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ब्रसेल्स - यूरोपीय संघ (ईयू) ने ब्रेक्जिट पर नवंबर में होने वाली अहम बैठक को रद कर दिया है। ईयू का कहना है कि बैठक से पहले कुछ मसलों पर अभी और तैयारियां करना बाकी है इसलिए नवंबर में ब्रेक्जिट मुद्दे पर बैठक करने की अभी योजना नहीं है। यह सूचना गुरुवार को सार्वजनिक हुई।
ईएफई न्यूज के मुताबिक, ईयू के प्रमुख वार्ताकार माइकल बार्नियर ने कहा,'यदि इस मुद्दे पर निर्णायक प्रगति होती है तो वह यूरोपीय परिषद की बैठक बुलाने के लिए तैयार हैं। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने ब्रसेल्स में बुधवार को ब्रेक्जिट पर ईयू के 27 देशों के प्रतिनिधियों के समक्ष अपनी बात रखी थी, लेकिन ईयू और ब्रिटेन के बीच नवंबर को होने वाली बैठक के लिए कोई सहमति नहीं बन सकी।
ईयू परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क पहले ही कह चुके थे कि अक्टूबर बैठक सच्चाई का पल है। यह अगली बैठक की दिशा तय करेगी। अगर मुझे लगा कि हम नवंबर की बैठक में समझौते को औपचारिक तौर पर अंतिम रूप देने में कामयाब होंगे, तभी बैठक बुलाई जाएगी।

 


नई दिल्ली - लोकसभा चुनाव से पहले भारत और इसकी सरकार को लक्ष्य कर चीन और पाकिस्तान से चलाए जा रहे दुष्प्रचार का जबाब देने के लिए केंद्र ने अरुणाचल प्रदेश से लेकर राजस्थान की सीमा तक डेढ़ दर्जन एफएम चैनल शुरू किए हैं। हाल में दोनों पड़ोसी देशों से भारत विरोधी दुष्प्रचार बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया है। पाक सीमा के करीब जम्मू-कश्मीर में उच्च शक्ति वाला एक ट्रांसमीटर भी लगाया गया है, ताकि डीडी कश्मीर की पहुंच को व्यापक बनाकर पाक के चैनलों का झूठ बेनकाब किया जा सके।
चीन और पाकिस्तान से भारत विरोधी दुष्प्रचार पहले भी होता रहा है, लेकिन अब उसे राजनीतिक रंग भी दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इन देशों से भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में मोदी सरकार को लक्ष्य कर चीनी ट्रासमीटरों से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। इसमें डोकाला में चीन की जीत और भारत के दावे को गलत बताया जा रहा है। खास बात यह है कि चीन से भारतीय भाषाओं में भी प्रचार किया जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय भाषा का इस्तेमाल कर चीन यह भी बता रहा है कि वह उसी का हिस्सा है और उसकी भाषा का चीन पूरी तरह सम्मान करता है।
पाक टीवी चैनलों को भी जबाब :
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में उच्च शक्ति वाला एक ट्रांसमीटर लगाया गया है जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में डीडी कशीर की पहुंच को बढ़ाया गया है। इन क्षेत्रों में पाक टीवी चैनलों की व्यापक पहुंच है और वहां से भारत विरोधी जहर उगला जा रहा है।
भारत से ज्यादा मोदी सरकार पर निशाना
पाकिस्तान की तरफ से सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल खड़े कर भारत में सीमावर्ती लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। पिछले कुछ महीनों से दोनों पड़ोसी देश भारत से ज्यादा मोदी सरकार को निशाना बना रहे है। इससे निपटने के लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश में आठ, नेपाल से लगती सीमा पर बिहार और उत्तर प्रदेश में पांच, जम्मू-कश्मीर में तीन और पाक सीमा पर राजस्थान में दो एफएम चैनल शुरू किए हैं। इन चैनलों से चीन और पाकिस्तान के दुष्प्रचार का करारा जबाब दिया जा रहा है।

 


