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लंदन। सिंधी और बलूच कार्यकर्ताओं डेमर-भाषा बांध के निर्माण का विरोध कर रहे हैं। रविवार को सिंधी और बलूच राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं ने लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग के सामने प्रदर्शन किया और सिन्धु नदी के किनारे बांध के निर्माण के खिलाफ असंतोष जताते हुए नारेबाजी की।यह विरोध विश्व सिंधी कांग्रेस (डब्ल्यूएससी) द्वारा आयोजित किया गया था, जिनका कहना है कि सिंधु नदी पर डेमर-भाषा बांध का निर्माण केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि सिंधी लोगों के लिए जीवन और मृत्यु का मामला है। बलूच कार्यकर्ता भी इस विरोध में शामिल हुए और इस्लामबाद द्वारा संसाधनों के शोषण पर चिंता व्यक्त की।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पाकिस्तान सरकार सिंधी लोगों और पर्यावरण के अधिकारों पर विचार किए बिना बड़े पैमाने पर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीसी) जैसी परियोजना और सिंधु नदी पर बांध का निर्माण कर रही है। डब्ल्यूएससी ने पाकिस्तानी प्रशासन से योजनाओं से किसी भी बड़े बांध के निर्माण को रद करने का आग्रह किया और इसके बजाय सौर, परमाणु और अन्य अक्षय ऊर्जा स्रोतों से आधुनिक जल प्रबंधन और बिजली उत्पादन पर जोरदार ध्यान केंद्रित किया।आपको बता दें कि पीओके के गिलगित बाल्टिस्तान इलाके में पाकिस्तान 4500MW का डेमर-भाषा बांध बनाना चाहता है। जिसकी कुल लागत 14 बिलियन डॉलर बताई जा रही है, जिसका भुगतान करने में पाकिस्तान को 30 साल लगेंगे।

सियोल। दशकों की दुश्मनी भुलाकर करीब आए उत्तर और दक्षिण कोरिया अब आपसी विश्वास बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। इस सिलसिले में दोनों देशों की सेनाएं भारी सुरक्षा वाली सीमाओं पर बिछाई गई बारूदी सुरगों को हटाने में जुट गई हैं। पिछले माह प्योंगयांग में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के बीच हुई शिखर वार्ता में इन बारूदी सुरंगों को हटाने पर सहमति बनी थी।दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा, 'दोनों पक्ष सीमावर्ती गांव पैनमुनजोम के संयुक्त सुरक्षा क्षेत्र (जेएसए) से आगामी 20 दिनों में बारूदी सुरंग हटाने को तैयार हुए हैं। इस जोखिम भरे काम को दक्षिण कोरियाई सेना के इंजीनियरों ने अपने क्षेत्र में शुरू कर दिया है।'250 किमी लंबे असैन्य क्षेत्र में सिर्फ जेएसए ऐसा इलाका है जहां दोनों देशों की सेनाएं आपने-सामने रहती हैं। उत्तर कोरिया की ओर से हालांकि अभी यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि उसकी सेना ने भी यह प्रक्रिया शुरू की है या नहीं।वर्ष 1950 से 1953 तक हुए कोरियाई युद्ध के बाद इतने साल गुजर जाने के बावजूद दोनों कोरियाई देशों में अभी तक इस युद्ध की समाप्ति की घोषणा नहीं हुई है। इस साल की शुरुआत में शीतकालीन ओलंपिक खेलों से उत्तर कोरिया के रुख में बदलाव आया और तब से वह दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ संबंध सुधारने के प्रयास में जुटा है।

स्टॉकहोम। अमेरिका और जापान के वैज्ञानिकों (जेम्स पी एलिसन और तासुकु होंजो) को मेडिसिन के क्षेत्र में काम करने के लिए नोबेल पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है। इन दोनों शख्सियत को संयुक्त रूप से यह पुरस्कार दिया जाएगा। एलिसन और होंजो ने नेगेटिव इम्यून रेग्यूलेशन के इनहिबिशन के जरिए कैंसर थेरेपी की खोज की है जिसके लिए इन दोनों को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।इस बार नोबेल पुरस्कार की घोषणा के दौरान साहित्य में नोबेल पुरस्कार की घोषणा नहीं की गई है। बीते 70 सालों के दौरान यह पहला मौका होगा जब नोबेल पुरस्कारों के दौरान साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा।नोबेल पुरस्कार के बारे में जानने वाले लोगों के लिए इस बार यह कौतुहल का विषय रहेगा कि मौजूदा नोबेल पुरस्कार घोषणा में ज्यादा प्रत्याशियों के होने के कारण अर्थशास्त्र, भौतिकी, चिकित्सा, रासायन और शांति का नोबेल पुरस्कार किन लोगों को दिया जाता है। आपको बता दें कि नोबेल पुरस्कार सिर्फ जीवित लोगों को दिया जाता है, लेकिन 3 ऐसी शख्सियतें ऐसी भी रहीं हैं जिन्हें यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया गया है।साल 1931 में साहित्य के लिए एरिक एक्सल कार्लफेल्ट को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया गया जबकि साल 1961 में डाग हामरशोल्ड को शांति पुरस्कार मरणोपरांत दिया गया था और साल 1974 में जब तीसरी बार ऐसा किया गया तब से ये नियम ही बदल दिए गए।

नई दिल्‍ली। पाकिस्‍तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान की कथनी और करनी में साफ अंतर नजर आ रहा है। एक तरफ वह आतंक के खात्‍मे की बात करते हैं, दूसरी ओर उनकी मंत्री आतंकी हाफिज सईद की कॉन्‍फ्रेंस में शिरकत करते नजर आ रहे हैं। इससे फिर साफ हो गया है कि पाकिस्‍तान में आतंकियों को सरकार का पूरा समर्थन प्राप्‍त है।पाकिस्‍तान इमरान कैबिनेट में मंत्री नूर-उल-हक कादरी रविवार को एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए नजर आए। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आतंकी सरगना हाफिज सईद था। बता दें कि कादरी यहां पर हाफिज सईद के साथ मंच साझा करते हुए भी दिखाई दिए। तस्वीर में हाफिज सईद बीच में बैठा है, जबकि नूर-उल-हक कादरी सबसे दाईं ओर बैठे हैं।गौरतलब है कि नूर-उल-हक कादरी पाकिस्तान की इमरान सरकार में धार्मिक मामलों के मंत्री हैं। रविवार को इस्लामाबाद में सर्वदलीय बैठक हुई थी, जिसमें मंत्री और हाफिज सईद दोनों ही शामिल थे।

जकार्ता। भीषण भूकंप से तबाह हुए इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप की जेलों से करीब 1,200 कैदी फरार हो गए हैं। बीते शुक्रवार को 7.5 तीव्रता के भूकंप के बाद आई सुनामी से समुद्र में छह मीटर ऊंची लहरें उठी थीं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक आठ सौ से ज्यादा लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई गई है क्योंकि भूकंप के चार दिन बाद भी अभी ऐसे कई प्रभावित इलाके हैं जहां बचाव टीमें पहुंच नहीं पाई हैं।न्याय मंत्रालय की अधिकारी श्री पी उतमी ने सोमवार को कहा, 'भूकंप के दौरान पालू और डोंगला शहर की जेलों से बड़ी संख्या में कैदी फरार हो गए। मुझे लगता है कि वे भूकंप के डर से फरार हुए क्योंकि उन्हें इस बात का डर था कि वे भी भूकंप की चपेट में आ सकते हैं। इन जेलों में क्षमता से अधिक कैदी थे। फरार हुए कैदियों में ज्यादातर भ्रष्टाचार और ड्रग्स तस्करी के मामलों में सजा काट रहे थे।'
सेटेलाइट तस्वीरों में दिखी भारी तबाही:-सेटेलाइट से मिली तस्वीरों से तटीय इलाकों में भारी तबाही का पता चला है। हर तरह ध्वस्त इमारतें, पुल और सड़कें दिखीं। समुद्र के किनारों पर उलटे पड़े जहाज और कंटेनर दिखाई दिए। इंडोनेशिया की बचाव टीम ने कहा कि 80 कमरों वाले रोआ-रोआ होटल से दो लोगों को जिंदा बचाया गया है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील करते हुए कहा, 'हमने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों और एनजीओ के लिए दरवाजे खोल दिए हैं।'

 

पालू।भूकंप और सुनामी की मार झेल रहे इंडोनेशिया के सुलावेसी में सामूहिक कब्र खोदी जा रही है। इसमें करीब एक हजार से अधिक शवों दफनाने की तैयारी है। अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग मांगा है। आपदा के चार दिन बाद भी दूरदराज के कई इलाकों में संपर्क नहीं हो पाया है। अभी भी राहत एवं बचाव कार्य जारी है।ध्वस्त इमारतों के मलबे से पीड़ितों को निकाला जा रहा है। राष्ट्रपति जोको विडोडो ने दर्जनों अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों तथा गैर सरकारी संगठनों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। वह जीवनरक्षक सहायता के लिए पहले से तैयार थीं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप और सुनामी से मरने वालों की संख्या 832 से अधिक है।पालू के पहाड़ी इलाके पोबोया में स्वयंसेवकों ने मृतकों को दफनाने के लिए 100 मीटर लंबी कब्र खोदी जा रही है।मृतकों को दफनाने की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ सरकारी अधिकारी टॉम लेमबोंग ने ट्विटर पर बचावकर्ताओं से कहा है कि वह उनसे सीधे संपर्क करें। उन्होंने लिखा कि कल रात राष्ट्रपति जोकोवी ने अंतरराष्ट्रीय मदद स्वीकार करने के लिए हमें निर्देश दिया है, ताकि राहत तत्काल प्राप्त हो सके।प्राकृतिक आपदा के बाद खराब होते शवों के कारण बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए अधिकारी संघर्ष कर रहे हैं। इसके साथ ही यहां 14 दिन का आपातकाल घोषित किया गया है। पालू के एक होटल के मलबे में 60 लोगों के दबे होने की आशंका है। पालू में एक व्यक्ति ने बताया, 'हमें कोई सहायता नहीं मिल रही है, हम भूखे हैं। हमारे पास दुकानें लूटने के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि हमें भोजन चाहिए।'

 

 

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान के आतंकी रिश्ते को लेकर उस पर जोरदार हमला किया। भारत में जारी आतंकवाद के लिए पूरी तरह से पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वराज ने दुनिया के देशों को एक तरह से आगाह भी किया कि अगर उसकी हरकतों पर लगाम नहीं लगाया गया तो पूरी दुनिया इसकी जद में आ सकता है।उन्होंने भारत सरकार की तरफ से…
लाहौर। आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की विश्वभर में किरकिरी होती रहती है, लेकिन इस बार आतंकवाद से इतर भी पाकिस्तान दुनिया के सामने शर्मसार हुआ है। ये मामला चोरी का है और इस बार दुनिया के सामने पाकिस्तान की फजीहत, उनके खुद के राजनयिक ने की है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पाकिस्तान का एक अधिकारी कुवैत के प्रतिनिधि का वॉलेट (पर्स)…
नई दिल्ली। पाकिस्‍तान के आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा और आइएआइ के डायरेक्‍टर जनरल लेफ्टिनेंट नवीद मुख्‍तार प्रधानमंत्री इमरान खान से उनके ऑफिस में मुलाकात की। इस दौरान राष्‍ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ स्‍थानीय स्‍तर के सुरक्षा से जुड़े हालात पर चर्चा हुई। इस मीटिंग में इमरान खान को आर्मी चीफ ने अफगान सीमा में चल रहे रद्द-उल-फसाद के बारे में बताया। जियो न्‍यूज से मिली जानकारी के अनुसार संघीय प्रशासित…
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन से दोस्ती खूब रास आ रही है। मून की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हमें प्यार हो गया है। कोरियाई नेता ने मुझे कई खूबसूरत पत्र भेजे हैं। इन पत्रों से हमारी दोस्ती गहरी हुई है।'पश्चिमी वर्जीनिया में शनिवार को रिपब्लिकन पार्टी के स्थानीय उम्मीदवार के समर्थन में एक रैली में ट्रंप ने उम्मीद जताई कि…
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