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ह्यूस्टन। सैन एंटोनियो, टेक्सास में सिख समुदाय ने अमेरिकी सरकार के उन कर्मचारियों को गुरुद्वारे में मुफ्त भोजन की पेशकश की है, जो अमेरिका में शटडाउन के कारण वेतन नहीं मिलने से प्रभावित हुए हैं और उनमें से हजारों कर्मचारियों ने अमेरिका छोड़ दिया है।चौथे सप्ताह में प्रवेश करने वाले शटडाउन ने प्रमुख विभागों में 800,000 से अधिक संघीय सरकारी कर्मचारियों को काम से बाहर कर दिया है। ट्रंप भौतिक तौर पर बाधा पैदा करने के लिए अमेरिका-मैक्सिको सीमा की दीवार बनाना चाहते हैं। इसके लिए वह 5.7 बिलियन अमेरिकी डालर की मांग कर रहे हैं जो उनके अनुसार अमेरिका में अवैध प्रवासियों के प्रवाह को रोकने के लिए जरूरी है। डेमोक्रेट्स का कहना है कि इस तरह का कदम करदाताओं के पैसे की बर्बादी है।सभी संघीय कर्मचारी, जिन्हें बिना वेतन के काम करने के लिए मजबूर किया गया है या शटडाउन के दौरान थोड़े दिनों के लिए अवकाश पर भेज दिया गया है, उन्हें 11 जनवरी से तीन दिनों के लिए ताजा गर्म शाकाहारी भोजन खिलाया गया। सिख समुदाय के कार्यकर्ताओं ने गुरुद्वारे में मेनू तैयार किया, जिसमें दाल, सब्जियां, चावल और मैक्सिकन ब्रेड शामिल थे।सिख सेंटर ने शुक्रवार को अपने फेसबुक पर पोस्ट पर लिखा है कि बंद से प्रभावित श्रमिकों और परिवारों के लिए आज से शुरू होने वाले मुफ्त भोजन के लिए सभी को सप्ताहांत के लिए आमंत्रित किया जाता है। कई अमेरिकी परिवारों के लिए कठिनाई के इस समय में मदद की पेशकश का सिख समुदाय की अपनी खुद की इच्छा से उत्पन्न विचार ने जल्द ही कई स्वयंसेवकों को आकर्षित किया है, जिन्होंने भोजन का आनंद लेने के लिए आने वाले सभी लोगों को खिलाने के लिए गुरुद्वारे में आने और खाना पकाने की पेशकश की।सिख समुदाय ने सैन एंटोनियो के सिख सेंटर के अध्यक्ष बलविंदर ढिल्लन ने बताया कि सिख समुदाय संघीय कर्मचारियों का समर्थन करने के लिए है, जिनको अभी तक वेतन नहीं मिला है। सिख समुदाय उनकी सेवाओं की सराहना करता है और उन पुरुषों और महिलाओं का राष्ट्र के लिए एक अद्भुत सेवा करने के लिए आभार व्यक्त करता है।कम से कम हम अगले तीन दिनों तक संघ के कर्मचारियों को गर्म भोजन खिला सकते हैं। सैन एंटोनियो का सिख केंद्र शहर का सबसे पुराना गुरुद्वारा है और इसे 2001 में स्थापित किया गया था। यह किसी भी जरूरतमंद नए प्रवासियों को भोजन, कपड़े और आश्रय भी प्रदान करता है।

कैनबरा। दुनिया के कई देशों में इन दिनों जहां जमकर बर्फबारी हो रही है, वहीं ऑस्ट्रेलिया प्रचंड गर्मी की चपेट में है। देश के दक्षिण-पूर्वी इलाके में कई जगहों पर तापमान 50 डिग्री तक पहुंच गया है। देशभर में गर्म हवा के थपेड़ों के चलते ओजोन अलर्ट घोषित कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को आगाह किया है कि चिलचिलाती धूप और गर्म हवा से ओजोन का स्तर बढ़ेगा जिससे कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।आमतौर पर इस मौसम में सिडनी के आसपास और देश के दक्षिण पूर्व क्षेत्र में तापमान बहुत अधिक रहता है। लेकिन इस साल तापमान ने पुराने कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण ऑस्ट्रेलिया इस साल दुनिया के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है शुक्रवार तक पारा और चढ़ सकता है।बुधवार को देश के प्रमुख शहरों का तापमान 34 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। दूरदराज के कुछ इलाकों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया। मंगलवार को टारकूल शहर का तापमान 49 डिग्री दर्ज किया गया था। गर्मी बढ़ने से करीब दस लाख मछलियों की मौत हो गई है। एडिलेड में होने वाली साइकिलिंग रेस 'टूर डाउन अंडर' के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है।