नई दिल्‍ली - कभी आतंकी ओसामा बिन लादेन का इंटरव्यू लेकर सुर्खियां बटोरने वाले सऊदी के पत्रकार जमाल खाशोगी की नृशंस हत्‍या की पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। कुछ समय पहले उनके अचानक से लापता होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद अमेरिका ने सऊदी अरब को चेतावनी भी दी थी कि यदि उसने खाशोगी के साथ कुछ गलत किया तो वह बर्दाश्‍त नहीं करेगा। लेकिन अमेरिका की कोई धमकी काम नहीं आई। काफी समय से खाशोगी और सऊदी अरब के शासकों के बीच तनाव चल रहा था। इसकी वजह यह थी उन्‍होंने सऊदी अरब के शासकों की कई गलतियों पर अंगुली उठाई थी। आपको बता दें कि 1987 और 1995 में उन्‍होंने आतंकी ओसामा बिन लादेन का इंटरव्‍यू किया था। खाशोगी की हत्‍या के बाद बदले माहौल में ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने अमेरिका का साथ देते हुए 22 से रियाद में शुरू हो रहे फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव समिट का बहिष्‍कार कर दिया है।
कौन हैं जमाल खाशोगी
जमाल सऊदी में लंबे वक्त से पत्रकारिता कर रहे हैं। सुन्नी शासकों के के खिलाफ लिखने की वजह से वह हमेशा ही विवादों में रहे। जब सऊदी की कमान क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के हाथों में आई तो वह खुद निर्वासन लेकर अमेरिका चले गए थे। फिलहाल वह वॉशिंगटन पोस्ट के लिए लिख रहे थे। अखबार ने उनके आखिरी आर्टिकल को भी अपने ताजा अंक में प्रकाशित किया है।
सऊदी दूतावास से गायब हुए थे खाशोगी
जमाल हाल ही में सऊदी के वाणिज्य दूतावास गए थे जिसके बाद वह गायब हो गए। वह अपनी तुर्की की मंगेतर से शादी करना चाहते थे। इसके लिए उन्‍हें कागजी कार्रवाई करनी थी जिसको लेकर वह 28 सितंबर को तुर्की में स्थित सऊदी दूतावास गए। दूतावास की तरफ से उन्हें दोबारा दो अक्टूबर को बुलाया गया था। दो अक्‍टूबर को वह अपनी मंगेतर के साथ दूतावास पहुंचे थे। लेकिन मंगेतर दूतावास के बाहर उनका इंतजार करती रही वह दूतावास से बाहर ही नहीं निकले। इसको लेकर सऊदी और तुर्की दोनों में तनाव बढ़ गया है। तुर्की अधिकारियों का आरोप है कि सऊदी ने दूतावास में ही जमाल को मार दिया है। उन्होंने अपने पास कुछ विडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा भी किया है। वहीं सऊदी अरब ने इसमें किसी तरह का हाथ होने का खंडन किया है।
हत्‍या से पहले दी गई यातना
तुर्की मीडिया के मुताबिक इस्तांबुल स्थित रियाद के वाणिज्य दूतावास के भीतर सऊदी पत्रकार जमाल खाशोगी की हत्या से पहले उन्हें यातना दी गई। अखबार ने कहा कि उसने इससे संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनी है। येनी सफाक अखबार ने दावा किया है कि दूतावास में खाशोगी से पूछताछ के दौरान उनकी अंगुलियां काट दी गईं।उनका सिर धड़ से अलग कर शरीर के टुकड़े कर दिए गए। तुर्की का यह भी कहना है कि खाशोगी की हत्‍या में सऊदी अधिकारियों की विशेष टीम का हाथ है। इतना ही नहीं वाशिंगटन पोस्ट ने भी तुर्की की तरफ एक ऑडियो विडियो का जिक्र किया है। दरअसल, जिस ऑडियो विडियो की बात यहां पर की जा रही है उसके बारे में तर्क यह दिया जा रहा है कि यातना के समय खाशोगी ने एप्‍पल वाच पहन रखी थी, जिसमें यह सबकुछ रिकॉर्ड हो गया। हालांकि इस बारे में अभी तस्‍वीर पूरी तरह से साफ नहीं हो पाई है।
टेप में सुनाई दी ये बातें
तुर्की के अखबार येनी सफाक के मुताबिक खाशोगी को यातना के दौरान एक टेप में इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूत मोहम्मद अल ओतैबी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘यह काम बाहर करो। आप मुझे परेशानी में डालने जा रहे हो। अखबार का यह भी कहना है कि एक दूसरे टेप में एक अंजान व्यक्ति ओतैबी से यह कहते सुनाई देता है, ‘यदि तुम जीवित रहना चाहते हो तो जब तुम सऊदी अरब आओ तो चुप रहना।’ अखबार ने यह नहीं बताया कि ये टेप किस तरह सामने आए और उसे कैसे हासिल हुए।
इनपर है शक
खाशोगी की गुमशुदगी से लेकर उनकी हत्‍या तक के बीच एक व्‍यक्ति पर शक की सूंई जा रही है। पहला संदिग्ध मेहर अब्दुल अजीज मुतरेब एक डिप्लोमेट है जिसे 2007 में लंदन में सऊदी दूतावास में भेजा गया था। मुतरेब को प्रिंस सलमान के साथ विमान से उतरते हुए फोटो में भी देखा गया। अल- हरबी और अलजहरानी की पहचान सऊदी रॉयल गार्ड के सदस्य के रूप में की गई है। एक अन्‍य संदिग्ध सलाह-अल-तुबाइगी एक ऑटॉप्सी एक्सपर्ट है जिसकी पहचान उसके ट्विटर एकाउंट से 'सऊदी साइंटिफिक काउंसिल ऑफ फोरेंसिक' के प्रमुख के रूप में हुई है।


