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वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह विश्वास जताया है कि नवंबर में होने वाले आम चुनाव में कोरोना महामारी के चलते देरी नहीं होगी। उन्होंने चुनाव में ईमेल के जरिये मतदान कराए जाने के सुझाव का पुरजोर विरोध करने के साथ ही वोटर आइडी की पैरवी की है।महामारी से जूझ रहे अमेरिका में इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि देश में ईमेल के जरिये मतदान कराए जाने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।ट्रंप ने शुक्रवार को ह्वाइट हाउस में कोरोना वायरस टास्क फोर्स की बैठक के दौरान कहा, 'मेरे विचार से ईमेल वोटिंग में कई लोग धोखाधड़ी करते हैं। लोगों को वोटर आइडी के साथ ही मतदान करना चाहिए। मुझे लगता है कि वोटर आइडी बेहद महत्वपूर्ण है और यही कारण है कि जो लोग वोटर आइडी नहीं चाहते, दरअसल वे धोखा देना चाहते हैं।'भारत, अर्जेटीना, ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील जैसे कई देशों में वोटर आइडी चुनाव प्रक्रिया का अहम हिस्सा होता है। इन देशों में मतदाताओं की पहचान के लिए फोटो आइडी कार्ड जारी किए जाते हैं। जबकि अमेरिका के कुछ राज्यों में ही वोटर आइडी का उपयोग होता है। जबकि कई राज्यों ने इस पर रोक लगा रखा है। शुक्रवार को केंटकी राज्य के गवर्नर एंडी बेशियर ने भी वोटर आइडी बिल पर रोक लगा दी। ट्रंप ने कहा कि लोगों को यह दिखाना चाहिए कि वोटर अपना सही पहचान पत्र दिखाकर ही बूथ पर मतदान कर सकें।एक खबर ये भी है कि अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार की कंपनी पर भी कोरोना वायरस की चोट पड़ी है। ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने कर्जदाताओं से धन के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। कहा है कि कोरोना जनित बीमारी का कारोबार पर असर पड़ा है। भविष्य की योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इसलिए उसे ऋण चुकाने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। कंपनी ने यह बात ड्यूशे बैंक और कुछ अन्य कर्जदाताओं से कही है।उधर कोरोना से जंग के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत समेत दुनिया के 188 देशों के समर्थन वाले एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया है। इसमें कोरोना वायरस यानी कोविड-19 की महामारी को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग तेज करने का प्रस्ताव किया गया है। कहा गया है कि इस जानलेवा वायरस से 'समाज और अर्थव्यवस्था को भीषण' खतरा है।

न्यूयार्क। दुनिया भर में कहर बरपा करने वाले कोरोना के लिए जिम्मेदार चीन अब इसकी आड़ में कमाई करने में जुट गया है। मदद के नाम दूसरे देशों को चिकित्सा सामग्री और उपकरण बेचकर वह भारी मुनाफा कमा रहा है। विडंबना की बात है कि अमेरिका जैसी महाशक्ति भी इस समय उसकी आपूर्ति की मोहताज है। भारत की भी यही स्थिति है। दुनिया के कई कमजोर देश तो पूरी तरह उसके रहमोकरम पर हैं। चीन की इस कुटिल चाल को विशेषज्ञों ने भांप लिया है। इन लोगों ने दुनिया को आगाह किया है कि अपनी धमक बनाने के लिए चीन कमजोर देशों को मीडिया के तेवर कुंद करने का विचार भी दे रहा है।
मुनाफा कमा रहा चीन:-मनीला स्थित अकादमिक रिचर्ड जवाद हेडेरिन ने एशिया टाइम्स में प्रकाशित अपने लेख में लिखा कि दुनिया जहां कोरोना संकट पर काबू पाने के लिए जी जान से जूझ रही है वहीं चीन इसकी आड़ में मुनाफा कमाने में जुट गया है। पिछले कुछ दिनों में चीन ने अपनी सैन्य गतिविधियां भी बढ़ा दी हैं।
चीन के कई शीर्ष अधिकारी मानते हैं कि कोरोना वायरस चीन की सेना ने फैलाया:-उन्होंने लिखा है कि चीन कोरोना के कहर अपने ढंग से बयां करने के लिए कई स्तर से काम कर रहा है। उनके अनुसार चीन के कई शीर्ष अधिकारी मानते हैं कि कोरोना वायरस चीन की सेना ने फैलाया। कोरोना संकट के समय भी चीन दक्षिण चीन सागर में अपनी सामरिक और आर्थिक धमक कायम रखने में जुटा रहा। चीन ने उत्तरी क्षेत्र के समुद्र में हाल ही में प्राकृतिक गैस का बड़ा भंडार खोज निकालने की घोषणा की है। चीन ने यह कामयाबी ऐसे समय पाई है जब बाकी देश अपने सभी संशाधनों का इस्तेमाल बीमारी से निपटने में कर रहे हैं। कोराना से तबाह हो रहे देश अमेरिका ने मेडिकल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए डिफेंस प्रोडक्शन कानून लागू किया है। वहीं चीन के पड़ोसी मुल्कों मलेशिया और फिलीपींस में लॉकडाउन लागू किया गया है।
जिम्मेदार वैश्विक नेता नेता बनने की चाह:-कोरोना वायरस संकट के समय चीन खुद को जिम्मेदार वैश्विक नेता साबित करने की आड़ में दुनिया का चौधरी बनने की कोशिश में जुटा है।
मेडिकल सप्लाई की मदद करके चीन फायदा लेना चाहता है:-इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ सलाहकार डेविड शुलमैन ने वार आन द राक्स में लिखा है कि कोरोना से बुरी तरह प्रभावित देशों को मेडिकल सप्लाई की मदद करके चीन के नेता ठोस फायदा लेना चाहते हैं। वे वैश्विक परिदृश्य को अपनी सुविधा और लाभ के हिसाब से बदलना चाहते हैं।
चीन की शर्ते मानने का दबाव;-इन देशों को मास्क, दवा, वेंटीलेटर, जिसमें कुछ ठीक से काम भी नहीं करते, की आपूर्ति यों ही नहीं हो रही है। सप्लाई के साथ इन देशों पर चीन की शर्ते मानने का दबाव भी शामिल है। जो देश अभी तक अपने यहां फाइव जी मोबाइल सेवा में चीनी कंपनी हुवावे का विरोध कर रहे हैं वे भी दबाव में हैं।
कमजोर लोकतंत्र वाले देशों में चीन मदद की आड़ में अपना माडल भी थोपना चाहता है;-अपने आलोचकों का मुंह बंद करने के लिए कुख्यात चीन मदद की आड़ में कमजोर लोकतंत्र वाले देशों में सूचना पर नियंत्रण रखने वाला अपना माडल भी थोपना चाह रहा है।उल्लेखनीय है चीन ने 2003 में सार्स फैलने पर खुद पर तोहमत लगने पर मीडिया और मामले की पैरवी कर रहे समूहों का मुंह बंद कर दिया था। इसी तरह इस बार कोविड-19 की जानकारी देने वालों को भी यही सब भुगतना पड़ा।
चीन इस समय कंबोडिया को जनमत को अपने हिसाब से प्रभावित करने के हथकंडे सिखा रहा:-चीन इस समय कंबोडिया, सर्बिया और युगांडा जैसे देशों को जनमत को अपने हिसाब से प्रभावित करने, और पत्रकारों व सिविस सोसायटी को नियंत्रित करने और उनकी निगरानी के हथकंडे सिखा रहा है।
उन्होंने लेख में लिखा है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को विश्व में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए चीन की कुटिल चालों का विरोध करते रहना होगा।
अमेरिका ने भी माना, चीन कोरोना के नाम पर कर रहा कमाई:-अमेरिका के न्यूयार्क प्रांत के गवर्नर एंड्यू कुओमो का भी मानना है कि दुनिया भर में कोरोना के प्रकोप के लिए जिम्मेदार चीन अब इसकी आड़ में कमाई कर रहा है। मास्क, दवा और वेंटीलेटर महंगे दाम पर बेचकर वह मनमाना मुनाफा ले रहा है। अफसोस तो इस बात का है कि अमेरिका जैसी महाशक्ति उस पर निर्भर है।
अमेरिका में कोरोना संकट के दौरान चिकित्सा सामग्री और उपकरणाेंं का टोटा;-अमेरिका में कोरोना संकट के दौरान चिकित्सा सामग्री और उपकरण का टोटा पड़ने से हालात भयावह है। भारत द्वारा कुछ दवाओं के निर्यात पर पाबंदी लगाने से भी अमेरिका को दिक्कत हुई है। भारत हर साल अमेरिका को 5.35 अरब डालर की दवाएं भेजता है।
कोरोना संकट के चलते अमेरिका में वेंटीलेटर के दाम दोगुने हो गए:-लुइसियाना के गवर्नर जान बेल एडवर्ड ने बताया कि इस संकट काल में अमेरिका में वेंटीलेटर के दाम दोगुने तक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि देश में बीते 35 साल में उद्योगों को दूसरे देश में ले जाने की नीति के कारण आज अमेरिका को चीन के सामने लाचार होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस संकट से उबरने के बाद हो सकता है देश में सभी लोग राष्ट्रपति की अमेरिका फ‌र्स्ट की नीति पर सहमत हो जाएं।