ईरान। ईरान ने मंगलवार को अपना पहला स्वदेशी सैटेलाइट पयाम लॉन्च किया, हालांकि यह पृथ्वी की कक्षा में स्थापित नहीं हो पाया। गौरतलब है कि इससे पहले इसी महीने अमेरिका ने ईरान को सैटेलाइट लॉन्च नहीं करने की चेतावनी दी थी। लेकिन ईरान ने इसे नजरअंदाज कर दिया और दूसरी ओर सैटेलाइट के प्रक्षेपण में भी विफलता पाई। ईरान के सूचना मंत्री मोहम्मद जवाद आजरी जेहरुमी ने ट्वीट करके बताया है कि पयाम सेटेलाइट को कक्षा में स्थापित करने का कार्यक्रम पूरा नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि ‘पयाम’ के प्रक्षेपण का पहला और दूसरा चरण सफलता से पूरा हुआ लेकिन तीसरे चरण में सैटेलाइट पर्याप्त गति प्राप्त नहीं कर पाया जिसकी वजह से वह कक्षा में स्थापित नहीं हो सका। पयाम सैटेलाइट को जलवायु, जंगलों, पानी के भंडारों का पता लगाने, धूल के तूफानों के बारे में जानकारी जुटाने जैसे कई प्रकार के मिशन सौंपे गए थे। ईरान के दूरसंचार मंत्री ने कहा है कि ईरान, सेटेलाइट बनाने और उसके प्रक्षेपण के कार्यक्रम को पूरी शक्ति के साथ जारी रखेगा।

ब्रसेल्स। यूरोपीय संघ (ईयू) ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे और ईयू के बीच हुआ समझौता रद होने के थोड़ी देर बाद ही ब्रिटेन से Brexit पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। थेरेसा मे के इस ऐतिहासिक समझौते को ब्रिटिश संसद में भारी हार का सामना करना पड़ा है। ईयू के अध्यक्ष जीन-क्लॉड जंकर ने एक बयान में कहा कि वह समझौते पर हुए मतदान के परिणाम से अवगत हैं और ईयू से अलग होने का खारिज हुआ समझौता काफी उचित है और इस मसले पर सबसे अच्छा समझौता है। सिन्हुआ के अनुसार, जंकर ने कहा, 'इस समझौते से Brexit के कारण ब्रिटेन के नागरिकों और समूचे यूरोप में व्यापार को होने वाली क्षति कम होगी। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने के लिए यही एकमात्र व्यवस्थित तरीका है।' उन्होंने कहा, 'इस शाम हुए मतदान के बाद ब्रिटेन के ईयू से अव्यवस्थित ढंग से अलग होने का जोखिम बढ़ गया है।'जंकर ने ब्रिटेन से इस मसले पर अपना रुख स्पष्ट करने का आग्रह करते हुए कहा, 'इस मामले में समय लगभग समाप्त हो चुका है।' Brexit समझौता खारिज होने के बाद यूरोपीय संघ से देश के अलग होने की योजना पर और अधिक संशय के बादल मंडराने लगे हैं।

 

 

 

इस्लामाबाद। दाउद इब्राहिम के करीबी फारुख देवड़ीवाला की पाकिस्तान में हत्या की ख़बर आ रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अपने बॉस दाउद इब्राहिम की हत्या करने की साजिश रचने के आरोप में उसे छोटा शकील गैंग के इशारे पर मार गिराया गया है। गौरतलब है कि भारत की भी देवड़ीवाला पर नजर थी और उसका प्रत्यर्पण चाहता था, हालांकि ऐसा हो नहीं पाया। देवड़ीवाला पर आतंकी संगठन के लिए भी भर्तियां करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दाऊद के करीबियों में से एक शकील को अपने सूत्रों से पता चला कि देवड़ीलाल ने दुबई में भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की। माना गया कि वह दाऊद के खिलाफ षड्यंत्र रच रहा था। बाद में ये भी जानकारी सामने आई कि दाउद को उसपर विश्वास नहीं रहा। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने देवड़ीवाला की मौत की पुष्टि नहीं की है।
पाकिस्तान में मारा जाने वाला दूसरा करीबी होगा देवड़ीवाला:-अगर इंटरपोल या अन्य कोई जांच एजेंसी देवड़ीवाला की मौत की पुष्टि करती है तो वह पाकिस्तान में मारा जाने वाला दाउद का दूसरा करीबी होगा। इससे पहले साल 2000 में गैंगस्टर फिरोज कोकनी की भी हत्या हो गई है। उसने कथित तौर पर दाऊद का असम्मान करने वाली बात कही थी।

