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मॉस्‍को। रूस की अंतरिक्ष एजेंसी ने अंतरराष्‍ट्रीय अंतरिक्ष स्‍टेशन के लिए रसद से भरा MS-12 कार्गों स्‍पेशक्राफ्ट रवाना किया है। कार्गों स्‍पेशक्राफ्ट रूस का मानवरहित क्राफ्ट है। स्‍थानीय समयानुसार शाम को 6.35 बजे इसे रवाना किया गया। इसे रूस के सोयुज-2 (1A) रॉकेट से लांच किया गया। यह क्राफ्ट अपने साथ अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पर्याप्‍त मात्रा में रसद ले गया है।इसके पूर्व गत वर्ष रूस और अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी ने अंतरराष्‍ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रसद से भरा रॉकेट रवाना किया था। इसमें नासा ने आइएसएस पर 3,350 किलोग्राम सामग्री भेजी थी। इसमें वहां रह रहे तीन अंतरिक्ष यात्रियों के लिए आइसक्रीम और ताजे फल थे। पुराने प्लास्टिक को रीसाइकिल करने के लिए 3डी प्रिंटर भी भेजा गया है। मंगलवार को 20 साल पूरा करने जा रहे आइएसएस में अभी एक-एक अमेरिकी, जर्मन और रूसी अंतरिक्ष यात्री हैं।
वर्ष 2015 में रसद पहुंचाने में नाकाम रहा रूस:-चार वर्ष पूर्व रूस इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन पर अंतरिक्ष यात्रियों को रसद पहुंचाने में नाकाम रहा। रूस का यह परीक्षण असफल रहा। मानव‍रहित स्‍पेस क्राफ्ट का वैज्ञानिकों से संपर्क टूट गया था। रूस के लिए यह दूसरा बड़ा झटका था।

बीजिंग। उत्तरी चीन के वाटर पार्क से दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। शुइयूं वाटर पार्क में लगी वेव मशीन से अचानक सुनामी जैसी लहरें उठने लगी। जिसे देखकर लोग दहशत में आ गए और इधर-उधर भागने लगे। लहरों की चपेट में आने से 44 लोग घायल हो गए। कई लोगों को गंभीर चोटे भी आई है।घटना रविवार की बताइ जा रही है। शुइयूं वाटर पार्क के अधिकारियों के मुताबिक वेव मशीन खराब होने की वजह से ये हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि मशीन चलाने वाला कर्मचारी नशे में था, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ, लेकिन अधिकारियों ने इश बात को सिरे से खारिज कर दिया।घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खुब शेयर किया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि लोग पूल में मस्ती कर रहे हैं, तभी वेव मशीन से सुनामी जैसी लहर निकलने लगी। इसे देखकर लोग चीखने और चिल्लाने लगे। कुछ लोग इसे देखर पूल से बाहर आ गए, लेकिन कई लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। फिलहाल वाटर पार्क को लोगों के लिए बंद कर दिया है। मामले की जांच जारी है।

इस्‍लामाबाद। सीनेट चेयरमैन सादिक संजरानी के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर वोटिंग हुई, जिसमें विपक्ष को झटका लगा है। सीनेट चेयरमैन सादिक संजरानी के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव गिर गया है। बता दें कि संजरानी को चेयरमैन पद से हटाने के लिए 53 वोट चाहिए थे, जहां सिर्फ 50 वोट ही मिल सके।सीनेटर मोहम्‍मद अली खान सैफ की अध्‍यक्षता में सत्र की शुरुआत हुई। सत्र के शुरू होने से पहले सरकार व विपक्षी पार्टियां सत्र के लिए योजना बनाने में व्‍यस्‍त थे। सत्र शुरू होते ही अध्‍यक्ष ने विपक्ष के राजा जफर-उल-हक को प्रस्‍ताव पेश करने का कहा और बाद में सदस्‍यों से कहा कि जो प्रस्‍ताव के पक्ष में हैं अपनी कुर्सी से उठ कर खड़े हो जाएं। 