ट्रंप ने की चीन से मेडिकल सप्लाई मंगाने के लिए 51 उड़ानों की घोषणा:-उल्लेखनीय है ट्रंप ने मौजूदा संकट के लिए चीन से मेडिकल सप्लाई मंगाने के लिए आनन फानन में 51 उड़ानों की घोषणा की है। रूस के एक संगठन ने भी अपने खर्च पर अमेरिका को मेडिकल सप्लाई भेजी है। गरीब देशों की मदद करने वाले संयुक्त राष्ट्र ने न्यूयार्क शहर के लिए मास्क की खेप भेजी है।
हम लोग मेडिकल सप्लाई पर दूसरे देशों का मुंह ताकते हैं;-इस मामले में व्हाइट हाउस ट्रेड एंड मैन्यूफैक्चरिंग पालिसी के निदेशक पीटर नवारो ने कहा कि इस संकट ने हमें चेताया है कि हम लोग मेडिकल सप्लाई पर खतरनाक स्तर तक दूसरे देशों पर निर्भर हैं। पेनीसिलीन, मास्क और वेंटीलेटर जैसी चीजों को लिए आज हम दूसरे देशों का मुंह ताकते हैं।

बीजिंग। कोरोना महामारी के चलते जान गंवाने वाले मरीजों और चिकित्साकर्मियों की याद में शनिवार को चीन में तीन मिनट का मौन रख कर राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया गया। इस दौरान सड़कों पर ना केवल यातायात थम गया, बल्कि देश का झंडा भी आधा झुका रहा। राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में मनाए गए शोक दिवस में जिन लोगों को श्रद्धांजलि दी गई, उनमें वायरस के खतरे के बारे में सबसे पहले बताने वाले डॉ. ली वेनलियांग भी शामिल हैं। नेशनल हेल्थ कमीशन के मुताबिक, चीन में अभी तक इस महामारी से 3,326 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 81,326 लोग इससे संक्रमित हैं। बता दें कि इससे पहले चीन में तीन बार राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया गया है।
राष्ट्रपति समेत अन्य चीनी नेताओं ने दी कोरोनावायरस के मृतकों को श्रद्धांजलि:-स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे बीजिंग में राष्ट्रपति शी चिनफिंग और चीन के अन्य नेताओं ने कोरोनावायरस के मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित राष्ट्रीय शोक दिवस समारोह में भाग लिया। अपने सीने पर सफेद फूल लगाए इन नेताओं ने आधे झुके राष्ट्रीय ध्वज के सामने मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
तीन मिनट के मौन के दौरान सड़कों पर यातायात थम गया, दूतावासों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका;-तीन मिनट के मौन के दौरान दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देश में सायरन बजने पर सड़कों पर यातायात पूरी तरह थम गया। चीन के सभी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में भी राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। शनिवार को सभी तरह के मनोरंजन कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए। महामारी से सबसे अधिक प्रभावित वुहान में श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। शहरी क्षेत्रों की सभी ट्रैफिक लाइटें 10 बजे सुबह लाल कर दी गई, जिसके बाद सड़कों पर तीन मिनट के लिए यातायात थम गया। कोरोना का सबसे पहला मामला हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में सामने आया था। अकेले वुहान में इस महामारी से 2,567 लोगों की मौत हुई। उधर, हुबेई प्रांत में चार और लोगों की मौत हुई है जबकि संक्रमण का एक नया मामला सामने आया है।
14 लोगों को शहीद का दर्जा:-चीन में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पुलिस के 95 अधिकारियों और 46 स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी जान गंवाई है। वायरस के खतरे के बारे में सबसे पहले बताने वाले डॉ. ली वेनलियांग सहित 14 लोगों को शहीद का दर्जा दिया गया है। जिन लोगों को शहीद का दर्जा दिया गया है, उनमें 12 स्वास्थ्यकर्मी, एक पुलिस अधिकारी और एक कम्युनिटी वर्कर शामिल हैं।

मैड्रिड/पेरिस। दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या दस लाख को पार कर गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर के मुताबिक, अब तक इस वायरस से दुनियाभर में 58,631 लोगों की मौत हो चुकी है। स्‍पेन में एक ही दिन में इस वायरस से 809 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही स्पेन में मृतकों की संख्या 11,744 पर पहुंच गई। कोरोना से मौतों के मामले में स्‍पेन नंबर वन पर है जबकि इटली दूसरे स्थान पर... अमेरिका अब पूरी दुनिया में महामारी के नए केंद्र के तौर पर उभरा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेताया है कि आने वाले दिनों हालात और भयावह होंगे।
जापान ने WHO पर उठाए सवाल:-जापान ने चीन को लेकर (World Health Organization यानी WHO) के नजरिये पर सवालिया निशाना खड़ा किया है। उप प्रधानमंत्री तारो असो ने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का नाम बदलकर चीनी स्वास्थ्य संगठन होना चाहिए। बता दें कि संक्रमण को रोकने के बारे में तत्काल कार्रवाई नहीं करने पर डब्ल्यूएचओ विभिन्न देशों के निशाने पर है। उसकी बेरुखी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 23 जनवरी को उसने वायरस के संक्रमण को एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने से मना कर दिया था, जबकि संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे थे।
WHO को चीनी स्वास्थ्य संगठन कहा जाए:-जापानी सांसदों से बात करते हुए आसो ने डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम ग्रेब्रियेसस को हटाने के संदर्भ में एक ऑनलाइन याचिका चेंजडॉटओआरजी का हवाला दिया। आसो ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के पूर्व प्रमुख एक चीनी नागरिक थे और उस समय भी विभिन्न देशों ने शिकायतें की थीं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन याचिका को अब तक तीन लाख लोगों का समर्थन मिल चुका है और उम्मीद है कि पांच लाख लोग इसे अपना समर्थन प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि आम लोगों को लगता है कि WHO को अपना नाम बदल लेना चाहिए। इसे WHO नहीं बल्कि चीनी स्वास्थ्य संगठन कहा जाना चाहिए।
स्पेन में 24 घंटों के दौरान 809 की मौत:-स्पेन में पिछले चौबीस घंटों के दौरान 809 लोगों की मौत हुई है। शुक्रवार को यह संख्या 932 थी। स्पेन में मरने वालों की कुल संख्या 11,744 हो गई है। संक्रमित लोगों की बात करें तो आंकड़ा 1,17,710 से बढ़कर 1,24,736 हो गया है। उधर, अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहे लोगों को 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा जा रहा है। देश में लॉकडाउन को बढ़ाने के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री सल्वाडोर इला ने कहा कि प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज इस मुद्दे पर कोरोनावायरस टास्क फोर्स के साथ पहले एक बैठक करेंगे और इसके बाद विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे कि लॉकडाउन को 13 अप्रैल से आगे बढ़ाया जाए या नहीं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना कि लॉकडाउन से संक्रमण के नए मामलों में कमी आई है।
ब्रिटेन में 708 और लोगों की मौत;-ब्रिटेन में संक्रमण से एक दिन में 708 और लोगों की मौत हुई है। इस तरह मरने वालों की तादाद 4,313 हो गई है। अभी तक 1,83,190 लोगों का टेस्ट किया गया है, जिसमें 41,903 का टेस्ट पॉजिटिव आया है। पाकिस्तान में 2700 से ज्यादा संक्रमित शनिवार को पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर 2,708 हो गए हैं। अकेले पंजाब प्रांत में संक्रमित लोगों की संख्या एक हजार से ज्यादा हो गई है। नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक अब तक देश में संक्रमण से 40 लोगों की मौत हो चुकी है। उधर, शुक्रवार को विश्व बैंक ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए पाकिस्तान को 200 मिलियन डॉलर (1500 करोड़ रुपये से ज्यादा) की आर्थिक सहायता को मंजूरी प्रदान कर दी।
यूरोप पर तगड़ी मार:-दुनिया के दो सौ देशों के 1,122,320 लोग संक्रमित हैं। हालांकि एक बात अच्छी है कि अब तक पूरी दुनिया में 2,11,600 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। इस महामारी से यूरोप सबसे ज्यादा प्रभावित है। वहां पर संक्रमण के 6,03,778 मामले दर्ज किए गए हैं। जबकि 43,146 लोगों की मौत हुई है। यूरोप के दो देश इटली और स्पेन सर्वाधिक प्रभावित हैं। अकेले 26 हजार से ज्यादा मौतें इन्हीं देशों में हुई हैं। एशिया की बात करें तो यहां अभी तक 1,15,730 संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 4,123 लोगों की मौत हुई है।