सियोल। परमाणु वार्ता में आए ठहराव के बाद अमेरिका और उत्तर कोरिया इस हफ्ते वाशिंगटन में उच्च स्तरीय वार्ता करने जा रहे हैं। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के बीच होने वाली दूसरी मुलाकात पर मुहर लग सकती है। दोनों नेता पहली बार गत जून में सिंगापुर में मिले थे। तब उनके बीच कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त करने पर सहमति बनी थी, लेकिन उसके बाद से इस मसले पर कोई खास प्रगति नहीं हुई है।दक्षिण कोरियाई अखबार चोसुन इल्बो ने एक राजनयिक सूत्र के हवाले से खबर दी है कि अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो और उत्तर कोरिया के वरिष्ठ अधिकारी किम योंग चोल के बीच गुरुवार या शुक्रवार को वाशिंगटन में बैठक हो सकती है। उम्मीद है कि इसमें ट्रंप और किम के बीच होने वाली दूसरी शिखर वार्ता की तारीख और स्थान तय कर लिया जाएगा। बैठक के बाद चोल ट्रंप से भी मुलाकात कर सकते हैं। इस उच्च स्तरीय वार्ता पर ह्वाइट हाउस की ओर से अभी कोई बयान नहीं आया है।
नए साल से संपर्क में आए दोनों देश:-संयुक्त राष्ट्र में दक्षिण कोरिया के दूत चो यून-जे ने कहा कि नए साल पर किम के बयान के बाद अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच दोबारा संपर्क शुरू हुआ। किम ने अपने संबोधन में ट्रंप से दोबारा मिलने की इच्छा जताई थी।
ट्रंप ने भी किम को भेजा खत:-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग उन को एक पत्र भेजा है। इस साल की शुरुआत में किम ने भी ट्रंप को पत्र भेजा था। तब ट्रंप ने इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि उन्हें किम का उत्साहजनक पत्र मिला है।

 

कोलंबो। चीन ने भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका पर अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए नए कर्ज का प्रस्ताव दिया है। चीन के एक बड़े बैंक ने 30 करोड़ डॉलर (करीब 2,100 करोड़ रुपये) का लोन देने की पेशकश की है। इस लोन को एक अरब डॉलर तक बढ़ाया जा सकता है।चीन के चौथे सबसे बड़े बैंक की ओर से मिले लोन के इस प्रस्ताव से जुड़े एक सूत्र ने मंगलवार…
वाशिंगटन। अमेरिका में गत 22 दिसंबर से जारी शटडाउन से राष्ट्रपति भवन यानी ह्वाइट हाउस भी अछूता नहीं रहा है। सरकारी कामबंदी के चलते ह्वाइट हाउस के शेफ भी छुट्टी पर चल रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक कॉलेज स्तर की फुटबाल टीम को अपने खर्चे पर फास्ट फूड पार्टी देनी पड़ी। उन्होंने खुद ही पिज्जा, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज का आर्डर दिया। इसका भुगतान भी उन्होंने…
नई दिल्‍ली। 70 वर्ष पुराने उत्‍तरी एटलांटिक संधि संगठन (नाटो) पर संकट के बादल मंडराते दिखाई दे रहे हैं। इसकी वजह अमे‍रिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप हैं जो अब इससे अलग होने की बात कर रहे हैं। इससे बाहर आने की उनकी सोच पहली बार पिछले वर्ष सामने आई थी। ट्रंप इसको भी अमेरिका की तरक्‍की में बाधा मान रहे हैं। यही वजह है कि वह इससे बाहर आने पर गंभीरता…
नई दिल्‍ली। अफगानिस्‍तान में बच्‍चों का खौफनाक चेहरा पहले शायद ही कभी देखने को मिला हो। बच्‍चों के इस खौफनाक चेहरे के पीछे और कोई नहीं बल्कि यहां मौजूद आतंकी संगठन ही हैं। यह आतंकी संगठन अपने स्‍वार्थ के लिए बच्‍चों को चलते फिरते बम या यूं कहें कि सुसाइड बंबर में बदल रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमें बच्‍चों की उम्र आठ वर्ष तक है। अफगानिस्‍तान में…
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