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नई दिल्‍ली। संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत द्वारा जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्‍विक आंतकवादी घोषित किए जाने की राह में चीन ने फिर अड़ंगा डाल दिया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने यह कहते हुए भारत के दावों को नकार दिया है कि सुरक्षा परिषद के सदस्‍यों में बिना आम सहमति के ही भारत ऐसा करने की कोशिश कर रहा है।
पाक को मिला चीन का साथ:-चीन ने इस मुद्दे पर पाकिस्‍तान का साथ देते हुए यह भी कहा कि भारत को अपने पड़ोसी मुल्क से बात करनी चाहिए। जबकि मसूद अजहर भारत में कई आतंकी घटनाओं में संलिप्‍त रहा है। गौरतलब है कि वह कश्‍मीर के उड़ी कैंप पर 2016 में हुए हमले में भी वाछिंत है जिसमें 17 आर्मी के जवान शहीद हो गए थे।बतादें कि संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो पावर वाला देश चीन लगातार भारत की कोशिशों में अड़ंगा लगा कर मसूद अजहर को बचा रहा है। मसूद अजहर द्वारा बनाए गए जैश-ए-मोहम्‍मद को पहले आतंकी संगठनों की सूची में डाला जा चुका है। चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि अगर सभी देश एक साथ राय बनाते हैं तो हम इस मुद्दे पर मदद करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उन्‍होंने कहा कि जिन दो देशों से सीधा जुड़ा मुद्दा है पहले उन्‍हें इस विमर्श पर एक साथ आना चाहिए।
एक राय का बहाना बना कर रोका मामला:-वांग यी ने ये बातें अमेरिका के थिंक टैंक द्वारा आयोजित विदेश संबंधों के सवाल-जबाव के दौरान कहीं। रिपोर्टर द्वारा पूछे जाने पर कि क्‍या चीन पाकिस्‍तान में बसे आतंकी कैंप को अपना समर्थन देता है तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्‍तान को बात कर एक निष्‍कर्ष पर आना चाहिए तब हम इसे आगे बढ़ा सकते हैं। भारत के साथ अपने अच्‍छे रिश्‍ते का हवाला देते हुए कहा कि यही सही तरीका है। हम मिलकर आंतक के खिलाफ लड़ेंगे।चीन के विदेश मंत्री वांग यी अभी संयुक्‍त राष्‍ट्र के 73वीं महासभा में भाग लेने न्‍यूयार्क गए हैं। वहां उन्‍होंने कहा कि आंतक के खिलाफ पुख्‍ता सबूत चाहिए, जबकि मसूद के खिलाफ कोई पुख्‍ता सबूत अभी तक नहीं मिला है।

जकार्ता। इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में जबरदस्त भूकंप के बाद इस इलाके में सुनामी आ गई है। शुक्रवार को 7.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी वजह से 384 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। कई घर मलबे में तब्दील हो गए।इंडोनेशिया के जिओफिजिक्स विभाग के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि रिक्टर स्केल पर 7.5 तीव्रता के भूकंप के बाद सुनामी की खबर है। हालांकि विभाग ने सुनामी की अपनी चेतावनी वापस ले ली थी। उन्होंने बताया कि पालु में सुनामी ने दस्तक दी है। एक स्थानीय न्यूज चैनल का कहना है कि पालु शहर में सुनामी की वजह से समुद्र में छह फीट ऊंची लहरें उठी हैं। इसके बाद इलाके में कई इमारतें ध्वस्त होने की भी खबर है।विभाग के प्रवक्ता ने इलाके में सुनामी की पुष्टि की है। उनका कहना है कि एजेंसी इस संबंध में और जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही हैं। इस संबंध में सभी जानकारियों की पुष्टि होने के बाद ही उन्हें साझा किया जाएगा। राहत एजेंसी के प्रमुख मुहम्मद स्याउगी ने बताया कि नेशनल सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी ने बड़े पानी के जहाज और हेलीकॉटरों को राहत कार्य में लगाया है।