64 सीनेटरों ने अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर अपना समर्थन जाहिर किया। सैफ ने वोटिंग की प्रक्रिया के बारे में विवरण दिया। हाफिज अब्‍दुल करीम ने सबसे पहले अपना वोट डाला।सीनेट चेयरमैन के पद से संजरानी को हटाने के लिए विपक्ष को 53 वोटों की आवश्‍यकता है वहीं बने रहने के लिए कुल 103 सांसदों में से 60 से अधिक के समर्थन की जरूरत है। विपक्षी दलों ने हासिल बिजेंजो को चेयरमैन सीनेट के लिए अपना उम्‍मीदवार चुना है।सादिक संजरानी का कहना है कि उसे अधिकतर सदस्‍यों का समर्थन प्राप्‍त है साथ ही प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी अपना समर्थन देने का एलान किया है ताकि संजरानी को अविश्‍वास प्रस्‍ताव के वोट से बचाया जा सके। वहीं विपक्ष ने संजरानी को अविश्‍वास प्रस्‍ताव के पहले ही इस्‍तीफा देने की सलाह दी थी।बलूचिस्तान के रहने वाले संजरानी 2018 में पाकिस्तान के उच्च सदन के चेयरमैन निर्वाचित हुए थे, तब सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज को हराने के लिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने हाथ मिला लिया था। संजरानी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय नौ विपक्षी दलों की 11 सदस्यीय समिति ने लिया, जिसमें जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल और अवामी नेशनल पार्टी शामिल हैं।

बैंकॉक। बैंकॉक में आसियान-भारत मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत के लिहाज से आसियान काफी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह एक नीतिगत चुनाव से जुड़ा हुआ है, जिसे हमने दशकों पहले बनाया था। यह सिर्फ हिंद महासागर क्षेत्र के लिए ही नहीं बल्कि आर्थिक और राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। हम उभरते हुए हिंद-प्रशांत ( Indo-Pacific ) क्षेत्र को मजबूत, एकीकृत और समृद्ध बनाने में आसियान को केंद्रीय भूमिका निभाते हुए देखना चाहते हैं, क्योंकि यह भारत की समृद्धि में भी योगदान देता है।गौरतलब है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर, आसियान (ASEAN), मेकांग गंगा सहयोग (MGC) और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (EAS) के क्षेत्रीय मंचों की अहम मंत्रिस्तरीय बैठकों में शिरकत करने के लिए दो दिवसीय थाईलैंड दौरे पर हैं। इस दौरान न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स और थाईलैंड के विदेश मंत्री डॉन प्रमुदविनई से मुलाकात की। इस दौरान वे अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो से भी मुलाकात कर सकते हैं।बता दें कि इस साल जनवरी में नई दिल्ली में आयोजित आसियान-भारत स्मृति सम्मेलन (ASEAN-India Commemorative Summit) की 25वीं वर्षगांठ पर आसियान सदस्य देशों (AMS) और भारत के नेताओं द्वारा किए गए प्रमुख निर्णयों के क्रियान्वयन में प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जयशंकर और उनके थाई समकक्ष डॉन प्रमुदविनई इसकी सह-अध्यक्षता करेंगे।विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस बैठक में पिछले साल 15 नवंबर को सिंगापुर में आयोजित अनौपचारिक आसियान-इंडियन ब्रेकफास्ट समिट (ASEAN-India Breakfast Summit) में लिए गए फैसलों की प्रगति की भी समीक्षा होगी।