अंकारा - लापता सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी के मामले में स्वर बदलते हुए अमेरिका ने सऊदी अरब की कोई भूमिका होने से इनकार किया है। रियाद में शाह सलमान से वार्ता के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने तुर्की की राजधानी अंकारा पहुंचकर राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन से मुलाकात की और सऊदी अरब के पाक-साफ होने की बात कही। इस बीच इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में खशोगी के साथ बर्बरता किए जाने और उनकी हत्या के सुबूत सामने आए हैं। खशोगी अपनी शादी से संबंधित दस्तावेज पेश करने वाणिज्य दूतावास में गए थे, लेकिन वहां से बाहर नहीं आए।
तुर्की के सरकारी मीडिया के अनुसार, खशोगी की हत्या सऊदी अरब के खुफिया हत्यारे दस्ते ने की है। यह दस्ता सऊदी के युवराज मुहम्मद बिन सलमान के इशारे पर काम करता है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी इस आशंका की पुष्टि की है। उल्लेखनीय है कि खशोगी तुर्की और अन्य देशों में रहकर सऊदी अरब की राजसत्ता के खिलाफ अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट व कुछ अन्य अखबारों-पत्रिकारों में लेख लिखते थे। सऊदी युवराज उन्हें घोर नापसंद करते थे, लेकिन पोंपियो ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले में किसी भी तथ्य पर बात नहीं करना चाहते।
उधर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि मामला बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया हुआ लग रहा है। इस बीच तुर्की पुलिस ने इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास की तलाशी लेकर वहां से जहरीला पदार्थ और मिट्टी में मिले मांस और खून के डीएनए नमूने लिए हैं।


लाहौर - पाकिस्‍तान में निहत्‍थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने के आरोप में 116 पुलिकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मामला साल 2014 का है। इस दौरान पुलिस की फायरिंग में 14 लोग मारे गए थे। इस घटना के लिए पाक पुलिस की काफी आलोचना हुई थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2014 में सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों की हत्या के सिलसिले में पाकिस्तान में लगभग 116 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में कई अधिकारी भी शामिल हैं। यह घटना 2014 में लाहौर के मॉडल टाउन क्षेत्र में हुई थी, जहां कनाडाई-पाकिस्तानी धार्मिक नेता ताहिरुल कादरी के घर के बाहर पाकिस्तान अवामी तेहरिक (पीएटी) के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान पुलिस की फायरिंग में 14 लोग मारे गए और 100 अन्य घायल हो गए थे।
न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के नए नियुक्त हुए पुलिस महानिरीक्षक अमजद जावेद सलीमी ने 14 लोगों की मौत के मामले में इस हफ्ते 116 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इनमें पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक और जांच अधिकारी भी शामिल हैं। हटाए गए अधिकारियों को आगे के आदेशों के लिए लाहौर में पुलिस लाइनों को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। हत्याओं की जांच के मामले में पुलिस के चार अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहले ही स्थानांतरित कर दिए गए थे।

