Editor

Editor

अंडमान।अंडमान में सुबह 3 बजकर 49 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्‍टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.9 आकी गई है। फिलहाल जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। कुछ समय से अं‍डमान और निकोबार द्वीप समूह के क्षेत्र में भूकंप के काफी झटके महसूस किए जा रहे हैं।
जानें, क्यों आता है भूकंप;-धरती की ऊपरी सतह सात टेक्टोनिक प्लेटों से मिल कर बनी है। जहां भी ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं, वहां पर भूकंप का खतरा पैदा हो जाता है।
भूकंप के दौरान ऐसा करने से बचें
- भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें
- बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें
- कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं
- अगर गाड़ी या कोई भी वाहन चला रहे हो तो उसे फौरन रोक दें
- वाहन चला रहे हैं तो पुल से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें
- भूकंप आने पर तुरंत सुरक्षित और खुले मैदान में जाएं
- भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे आदि ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं

नई दिल्ली। कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट के बाद पूरे देश के डॉक्टर आक्रोशित हो उठे। एकता दिखाते हुए पूरे देश के बाकी डॉक्टरों ने एनआरएस मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों का साथ दिया। पश्चिम बंगाल में मारपीट की घटना के बाद से ही डॉक्टर बीते 6 दिनों से हड़ताल पर हैं। वहीं, बाकी राज्यों में भी अपने-अपने स्तर से डॉक्टरों ने अपना समर्थन दिया और हड़ताल में शामिल हुए। कई जगह भारी विरोध भी देखने को मिला और हर जगह सिर्फ एक ही मांग की डॉक्टरों की सेफ्टी का ख्याल रखा जाए।हालांकि, पश्चिम बंगाल से ही ये आंदोलन शुरू हुआ था, तो कोलकाता उच्च न्यायालय ने भी ममता सरकार से इस आंदोलन, हड़ताल का जल्द समाधान निकालने के लिए कहा, जहां, आज यानी सोमवार को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डॉक्टरों से मुलाकात की। जूनियर डॉक्टरों की मांगों को मान आखिरकार हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया गया।
-देश में डॉक्टरों के सबसे बड़े संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन( Indian Medical Association) ने सोमवार को देशव्यापी हड़ताल की। आइएमए ने सोमवार को देशभर के सरकारी, गैर सरकारी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों व नर्सिंग होम में ओपीडी सेवा ठप रखने की अपील की।
-सुरक्षा के मुद्दे पर कोलकाता में अपने हड़ताली सहयोगियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सरकारी और राष्ट्रीय राजधानी के कुछ निजी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से सोमवार को मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
-सुप्रीम कोर्ट देशभर के सरकारी डॉक्टरों की सुरक्षा और सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका पर कल सुनवाई करेगी।
-पश्चिम बंगाल: शिक्षकों ने कोलकाता के बिकास भवन में विरोध प्रदर्शन किया, अन्य मांगों के बीच उच्च मजदूरी की भी मांग की।
-कोलकाता: डॉक्टरों के साथ मीटिंग की मीडिया कवरेज के लिए ममता बनर्जी तैयार हो गईं ।
-सचिवालय में सीएम ममता बनर्जी डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के लिए पहुंची। हड़ताली डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को हर अस्पताल में नोडल ऑफिसर तैनात करने का निर्देश दिया।
-पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सरकारी अस्पतालों में शिकायत निवारण प्रकोष्ठ स्थापित करने के लिए डॉक्टरों के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
-ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद बंगाल में जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है।
-NRS मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, कोलकाता के जूनियर डॉक्टर ने कहा, 'हम सीएम ममता बनर्जी का दिल से आभार व्यक्त करते हैं। एक पूरे अभियान के बाद मुख्यमंत्री से हमारी बातचीत एक सार्थक परिणाम पर पहुंची है। इस बातचीत के बाद हर पहलू पर विचार करते हुए हम उम्मीद करते हैं कि सरकार सभी मुद्दों का तय समय में समाधान करेगी।'
-पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच बातचीत के बाद हड़ताल खत्म होने की खबर पर खुशी जताई।