नई दिल्ली। भारत में अब तक सौर ऊर्जा से घरों को रोशन करने की ही दिशा में काम किया जा रहा है, लेकिन वहीं चीन और अमेरिका इससे आगे बढ़कर सोलर एनर्जी का इस्तेमाल दूसरी दिशा में करने में लगा है। इस दिशा में नित नई खोज भी की जा रही है। इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ते हुए चीन ने सौर ऊर्जा से चलने वाले एक मानवरहित विमान का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह विमान दो साल की रिसर्च के बाद सामने आया है। अब चीन इस तरह के विमानों को और भी आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इस तरह के विमानों का प्राकृतिक आपदाओं के आने और अन्य समय पर उपयोग भी किया जा सकेगा।चीन ने इसका नाम मोजी-2 "MOZI 2" रखा है। चीन ने दो दिन पहले 27 जुलाई को सौर ऊर्जा से चलने वाले इस विमान का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। विमान निर्माता OXAI के अनुसार चीन के वैज्ञानिकों की देखरेख में इस विमान ने पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के मोंगशान हवाई अड्डे पर सफलतापूर्वक अपनी पहली उड़ान भरी। कंपनी इसकी शुरुआती सफलता से काफी उत्‍साहित हैं।MOZI 2 को बनाने वाली कंपनी की ओर से बताया गया कि विमान 15 मीटर के पंखों वाला और पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित है। यह विमान अधिकतम 8000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। इसको पूरी तरह से चार्ज होने में करीब आठ घंटे का समय लगता है जिसके बाद यह 12 घंटे तक उड़ सकता है। कंपनी के मुताबिक इसका प्रयोग विमान को आपदा राहत, टोही और संचार के लिए भी किया जा सकता है। कंपनी के महाप्रबंधक माओ यिक्विंग ने कहा कि वे 5 जी सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर विमान को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में काम करेंगे। इससे पहले पूर्वी चीन में एक गाड़ी पर सोलर पैनल लगाए गए थे, इन पैनलों का इस्तेमाल इस गाड़ी को चलाने में किया जा रहा था।दरअसल जिस व्यक्ति ने अपनी गाड़ी पर ये सोलर पैनल लगाए थे, उसको गाड़ी चलाने के लिए लाइसेंस नहीं मिल रहा था। तब उस व्यक्ति को अपनी गाड़ी पर सोलर पैनल लगाने का विचार आया जिससे वो बिना अधिक मेहनत के उसे चला सके। इसी सोच के बाद उसने अपनी गाड़ी पर सोलर पैनल लगाया और अब वो उसे चला रहा है। सोलर एनर्जी से चलने वाले वाहन के लिए किसी तरह के लाइसेंस की जरुरत नहीं होती है।

नई दिल्‍ली। अफगानिस्‍तान दक्षिण एशिया का वो देश है जहां के लोग वर्षों से शांति और स्थिरता की बाट जोह रहे हैं। यहां पर पहले रूस और उसके बाद अमेरिका ने काफी तबाही मचाई। इसके बाद भी ये यहां से कुछ हासिल नहीं कर सके। आलम ये है कि रूस को यहां से मुंह छिपाकर भागना पड़ा था। रूस के जाने के बाद यहां पर तालिबान ने अपने पैर पसारने शुरू किए। इसकी वजह से भी यहां पर अशांति छाई रही। तालिबान ने यहां पर अपनी सरकार तक बनाई। इसको हटाने के नाम पर अमेरिका ने यहां पर अपनी पैठ बढ़ाई और अब वो भी अपनी वापसी के बहाने तलाश रहा है। कुल मिलाकर अफगानिस्‍तान में जो देश आया उसको खोने के अलावा और कुछ हासिल नहीं कर सका।अफगानिस्‍तान की राजनीतिक और आर्थिक उठापठक के बीच रूस और अमेरिका दोनों ही जिम्‍मेदार रहे हैं।