इससे पूर्व आए भूकंप का केंद्र प्रांतीय राजधानी पालु से 80 किलोमीटर दूर सतह से 10 किलोमीटर नीचे था। पहले सुनामी की चेतावनी दी गई थी लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया। राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुगरोहो ने कहा, 'हमने लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।' भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर पालु और डोंग्गाला में राहत और बचाव कर्मियों को पहुंचने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। दोनों शहरों में छह लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। इससे पहले इंडोनेशिया के लॉमबोक द्वीप पर जुलाई और अगस्त में आए भूकंपों में करीब 500 लोगों की मौत हो गई थी।

वाशिंगटन। भारतीय मूल के वैज्ञानिक के नेतृत्व में एक दल ने ऐसा इंप्लांटेबल सेंसर विकसित किया है, जो बीमारियों का पता लगाकर उसे रोकने और इलाज करने में मददगार साबित हो सकता है। चीनी से ऊर्जा प्राप्त करने वाला यह सेंसर शरीर के जैविक संकेतों की निगरानी करता है, जिसके जरिये वे बीमारियों का पता लगा पाता है।अमेरिका में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर सुभांशु गुप्ता और उनकी टीम द्वारा तैयार किया गया यह सेंसर जैव ईंधन कोशिका और रक्त में मौजूद ग्लूकोज की मदद से काम करता है। आइईईई ट्रांजेक्शन ऑफ सर्किट्स एंड सिस्टम्स नामक जर्नल में इस आविष्कार के बारे में विस्तार से प्रकाशित किया गया है। इसमें बताया गया है कि यह सेंसर इलेक्ट्रॉनिक्स और जैव ईंधन कोशिका का अद्वितीय एकीकरण है, जिसमें उच्च संवेदनशीलता वाले शारीरिक और जैव रासायनिक संकेतों का पता लगाया जाता है।
वर्तमान में ये हैं विकल्प;-शोधकर्ताओं के मुताबिक, बीमारियों का पता लगाने के लिए वर्तमान में मौजूद ज्यादातर लोकप्रिय सेंसर घड़ियों के रूप में हैं, जिन्हें चलाने के लिए बार- बार चार्ज करने की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा त्वचा पर पहने जा सकने वाले पैच जैसे सेंसर एंबेडेड नहीं हो सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यही वजह थी कि उन्होंने ऐसा सेंसर विकसित करने की सोची जिसे बार-बार चार्ज करने की जरूरत न पड़े।
नहीं लेना पड़ेगा ब्लड;-शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके अलावा इस सेंसर की मदद से डायबिटीज के मरीजों की जांच के लिए ब्लड लेने के लिए उनकी अंगुली पर सुई चुभाने की भी जरूरत नहीं होगी। यह उसके बिना ही व्यक्ति की डायबिटीज का पता लगा सकेगा।
मानव शरीर में बहुत ईंधन:-सुभांशु कहते हैं, रक्त में मौजूद ग्लूकोज के रूप में मानव शरीर में बहुत सारा ईंधन मौजूद है। हमने उसी का प्रयोग कर इस सेंसर को ऊर्जा देने का तरीका तलाश किया है। जैव ईंधन कोशिका का उपयोग करने से इसे बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यही वजह है कि यह सेंसर बैटरी से चलने वाले परंपरागत सेंसरों से अलग है।
ज्यादा सुरक्षित और स्थिर:-वर्तमान में लीथियम आयन बैटरी से चलने वाले सेंसरों की तुलना में जैव ईंधन कोशिका का प्रयोग करना अधिक सुरक्षित है क्योंकि यह पूरी तरह से गैर विषैला है। साथ ही यह ऊर्जा का अधिक स्थिर साधन है। इससे इस सेंसर को अनिश्चितकाल के लिए संचालित किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इस सेंसर को किफायती बनाने का प्रयास किया है, ताकि इसका हर कोई आसानी से इस्तेमाल कर सके।