देश मौतें संक्रमण
इटली 14,681-1,19,827
स्पेन 11,744-1,24,736
अमेरिका 7,406-2,77,613
फ्रांस 6,507-82,165
ब्रिटेन 4,313-41,903
ईरान 3,452-55,743
चीन 3,326-81,639
जर्मनी 1,295-92,050
बांग्लादेश में लॉकडाउन बढ़ाया
- सिंगापुर में शनिवार को कोरोना से छठी मौत हुई। वहां संक्रमित लोगों की संख्या 1,114 हो गई है।
- इटली में शू डिजाइनर सर्गियो रोसी की कोरोना से मौत। वह 84 वर्ष के थे।
- बांग्लादेश में लॉकडाउन को 11 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है।
इंडोनेशिया में मौत के आंकड़ों पर उठे सवाल:-इंडोनेशिया की सरकार के मुताबिक देश में संक्रमण के 2092 मामले हैं जबकि 191 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि राजधानी जाकार्ता में पिछले महीने अंतिम संस्कार में हुई अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए इन आंकड़ों पर सवाल उठने लगे हैं। इंडोनेशिया में अभी भी राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन नहीं है और सोशल डिस्टेंसिंग के माध्यम से महामारी से लड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ईरान में 158 और लोगों की मौतईरान में पिछले चौबीस घंटे में 158 और लोगों की मौत हुई है। इस तरह वहां मरने वालों की कुल तादाद 3,452 हो गई है। कुल संक्रमित लोगों की संख्या 55,743 हो गई है। इनमें से 4,103 लोगों की हालत चिंताजनक है।

सैन फ्रांसिस्को। स्पेस-एक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क के अगली पीढ़ी के अंतरिक्ष यान 'स्टारशिप' (एसएन3) के प्रोटोटाइप का तीसरा परीक्षण भी असफल रहा है। टेक्सास के बोका चीका स्थित कंपनी के परीक्षण स्थल पर प्रेशर टेस्ट के दौरान यह फट गया। परीक्षण असफल होने के थोड़ी देर बाद मस्क ने ट्वीट करके कहा कि इस संबंध में उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा, लेकिन प्रथमदृष्टया ऐसा लगता है कि कांफिगरेशन की गलती के चलते ऐसा हुआ है।घटना से जुड़े एक वीडियो में प्रोटोटाइप का ऊपरी हिस्सा फटता हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं टेक्नोलॉजी और साइंस से जुड़ी एक वेबसाइट के मुताबिक, विस्फोट इसलिए हुआ, क्योंकि लिक्विड नाइट्रोजन को रॉकेट के प्रणोदक टैंक में डाला गया था। यह स्टारशिप प्रोटोटाइप का तीसरा असफल परीक्षण है। पिछले साल 20 नवंबर को क्रायोजेनिक प्रेशर टेस्ट के दौरान एम1 प्रोटोटाइप का ऊपरी हिस्सा फट गया था। वहीं इसी साल 28 फरवरी को क्रायोजेनिक प्रेशर टेस्ट के दौरान एन2 प्रोटोटाइप की सतह में विस्फोट हो गया था। मस्क ने संकेत दिया है कि स्टारशिप सही तरीके से काम करे, इसके लिए इसके प्रोटोटाइप में सुधार का काम जारी रहेगा। बता दें कि स्पेस-एक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क का दावा है कि इस अंतरिक्षयान से चांद, मंगल या अपने सौर मंडल के किसी भी ग्रह पर आप अंतरिक्षयात्री और कार्गो (सामान) को एक साथ भेज सकते हैं। यह यान वापस भी लौट आएगा, लेकिन इसकी लैंडिंग सीधी होगी।

बीजिंग। कोरोना वायरस के केंद्र वुहान शहर को नौ हफ्ते बाद लॉकडाउन से राहत दी गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को शहरवासियों से कहा कि वे घरों में ही रहें और गैर जरूरी आवाजाही से बचें। ये निर्देश वायरस के दोबारा पांव पसारने की आशंका में दिए गए हैं। वुहान से ही तीन महीने पहले पूरे चीन समेत दुनिया में कोरोना फैला था।चीन में कोरोना वायरस से मरने वाले लोगों की याद में शनिवार को राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया जाएगा। इस दिन राष्ट्रीय ध्वज झुका रहेगा और वायरस के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान गंवाने वाले डॉक्टर ली वेनलियांग समेत अन्य शहीदों और इस संक्रामक रोग से देशभर में 3,300 से ज्यादा मरने वाले लोगों को याद किया जाएगा।
देश और विदेश में सभी चीनी दूतावासों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा:-चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में शुक्रवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, राष्ट्रीय शोक के दौरान पूरे देश और विदेश में सभी चीनी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इस दौरान देशभर में सार्वजनिक मनोरंजन की गतिविधियां भी स्थगित रहेंगी।
देशभर में चीनी नागरिक तीन मिनट का मौन रखेंगे;-देशभर में चीनी नागरिक शनिवार सुबह दस बजे मृतकों की याद में तीन मिनट का मौन रखेंगे। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में जान देने वाले मध्य चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान के डॉक्टर ली वेनलियांग समेत 14 कार्यकर्ताओं की शहीद के तौर पर पहचान की गई है। इन्होंने वायरस से लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई थी। 34 वर्षीय वेनलियांग ने ही सबसे पहले वायरस के बारे में चेतावनी दी थी। लेकिन पुलिस ने इस पर ध्यान देने की जगह उन्हें प्रताड़ित किया था। कोरोना की चपेट में आकर उनकी फरवरी के शुरू में मौत हो गई। इस पर कई चीनी नागरिकों ने सोशल मीडिया पर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
31 नए मामले, चार की मौत;-चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अनुसार, देश में कोरोना के 31 नए मामलों की पुष्टि की गई है। इनमें से दो स्थानीय और 29 विदेश से आए मामले हैं। दोनों स्थानीय मामले लिओनिंग और गुआंग्डोंग प्रांतों में पाए गए हैं। जबकि चार और लोगों की मौत से मरने वालों का आंक़़डा 3,322 हो गया है।
शेंजेन में कुत्ते और बिल्ली के खाने पर रोक;-समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार, चीन के शेंजेन शहर में कुत्ते और बिल्ली के खाने पर रोक लगा दी गई है। इस तरह का प्रतिबंध लगाने वाला चीन का यह पहला शहर है। यह कदम कोरोना महामारी को देखते हुए उठाया गया है। इस महामारी का संबंध जानवरों के मांस के आहार से बताया जा रहा है।

वाशिंगटन। कोरोना वायरस कोविड-19 की चपेट में आने वाले लोगों को खांसी, जुकाम, सीने में जकड़न, सांस लेने में कठिनाई और न्यूमोनिया ही नहीं मस्तिष्क संबंधी गंभीर दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, कोरोना के कारण लोगों के दिमाग पर असर पड़ने को इंसेफैलोपैथी के नाम से भी जाना जाता है। इसमें लोगों की दिमागी क्षमता प्रभावित होने के साथ ही सूंघने और स्वाद लेने…
टोक्‍यो। जापान में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए अमेरिका ने शुक्रवार को आग्रह किया कि अब उन्‍हें वापस अपने देश लौट जाना चाहिए या फिर अनिश्‍चितकाल के लिए वहीं रहने की तैयारी कर लें। टोक्‍यो में अमेरिकी दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर कहा, ‘यदि अमेरिकी नागरिक अपने देश अमेरिका वापस लौटना चाहते हैं तो उन्‍हें इसकी तैयारी अभी ही…
मनीला। फिलीपींस में कोरोना वायरस के चलते एक दिन में 29 लोगों की मौत हो गई है। इस संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या देश में 136 हो गई है। इसके अलावा 385 नए संक्रमित मामले सामने आए हैं। इस वक्त पूरी दुनिया कोरोना के संकट से ग्रस्त है, लेकिन अभी तक इस बीमारी का इलाज नहीं मिल पाया है। वैश्विक तौर पर 50 हजार से ज्यादा लोगों की…
लंदन। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण अमेरिका, भारत समेत सैकड़ों देशों में लॉकडॉउन के कारण भले ही अर्थ व्यवस्थाएं थम गई हों। लेकिन दुनिया भर में बड़े पैमाने पर औद्योगिक और मानवीय गतिविधियां कम होने से पिछले कुछ ही दिनों में पर्यावरण में बेहतरीन सुधार आया है। पूरे विश्व में कार्बन उत्सर्जन इस साल इतना अधिक कम हो गया है जितना 75 साल पहले द्वितीय विश्व युद्ध के बाद…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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