वर्तमान की बात करें तो यहां पर नाटो सेनाओं के हाथों इसी वर्ष में अब तक तालिबान से ज्‍यादा आम नागरिक मारे गए हैं। यूएन मिशन की रिपोर्ट के मुताबिक नाटो सेनाओं द्वारा यहां पर की गई एयर स्‍ट्राइक और आतंकियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन के दौरान पिछले छह माह में 717 आम नागरिकों की मौत हुई हैं। इनमें से 403 लोगो की मौत अफगान सेना और 314 की मौत नाटो सेना के हाथों हुई हैं। वहीं इन ऑपरेशंस में महज 531 तालीबानी आतंकी मारे गए हैं। हालांकि ये आंकड़ा पिछले वर्ष जनवरी-जून में हुई मौतों से करीब 43 फीसद कम है। इस वर्ष जनवरी से जून तक के बीच 20 अमेरिकी सैनिक भी यहां पर मारे जा चुके हैं।गौरतलब है कि अफगानिस्‍तान में नाटो के करीब 13 हजार जवान तैनात हैं जिनमें से 9800 अकेले अमेरिका से ही हैं। बराक ओबामा ने यहां पर जवानों की तैनाती बढ़ाई थी जबकि मौजूदा राष्‍ट्रपति ने अपने कार्यकाल में इसको कम किया है। आपको यहां पर बता दें कि अफगान सेना को अमेरिकी सेना प्रशिक्षित कर रही है। यह प्रशिक्षण अमेरिका की उस भावी रणनीति का हिस्‍सा है जिसके तहत वह यहां से निकल जाएगा और अफगानिस्‍तान को इन सुरक्षाबलों के हवाले कर दिया जाएगा।तालिबान की बात चली है तो यहां पर ये भी जान लेना जरूरी होगा कि अमेरिका की पैरवी पर अफगा‍न-तालिबान शांति वार्ता के कई दौर हो चुके हैं। हालांकि यह वार्ता अब तक अपने निर्णायक दौर में नहीं पहुंची है। इतना ही नहीं इस वार्ता में अफगानिस्‍तान सरकार का कोई नुमांइदा नहीं है। इसके अलावा तालिबान ने भी अफगानिस्‍तान से सीधी बात करने से इंकार कर दिया है। उसका कहना है कि जब तक इस शांति वार्ता से कुछ सकारात्‍मक नहीं निकलता है तब तक वह अफगान सरकार से कोई बातचीत नहीं करेगा। वहीं दूसरी तरफ तालिबान ने सीजफायर करने से भी इनकार कर दिया है

काबुल।अफगानिस्तान में बुधवार की सुबह एक बड़ा आतंकी हमला हो गया। हेरात-कंधार राजमार्ग पर बुधवार सुबह सड़क किनारे एक बम ब्लास्ट हो गया। इस आतंकी हमले में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 34 लोग मारे गए हैं।ब्लास्ट में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और हमले की जांच की जा रही है। हालांकि…
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पत्रकार अक्सर अपने कारनामों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। पाकिस्तानी पत्रकार चांद नवाब को तो आप जानते ही होंगे, जो अपनी अलग रिपोर्टिंग की वजह से चर्चा में थे, लेकिन अब चांद नवाब को एक और पाकिस्तानी पत्रकार टक्कर दे रहा है।इन दिनो पाकिस्तान के कई राज्यों में बाढ़ जैसे हाताल हैं। इसी बाढ़ के दौरान एक पत्रकार की वीडियों वायरल हुई है। वीडियो में…
वाशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के सेटेलाइट की मदद से वैज्ञानिकों ने तीन नए एक्सोप्लैनेट का पता लगाया है। ये ग्रह पृथ्वी से 73 प्रकाशवर्ष दूर स्थित हैं। एक्सोप्लैनेट ऐसे ग्रह होते हैं जो हमारे सौर मंडल के बाहर स्थित हैं और किसी तारे के चारों को घूमते रहते हैं।नेचर एस्ट्रोनॉमी नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, तीनों ग्रहों में से एक ग्रह चट्टानी और पृथ्वी से थोड़ा-सा बड़ा…
लंदन। भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी की हिरासत लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने 22 अगस्त तक बढ़ा दी है।नीरव मोदी गुरुवार को लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए पेश हुआ। मोदी नियमित रिमांड सुनवाई के लिए कोर्ट के समक्ष पेश हुआ था। जज ने मोदी के केस में दस्तावेजों का जिक्र करते हुए उनकी रिमांड 22 अगस्त तक बढ़ाने की बात कही और अगले सुनवाई तक हिरासत…
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