वाशिंगटन। पक्षपात के आरोपों पर सर्च इंजन कंपनी गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई अमेरिकी संसद की न्यायिक समिति के सामने सफाई देने को तैयार हो गए हैं। लंबे समय से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी गूगल पर कंजर्वेटिव पार्टी का पक्ष लेने और उनके खिलाफ गलत खबरों का प्रचार करने का आरोप लगाती रही है। रिपब्लिकन पार्टी निजता, मानवाधिकार हनन और खबरों के वर्गीकरण को लेकर भी गूगल की जांच करने की मांग कर रही है। गूगल इन आरोपों से इन्कार करता रहा है।पिचाई फिलहाल कंपनी के व्यापार के तरीकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए वाशिंगटन में सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं। मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय आर्थिक समिति के प्रमुख लैरी कुडलाव ने पिचाई को राउंड टेबल मीटिंग में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। पिचाई ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। इस बैठक में इंटरनेट के कई दिग्गज शामिल होंगे।शुक्रवार को पिचाई ने सदन में बहुमत के नेता केविन मैककार्थी के कार्यालय में रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों से मुलाकात की। सांसद बॉब गूडलाट ने कहा कि बैठक सफल रही है। पिचाई ने कहा कि कंपनी दोनों पार्टियों के सांसदों के साथ सक्रिय वार्ता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। वह कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों से भी मुलाकात करेंगे।उल्लेखनीय है कि कुछ हफ्तों पहले सीनेट की इंटेलीजेंस कमेटी की सुनवाई में गूगल के सीईओ पिचाई और गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज की अनुपस्थिति से सांसद भड़क गए थे। इसी के मद्देनजर पिचाई ने न्यायिक समिति की सार्वजनिक सुनवाई में जल्द सफाई पेश करने की बात की है।

ह्यूस्टन। इंसानों में बीमारियों का एक बड़ा कारण दूषित पानी है। दुनिया भर के वैज्ञानिक ऐसी प्रणालियां विकसित करने में प्रयासरत हैं, जिससे पानी में मौजूद हानिकारक तत्वों का पता लगाया जा सके। इसी कड़ी में वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। उन्होंने स्मार्टफोन आधारित एक ऐसी किफायती प्रणाली विकसित की है, जिसकी मदद से नल के पानी में सीसे के स्तर का पता लगाया जा सकेगा। वैज्ञानिकों ने इसके लिए स्मार्टफोन के साथ इंकजेट प्रिंटर से बने एक लेंस का प्रयोग किया है। गौरतलब है कि पानी में अधिक सीसा सेहत के लिए खतरनाक होता है।एनालिटिकल केमिस्ट्री नामक जर्नल में इस प्रणाली के बारे में विस्तार से प्रकाशित किया गया है। इसमें बताया गया है कि वैज्ञानिकों ने अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर सीसे का पता लगाने के लिए इस स्मार्टफोन माइक्रोस्कोप प्लेटफॉर्म को विकसित किया है। अमेरिका में ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी में एक सहयोगी प्रोफेसर वी-चुआन शिह का कहना है कि स्मार्टफोन नैनो- कलरिमेट्री ऐसी तेज और किफायती प्रणाली है, जिससे हर व्यक्ति किसी भी पर्यावरण सेटिंग से अपनी सुविधा अनुसार पानी में सीसे का पता लगा सकता है।ईपीए मानकों के अनुसार, पानी में सीसे की मात्रा 15 पाट्र्स प्रति बिलियन से कम होनी चाहिए। शिह का कहना है कि वर्तमान में पानी में सीसे का पता लगाने के लिए जो किट उपलब्ध हैं वो इतनी संवेदनशील नहीं है कि इसके स्तर का सटीकता से पता लगा सके। इसी चीज को देखते हुए हमने इस नई प्रणाली को विकसित किया है। यह प्रणाली नैनोस्केल सीसे के कणों का पता लगाने के लिए रंगों का विश्लेषण करती है। इसके लिए स्मार्टफोन में आठ मेगापिक्सल का कैमरा लगा है।
गंभीर बीमारियों का कारण:-शोधकर्ताओं का कहना है कि सीसे की थोड़ी सी मात्रा भी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। सीसा खासकर बच्चों और युवाओं की सेहत पर अधिक प्रभाव डालता है। यह उनके तंत्रिका तंत्र को क्षति पहुंचाता है।