नई दिल्ली। यदि आप अपना वजन कम करने और फास्ट फूड खाने की इच्छा को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो अमेजन का यह नया उपकरण आपके इस समस्या का समाधान हो सकता है। ई-कॉमर्स साइट अमेजन एक अत्याधुनिक ब्रेसलेट बेच रहा है, जो यूजर्सको फास्ट फूड खाने से रोकने के लिए कुछ अलग तरह से रिमाइंडर देता है। इस ब्रेसलेट का नाम पावलोक (Pavlok) है।इस ब्रेसलेट को इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति अगर लीमिट से ज्यादा फास्ट फूड का सेवन करता है तो उसे 350-वोल्ट बिजली का झटका लगता है। इस पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन ये सच है। यही नहीं यह डिवाइस केवल खाने के नियंत्रित करने के लिए ही केवल इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि इससे नाखून चबाने समेत कई खराब आदतों को सुधारने में मदद मिल सकती है।
डिवाइस मोबाइल एप से होता है कंट्रोल:-फास्ट फूड की सीमित सेवन को सुनिश्चित करने के लिए, डिवाइस को एक एप से कंट्रोल किया जाता है, जिससे यूजर के परिवार के सदस्य, दोस्त या साथी कैलोरी सेवन की जांच के लिए अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकते हैं। जब भी कोई यूजर लीमिट से ज्यादा फास्ट फूड का सेवन करता है, तो एप पर अलर्ट जाता है और उसे बिजली का झटका दिया जा सकता है। इसे यूटा के साल्ट लेक सिटी के व्यवहार प्रौद्योगिकी (Behavioral Technology) ने बनाया है।
कई बुरी आदतों से छुटकारा दिलाने में मददगार:-खाने के साथ-साथ कई बुरी आदतों से छुटकारा दिलाने में ये ब्रेसलेट मददगार साबित हो सकता है। इन आदतों में धूम्रपान, अधिक सोना या इंटरनेट पर समय बिताना भी शामिल है। इसके अलावा सही समय पर सोकर उठने के लिए भी इस ब्रेसलेट का इस्तेमाल किया जा सकता है। यूजर को इसके लिए यह तय करना होगा कि वह किस आदत के खिलाफ इसका इस्तेमाल करना चाहता है।कंपनी का दावा है कि इसे इस्तेमाल करने के 3-5 दिनों के भीतर ही इन आदतों में सुधार देखने को मिलने लगेगा। यानी आपके ज्यादा खाने की आदत में सुधार देखने को मिल जाएगा। इस बैंड की कीमत 13,900 रुपये है। एक बार चार्ज होने पर 150 बार बिजली का झटका दे सकता है। इस शॉक से किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। इससे ज्यादा तेज झटका नहीं लगेगा। इससे सिर्फ उतने वोल्टेज का शॉक लगेगा, जिससे आप उछल पड़ेंगे।
कैसे काम करती है इसकी टेक्नॉलजी:-इस बैंड के सेंसर को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह इंसान के आदत को ट्रैक कर सके। इसपर नजर रखने के लिए इंटरनल सेंसर, मोशन ट्रैकिंग और डिजिटल डेटा का इस्तेमाल होता है। इस बैंड के सिक्स-ऐक्सिस गायरोस्कोर और ऐक्सेरोमीटर हाथ के गेस्चर से पता लगा लेंगे कि कब कोई सिगरेट पी रहे हैं या फिर फिर नाखून चबा रहा है। ऐसा करते ही यह एप अलर्ट देगा। इसके अलावा अगर आप इंटरनेट पर बहुत ज्यादा समय बर्बाद करते हैं तो पावलोक के क्रोम एक्सटेंशन से अपने लिए एक टाइम लिमिट का अलार्म भी सेट कर सकते हैं।
यूजर्स की प्रतिक्रिया;-इस बैंड को इस्तेमाल करने वाले यूजर्स ने इसे लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों ने दावा किया है कि डिवाइस ने उन्हें अपने खाने की आदतों को बदलने में मदद की है, कुछ ने इसकी गुणवत्ता की आलोचना भी की है।

नई दिल्ली। भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में अंगेजों से लोहा लेने वाली रानी लक्ष्मीबाई का आज बलिदान दिवस है। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 के भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम की वो वीरांगना थीं। उन्होंने सिर्फ़ 29 साल की उम्र में अंग्रेज़ साम्राज्य की सेना से जद्दोजहद की और रणभूमि में वे वीरगति को प्राप्त हुईं। रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवम्बर 1828 को हुआ था, वो 18 जून 1858 को वीरगति को प्राप्त हुई। मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी और 1857 की द्वितीय शहीद वीरांगना (प्रथम शहीद वीरांगना रानी अवन्ति बाई लोधी 20 मार्च 1858 हैं)।
जन्म:-लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी में 19 नवम्बर 1828 को हुआ था। उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका था लेकिन प्यार से उन्हें मनु कहा जाता था। उनकी माँ का नाम भागीरथीबाई और पिता का नाम मोरोपंत तांबे था। मोरोपंत एक मराठी थे और मराठा बाजीराव की सेवा में थे। माता भागीरथीबाई एक सुसंस्कृत, बुद्धिमान और धर्मनिष्ठ 5 साल की थी तब उनकी माँ की मृत्यु हो गयी। क्योंकि घर में मनु की देखभाल के लिये कोई नहीं था इसलिए पिता मनु को अपने साथ पेशवा बाजीराव द्वितीय के दरबार में ले जाने लगे। दरबार में चंचल और सुन्दर मनु से सब लोग उसे प्यार करने लगे। वहां लोग मनु को "छबीली" कहकर बुलाने लगे। मनु ने बचपन में शास्त्रों की शिक्षा के साथ शस्त्र की शिक्षा भी ली।
विवाह:-सन् 1842 में उनका विवाह झाँसी के मराठा शासित राजा गंगाधर राव नेवालकर के साथ हुआ और वो झांसी की रानी बन गई। विवाह के बाद उनका नाम लक्ष्मीबाई रखा गया। सन् 1851 में रानी लक्ष्मीबाई ने एक पुत्र को जन्म दिया। परन्तु चार महीने की उम्र में ही उसकी मृत्यु हो गयी। सन् 1853 में राजा गंगाधर राव का स्वास्थ्य बहुत अधिक खराब हो गया, तो उनको दत्तक पुत्र लेने की सलाह दी गयी। पुत्र गोद लेने के बाद 21 नवम्बर 1853 को राजा गंगाधर राव की मृत्यु हो गयी। दत्तक पुत्र का नाम दामोदर राव रखा गया।
