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इस्लामाबाद। पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले की एक और घटना सामने आई है। गुरुवार को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ की बेटी मरियम नवाज़ का इंटरव्यू जबरन रोक दिया गया है। एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (PML-N) की नेता मरियम नवाज़ के इंटरव्यू को शुरू होने के चंद मिनट बाद ही रुकवा दिया गया।इससे पहले 1 जुलाई को पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर द्वारा पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के इंटरव्यू को प्रसारित होने के कुछ ही मिनटों के भीतर ही रोक दिया गया था।इंटरव्यू रोके जाने के को लेकर 'हम न्यूज' में काम करने वाले पाकिस्तानी पत्रकार नदीम मलिक ने ट्वीट कर बताया कि अभी-अभी मरियम नवाज़ के इंटरव्यू को जबरदस्ती रोक दिया गया है। हालांकि, नदीम मलिक के ट्विटर हैंडल पर मरियम नवाज़ का पूरा इंटरव्यू उपलब्ध था।वहीं समाचार चैनल ने भी इंटरव्यू रोके जाने के तुरंत बाद अपने ट्विटर हैंडल पर एक बयान पोस्ट किया।समाचार चैनल ने लिखा कि हमारा चैनल एक स्वतंत्र और जिम्मेदार मीडिया में विश्वास करता है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करना हमारे मूल नियमों में से एक है।बता दें कि इससे पहले मरियम नवाज़ की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस दिखाने के लिए तीन पाकिस्तानी समाचार चैनलों को नोटिस जारी किया गया था। उनका प्रेस कॉन्फ्रेंस भी बीच में रोक दिया गया था। इन समाचार चैनलों को पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (PEMRA) के आदेश पर ऑफ एयर किया गया था।

 

 

 

 

नई दिल्ली। यदि आप लंबे समय तक किसी आफिस में बैठकर काम करते हैं और जब घर पहुंचते हैं तो सीधे कपड़े आदि बदलने के बाद टीवी से चिपक जाते हैं तो ये खबर आपके लिए काम की है। एक अध्ययन में ये पता चला है कि यदि आप किसी जगह पर काम करते हैं और वहां से घर पहुंचने के बाद आप सीधे टीवी के सामने जम जाते हैं तो इससे आपके दिल को भी खतरा रहता है। यदि आप सीधे बेड पर सोने के लिए चले जाते हैं तो उससे भी आपके दिल पर प्रभाव पड़ता है। एक अध्ययन में अब ये बात सामने आई है कि ज्यादा देर तक बैठकर काम करना दिल के लिए उतना बुरा नहीं है जितनी की बैठकर देर तक टीवी देखना।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की रिसर्च:-अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में ये बात सिद्ध भी की है। उनका कहना है कि खाली समय में बैठकर टीवी देखने से ह्दय रोग और मृत्यु का जोखिम अधिक होता है। इस तरह की एक रिपोर्ट जर्नल आफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित भी हो चुकी है। वैज्ञानिकों ने इसमें यह भी पाया कि हल्की फुल्की से लेकर फुर्तीली कसरत करने से बैठकर टीवी देखने के हानिकारक प्रभावों को कम या खत्म किया जा सकता है।
जर्नल में प्रकाशित हुई रिसर्च:-अध्ययन के जर्नल में प्रकाशित करने वाले लेखक कीथ एम डियाज का कहना हैकि हमारे निष्कर्षों के मुताबिक जब आप दिल की सेहत की बात करते हैं तो यह अधिक मायने रखता है कि आप ऑफिस के बाहर अपना समय कैसे बिताते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर आप ऐसी नौकरी करते हैं जिसमें लंबे समय तक बैठे रहना पड़ता है तो आप घर पर बैठकर समय बिताने की जगह फुर्तीले व्यायाम के जरिये ह्दय रोग और मृत्यु के जोखिम को कम कर सकते हैं।
ज्यादा टीवी देखने वालों को अधिक शारीरिक मेहनत की जरूरत:-इस तरह की शोध करने वाले शोधकर्ताओं का कहना है कि बहुत ज्यादा टीवी देखने वालों को सामान्य से लेकर अधिक मेहनत वाली शारीरिक गतिविधि जैसे तेजी से चलना या एरोबिक व्यायाम करना बेहद जरूरी है। इन गतिविधियों से दिल का दौरा, स्ट्रोक या मृत्यु का खतरा कम होता है। अध्ययन के मुताबिक दिल का दौरा, स्ट्रोक या मृत्यु का कोई भी खतरा उन लोगों में नहीं देखा गया जो दिन में चार या इससे अधिक घंटे तक टीवी देखते थे और सप्ताह में 150 मिनट या इससे ज्यादा समय तक व्यायाम करते थे।
डॉक्टर का कथन:-डॉ.गौरव गुप्ता का कहना है कि जो लोग सुबह-शाम घूमने के लिए निकल जाते हैं उनके स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। उनका कहना है कि आजकल लोग दिन भर आफिस में बैठकर काम करते हैं और शाम को घर पहुंचते ही बिस्तर पर लेट जाते हैं, कहते हैं कि पूरे दिन आफिस में बैठे-बैठे थक गया, इस वजह से लेट गया हूं, उनका ये सोचना पूरी तरह से गलत है। यदि आप दिनभर बैठकर काम करते हैं तो आपको भी इन चीजों का ध्यान रखना चाहिए। शरीर के साथ-साथ दिल का भी ध्यान रखें तो अधिक बेहतर होगा। घर पहुंचने के बाद थोड़ा आराम करें, अधिक देर तक टीवी ना देखें, परिवार के साथ समय बिताएं।

हांगकांग। प्रस्तावित प्रत्यर्पण कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच हांगकांग की नेता कैरी लाम ने मंगलवार को कहा कि इस कानून से संबंधित बिल निरस्त हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित कानून को लेकर सरकार के सभी फैसले असफल रहे हैं। लेकिन लाम के आलोचक और प्रदर्शनकारी इससे आश्वस्त नहीं हैं। वह अब भी बिल को वापस लिए जाने की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि लाम लोगों को अपने शब्दों के जाल में उलझा रही हैं।इस बिल में संदिग्धों और अपराधियों को मुकदमे के लिए चीन में प्रत्यर्पित किए जाने का प्रावधान है। कई लोग इसे हांगकांग की स्वायत्ता और यहां के नागरिकों के अधिकारों पर खतरा बता चुके हैं। बीते जून में लाखों लोग इस बिल के विरोध में सड़कों पर उतर आए थे। इसके दबाव में लाम को बिल निलंबित करना पड़ा था। इसके बाद भी विरोध नहीं रुका। प्रदर्शनकारी कानून को रद करने की मांग पर अड़े हुए हैं।विरोध शांत कराने के लिए मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में लाम ने कहा, 'लोगों के मन में अब भी यह आशंका है कि सरकार प्रत्यर्पण कानून पास कराने के लिए विधायी परिषद में फिर से प्रक्रिया शुरू करेगी। इसी के चलते मैं फिर दोहरा रहीं हूं कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। बिल निरस्त हो चुका है।' लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने लाम की बात पर भरोसा करने से इन्कार कर दिया है। चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के छात्र संघ के नेता चान वाई लाम विलियम ने कहा, 'बिल को पूरी तरह वापस लिए जाने के अलावा हमें किसी भी बात से संतुष्टि नहीं होगी।'

दुबई। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भारतीय कारोबारी लालो सैमुअल को देश में स्थायी तौर पर रहने के लिए गोल्ड कार्ड दिया है। वह यह कार्ड पाने वाले शारजाह के पहले प्रवासी बन गए हैं।बता दें कि यूएई कारोबारियों और कुशल लोगों को पांच या दस के लिए दीर्घकालीन वीजा देता है, लेकिन इसकी अपेक्षा गोल्ड कार्ड पाने वाले व्यक्ति को इस खाड़ी देश में स्थायी तौर पर रहने का अधिकार मिल जाता है।गल्फ न्यूज के अनुसार, शारजाह में निवास और विदेशी नागरिकों के मामलों के महानिदेशक बिग्रेडियर आरिफ अल शम्सी ने किंग्स्टन ग्रुप के चेयरमैन सैमुअल को गोल्ड रेजीडेंसी कार्ड प्रदान किया। इस ग्रुप का कारोबार पश्चिम एशिया में फैला हुआ है। यह ग्रुप प्लास्टिक और मेटल प्रोसेस करने का काम करता है।सैमुअल को यह कार्ड गत मई में घोषित एक योजना के तहत मिला है। इस योजना का ऐलान दुबई के शासक शेख मुहम्मद बिन राशिद अल मख्तूम ने किया था। फो‌र्ब्स मैगजीन की अरब जगत में 100 सबसे प्रभावशाली भारतीय कारोबारियों की सूची में सैमुअल 2013, 2014 और 2015 में शीर्ष पर रहे थे