जकार्ता। जबरदस्त भूकंप के झटके से इंडोनेशिया शुक्रवार को दहल उठा। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.5 दर्ज की गई है। इन झटकों के बाद आपदा एजेंसी ने सुनामी की चेतावनी जारी की है। यह भूकंप सुलावेसी द्वीप के नजदीक आया है। अमेरिकी ज्योलॉजिकल सर्वे ने बताया कि बोर्नियो के पूर्व में सुलावेसी द्वीप के पास भूकंप की तीव्रता 7.5 मापी गई है। गौरतलब है कि इंडोनेशिया पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, जहां नियमित रूप से भूकंप आते रहते हैं। यही नहीं इससे पहले सुलावेसी के दक्षिण-पश्चिम में सैकड़ों मील दूर स्थित लंबोक द्वीप पर आए कई भूकंपों में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी।
अगस्त में आए भूकंप ने ली थी 500 से ज्यादा जान:-अगस्त में डोनेशिया के लोमबोक द्वीप में भी भूकंप आया था। इस भूकंप में 555 से ज्यादा लोग मारे गए थे और करीब 1,500 लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा सैंकड़ों लोग बेघर हो गए। लोमबोक द्वीप के इलाके में 5 अगस्त को 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था और इसके बाद करीब 500 से ज्यादा भूकंप के ऑफ्टर शॉक आए थे। इसमें 9 अगस्त को 5.9 तीव्रता का एक झटका भी शामिल है। बता दें कि इंडोनेशिया में भूकंप का खतरा बना रहता है क्योंकि यह देश 'रिंग ऑ फायर' यानी लगातार भूकंप और ज्वालामुखीय विस्फोटों की रेखा पर स्थित है। यह रेखा प्रशांत महासागर के लगभग पूरे हिस्से को घेरती है। दुनिया के आधे से ज़्यादा सक्रिय ज्वालामुखी इसी रिंग ऑफ फायर का हिस्सा हैं।2004 में इंडोनेशिया के सुमात्रा तट पर 9.4 रिक्टर स्केल वाले भूकंप के कारण आई सूनामी के कारण भारत सहित विभिन्न देशों में 2,20,000 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि अकेले इंडोनेशिया में 1,68,000 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

वाशिंगटन। आतंकवाद के मसले पर अफगानिस्तान के मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के रवैये की पोल खोली है। उन्होंने यहां विदेश मामलों की परिषद में कहा कि पाकिस्तान लगातार तालिबान की मदद कर रहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व में नई सरकार आने के बावजूद पाकिस्तान की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा, 'शांति और वार्ता की गंभीरता के लिए कुछ चीजों की…
नई दिल्ली। इमरान खान की तीसरी बीवी बुशरा मनिका खान पहली बार मीडिया के सामने आई हैं। इमरान और बुशरा की शादी इसी वर्ष फरवरी में हुई थी। इसके कुछ ही समय के बाद दोनों के बीच मनमुटाव होने और बुशरा के वापस अपने पुराने घर जाने की बात भी सामने आई थी। लेकिन पाकिस्‍तान में आम चुनाव होने के बाद उनके फिर साथ आने की बात भी सामने आई…
रोहिंग्या संकट के चलते कनाडा ने म्यांमार की नेता आंग सान सू की को दी गई मानद नागरिकता वापस ले ली है। इससे संबंधित एक प्रस्ताव गुरुवार को कनाडा की संसद ने सर्वसम्मिति से पारित कर दिया। नोबेल पुरस्कार विजेता सू की को 2007 में कनाडा की मानद नागरिकता दी गई थी।म्यांमार में पिछले साल अगस्त में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ हुई हिंसा पर चुप्पी साधने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर…
पापुआ न्यू गिनी। आपने अक्सर विमान लैडिंग के दौरान हुई दुर्घटनाओं के बारे में सुना होगा। लेकिन गुरुवार को प्रशांत महासागर के तट पर स्थित पापुआ न्यू गिनी में एक विमान ऐसी घटना का शिकार हुआ जिसके बारे में आपने न तो सुना होगा और न ही देखा होगा। माइक्रोनेशिया में बोइंग 737-80 लैडिंग करने के लिए रनवे पर दौड़ रहा था। अचानक विमान बेकाबू हो गया और पास के…
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