राज्य हड़प नीति के तहत हुआ मुकदमा:-ब्रितानी राज की उन दिनों राज्य हड़पने की अपनी नीति थी। इसके तहत यदि किसी राज्य का कोई वारिस नहीं है तो वो राज्य ब्रितानी राज के आधीन हो जाएगा। उस पर ब्रितानी राज होगा। चूंकि राजा गंगाधर राव ने पुत्र गोद ले लिया था, इस वजह से वो उस नीति से अपने को बाहर मान रहे थे। जब ब्रितानी राज को पता चला कि राजा गंगाधर राव ने दत्तक पुत्र ले लिया है तो उनकी ओर से बालक दामोदर राव के ख़िलाफ़ अदालत में मुकदमा दायर कर दिया गया। मुक़दमे में बहुत बहस हुई और ये खारिज कर दिया गया। ब्रितानी अधिकारियों ने राज्य का खजाना जब्त कर लिया और उनके पति के कर्ज को रानी के सालाना खर्च में से काटने का फरमान जारी कर दिया। इसके परिणामस्वरूप रानी को झांसी का किला छोड़ कर झांसी के रानीमहल में जाना पड़ा। पर रानी लक्ष्मीबाई ने हिम्मत नहीं हारी और उन्होनें हर हाल में झांसी राज्य की रक्षा करने का निश्चय किया।
झांसी का युद्ध:-झांसी 1857 के संग्राम का एक प्रमुख केन्द्र बन गया जहां हिंसा भड़क उठी। रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी की सुरक्षा को सुदृढ़ करना शुरू कर दिया। इसके लिए एक स्वयंसेवक सेना का गठन किया गया। इस सेना में महिलाओं की भर्ती की गयी और उन्हें युद्ध का प्रशिक्षण दिया गया। साधारण जनता ने भी इस संग्राम में सहयोग दिया। झलकारी बाई जो लक्ष्मीबाई की हमशक्ल थी को उसने अपनी सेना में प्रमुख स्थान दिया।1857 के सितम्बर तथा अक्टूबर के महीनों में पड़ोसी राज्य ओरछा तथा दतिया के राजाओं ने झांसी पर आक्रमण कर दिया। रानी ने सफलतापूर्वक इसे विफल कर दिया। 1858 के जनवरी माह में ब्रितानी सेना ने झांसी की ओर बढ़ना शुरू कर दिया और मार्च के महीने में शहर को घेर लिया। दो हफ़्तों की लड़ाई के बाद ब्रितानी सेना ने शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया। परन्तु रानी दामोदर राव के साथ अंग्रेज़ों से बच कर भाग निकलने में सफल हो गयी। रानी झांसी से भाग कर कालपी पहुंची और तात्या टोपे से मिली।तात्या टोपे और रानी की संयुक्त सेनाओं ने ग्वालियर के विद्रोही सैनिकों की मदद से ग्वालियर के एक क़िले पर क़ब्ज़ा कर लिया। बाजीराव प्रथम के वंशज अली बहादुर दिवतीय ने भी रानी लक्ष्मीबाई का साथ दिया। रानी लक्ष्मीबाई ने उन्हें राखी भेजी थी इसलिए वह भी इस युद्ध में उनके साथ शामिल हुए। 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा की सराय में ब्रितानी सेना से लड़ते-लड़ते रानी लक्ष्मीबाई की मृत्यु हो गई। लड़ाई की रिपोर्ट में ब्रितानी जनरल ह्यूरोज़ ने टिप्पणी की कि रानी लक्ष्मीबाई अपनी सुन्दरता, चालाकी और दृढ़ता के लिये उल्लेखनीय तो थी ही, विद्रोही नेताओं में सबसे अधिक ख़तरनाक भी थी।

नई दिल्ली। मानसून की धीमी चाल के बावजूद जून के आखिरी सप्ताह में अच्छी बारिश का अनुमान है, जो खरीफ फसलों की बोआई के लिए उचित समय होगा। मौसम एजेंसी स्काईमेट के पूर्वानुमान के मुताबिक जुलाई के पहले पखवाड़े में मानसून की झमाझम बारिश हो सकती है। भारत में बरसने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रारंभिक चरण में बहुत धीमा रहा है, जिसके चलते अब तक होने वाली बारिश में 43 फीसद की कमी दर्ज की गई। मानसूनी बादलों की चाल भी संतोषजनक नहीं रही है। स्काईमेट के आंकड़ों के मुताबिक जून के पहले पखवाड़े में मध्य भारत, जहां की खेती वर्षा पर ही आधारित होती है, में 58 फीसद तक कम बारिश हुई। पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत में 45 फीसद तक कम बारिश दर्ज की गई। जबकि दक्षिण-पश्चिम भारत में 21 फीसद कम बरसात हुई है।
पूर्वी-मध्य भारत में अच्छी बारिश होगी;-स्काईमेट के एमडी जतिन सिंह के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में मानसूनी हवाओं की जो स्थितियां बनी हैं उससे पूर्वी और मध्य भारत क्षेत्र में अच्छी बारिश की संभावना है। किसानों के लिए खरीफ सीजन की फसलों की बोआई के लिए जून के आखिरी सप्ताह से उचित समय है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के किसानों को अगले सप्ताह से शुरू होने वाली मानसूनी बारिश से फसलों की बोआई का लाभ मिल सकता है। यहां के किसानों के लिए यह बरसात किसी वरदान से कम नहीं होगी।
सोयाबीन की सिंचाई नहीं करने की सलाह:-महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहां सिर्फ दो दिनों की बारिश के बाद भी तापमान 40 डिग्री सेल्यिस के आसपास रहने का अनुमान है। इस तरह के मौसम में जहां सोयाबीन की बोआई हो चुकी है, उन्हें सिंचाई नहीं करनी चाहिए। बिहार और झारखंड में धान की रोपाई का समय है, जहां बारिश जमकर होगी। इससे धान की फसल को लाभ होगा। पंजाब और हरियाणा में 21 से 30 जून के बीच रुक-रुक कर अच्छी बारिश हो सकती है, जिसका लाभ यहां के किसानों को धान की रोपाई में मिल सकता है।
मुंबई में 25 जून को भारी बारिश का अनुमान;-मुंबई में भी 25 जून को भारी बारिश हो सकती है। यह इस मानसून सीजन की सबसे बड़ी बरसात हो सकती है। अगर मुंबई प्रशासन पहले से सतर्क हो जाता है तो मुंबई के लोगों लिए आगामी सप्ताह शानदार रहेगा। अन्यथा परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
91 जलाशयों का जल स्तर घटा:-स्काईमेट के मुताबिक देश के अलग-अलग क्षेत्रों में कम बारिश का सबसे बुरा असर जलाशयों पर पड़ा है। देश के प्रमुख 91 जलाशयों का जल स्तर बहुत नीचे चला गया है। इसका असर यहां के जनजीवन पर पड़ा है। विशेषतौर पर केंद्रीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुल 12 बड़े जलाशय हैं, जिनका जलस्तर पर नीचे खिसक गया है। पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों के जलाशयों में भी जलस्तर पिछले 10 साल के औसत जल स्तर से नीचे हो गया है।देश में कुल 91 बड़े जलाशय हैं जिनके जलस्तर और भंडारण की जानकारी हर गुरुवार को केंद्रीय जल आयोग जारी करता है। ये जलाशय सिंचाई, पेयजल और पनबिजली उत्पादन करके क्षेत्रीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के अहम हिस्सा होते हैं। हालिया 13 जून की जारी रिपोर्ट के मुताबिक देश के सभी जलाशयों में इस समय 29.18 अरब घन मी पानी है जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का सिर्फ 18 फीसद है। हालांकि पिछले साल के इसी सप्ताह के मुकाबले भंडारण की समग्र स्थिति अच्छी है लेकिन कुछ क्षेत्रों में यह स्थिति काफी दयनीय है।
पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्रों में बुरा हाल;-देश के पश्चिमी हिस्से में 27 बड़े जलाशय हैं। जो गुजरात और महाराष्ट्र की जल जरूरतें पूरी करते हैं। इनकी कुल क्षमता का 10 फीसद पानी इनमें शेष है। जबकि इस समय तक सामान्य भंडारण का औसत 17 फीसद है। महाराष्ट्र के 68 फीसद जलाशयों में सामान्य के कम भंडारण है। दक्षिण के पांच राज्यों में कुल 31 जलाशय हैं जो अपनी क्षमता का महज 11 फीसद भरे हैं। इनकी अब तक की सामान्य भंडारण स्थिति 15 फीसद होती है।शेष हिस्सों में सामान्य स्थिति देश के उत्तरी क्षेत्रों (हिमाचल, पंजाब), पूर्वी क्षेत्रों (पश्चिम बंगाल, ओडिशा, त्रिपुरा) और मध्य प्रदेश के जलाशयों की स्थिति ठीक है। यहां के जलाशयों में पानी औसत के अनुरूप है।

नई दिल्ली। आपका मोबाइल आज सिर्फ मोबाइल नहीं है। यह स्मार्टफोन है। यह वॉलेट है और आपकी जेब में आपका छोटा सा बैंक भी है। ऐसे में अगर मोबाइल गुम हो जाए तो आपकी परेशानी बढ़ना लाजिमी है। खासकर अगर फोन चोरी हो गया तो समझिए आपकी पर्सनल लाइफ के साथ ही आपकी फाइनेंशियल हेल्थ भी चोरों की मुट्ठी में होगी। यानि वो आपके मोबाइल वॉलेट और बैंक में सेंध लगाकर आपको अच्छी खासी चोट पहुंचा सकते हैं। ऐसे में प्रश्न यह कि मोबाइल को चोरी होने से बचाएं कैसे? इसके लिए तकनीक लगातार अपना स्वरूप बदल रही है। अब मोबाइल में ऐसी तकनीक आ रही है जो मोबाइल चोरी होने से पहले ही आपको सचेत और चोर का काम मुश्किल कर देगी।जैसे ही कोई आपके फोन को चुराने की कोशिश करेगा वैसे ही मोबाइल फोन तेजी से कंपन यानि वाइब्रेट करेगा और आपको सचेत कर देगा। इससे न सिर्फ आप अपना मोबाइल फोन चोरी होने से बचा लेंगे, बल्कि आप अपनी निजी जानकारी और बैंक से जुड़ी अहम जानकारी भी सार्वजनिक होने से बचा लेंगे। एडेप्टिव फ्रिक्शन के नाम से जाना जाने वाले इस फीचर को स्वीडिश फोन कंपनी एरिक्सन ने विकसित किया गया है और इसके पेटेंट की कोशिश चल रही है।एप्लिकेशन का कहना है, इस मोड में अनधिकृत उपयोगकर्ता (चोर) के पास डिवाइस को पकड़ना अधिक कठिन होगा। यह टेक्नोलॉजी बिल्ट इन सेंसर पर निर्भर करती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसका उपयोग कैसे किया जा रहा है या उठाया गया है।
सेंसर करेंगे कमाल:-मोबाइल को हथेली में पकड़ना तो आसान होता है, लेकिन सेंसर की वजह से फिसलन तब होती है जब कोई इसे अनाधिकृत रूप से जेब से निकालने की कोशिश करता है। कॉल या मैसेज करते समय अतिरिक्त पकड़ भी इसके गिरने के जोखिम में कटौती करती है, जिसकी वजह से मोबाइल स्क्रीन टूटने का डर कम हो जाता है। अकेले साल 2016 में ही दिल्ली में प्रतिदिन करीब 120 मोबाइल चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। जबके देशभर में यह आंकड़ा कई गुना ज्यादा हो सकता है। जेब कतरे अक्सर मोबाइल को जेब और बैग-पर्स से चुराते हैं या हाथ से छीनकर भाग जाते हैं। हालांकि, आपके हाथों में ऐसे फीचर्स वाला फोन कब तक आएगा, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह तय है कि आने वाले समय में ऐसा मोबाइल हम सबकी जेब में होगा।

नई दिल्ली। स्मार्टफोन पर टिकटॉक और पबजी खेलने के दुष्प्रभावों की आए दिन खबरें सामने आने के बाद मनोचिकित्सकों ने लोगों को आगाह करते हुए इसकी लत को नशे जितना ही खतरनाक बताया है। यह चेतावनी पिछले सप्ताह तमिलनाडु में टिकटॉक पर वीडियो बनाने से रोकने पर 24 वर्षीय एक मां के आत्महत्या करने और मध्यप्रदेश में पिछले महीने लगातार छह घंटे पबजी खेलने वाले एक छात्र की दौरा पड़ने से मौत होने के बाद आई है।विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल लत से लड़ने के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि इसके बढ़ने का लोगों को अहसास हो। फोर्टिस हेल्थकेयर के मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यावहारिक विज्ञान विभाग के निदेशक समीर पारिख ने कहा कि लोगों के लिए अपने ऑफिस, घर के अंदर और बाहर का काम, मनोरंजन तथा अन्य व्यस्तताओं के बीच संतुलन कायम रखना सबसे जरूरी है। साथ ही उन्हें यह भी सुनिश्चित करना है कि वे पर्याप्त नींद ले रहे हैं।पारिख ने कहा कि वयस्कों को चाहिए कि वह प्रति सप्ताह चार घंटे खुद को इन डिजिटल उपकरणों से दूर रखें। उन्होंने कहा कि अगर किसी को इन चार घंटों में परेशानी होती है तो यह चिंताजनक बात है। नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के मनोचिकित्सा विभाग के सीनियर कंसल्टेंट संदीप वोहरा ने कहा कि गैजेट्स के आदी लोग हमेशा उनके बारे में ही सोचते रहते हैं या जब वे इन उपकरणों का उपयोग नहीं कर पाते तो उन्हें अनिद्रा और चिड़चिड़ापन महसूस होने लगता है। उन्होंने कहा कि यदि आप डिजिटल लत के शिकार हैं तो ये संकेत है कि आप अपने दैनिक जीवन से दूर जा रहे हैं। ऐसे लोग कई बार समाज और अपने परिवार के लोगों से बातचीत करना बंद कर देते हैं। कई मामले ऐसे में सामने आए हैं कि ऐसे लोग अपने नियमित काम करना भी छोड़ देते हैं।वोहरा ने कहा कि ऐसे लोगों में अवसाद, चिंता, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन के साथ-साथ अन्य चीजों पर ध्यान केंद्रीत करने में परेशानी भी आ सकती है। वोहरा ने सलाह दी कि लोगों को जब लगे कि उनका बच्चा मोबाइल या कंप्यूटर की स्क्रीन पर ज्यादा समय बिता रहा है तो उन्हें सबसे पहले अपने बच्चे से बात करनी चाहिए और डिजिटल गैजेट्स से उपयोग को कम करने के लिए कहना चाहिए। साथ ही उन्हें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वे बच्चों के सामने मोबाइल या अन्य डिजिटल गैजेट्स के साथ ज्यादा समय न बिताएं क्योंकि अभिभावकों की देखा देखी में बच्चे भी उनका अनुसरण करेंगे।फोर्टिस हेल्थकेयर के समीर पारिख ने कहा यदि आप अपने बच्चों को घर में ही व्यस्त रखने का प्रयास करेंगे तो इस बात की संभावनाएं बढ़ जाती हैं कि वे भी डिजिटल लत का शिकार हों, इसीलिए जरूरी है कि बच्चों को घर से बाहर शारीरिक खेलों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और हो सके तो खुद भी उनके साथ खेलें। उन्होंने कहा कि यदि आपको लगता है कि आपका बच्चा आपकी बात नहीं सुन रहा, कई बार कहने के बाद भी यदि वह स्क्रीन को नहीं छोड़ पाता तो ऐसे में आप उन्हें डॉक्टरों के पास ले जा सकते हैं।
इस तरह के दर्द को बुलावा दे रहा स्‍मार्टफोन:-आज स्‍मार्टफोन हमारे जीवन का एक जरूरी हिस्‍सा बन गया है। इतना जरूरी कि इसके बिना हम अपने जीवन की कल्‍पना भी नहीं कर सकते हैं। घर और ऑफिस के अलावा मेट्रो, बस या तक कि पैदल चलते समय भी लोग इसका इस्‍तेमाल करते हुए नजर आ जाएंगे। जी हां विज्ञान के इस दौर में हमारी जिंदगी पूरी तरह से तकनीकों पर आधारित हो गई है। लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि स्मार्टफोन आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। जी हां अगर आप अपने स्‍मार्टफोन में कुछ पढ़ रहे हैं तो आपके दोनों हाथ मुड़े और सिर आगे की ओर झुका होता हैं, पीठ मुड़ी हुई है और गर्दन आगे की तरफ झुकी हुई है। हो सकता है आप अपनी इस स्थिति के प्रति अनभिज्ञ हो, लेकिन क्‍या आप जानते हैं यही स्थिति आपके शरीर में दर्द व दर्द को बढ़ाने में सहायक होती है।
गर्दन का बुरा-हाल:-स्‍मार्टफोन के इस्‍तेमाल के लिए आपको गर्दन झुकानी पड़ती है। जाहिर सी बात है ऐसा करने से गर्दन में दर्द होना स्‍वाभाविक है। लंबे समय तक गर्दन पर जोर देना या एक ही अवस्था में रखना हानिकारक हो सकता है। इससे पॉश्चर बिगड़ता है और गर्दन की मसल्स पर असर पड़ता है। लंबे समय तक मसल्स को आराम नहीं मिलने से गर्दन में दर्द होने लगता है।
उंगलियों में दर्द-फोन का इस्तेमाल करते समय अंगूठे और तर्जनी उंगली का ज्यादा इस्तेमाल होता है। ऐसे में लंबे समय तक फोन में लगे रहने से उंगलियों में दर्द होना आम बात है। इससे ऊंगलियों में दर्द के साथ ही खिंचाव या अकड़न भी हो सकती है।
कंधे में दर्द:-आप लंबे समय तक हाथों में फोन पकड़कर उसका इस्तेमाल करते हैं, इसलिए कंधों की मसल्‍स में तनाव और खिंचाव पैदा हो जाता है। इसी तनाव की वजह से आपके कंधों में दर्द होता है और आपको काम करने में कठिनाई होती है। इसलिए बीच-बीच में ब्रेक जरूर लेते रहें।
पीठ में दर्द;-आपका बता दे कि लगातर स्‍मार्टफोन का इस्तेमाल करते समय आप गर्दन के साथ-साथ पीठ भी झुकाकर रखते हैं। पीठ के लंबे समय झुके रहने से आपको दर्द महसूस हो सकता है। इसलिए इससे बचने के लिए आपको एक्टिव होना बेहद जरूरी है।
आंख में दर्द;-स्मार्टफोन का इस्तेमाल लंबे समय तक करना आंखों में दर्द, जलन के साथ ही आंखों की अन्य समस्याएं भी दे सकता है। इससे आंखों में ड्राईनेस भी बढ़ सकती है। इसलिए अगर आप पूरे दिन में लंबे समय तक स्‍मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो थोड़े-थोड़े अंतराल बाद ब्रेक लें और शरीर व आंखों को आराम दें।

नई दिल्ली। Cyclone Vayu और अन्य क्षेत्रों में बन रहे चक्रवातों की वजह से कई राज्यों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश बारिश जारी है। इसकी वजह से जहां कुछ राज्यों में भारी बारिश हो रही है, तो ज्यादातर जगहों पर हल्की बारिश या सुहाने मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है। हालांकि उत्तर-भारत के कुछ इलाकों में मौसम का सितम जारी है। देश के ज्यादातर राज्यों में अगले कुछ दिन बारिश से लोगों को राहत मिलेगी, इसके बाद दो-तीन दिन में फिर से गर्मी बढ़ने के आसार हैं।मौसम पूर्वानुमान बताने वाली एजेंसी Skymet Weather के अनुसार सोमवार, 17 जून 2019 को पश्चिमी मध्य बंगाल की खाड़ी के भागों पर एक चक्रवाती क्षेत्र बना हुआ है। इससे उत्तरी आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी है। इस दौरान कुछ जगहों पर मध्यम तो कुछ जगहों पर भारी बारिश हो रही है। आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना और तमिलनाडु में भी बारिश देखी जा सकती है। केरल के पश्चिमी तटीय हिस्सों सहित कर्नाटक, गौवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है।
चक्रवात वायु का असर:-मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवात की वजह से आज भी दिनभर छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। स्काईमेट के अनुसार चक्रवात वायु अभी उत्तर-पूर्वी अरब सागर पर बना हुआ है। यहां से ‘वायु’ उत्तर-पूर्वी दिशा की तरफ बढ़ रहा है। सोमवार रात को कच्छ का तटीय इलाका पार करने के दौरान चक्रवात की वजह से पूरे रास्ते बारिश हुई। कच्छ के तटीय इलाकों को पार करने के दौरान ये चक्रवात मार्ग में पड़ने वाले गुजरात के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश करेगा।
जम्मू-कश्मीर और बिहार पर भी बन रहा चक्रवात:-चक्रवात वायु के अलावा जम्मू-कश्मीर पर बने पश्चिमी विक्षोभ और इस सिस्टम से मध्य पाकिस्तान पर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र की वजह से उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भी बारिश होने का अनुमान है। इस सिस्टम की वजह से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी धूल भरी आंधी के साथ बारिश होने का अनुमान है। स्काईमेट के अनुसार पूर्वी बिहार में भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसकी वजह से पूर्वोत्तर भारत में भी तेज हवा और गरज के साथ बारिश का अनुमान है। ओडिशा में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
बीते 24 घंटे में कई जगह हुई बारिश:-बीते 24 घंटे के दौरान उत्तरी अंडमान द्वीप समूह में भारी बारिश हुई है। इसके अलावा कर्नाटक, केरल, गोवा, गुजरात और असम के तटीय इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई है। छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और मध्य महाराष्ट्र सहित पूर्वी भारत के कई हिस्सो में पिछले 24 घंटे के दौरान मध्यम बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश भी हुई।
अगले 24 घंटे मौसम का पूर्वानुमान:-स्काईमेट वेदर के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, कोंकण, गोवा और कर्नाटक के तटीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। कुछ जगहों पर भारी बारिश भी रिकॉर्ड की जा सकती है। गुजरात, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और केरल के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में अगले 24 घंटे में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी अगले 24 घंटे में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर धूल भरी आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
अगले एक सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान:-भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार बारिश और आंधी के बावजूद देश के ज्यादातर हिस्सों में लोगों को गर्मी से बहुत ज्यादा राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अगले दो-तीन दिनों में पूर्वी भारत के कई इलाकों का अधिकतम तापमान सामान्य से दो-तीन डिग्री ज्यादा ही रहेगा। अधिकतम तापमान में भी कोई बड़ा बदलाव होने के आसार नहीं है। 22 से 24 जून के बीच पश्चिमी तय, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के आसार हैं। इस दौरान अंडमान व निकोबार द्वीप समूह और उत्तर-पश्चिमी भारतीय क्षेत्र में भी बारिश के आसार हैं। बारिश से संबंधित इलाकों में कुछ देर के लिए तापमान गिर सकता है, लेकिन ये मौसम में ये बदलाव स्थाई नहीं होगी। हालांकि, राजस्थान और विदर्भ समेत उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में इस सप्ताह भी लोगों को लू से राहत नहीं मिलेगी।

नई दिल्ली:-फिल्म अभिनेत्री Priyanka Chopra Jonas का मोम का बना पुतला अब London के Madame Tussauds में भी लग गया हैंl इसके अलावा अब उनकी उपस्थिति विश्व के चार महाद्वीपों में स्थित Madame Tussauds के म्यूजियम में हो गई हैंl प्रियंका चोपड़ा कई महीने से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी लेकिन अब उनका मोम का बना पुतला बनकर तैयार हो गया हैlइस बारे में जानकारी देते हुए Madame Tussauds London ने बताया,’ इस क्षण की प्रतीक्षा फैन्स लंबे समय से कर रहे थेl विशेषकर जबसे प्रियंका चोपड़ा का न्यू यॉर्क वाला स्टेच्यू का अनावरण किया गया थाl’इस मौके पर प्रियंका के मोम के पुतले को 2017 के Golden Globes में प्रियंका ने जो लुक रखा थाl उसी लुक में रखा गया हैंl इस बारे में बताते हुए प्रियंका चोपड़ा ने कहा,’मुझे लंदन पसंद हैंl इसमें अजीब सी उर्जा हैंl Madame Tussauds London टीम के साथ काम कर मजा आयाl अब मेरे फैन्स मुझसे मेरी विश्व की सभी पसंदीदा शहरों में मुलाकात कर सकेंगेl’प्रियंका चोपड़ा का यह पुतला पार्टी एरिया में रखा गया हैंl यहां उनके अलावा और भी कई हॉलीवुड के A लिस्टर एक्टर्स को रखा गया हैंl ताकि आनेवाले मेहमान इन कलाकारों के पुतले के साथ ड्रिंक का लुत्फ़ उठा सकेंlप्रियंका जल्द फिल्म द स्काई इज पिंक में नजर आएंगीl इस फिल्म में उनके अलावा फरहान अख्तर और जायरा वसीम की अहम भूमिका हैंl

देहरादून। औली में होने वाली गुप्ता बंधुओं के पुत्रों की शाही शादी में गढ़वाली रीति-रिवाजों का खास ख्याल रखा जाएगा। सोमवार को उत्तराखंडी लोकगायक प्रीतम भरतवाण के जागर से शादी समारोह की शुरुआत हुई। इसके बाद मांगल गीत गाए गए। वहीं, शाही शादी की अनुमति देने पर नैनीताल हाईकोर्ट ने नाराजगी प्रकट की है। साथ ही इस शादी पर पहरा बैठा दिया है। हाईकोर्ट ने औली बुग्याल क्षेत्र में हवाई उड़ानों पर फिलहाल रोक दी है।विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में 20 जून को दक्षिण अफ्रीका के उद्योगपति अजय गुप्ता के पुत्र सूर्यकांत और 22 जून को उनके भाई अतुल गुप्ता के पुत्र शशांक का विवाह होना है। गुप्ता बंधुओं के पारिवारिक मित्र सुमित अदलखा ने बताया कि विवाह समारोह की शुरुआत सोमवार से हो गई है। सुबह लोक गायक प्रीतम भरतवाण ने जागर गाकर भगवान नृसिंह का आह्वान किया। इस दौरान गुप्ता परिवार के अधिकांश सदस्य मौजूद रहे। बताया कि औली में विवाह समारोह के बाद नवदंपती समेत अन्य मेहमान दर्शनों के लिए त्रियुगीनारायण जाएंगे।
आयोजकों को तीन करोड़ हाईकोर्ट में जमा करने के आदेश दिए;-उत्तराखंड के स्कीइंग डेस्टिनेशन औली में 200 करोड़ की शादी के मामले में सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आयोजकों को तीन करोड़ हाईकोर्ट में जमा करने के आदेश पारित किए हैं। यह रकम 21 जून तक जमा करनी होगी। शादी 22 जून को होनी है। कोर्ट ने जिलाधिकारी चमोली को पिछले साल के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को जवाबदेह बना दिया है। कहा है कि पर्यावरण मानकों का उल्लंघन होने पर डीएम जिम्मेदार होंगे। कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कहा है कि वह शादी की मॉनिटरिंग करे। पर्यावरण मानकों से अन्य नियमों का उल्लंघन पाया गया तो तीन करोड़ की रकम वापस नहीं होगी। कोर्ट द्वारा रकम को रिफंडडेबल बनाया गया है।
नगर पालिका अध्यक्ष बोले, औली में शाही शादी के आयोजन की नहीं दी गई अनुमति:-औली में शाही शादी के आयोजन को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि पालिका ने प्रशासन के पत्र के आधार पर सिर्फ कूड़ा उठाने पर सहमति जताई है न कि आयोजन के लिए किसी तरह की अनुमति दी है। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि जिस भूमि पर शादी का आयोजन हो रहा है, वह पर्यटन विभाग के नाम दर्ज है। पालिका ने साफ सफाई व पर्यावरणीय क्षति न करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया गया था। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था के लिए आयोजन समिति को पालिका ने खर्चे का ब्यौरा दिया था, जिसका अभी तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने पालिका की ओर से आयोजन की अनुमति दिए जाने की बातों का खंडन किया है।
शाही शादी में लगेगा हाट;-सुमित अदलखा ने बताया कि इस विवाह समारोह के दौरान हाट भी लगाया जाएगा। हाट में पहाड़ी व्यंजनों के साथ ही स्थानीय उत्पादों को भी रखा जाएगा। यदि समारोह में आए विदेशी मेहमान इसे खरीदते हैं तो इसका भुगतान गुप्ता परिवार करेगा। यह हाट क्षेत्र के स्थानीय लोग लगाएंगे।
कैटरीना व सिद्धार्थ समेत 55 बॉलीवुड कलाकार लेंगे हिस्सा:-शाही शादी में हिस्सा लेने के लिए बॉलीवुड से करीब 55 कलाकार औली पहुंच रहे हैं। सुमित ने बताया कि अभिनेत्री कैटरीना कैफ, उर्वशी रौतेला, अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्र समेत कई कलाकार इस शादी के गवाह बनेंगे। बताया कि गायक कैलाश खेर औली पहुंच चुके हैं और अभिनेता सलमान खान के भी शादी का हिस्सा बनने की संभावना है। हालांकि, उनके औली पहुंचने की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
शाही शादी में औली में कैलाश खेर बिखेरेंगे सुरों का जादू:-औली में गुप्ता बंधुओं की शाही शादी में गायक कैलाश खेर और गुप्ता परिवार के धाíमक गुरू अवधेशानंद पहुंच गए हैं। गुप्ता परिवार ने स्थानीय लोगों को शादी का भोज दिया। इस बीच, पदमश्री जागर गायक प्रीतम भरतवाण के गीतों का भी मेहमानों ने लुत्फ उठाया। औली में इस शाही शादी में मेहमानों के जुटने का क्रम जारी है। सूफी गायक कैलाश खेर भी शादी समारोह में सुरों का जादू बिखेरने के लिए साथियों के साथ औली पहुंच चुके हैं। गांव में स्थानीय लोगों के भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें दूल्हे सूर्यकांत व शशांक गुप्ता के साथ पारिवारिक लोगों ने शिरकत की। विवाह समारोह की तैयारियां पूरी हो गई हैं। रिसेप्शन के लिए क्लिप टॉप क्लब के सामने ग्लास हाउस भी बनाया गया है। जिसे सजाया गया है। विवाह स्थल पर मेहमानों के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए सीएमआइ से डॉ. गीतिका के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम भी तैनात की गई है।
भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क को नुकसान:-शाही शादी के आयोजन को लेकर औली में वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। वाहनों से सामान के ढुलान के दौरान सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। वाहनों की अत्याधिक आवाजाही से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है, जिस पर उत्तराखंड क्रांति दल ग्रीन ट्रिब्यूनल से हस्तक्षेप की मांग कर चुका है। औली में अब विवाह की तैयारियां पूरी हो चुकी है।
स्थानीय लोगों को कराया भोज;-बेटों की शाही शादी के लिए गुप्ता बंधुओं का परिवार औली पहुंच चुका है। रविवार को गुप्ता परिवार के सदस्य औली के डोडिल गांव में स्थानीय लोगों के साथ भोज में शामिल हुए। इसी के साथ शादी समारोह में भोज के कार्यक्रमों का भी शुभारंभ हो गया। दक्षिण अफ्रीका के उद्योगपति अजय गुप्ता, अतुल गुप्ता व राजेश गुप्ता अपने परिवारों के साथ हेलीकॉप्टर से औली पहुंचे। उनके साथ जीजा अनिल गुप्ता भी थे। इसके बाद गुप्ता परिवार ने औली के डोडिल गांव में स्थानीय लोगों के साथ भोज में शिरकत की। यह भोज गुप्ता परिवार की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें 400 से अधिक लोगों ने शिरकत की। इस दौरान गुप्ता परिवार ने स्थानीय लोगों को सगुन का टीका भी लगाया। गुप्ता बंधुओं का स्थानीय लोगों के साथ आज भी भोज का कार्यक्रम है। विदित हो कि विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में 20 जून को अजय गुप्ता के पुत्र सूर्यकांत और 22 जून को अतुल गुप्ता के पुत्र शशांक का विवाह संपन्न होना है। इसके लिए औली में जोरशोर से तैयारियां चल रही हैं। रविवार को गुप्ता बंधुओं की शादी में करीब 400 लोगों को भोजन कराया गया। जिसमें आज भी भोजन का कार्यक्रम रखा गया है।
हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा, गुप्‍ता बंधुओं को औली में शादी का इवेंट कराने की अनुमति किसने दी?;-चमोली जिले में प्रसिद्ध स्कीइंग डेस्टीनेशन औली में दो सौ करोड़ की शाही शादी की अनुमति देने पर नैनीताल हाईकोर्ट ने नाराजगी प्रकट की है। साथ ही इस शादी पर पहरा बैठा दिया है। हाईकोर्ट ने औली बुग्याल क्षेत्र में हवाई उड़ानों पर फिलहाल रोक दी है। इतना ही नहीं, पर्यावरणीय नुकसान की आशंका को देखते हुए इसकी एवज में दो करोड़ जमा करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार और बचाव पक्ष से स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि साफ-सफाई की एवज में धनराशि जमा नहीं की गई तो शादी पर विचार करना पड़ेगा। कोर्ट ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को शादी की मॉनिटरिंग करने को भी कहा है। मामले में मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।
जहां शादी हो रही है वहां बुग्याल नहीं: सीएम:-मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा औली में जहां शादी हो रही है वहां बुग्याल नहीं है। जो विरोध हो रहा है वह अनुचित है। गौरतलब है कि प्रसिद्ध उद्योगपति अजय गुप्ता और अतुल गुप्ता के बेटों की शादी 20 और 22 जून को औली में हो रही है। तकरीबन 200 करोड़ की हाइप्रोफाइल शादी में पर्यावरण नुकसान की आशंका के चलते हाइकोर्ट में याचिका डाली गई है

Page 9 of 629

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें