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काठमांडू। माउंट एवरेस्‍ट की चोटी पर पहुंचे ब्रिटिश पर्वतारोही की ताकत ने जवाब दे दिया और वहीं पर उसकी मौत हो गई। बता दें कि एवरेस्‍ट की चोटी से उतरने के लिए उसमें ताकत नहीं बची थी। प्राप्‍त खबर के अनुसार, दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने वाले 8वें पर्वतारोही की मौत हो गई।नेपाल के हिमालय में अभी चल रहे पर्वतारोहण क्‍लाइंबिंग सेशन के दौरान यह 18वीं मौत है। हाइकिंग डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार, यहां अधिकतर मौत कमजोरी व थकान के कारण होती है।पर्यटन विभाग के अधिकारी मीरा आचार्य ने बताया कि शिखर से उतरने में 41 वर्षीय रॉबिन हाएंस फिशर की मौत एवरेस्‍ट पर ‘डेथ जोन’ में हुई, जहां काफी कम मात्रा में ऑक्‍सीजन होती है।एवरेस्‍ट पर उनकी चढ़ाई की व्‍यवस्‍था करने वाले एवरेस्‍ट परिवार ट्रेक्‍स कंपनी के मुरारी शर्मा ने बताया कि लंबी चढ़ाई के बाद कमजोरी के कारण वे कठिन राह में उतरने में असमर्थ रहे और उनकी मौत हो गई।शिखर से वे अपने शेरपा गाइड के साथ उतर रहे थे और अचानक ही बेहोश हो गए। उनके साथी गाइड ने फिशर की ऑक्‍सीजन बोतल बदली और पानी ऑफर किया, लेकिन उन्‍हें बचा न सके।अमेरिकी मैडिशन माउंटेनियरिंग कंपनी ने कहा कि अनेक पर्वतारोही अच्‍छे से प्रशिक्षित नहीं होते। मैडिशन ने बताया, ‘यदि वे अनुभवी टीम के साथ होते तो वे ठीक होते।

दुबई। ईरान से बचाव के लिए एहतियातन कदम पर चर्चा करने के क्रम में अमेरिका ने शुक्रवार को मिड्ल ईस्‍ट में 1500 सैनिकों की तैनाती की घोषणा की। ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका के इस कदम को गलत बताते हुए कहा कि क्षेत्र में सैनिकों की तैनाती करने वाला अमेरिकी कदम अंतरराष्‍ट्रीय शांति के लिए काफी खतरनाक होगा।ईरानी न्‍यूज एजेंसी मिजान ने ईरानी मिलिट्री अधिकारी का हवाला देते हुए कहा है- खाड़ी क्षेत्र में भेजे गए अमेरिकी जंगी जहाजों (वॉरशिप) को मिसाइल व गोपनीय हथियारों से ईरान डूबा सकता है। शु्क्रवार को अमेरिका ने ईरान से बचाव का प्रयास बताते हुए मिड्ल ईस्‍ट में 1,500 सैनिकों के तैनाती की घोषणा की। ईरान के मिलिट्री कमांड के सलाहकार जनरल मोर्तजा कुर्बानी ने न्‍यूज एजेंसी को बताया, अमेरिका यहां दो जंगी जहाज भेज रहा है। यदि वे मूर्खतापूर्ण हरकत करते हैं तो हम अपने मिसाइलों या अन्‍य गोपनीय हथियारों की मदद से क्रू समेत इन जहाजों को समुद्र के तल में भेज देंगे।ईरान द्वारा हमले की धमकी को गंभीरता से लेते हुए ट्रंप प्रशासन की ओर से अमेरिका की यह ताजा कार्रवाई की गई है। इसके अलावा अमेरिका ने मिड्ल ईस्‍ट में एयरक्राफ्ट कैरियर आदि को तैनात कर दिया है।इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने अमेरिकी हितों पर हमला किया तो उसे तबाह कर दिया जाएगा। ईरान के किसी भी हमले से निपटने के लिए अमेरिका ने पश्चिम एशिया में पहले ही विमानवाहक पोत और बमवर्षक विमान तैनात कर दिए हैं।दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने का कारण है कि पिछले साल ट्रंप ने आठ मई को ईरान के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने का एलान किया था। इसके बाद उसके तेल निर्यात को रोकने के साथ ही उस पर कई प्रतिबंध लगा दिए। इससे दोनों देशों में तनातनी बढ़ गई।

टोक्‍यो। पूर्वी जापान में शनिवार को मध्‍यम तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्‍टर स्‍केल पर भूकंप की तीव्रता 5 मापी गई है। राष्‍ट्रीय टेलीविजन एनएचके ने कहा, अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के आने से कुछ घंटों पहले टोक्‍यो में बिल्‍डिंग हिल गई। पत्‍नी मेलानिया के साथ ट्रंप शनिवार शाम तक टोक्‍यो पहुंच रहे हैं। वे जापान में चार दिवसीय दौरे पर रहेंगे।भूकंप के कारण सूनामी को लेकर किसी तरह की चेतावनी नहीं जारी की गई और न ही किसी नुकसान की खबर है।भूकंप का केंद्र दक्षिणी चिबा है, जो राजधानी से दक्षिणपूर्व की ओर 60 किमी की दूरी पर है। बता दें कि यहीं पर जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप रविवार को गोल्‍फ खेलेंगे।

कैराकस। पश्‍चिमी वेनेजुएला स्‍थित जेल में शुक्रवार को कैदियों व पुलिस के बीच हुए झड़प में 29 कैदियों की मौत हो गई व 19 पुलिसकर्मी जख्‍मी हो गए। रिपोर्टों के मुताबिक, कैदियों ने जेल में आए कुछ लोगों को बंदी बना लिया था। उन्हें बचाने के लिए सुरक्षाकर्मियों और कैदियों के बीच हिंसा हुई जिसमें कैदी मारे गए। वेनेजुएला की जेलों में होने वाली झड़पों में 2017 से अब तक 130 से ज्यादा कैदियों की मौत हो चुकी है।दूसरी ओर पोर्तुगुसा के जनसुरक्षा सचिव ऑस्कर वलेरो ने बताया कि पोर्तुगुसा राज्य के एकारिगुआ में पुलिस ने कैदियों को जेल तोड़कर भागने से रोकने का प्रयास किया। इसी कारण झड़प हुई। वलेरो ने बताया कि कैदियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं और तीन हथगोले भी फेंके। इसमें 19 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।जेल में हिंसा की घटनाओं के मामले में वेनेजुएला का रिकार्ड काफी खराब है। मार्च 2018 में वैलेंसिया के जेल में आग लगी थी जिसके कारण 68 कैदी मारे गए थे। वर्ष 2011 से लेकर अब तक वेनेजुएला के जेल में 400 से अधिक कैदी मारे गए। वेनेजुएला की जेलों में हिंसक झड़पों में मौतें होना आम बात है यहां साल 2017 से अभी तक हुई कई झड़पों में 130 से ज्यादा कैदियों की मौत हो चुकी है।कैदियों के अधिकारों की रक्षा करने वाले एनजीओ के अनुसार, यहां के जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों को रखा गया है। उदाहरण के लिए, अकारिगुआ जेल की क्षमता 60 कैदियों की है लेकिन यहां 500 कैदियों को रखा गया है।

बर्न। दुनिया में एक ऐसी भी घड़ी है, जिसमें कभी 12 बजे बजते ही नहीं है। इसके पीछे की सच्चाई जानकर आप हैरान हो जाएंगे। यह अजीबोगरीब घड़ी स्विटजरलैंड के सोलोथर्न शहर में है। इस शहर के टाउन पर एक घड़ी लगी है। उस घड़ी में घंटे के सिर्फ 11 अंक ही हैं। उसमें से नंबर 12 गायब है। वैसे यहां पर और भी कई घड़ियां हैं, जिसमें 12 नहीं बजते। इस शहर की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां के लोगों को 11 नंबर से काफी लगाव है।यहां की जो भी चीजे हैं उनका डिजाइन 11 नंबर के आस-पास ही घूमता रहता है। 11 नंबर के प्रति लोगों के इतने लगाव के पीछे एक सदियों पुरानी मान्यता है। एक समय में सोलोथर्न के लोग काफी मेहनत करते थे, लेकिन इसके बावजूद उनके जीवन में खुशियां नहीं थी। कुछ समय के बाद यहां की पहाड़ियों से एल्फ आने लगे और लोगों के जीवन में खुशहाली आने लगी। जर्मन भाषा में एल्फ का मतलब 11 होता है

बाली। इंडोनेशिया के बाली स्‍थित माउंट आगुंग हमेशा की तरह फिर से धुआं और राख उगल रहा है। इसके कारण बाली आने-जाने वाली सभी उड़ानों को रद कर दिया गया है। इस महीने आगुंग में तीसरी बार ज्‍वालामुखी फटने की घटना हुई है इससे पहले 21 और 18 मई को आगुंग के ज्‍वालामुखी से धुएं और राख का गुबार निकला था।बाली के माउंट आगुंग में शुक्रवार को ज्‍वालामुखी फटने की घटना हुई थी जो 4 मिनट 30 सेकेंड तक हुई। इसके बाद द्वीप पर हर ओर राख बिखरी हुई है। सिडनी मॉर्निंग हेराल्‍ड के अनुसार, राख की बारिश के कारण आस-पास के कारांगासेम और बांगली क्षेत्र के गांव प्रभावित हैं। लेकिन अब तक गांवों को खाली कराने का आदेश नहीं आया है। वर्ष 2017 में आगुंग दोबारा से सक्रिय हुआ था।इंडोनेशिया का वोलकैनोलॉजी सेंटर और जियोलॉजिकल डिजआस्‍टर मिटीगेशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा, राख कहां से निकल रहा है यह अभी देखना मुश्‍किल है लेकिन लावा फटने की तेज आवाजें सुनी जा सकती हैं।बता दें कि वर्ष 1963 में आगुंग के ज्‍वालामुखी में बड़ा विस्‍फोट हुआ था, और करीब 1100 लोगों की जान चली गई थी। इसके 50 से अधिक साल बीत जाने के बाद वर्ष 2017 में आगुंग फिर से सक्रिय हुआ। इंडोनेशिया जिस जगह पर स्थित है वहां पर टेक्टॉनिक प्लेट्स टकराती हैं जिसके कारण भूकंप और ज्वालामुखीय हलचलें होती रहती हैं। इंडोनेशिया में लगभग 400 से ज्यादा ज्वालामुखी हैं। जिनमें कम से कम 130 सक्रिय हैं और 65 को घातक की श्रेणी में रखा गया है

 

 

वाशिंगटन। भारत की जनता और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनावों की निष्पक्षता एवं ईमानदारी की सराहना करते हुए अमेरिका ने कहा है कि चाहे जो भी जीते वह उसके साथ मिलकर काम करेगा। लोकसभा चुनाव के लिए 90 करोड़ योग्य मतदाताओं ने मतदान किया। 543 सीटों में से 542 के लिए हुए चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों एवं निर्दलीय सहित 8000 से ज्यादा प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।भारत…
सिओल। अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने परमाणु वार्ता शुरू करने को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता तब तक फिर से शुरू नहीं होगी जब तक कि वाशिंगटन अपनी स्थिति नहीं बदलता।इससे पहले उत्तर कोरिया ने सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की आलोचना करने पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति की लताड़ लगाई थी। देश की…
लंदन। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने आखिरकार अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी है। वह 7 जून को अपने पद से इस्तीफा दे देंगी। जानकारी के लिए बता दें कि थेरेसा मे को द्वितीय विश्ल युद्ध के बाद BREXIT के रूप में सामने आए राजनीतिक संकट के चलते थेरेसा मे को अपना पद गंवाना पड़ रहा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में Brexit समर्थक कंजर्वेटिव नेता बोरिस…
नई दिल्‍ली। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भले ही पीएम मोदी को लोकसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत की बधाई दी हो लेकिन वहां की मीडिया की मानसिकता अब भी बदलती दिखाई नहीं दे रही है। पाकिस्‍तान के नामी अखबार द डॉन ने अपने संपादकीय में इस जीत पर चिंता जताई है। इसमें कहा गया है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में सांप्रदायिक राजनीति की जीत लोकतंत्र के…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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