 


नई दिल्ली - रूस के क्रीमिया स्थित वोकेशनल कॉलेज में एक 18 वर्षीय आत्मघाती बंदूकधारी ने बुधवार को हमला बोल दिया। हमलावर ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हुए। इनमें अधिकतर युवा थे।
रूसी जांच एजेंसी ने कहा कि हमलावर 18 वर्षीय छात्र व्लादिस्लाव रोसिल्याकोव दोपहर 12 बजे कॉलेज पहुंचा। सीसीटीवी फुटेज में वह बंदूक लेकर कॉलेज में घुसता दिख रहा है। पुलिस को बाद में सका शव घटनास्थल से मिला था। इसे गोली लगी थी। जांच एजेंसी इसे प्राथमिक तौर पर आतंकी हमला मान रही है। हालांकि बाद में इसे जन संहार करार दिया। जांच एजेंसी के अनुसार इस छात्र ने कॉलेज में घुस कर लोगों पर गोलियां बरसाईं जिसमें 18 लोगों की मौत हुई और 40 से अधिक लोग घायल हुए। इस छात्र ने अंत में खुद को गोली मारकर जान दे दी।
रूस की राष्ट्रीय आतंक रोधी समिति ने इस घटना को किसी अज्ञात वस्तु में धमाका माना था। जांच एजेंसी के मुताबिक छात्र इसी कॉलेज में चौथे वर्ष का विद्यार्थी था। उसका शव कॉलेज के प्रथम तल में लाईब्रेरी के पास मिला। रूसी सरकार ने इस विदारक घटना पर तीन दिन का शोक घोषित किया है। काला सागर के दौरे पर सोची गए रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने एक टेलीविजन संदेश में इस हिंसा पर शोक जताया है7

नई दिल्ली - लोकसभा चुनाव से पहले भारत और इसकी सरकार को लक्ष्य कर चीन और पाकिस्तान से चलाए जा रहे दुष्प्रचार का जबाब देने के लिए केंद्र ने अरुणाचल प्रदेश से लेकर राजस्थान की सीमा तक डेढ़ दर्जन एफएम चैनल शुरू किए हैं।हाल में दोनों पड़ोसी देशों से भारत विरोधी दुष्प्रचार बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया है। पाक सीमा के करीब जम्मू-कश्मीर में उच्च शक्ति वाला एक…
इस्लामाबाद - नकदी के संकट से जूझ रही पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को 49 और सरकारी वाहनों को नीलामी के लिए रखा। इसमें 19 बुलेट प्रूफ कारें शामिल रहीं। जिसमें सिर्फ एक कार की ही बिक्री हुई। पाक प्रधानमंत्री इमरान खान देश पर भारी कर्ज से निपटने के लिए इस तरह के कदम उठा रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से वित्तीय राहत पैकेज…
लंदन - उत्तरी आयरलैंड की अन्ना ब‌र्न्स ने अपने उपन्यास 'मिल्कमैन' के लिए इस साल का मैन बुकर पुरस्कार जीत लिया है। वह इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजी जाने वाली उत्तर आयरलैंड की पहली महिला लेखिका बन गई हैं। 'मिल्कमैन' एक ऐसी युवती की कहानी है जिसे एक शादीशुदा व्यक्ति से प्यार हो जाता है। इसके चलते दोनों को उत्तरी आयरलैंड में सियासी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।यह पुरस्कार…
लाहौर - पाकिस्तान में छह साल की मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले सीरियल किलर को बुधवार को फांसी पर लटका दिया गया। फांसी देने के दौरान जेल में बच्ची के पिता और दूसरे रिश्तेदार भी मौजूद थे। लाहौर से 50 किमी दूर स्थित कौसर शहर में गत जनवरी में जैनब अंसारी की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। वह गत चार जनवरी को लापता…
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