो डी जेनेरियो शहर में स्थित इस फुटबाल क्लव में स्थानीय समयानुसार सुबह करीब पांच बजे आग लगी। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची।
दो घंटे पर आग पर पाया गया काबू:-ब्राजील के इस मशहूर फुटबाल क्लब में आग लगने के बाद हड़कंप मच गया। उरुबु के नेस्ट प्रशिक्षण केंद्र में आग लगने के बाद पास की इमारतों से लोगों को निकाला गया। दमकल विभाग की गाड़ियों ने आग पर करीब दो घंटे के बाद काबू पाया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मरने वाले दस लोग आखिर कौन लोग थे, लेकिन स्थानीय मीडिया के अनुसार, यहां पर जूनियर फुटबाल टीम के कुछ खिलाड़ी क्लब में खेलने के लिए रात में रुकते थे।
अज्ञात कारणों से लगी आग:-प्लेमिंगों यूथ टीम के हेड क्वाटर में आग कैसे लगी अभी तक इसका खुलासा नहीं हो पाया है। बता दें कि जिस प्रशिक्षण केंद्र में आग लगी वह अभी दो महीने पहले ही तैयार किया गया था। फिलहाल आग में झुलसे लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां पर उनका इलाज चल रहा है।

वाशिंगटन। ग्रीन कार्ड जारी करने में देशों का कोटा खत्म करने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट (संसद) में बिल पेश किया गया है। सीनेट में रिपब्लिकन की माइक ली और डेमोक्रेटिक की कमला हैरिस ने इस बिल का समर्थन करते हुए कहा कि उच्च कौशल वाले अप्रवासियों को इसका लाभ मिलेगा। इससे अमेरिकी नागरिकता मिलने में आने वाली दिक्कतें खत्म होगी। इस विधेयक के पास होने पर सबसे ज्यादा फायदा भारतीयों को मिलेगा।
पेशेवर अप्रवासी के साथ नहीं होगा भेदभाव- कमला हैरिस;-ग्रीन कार्ड बिल पर अन्य सांसदों ने भी अपने मत रखे। कमला हैरिस ने कहा कि विविधता में एकता ही हमारी विशेषता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका आने वाले किसी भी पेशेवर के साथ हमें भेवभाव नहीं करना चाहिए। क्योंकि वे हमारी अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं।
लंबे समय से लोग कर रहे थे मांग;-अगर अमेरिकी कांग्रेस से यह बिल पास हो जाता है एच -1 बी वीजा वाले हजारों भारतीय पेशेवरों को लाभ होगा। अमेरिका में स्थायी निवास करने के लिए एच -1 बी वीजा धारकों की लंबे समय से मांग है कि उन्हें अमेरिकी नागरिक का दर्जा दिया जाए। करीब 151 साल से अप्रवासी पेशेवर इसकी मांग कर रहे थे। बता दें कि अमेरिकी सरकार की तरफ से हर साल 14 हजार लोगों को ग्रीन कार्ड उपलब्ध कराया जाता है।
क्या है ग्रीन कार्ड वीजा?:-ग्रीन कार्ड वह सुविधा है जिसे प्राप्त कर कोई भी विदेशी नागरिक कुछ शर्तो के साथ अमेरिका में स्थायी रूप से रह सकता है और वहां काम कर सकता है। अमेरिका के ताजा आव्रजन संबंधी नियमों ने वहां रहने वाले उच्च दक्षता वाले भारतीय पेशेवरों के सामने दिक्कत खड़ी कर दी है। नए नियमों के अनुसार एच-1 बी वीजा से अमेरिका पहुंचे इन पेशेवरों में से केवल सात प्रतिशत को ही ग्रीन कार्ड मिल सकता है। इससे पहले अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र शोध सेवा (सीआरएस) ने कहा था कि अगर प्रत्येक देश के दक्ष पेशेवरों को ग्रीन कार्ड में मिलने वाला सात प्रतिशत का कोटा खत्म हो जाए तो उससे भारत और चीन के लोगों को ही नहीं अमेरिका को भी लाभ होगा।

ह्यूस्टन। भारतीय मूल के अमेरिकी इंजीनियर संजय रामभ्रदन को टेक्‍सास लाइसेम का अध्‍यक्ष नियुक्ति किया गया है। संजय पहले अप्रवासी भारतीय हैं, जिसको टेक्सस लाइसेम का अध्‍यक्ष नियुक्ति किया गया है। ऑस्टिन के टेक्सास कैपिटल में रामभद्रन ने टेक्सास लाइसेम के अध्‍यक्ष पद की शपथ ली। बता दें कि लाइसेम एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो टेक्सास में अगली पीढ़ी के लिए शीर्ष नेताओं की पहचान करने के लिए काम करता है। राज्य भर के 96 पुरुषों और महिलाओं द्वारा इसका नेतृत्व किया जाता है, जो 46 साल से कम उम्र के होते हैं।उधर, अध्‍यक्ष बनने के बाद संजय ने कहा कि, मैं इस अद्वितीय संगठन का नेतृत्व करने के लिए सम्मानित हुआ हूं। इस संगठन का अमेरिकी राज्‍यों की सार्वजनिक नीतियों की जांच करने और उसकी चुनौतियों के संभावित समाधान करने का समृद्ध इतिहास रहा है। संजय मूल रूप से दक्षिण भारत के हैं। भारत में बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अमेरिका के टेक्सास ए एंड एम विश्वविद्यालय से जुड़े। उन्‍होंने ह्यूस्टन मेट्रो निदेशक मंडल में भी अपनी सेवा प्रदान किया। संजय इंजीनियरिंग फर्म वर्सा इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलसी के प्रमुख भी रहे हैं।उन्‍होंने कहा कि मेरे अंदर सामुदायिक भागीदारी और सेवा भाव का सृजन करने में मेरे परिजनों का बड़ा हाथ रहा है। लोगों से जुड़ाव मेरे जीवन का एक अनिवार्य घटक रहा है। संजय ने कहा कि मेरे परिजनों ने मुझे दक्षिण भारत के छोटे से शहर में बड़े होने के दौरान सामुदायिक भागीदारी सेवा का महत्‍व सिखया। मेरे लिए यह बहुत सार्थक है कि मैं टेक्सास के भविष्य का सामना करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर रचनात्मक बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अपने छोटे से हिस्से को करने में सक्षम हूं।इस मौके पर टेक्सास लाइसेम ने यह भी घोषणा की है कि इसका 33वां सम्मेलन ऑस्टिन के टेक्सास विश्वविद्यालय में एक फरवरी को होगा

 

 

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अगले सप्ताह तक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) का इराक और सीरिया से पूरी तरह सफाया हो जाएगा। आइएस से मुकाबला कर रहे अमेरिकी नेतृत्व वाले वैश्विक गठबंधन ने 2018 के आखिर में एलान किया था कि यह आतंकी संगठन इराक और सीरिया के महज एक फीसद क्षेत्र तक सीमित हो गया है। लेकिन वह अफगानिस्तान, लीबिया, सिनाई और पश्चिम…
जापान। प्रत्यारोपण के लिए किडनी की कमी से जूझ रहे रोगियों के लिए अच्छी खबर है। वह दिन दूर नहीं जब ऐसे रोगियों के लिए लैब में किडनी तैयार हो सकेगी। इस दिशा में वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने दानकर्ता के महज कुछ स्टेम सेल्स के उपयोग से सफलतापूर्वक चूहों में किडनी विकसित की है।जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर फिजियोलॉजिकल साइंसेज के शोधकर्ताओं के अनुसार, किडनी खराब होने…
नई दिल्‍ली। एक ऐसा व्‍यक्ति जिसको स्‍थानीय लोग एक हैंडसम डॉक्‍टर के तौर पर देखते थे जब सरकार की आंख उस पर पड़ी तो पता चला वह डॉक्‍टर था ही नहीं। भारत में इस तरह के डॉक्‍टरों की कोई कमी नहीं है। लेकिन यह कहानी हमारी नहीं बल्कि यूरोपीय देश रोमानिया की है। यहां पर खुद को डॉक्‍टर मैथ्‍यू के तौर पर पेश करने वाले का नाम दरअसल मोटेओ पोलिटी…
वाशिंगटन।अमेरिका ने एयर इंडिया को दो अत्‍याधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली बेचने पर सहमति व्‍यक्‍त की है। पेंटागन का कहना है यह सौदा भारत के साथ अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा का समर्थन करती है। इस रक्षा सौदे से दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को और भी मजबूती प्रदान होगी। अमेरिका के इस कदम से भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के विमानों की सुरक्षा और अभेद्य होगी। आइए जानते…
Page 3 of 374

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें