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वाशिंगटन - अमेरिकी सीनेटर रैंड पॉल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पाकिस्तान की ईसाई महिला आसिया बीबी को अमेरिका में शरण देने की मांग की है। हाल में पाक सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में आसिया को ईशनिंदा के आरोप से बरी कर दिया था। इसके बाद से आसिया को पाकिस्तान के कट्टरपंथियों से जान की धमकियां मिल रही हैं।
रिपब्लिकन सीनेटर पॉल ने कहा, 'मैं आसिया की रिहाई के लिए लड़ा हूं। पाकिस्तान में उनकी जान को खतरा है। इसलिए मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से उन्हें यहां शरण देने का आग्रह किया है। राष्ट्रपति को आसिया को अमेरिका आने का न्योता देना चाहिए।'
पॉल ने आसिया को भी अमेरिका में शरण के लिए आवेदन करने का सुझाव दिया है। आसिया को 2010 में पाकिस्तान की निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी। आसिया की जान को खतरा बताते हुए उनके पति ने कनाडा समेत कई यूरोपीय देशों से शरण की गुहार लगाई है।


सियोल - शांति की राह पर आने के करीब एक साल बाद उत्तर कोरिया फिर पुराने ढर्रे पर चलता दिख रहा है। उसने शुक्रवार को एक नए अत्याधुनिक सामरिक हथियार का परीक्षण किया। यह परीक्षण उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की निगरानी में किया गया। उत्तर कोरिया के इस कदम से परमाणु निरस्त्रीकरण मसले पर अमेरिका के साथ चल रही वार्ता पर असर पड़ सकता है।
उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी कोरिया सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के अनुसार, 'किम जोंग उन ने शुक्रवार को अकादमी ऑफ डिफेंस साइंस के परीक्षण स्थल का दौरा किया। उनकी निगरानी में ही नव विकसित अत्याधुनिक सामरिक हथियार का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।' एजेंसी ने दावा किया कि यह हथियार स्टील की दीवार की तरह उत्तर कोरिया का बचाव कर सकता है। इस हथियार के बारे में इससे ज्यादा कोई जानकारी नहीं दी गई। लेकिन इससे जाहिर होता है कि इस परीक्षण में लंबी दूरी के बैलिस्टिक रॉकेट या परमाणु डिवाइस को शामिल नहीं किया गया।
गत नवंबर में किया था अंतिम परीक्षण
दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ कूटनीतिक मोर्चे पर प्रगति के बाद उत्तर कोरिया ने इस साल कोई परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण नहीं किया। उसने पिछले साल नवंबर में आखिरी बार एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। इससे पहले 2017 में उसने कई मिसाइल और परमाणु परीक्षण किए थे।
इस साल रुख में आया था बदलाव
उत्तर कोरिया के रुख में इस साल बदलाव आया और दशकों की दुश्मनी को भुलाकर उसने दक्षिण कोरिया के साथ संबंध बेहतर करना शुरू किया। गत जून में सिंगापुर में किम और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक शिखर वार्ता हुई। इसमें कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त करने पर सहमति बनी थी। इसके लिए दोनों देशों में बातचीत चल रही है। दोनों नेताओं की नए साल में दोबारा मुलाकात हो सकती है।
अमेरिका ने जताया भरोसा
उत्तर कोरिया के नए परीक्षण की खबर पर अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा, बातचीत की प्रक्रिया पटरी पर है। हम सिंगापुर में ट्रंप और किम की वार्ता में किए गए वादों को पूरी तरह क्रियान्वित किए जाने को लेकर आश्वस्त हैं।
अमेरिकी नागरिक को स्वदेश भेजेगा उत्तर कोरिया
केसीएनए ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर कोरिया एक अमेरिकी नागरिक को स्वदेश भेजेगा। उसे गत अक्टूबर में चीन की ओर से उत्तर कोरिया में अवैध रूप से दाखिल होने के आरोप में पकड़ा गया था। अमेरिकी नागरिक की पहचान ब्रूस वायरन लॉवरेंस के तौर पर की गई है।

 


न्यूयॉर्क - ब्रिटेन के दिग्गज चित्रकार डेविड हॉकनी की पेंटिंग 'पोट्रेट ऑफ एन आर्टिस्ट' यहां एक नीलामी में 9.03 करोड़ डॉलर (करीब 648 करोड़ रुपये) में बिकी। किसी जीवित चित्रकार की पेटिंग के लिए यह अब तक की सबसे ऊंची बोली है। इससे पहले 2013 में अमेरिकी चित्रकार जेफ कूंस की पेंटिंग 'बैलून डॉग' के लिए सबसे अधिक 5.84 करोड़ डॉलर (करीब 419 करोड़ रुपये) की बोली लगी थी।
हॉकनी की इस पेंटिंग में एक स्मार्ट व्यक्ति स्वीमिंग पूल में तैरकर उसकी ओर आते एक अन्य व्यक्ति को देख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वीमिंग पूल के किनारे खड़ा व्यक्ति हॉकनी का पूर्व प्रेमी पीटर श्लेसिंगर है।1972 में हॉकनी ने यह पेंटिंग केवल बीस हजार डॉलर में बेची थी।
हॉकनी की इस पेंटिंग को आधुनिक समय की सबसे बेहतरीन कलाकृति बताते हुए नीलामी घर क्रिस्टी ने इसके आठ करोड़ डॉलर में बिकने का अनुमान लगाया था। पेंटिंग के लिए इतनी ही बोली लगी लेकिन कमीशन आदि मिलाकर उसका कुल दाम 9.03 करोड़ डॉलर हो गया। फिलहाल पेंटिंग बेचने और खरीदने वालों के नाम उजागर नहीं किए गए हैं। हॉकनी की एक अन्य पेंटिंग 'पेसिफिक कोस्ट हाईवे एंड सांता मोनिका' 1990 में 2.84 करोड़ डॉलर में बिकी थी।


यंगून - म्यांमार के आव्रजन अधिकारियों ने शुक्रवार को यंगून तट के पास समुद्र में एक नौका पर सवार 100 से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमानों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह मानव तस्करी से जुड़ा मामला हो सकता है।
म्यांमार और बांग्लादेश से बड़े पैमाने पर लोग अवैध रूप से थाइलैंड ले जाए जाते हैं। 2015 में म्यांमार सरकार ने मानव तस्करों पर सख्ती की थी। लेकिन पकड़े जाने के डर से कई तस्करों ने लोगों से भरी नौकाएं बीच समुद्र में ही छोड़ दी थीं, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। आव्रजन अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह यंगून तट से 30 किलोमीटर दूर समुद्र में एक नौका को रोका गया। उस पर 50 पुरुष, 31 महिलाएं और 25 बच्चे सवार थे। माना जा रहा है कि सभी रखाइन प्रांत के हैं। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।
पिछले सप्ताह सूचना मिली थी कि बांग्लादेश और म्यांमार के दर्जनों रोहिंग्या नौका से मलेशिया पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले साल अगस्त में रोहिंग्या आतंकियों ने रखाइन में कई पुलिस चौकियों पर हमला किया था। सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद सात लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमानों ने रखाइन से पलायन कर बांग्लादेश में शरण ली थी।


इस्तांबुल - सऊदी मूल के अमेरिकी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के मामले में तुर्की के पास ऑडियो सहित कई और सुबूत मौजूद हैं। ये सुबूत खशोगी मामले में सऊदी अरब की तरफ से दिए गए बयान के उलट हैं।
तुर्की के हुर्रियत अखबार के स्तंभकार अब्दुल कादिर सेल्वी ने दावा किया है कि तुर्की के पास दो ऑडियो हैं। सात मिनट के पहले ऑडियो से साबित होता है कि खशोगी की गला घोंटकर हत्या की गई थी। जबकि, 15 मिनट के दूसरे ऑडियो से स्पष्ट होता है कि खशोगी की हत्या सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी।
सऊदी अरब के अभियोजक ने गुरुवार को कहा था कि खशोगी की हत्या में दोषी पांच अधिकारियों को मौत की सजा हो सकती है। लेकिन इस हत्या में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की भागीदारी के सुबूत नहीं हैं। प्रिंस सलमान के मुखर आलोचक 59 वर्षीय खशोगी की गत दो अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास में हत्या कर दी गई थी। तुर्की के मुताबिक, इस वारदात को सऊदी से आई एक टीम ने अंजाम दिया था और इस हत्या का आदेश सऊदी सरकार के सर्वोच्च स्तर से दिया गया था।