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान में जवाबदेही न्यायालय (NAB Court) के जज अरशद मलिक के कथित वीडियो के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ही नहीं बल्कि पूरी सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है। सरकार की चिंता केवल इसी वीडियो ने नहीं बढ़ाई है, बल्कि मरियम नवाज के उस बयान ने भी बढ़ा रखी है जिसमें उन्‍होंने कहा है कि उनके पास जज अरशद मलिक के अभी एक वीडियो और तीन ऑडियो टेप और हैं। इनको भी वह कुछ समय में जारी करेंगी।
कौन है अरशद मलिक:-आपको यहां पर बता दें कि NAB Court के जज अरशद मलिक ने ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पिछले साल अल-अजीजिया स्टील मिल भ्रष्टाचार मामले में सात साल की कैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा उन्‍हें लंदन के आलीशान फ्लैट के मामले में भी सजा सुनाई जा चुकी है। उस वक्‍त पाकिस्‍तान की सरकार ने कोर्ट के फैसले को सही करार देते हुए नवाज के पूरे परिवार पर बेहद तीखी टिप्‍पणी की थी। लेकिन अब सामने आए जज के वीडियो से सरकार हिल गई है। इसमें जज को कहते हुए सुना जा सकता है कि यह फैसला उन्‍होंने सरकार के दबाव में दिया था। उन्‍हें इसके लिए डराया धमकाया गया था। इस वीडियो ने पूरी सरकार को हिलाकर रख दिया है।
विपक्ष के हाथों में बड़ा मुद्दा:-विपक्ष के हाथों में बड़ा मुद्दा मिलते देख प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस बाबत बैठक की है और इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट की निगरानी में कराने की बात कही है। इमरान खान ने साफ कर दिया है कि सरकार इसकी खुद जांच नहीं करेगी। ऐसा करने से न तो विपक्ष उनकी जांच पर भरोसा ही जताएगा बल्कि यह मुद्दा भी बड़ा रूप ले लेगा। पीएमएल-एन की उपाध्‍यक्ष और नवाज की बेटी मरियम नवाज ने दावा किया है कि सरकार ने इस वीडियो की फोरेंसिक ऑडिट करवाया है जिसमें यह वीडियो सही पाया गया है। इसको देखते हुए भी सरकार इससे पीछे हट रही है। सरकार ने फैसला किया है कि वह इसमें कोई दखल नहीं देगी। इस बीच जज अरशद मलिक ने भी इस्‍लामाबाद हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस आमे‍र फारुख से मुलाकात कर उन्‍हें पूरे मामले की जानकारी दी है।
एहतियात बरत रही है सरकार:-आपको यहां पर ये भी बता दें कि वीडियो में अरशद मलिक ने नसीर बट को कहा था कि नवाज शरीफ के खिलाफ किसी भी तरह का कोई सुबूत नहीं था। इस मामले में पूर्व पीएम के खिलाफ फैसला सुनाने के लिए उन्‍हें ब्‍लैकमेल किया गया था। वीडियो के सामने आने के बाद से सरकार हर कदम काफी एहतियात के साथ रख रही है। वह इस मुद्दे का फायदा किसी भी सूरत से विपक्ष को नहीं देना चा‍हती है। इमरान खान के स्‍पेशल असिसटेंट का कहना है कि देश में न्‍यायपालिका पूरी तरह से स्‍वतंत्र तौर पर काम करती है। इस पर सरकार का कोई दखल नहीं है। हम चाहते हैं कि वही इस वीडियो टेप पर ऑर्डर करें। न्‍यायपालिका की सरकार के प्रति कोई जवाबदेही भी नहीं है। उनके मुताबिक पीएम ने यहां तक कहा है कि इस बाबत सरकार कोर्ट के हर फैसले का सम्‍मान करेगी।
पीएमएल-एन पर हमला:-इमरान खान का यहां तक कहना है कि सरकार किसी को भी देश के सम्‍मान पर हमला करने की इजाजत नहीं देगी। उन्‍होंने पीएमएल-एन पर हमला करते हुए यहां तक कहा है कि इस पार्टी और इनके नेताओं का न्‍यायपालिका पर हमले और धमकाने का पुराना इतिहास रहा है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि इस वीडियो के सामने आने के बाद सरकार ही नहीं जज मलिक भी सकपकाए हुए हैं। दो दिन पहले ही उन्‍होंने इस वीडियो को फर्जी बताते हुए इसकी जांच करवाने की अपील की थी। गौरतलब है कि अरशद मलिक ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को 4 दिसंबर 2018 को सजा सुनाई थी।
सरकार भी है तैयार:-पीएमएल-एन को हमलावर होते देख सरकार भी पूरी तैयारी के साथ आगे आने की रणनीति तैयार कर रही है। पीएम इमरान खान के स्‍पेशल असिसटेंट शहजाद अकबर का कहना है कि सरकार पूर्व पीएम नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्‍टाचार के और मामले खोलेगी। अकबर के मुताबिक जल्‍द ही सरकार इस परिवार के अन्‍य लोगों के चेहरे से भी इमानदारी का मुखौटा हटा देगी। उन्‍होंने नवाज के भाई का भी जिक्र करते हुए यहां तक कहा कि उन्‍होंने एनएबी कोर्ट में अपने खिलाफ मामलो को खत्‍म करने को लेकर धमकी तक दी है।

वाशिंगटन। अमेरिकी संसद में हर साल सभी देशों को 7 फीसद ग्रीन कार्ड जारी करने की सीमा खत्म करने वाले विधेयक पर मंगलवार को वोटिंग होगी। बता दें कि अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाने वाला यहां स्‍थायी रूप से रह सकता है और काम कर सकता है।इससे हजारों भारतीय आइटी पेशेवरों को लाभ मिलेगा। ये यहां H-1B वर्क वीजा पर ही आते हैं। रिपब्लिकन व डेमोक्रेटिक पार्टी के 310 से अधिक सांसद इस विधेयक के समर्थन में हैं।अमेरिका के आव्रजन संबंधी नियमों ने वहां उच्च दक्षता वाले भारतीय पेशेवरों के सामने दिक्कत खड़ी कर दी है। नियमों के अनुसार एच-1 बी वीजा से अमेरिका पहुंचे इन पेशेवरों में से केवल सात फीसद को ही ग्रीन कार्ड मिल सकता है। अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र शोध सेवा (सीआरएस) ने कहा है कि अगर प्रत्येक देश के दक्ष पेशेवरों को ग्रीन कार्ड में मिलने वाला सात फीसद का कोटा खत्म हो जाए तो उससे भारत और चीन के लोगों को ही नहीं अमेरिका को भी लाभ होगा।बता दें कि देश के हिसाब से ग्रीन कार्ड की संख्या सीमित होने से भारत और चीन के नागरिकों को औसतन कम नागरिकता मिल पाती है। वहीं दूसरे देशों के नागरिकों को आसानी से अमेरिका की स्थायी नागरिकता मिल जाती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह कानून बन जाता है तो भारतीयों को ग्रीन कार्ड के साथ-साथ H-1B वीजा भी अधिक मिलेगा। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2018 तक ही अमेरिका के टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 3 लाख भारतीय ऐसे हैं, जो ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं।हाल के अध्‍ययनों के अनुसार, H-1B वीजा वाले भारतीय आइटी पेशेवरों का इंतजार 70 सालों से भी अधिक है।

वॉशिंगटन। आईएमएफ (International Monetary Fund) ने कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अपने नाजुक मोड़ पर है जहां उसे सुधारों के एक महत्वाकांक्षी और साहसिक बदलाव की जरूरत है। आईएमएफ का यह बयान एक दिन बाद आया है जब उसने पाकिस्तान को छह अरब डॉलर (करीब 41 हजार करोड़ रुपये) का बेल आउट पैकेज देने की सहमति दे दी है। पाकिस्तान, जिसके पास वर्तमान में 8 अरब अमरीकी डालर (54 हजार…
नई दिल्ली। रविवार को तड़के एक फ्रीकलीबर को लंदन की सबसे ऊंची इमारत पर बिना किसी सुरक्षा रस्सी के चढ़ते हुए देखा गया। किसी ऊंची इमारत पर बिना किसी पूर्व सूचना या सेफ्टी के चढ़ते हुए पाए जाने पर पुलिस ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करती है। बिल्डिंग के बाहर से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने इमारत पर लगे शीशों पर हलचल होती देखी तो उसने पुलिस को इसके…
वाशिंगटन। क्‍या आपका महत्‍वपूर्ण डाटा आपके इलेक्‍ट्रानिक्‍स डिवाइस पर सुरक्षित है। यदि आपका जवाब हां में है तो आपको एक बार फिर इस पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। असल में आज तकनीक के दौर में डिजिटल प्राइवेसी की गारंटी नहीं है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि वर्तमान में एडवरटाइजमेंट टेक इंडस्ट्री हमारी डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखने के रास्ते खोजने में पूरी तरह से सक्षम है। लेकिन बड़ा सवाल…
न्यूयॉर्क। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence, एआइ) की मदद से वैज्ञानिकों ने एक ऐसी एल्गोरिद्म विकसित की है जो मौसम का पूर्वानुमान लगा सकती है। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि इसके जरिये तूफान और चक्रवात के आने से पूर्व वैज्ञानिक चेतावनी जारी कर सकेंगे, जिससे भारी मात्र में होने वाली जन-धन की हानि को कम किया जा सकेगा। ‘आइईईई IEEE ट्रांजेक्शन ऑन जियोसाइंस एंड रिमोट सेंसिंग’ में…
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