 


हरारे - जिम्बाब्वे में शुक्रवार को एक बस में संदिग्ध गैस सिलेंडर के फटने से 42 लोगों की मौत हो गई और 30 लोग घायल हो गए हैं। यह बस जविशवाने से बेचब्रिज क्रॉसिंग जा रही थी तभी फिलाबुसी शहर के पास इस बस में आग लग गई। स्थानीय पुलिस ने इसकी पुष्टि की है।
पुलिस प्रवक्ता चैरिटी चरम्बा ने बताया कि यह विस्फोट सिलेंडर में आग लगने की वजह से हुआ। यह बस में सवार एक यात्री का था। फिलहाल इस हादसे में 42 लोगों की मौत की खबर है। चरम्बा ने यह भी बताया कि हमारे पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं।
जिम्बाब्वे ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन ने इस घटना से संबंधित तस्वीरों को प्रकाशित किया है। इसमें दक्षिण अफ़्रीकी सीमा और बुलावेयो शहर के बीच एक राजमार्ग पर इस घटना में तबाह हुए वाहन की फोटो दिखाई गई है। जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में घायल हुए 30 लोगों को ग्वांडा टाउन अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

इस्लामाबाद - पाकिस्तान सरकार से उसके अपने चार प्रांत भले ही नहीं संभल रहे हैं, लेकिन गुलाम कश्मीर को लेकर उसने एक नई चाल चली है। पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र की कानूनी स्थिति की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित कर दी। नॉर्दर्न एरियाज के नाम से चर्चित कश्मीर के इस टुकड़े को वह अपने पांचवें राज्य का दर्जा देने की फिराक में है।सुप्रीम कोर्ट के चीफ…
बीजिंग - चीन के शिंजियांग क्षेत्र में उइगर मुस्लिमों के मानवाधिकार हनन के मसले पर अमेरिका और 15 अन्य पश्चिमी देश बीजिंग को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। कनाडा के नेतृत्व में 15 पश्चिमी देशों के राजदूतों ने शिंजियांग में कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख चेन क्वांगुओ के नाम एक पत्र लिखकर मुलाकात का अनुरोध किया है। इस बैठक का उद्देश्य उइगर मुस्लिमों के कथित मानवाधिकार उल्लंघन पर स्पष्टीकरण की…
बीजिंग - डोकलाम गतिरोध के एक साल बाद भारत और चीन के बीच पहली रक्षा और सुरक्षा वार्ता हुई। इसमें दोनों देशों में सैन्य आदान-प्रदान और वार्ता को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। बता दें कि पिछले साल डोकलाम में दोनों देशों की सेनाएं 73 दिनों तक आमने-सामने थीं। इस गतिरोध के चलते पिछले साल भारत और चीन में यह सालाना वार्ता नहीं हुई थी।भारत और चीन के शीर्ष अधिकारियों…
वाशिंगटन - अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान अघोषित युद्ध बंद करें। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये वह काबुल से यहां की हॉपकीन्स यूनिवर्सिटी के एडवांस इंटरनेशनल स्टडीज स्कूल में छात्रों के प्रश्नों का जवाब दे रहे थे।राष्ट्रपति गनी ने कहा कि दोनों देशों के बीच जारी अघोषित युद्ध को पाकिस्तान बंद करें। अपनी धरती से हमने पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों का कभी समर्थन नहीं किया क्योंकि…
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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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