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काबुल। अफगानिस्‍तान में तालिबान के हमले में 12 लोगों की मौत हो गई है। यह हमला बुधवार की सुबह बागलान समंगन हाईवे (Baghlan Samangan highway) पर हुआ। मारे गए लोग बागलान के प्रांतीय परिषद के पूर्व सदस्य महबूबुल्लाह गफरी (Mahbubullah Ghafari) के करीबी बताए जाते हैं। अफगानिस्तान के पूर्वी नांगरहार प्रांत में स्थित जलालाबाद जेल पर रविवार रात को हुए आईएस आतंकियों के हमले के बाद देश में यह एक और बड़ा हमला है। जेल में हुए हमले में 29 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई घायल हुए थे।यही नहीं अफगान सुरक्षाबलों ने हमला करने वाले तीन आतंकियों को भी मार गिराया था। अफगान मीडिया के मुताबिक, आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ 18 घंटे तक चली थी। बताया जाता है कि जलालाबाद की जेल में इस्लामिक स्टेट के सैकड़ों आतंकी बंद थे इन्‍हीं को छुड़ाने के लिए हमले को अंजाम दिया गया था। हालां‍कि संयुक्त राष्ट्र की मानें तो अफगानिस्‍तान में पि‍छले साल की तुलना में आतंकी हमलों में कमी आई है।संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में साल के पहले छह महीने में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में हिंसा में नागरिकों के मारे जाने की संख्‍या में 13 फीसद की गिरावट आई है। अफगानिस्तान में साल 2020 के पहले छह महीनों के दौरान आईएस के 17 हमले दर्ज किए जबकि पिछले साल इस अवधि के दौरान 97 हमले हुए थे। देश में साल 2020 के पहले छह महीनों में आतंकी हमलों में 1,282 लोगों की मौत हुई जबकि 2,176 लोग घायल हुए हैंअभी दो दिन पहले पूर्वी अफगानिस्तान के जलालाबाद शहर में विशेष बलों ने इस्लामिक स्टेट की खुरासान इकाई से जुड़े पाकिस्तानी मूल के शीर्ष आतंकी जिया उर रहमान उर्फ असदुल्लाह ओरकजई को मार गिराया था। यह आतंकी संगठन आईएस की खुफिया खुरासान शाखा प्रमुख था। ओरकजई इस्लामिक स्टेट की खुरासान इकाई का खुफिया प्रमुख था। ओरकजई इस्लामिक स्टेट की खुरासान शाखा दक्षिण एशिया और मध्य एशिया में सक्रिय है। ओरकजई अफगानिस्तान में सेना और नागरिकों को निशाना बनाकर किए कई अनेक घातक हमलों में शामिल था।

नई दिल्ली। रोहित शर्मा आइपीएल के सबसे सफल कप्तान हैं और उनकी अगुआई में मुंबई इंडियंस ने चार बार खिताब पर जीत हासिल की है। एक बार फिर से आइपीएल 2020 का आगाज 19 सितंबर से होने जा रहा है और रोहित शर्मा ने भी इसके लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इस लीग के शुरू होने से पहले रोहित शर्मा ने कहा है कि मैं इस बात में विश्वास करता हूं कि जब आप कप्तान हो तो आप टीम में सबसे कम अहम व्यक्ति होते हैं। जब टीम हित की बात होती है तो दूसरे खिलाड़ी अहम बन जाते हैं। हालांकि अलग-अलग कप्तानों की इस मसले पर अपनी-अपनी राय है, लेकिन मेरा तो ऐसा ही मानना हैआपको बता दें कि सुरेश रैना ने हाल में उनके शांत व्यवहार की तुलना एम एस धौनी से की थी। उन्होंने कहा था कि दोनों में एक समानता तो है कि रोहित शर्मा भी मुश्किल परिस्थितियों में पूर्व भारतीय कप्तान धौनी की तरह ही दिखते हैं। इस बात पर रोहित ने कहा कि गुस्सा नहीं दिखाना कोई जानबूझकर किया गया प्रयास नहीं है।उन्होंने कहा कि यह मेरी प्रकृति है क्योंकि आप किसी और की तरह दिखाने की कोशिश नहीं करते। आप जो हो, हमेशा वही रहने की कोशिश करते हो।रोहित शर्मा ने कहा कि आप भी गुस्सा होते हो, कभी कभार आपा खो देते हो लेकिन यह महत्वपूर्ण होता है कि आप इसे अपनी टीम के साथियों को नहीं दिखाओ। अपनी भावनाओं को छुपाना सबसे मुश्किल काम होता है। भारतीय टीम के उप कप्तान को लगता है कि आइपीएल शुरू होने से पहले उनके पास काफी समय है और वह लंबे समय के ब्रेक के बाद अगले एक महीने के दौरान धीरे धीरे मजबूती और स्टेमिना हासिल कर लेंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि जिम इस हफ्ते खुल जायेंगे और मैं इंडोर ट्रेनिंग शुरू कर सकूंगा। इस समय मुंबई के मानसून की वजह से आप आउटडोर ट्रेनिंग नहीं कर सकते। मैं इंडोर सुविधाओं के इस्तेमाल के लिये मुंबई क्रिकेट संघ से को पत्र लिखकर इसे खोलने की गुजारिश करूंगा।

नई दिल्ली। MS Dhoni ने अपने खेल के दम पर बेशुमार कामयाबियां हासिल की साथ ही साथ पूरी दुनिया के लोगों को अपना दीवाना भी बनाया। धौनी के चाहने वाले पूरी दुनिया में मौजूद हैं। एक तरफ जहां उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए कई खिताब जीते तो वहीं वो इंडियन प्रीमियर लीग के भी बेहद पॉपुलर कप्तान व क्रिकेटर दोनों हैं। ना सिर्फ एक्टिव क्रिकेटर्स बल्कि भारतीय क्रिकेटर्स, कमेंटेटर और पूर्व दिग्गजों ने भी धौनी के फैसले करने की स्किल की हमेशा तारीफ की है। अब पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डीन जोंस ने एम एस धौनी के बारे में बेहद दिलचस्प बातें कही हैं।डीन जोंस ने अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स से बात की और जब उनसे पूछा गया कि वो धौनी की जिंदगी व उनके खेल से जुड़ी अपने किसी एक फेवरेट पल का चयन करें। इस सवाल के जवाब पर डीन जोंस ने उस वाकये को याद किया जब पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भारत के पाकिस्तान दौरे के दौरान धौनी के लंबे बालों की तारीफ की थी और कहा था कि इसे मत कटवाना क्योंकि आप इसमें काफी अच्छे लगते हो।डीन जोंस ने कहा कि मैं उस मैच के दौरान कमेंट्री कर रहा था और परवेज मुशर्रफ ने कहा था कि आप लंबे बालों में अच्छे दिखते हैं और इसे मत कटवाएं। उन्होंने कहा कि एम एस धौनी उस शैली के खिलाड़ी हैं जिनके बारे में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री भी बात करते हैं क्योंकि वो सचमुच सबको मोहित कर लेते हैं। क्रिकेट के मैदान पर धौनी ने कई अनोखी चीजें की है और वो वर्ल्ड के प्रेरणादायक क्रिकेटरों में से एक हैं। जोंस ने कहा कि एक बार फिर से 22 गज की पट्टी पर वो अपना स्किल दिखाने के लिए तैयार हैं और उन्हें देखना बेहद खुशी की बात होगी।जोंस ने कहा आखिर वो क्या बात है जिसकी वजह से धौनी फैंस के फेवरेट हैं। जोंस ने कहा कि उन्होंने क्या किया है, मेरे जैसे पुराने खिलाड़ियों और लोगों को अगली सीट पर आकर बैठने को मजबूर कर दिया है कि वो आखिर क्रिकेट कैसे खेलते हैं। ऐसे खिलाड़ी कम ही होते हैं जो ऐसा करने पर मजबूर करते हैं। अगर आप कोई ऐसा मैच देखने जाते हैं जिसमें धौनी खेल रहे हैं तो प्रशंसक हमेशा अपने सीट के किनारे होते हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता होता कि धौनी आगे क्या करने जा रहे हैं। धौनी अब IPL 2020 में खेलते नजर आएंगे जो 19 सितंबर से यूएई में शुरू हो रहा है।

नई दिल्ली। एडम गिलक्रिस्ट को दुनिया के बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज के नामों में शुमार किया जाता है। गिलक्रिस्ट तूफानी बल्लेबाज तो थे ही, विकेट के पीछे भी वो उतने ही तेज, चतुर व चालाक थे। वनडे क्रिकेट में वो अपनी टीम के लिए ओपनिंग करते थे तो वहीं टेस्ट क्रिकेट में वो सातवें नंबर के बल्लेबाज थे और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए खूब रन बनाए। अब अगर गिलक्रिस्ट किसी अन्य विकेटकीपर-बल्लेबाज के बारे में कहें कि वो बेस्ट थे तो जाहिर है उस खिलाड़ी में कितना दमखम होगा।एडम गिलक्रिस्ट ने भारत के पूर्व कप्तान एम एस धौनी, श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा, न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैकुलम और साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर मार्क बाउचर को अपने अनुभव के आधार पर रैंकिंग दी हैं। आपको बता दें ये सारे दिग्गज एक से बढ़कर एक विकेटकीपर-बल्लेबाज रहे हैं। गिलक्रिस्ट ने बताया कि इन चारों में बेस्ट कौन था।गिलक्रिस्ट ने इन चारों दिग्गजों में एम एस धौनी को पहले पायदान पर रखा। उन्होंने कहा कि इन चारों में धौनी बेस्ट हैं। इसके बाद मैं संगकारा को रखूंगा और तीसरे स्थान पर मैकुलम आते हैं। उन्होंने इन सबमें मार्क बाउचर को सबसे नीचे रखा क्योंकि वो अपनी आंखों में लगी चोट की वजह से ज्यादा नहीं खेल सके थे। विकेट के पीछे सबसे ज्यादा शिकार करने की बात करें तो गिलक्रिस्ट पहले, मार्क बाउचर दूसरे व धौनी तीसरे स्थान पर हैं। धौनी एक बेहतरीन विकेटकीपर तो थे ही साथ ही साथ वो बेस्ट फिनिशर भी थे।आपको बता दें कि एम एस धौनी ने 50.83 की औसत से वनडे में 10,773 रन बनाए हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीता है। गिलक्रिस्ट ने कहा कि धौनी का करियर बढ़ते हुए देखना काफी अच्छा रहा। अपनी सेंचुरी के साथ वो लोगों की आंखों में आए और लोगों ने उनके खेलने की स्टाइल को पसंद किया। जिस तरह से उन्होंने खुद को हैंडल किया वो अविश्वसनीय था। धौनी ऐसे खिलाड़ी रहे जो भारतीय क्रिकेट में छा गए और हमेशा याद किए जाएंगे। 

दुबई। आइसीसी ने बुधवार को इस बात की घोषणा की कि इंग्लैंड व पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान फ्रंटफुट नोबॉल का फैसला मैदान पर मौजूद अंपायर नहीं बल्कि टीवी अंपायर करेंगे। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब टीम अंपायर फ्रंटफुट नोबॉल का फैसला करेंगे। आइसीसी ने कहा कि इस टेस्ट सीरीज के दौरान वो फ्रंटफुट नोबॉल के तकनीक की समीक्षा करेंगे और बाद में ये फैसला लिया जाएगा कि इसे जारी रखा जाएगा या नहीं।आइसीसी ने ट्वीट करके बताया कि इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच तीम मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान फ्रंटफुट नोबॉल तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा । दोनों टीमों ने इसके लिये सहमति जताई है। इस ट्वीट के जरिए कहा गया कि इस टेस्ट सीरीज में तकनीक के इस्तेमाल की समीक्षा करने के बाद भविष्य के लिये फैसला लिया जायेगा। आपको बता दें कि हाल ही में इंग्लैंड और आयरलैंड के बीच वनडे सीरीज में भी इसका इस्तेमाल किया गया । वहीं पिछले साल भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीमित ओवरों की सीरीज में भी इसका प्रयोग किया गया था ।आपको बता दें कि कोविड 19 महामारी के बीच क्रिकेट को फिर से सामान्य स्थिति मे लाने के लिए इंग्लैंड में पहले वेस्टइंडीज की टीम ने दौरा किया और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज भी खेली। इस टेस्ट सीरीज में कैरेबियाई टीम को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं वेस्टइंडीज के साथ टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड दौरे पर है जहां दोनों देशों के बीच पहले तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद दोनों देशों के बीच इतने ही मैचों की टी20 सीरीज भी खेली जाएगी। इस टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड के हौसले बुलंद हैं क्योंकि उन्होंने पहले ही वेस्टइंडीज को हराया है, तो वहीं पाकिस्तान की टीम की भी नजर टेस्ट सीरीज में जीत पर है। हालांकि शाहिद अफरीदी ने कहा था कि अगर पाकिस्तान की टीम टेस्ट सीरीज ड्रॉ भी कर लेती है तो ये जीत के बराबर ही होगी। 

नई दिल्ली। लोन लेते समय क्रेडिट स्कोर बहुत मायने रखता है। अच्छा क्रेडिट स्कोर होने पर लोन जल्द मिल जाता है और ब्याज दर के कम रहने की भी संभावना रहती है, लेकिन कई बार अच्छे क्रेडिट स्कोर के बावजूद लोन नहीं मिल पाता है। इसके पीछे कुछ कारण होते हैं। जब भी कोई कर्जदाता को लोन के लिए आवेदन मिलता है, तो वह यह देखता है कि क्या कर्ज लेने वाला समय पर पूरे ब्याज के साथ लोन चुका पाएगा। कर्जदाता कई तथ्यों के जरिए यह बात पता करता है और अगर उसे कोई संशय होता है, तो लोन में देरी हो सकती है या फिर लोन डील रद्द हो सकती है। आइए जानते हैं कि वे कौनसे कारण हैं, जिनकी वजह से अच्छे क्रेडिट स्कोर को बावजूद लोन नहीं मिल पाता।

उम्र:-कर्ज लेने वाले की उम्र काफी मायने रखती है। बहुत बार 60 साल से अधिक के लोगों का लोन मंजूर नहीं होता है। कई बार तो अपनी रिटायरमेंट आयु के पास आ चुके लोग होम लोन या 15 से 25 साल की अवधि वाला 50 साल से अधिक का लोन लेने के योग्य नहीं होते हैं। कर्जदाता को लगता है कि रिटायर होने के बाद कर्ज लेने वाला ईएमआई भरने में समर्थ नहीं होगा।

मासिक आय:-किसी भी लोन आवेदन में मासिक आय बहुत अधिक महत्व रखती है। जब भी कोई कर्जदाता कोई लोन आवेदन प्राप्त करता है, तो वह आवेदक की पुनर्भुगतान क्षमता का आकलन करता है। यह आकलन मासिक आय, आय के स्रोत की स्थिरता और आश्रितों की संख्या के आधार पर किया जाता है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर उच्च है, लेकिन मासिक आय कम है, तो आपके लोन आवेदन के रद्द होने की बहुत अधिक संभावना होती है।

ईएमआई और आय का रेशियो:-लोन मंजूर करते समय कर्जदाताओं द्वारा ईएमआई-इनकम रेशियो देखा जाता है। अगर कर्ज लेने वाले का कुल मौजूदा ईएमआई पुनर्भुगतान अमाउंट उसकी मासिक आय के 50 फीसद से कम है, तो उसके नए लोन आवेदन के मंजूर होने की संभावना बढ़ जाती है।

नौकरी से जुड़ी बातें:-अधिकतर बैंक और वित्तीय संस्थान लोन लेन वाले के लिए कम से कम दो साल के वर्क एक्सीरियंस की मांग करते हैं। इससे डिफॉल्ट होने का जोखिम कम हो जाता है। वहीं, अगर आप जल्दी-जल्दी जॉब बदल रहे हैं, तो यह एक अस्थिर करियर की निशानी होती है। ऐसे लोगों की विश्वसनीयता कम आकी जाती है।

नई दिल्ली। बैंकों में आपका पैसा कितना सुरक्षित है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2019-20 में तत्कालीन 18 सरकारी बैंकों में कुल 1,48,427.65 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 12,461 मामले सामने आए हैं। लगातार बढ़ रहे फ्रॉड के मामले को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को आगाह किया है। बैंक ने ट्वीट करते हुए कहा है कि ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय किसी को भी अपने फोन कॉल, ईमेल, एसएमएस और वेबलिंक पर व्यक्तिगत जानकारी साझा ना करें।RBI ने कहा है कि अगर संदेह हो तो अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर ग्राहक सहायता नंबर जांच लें। आरबीआई ने ट्वीट करते हुए कहा है साइबर धोखाधड़ी चुटकियों में हो जाती है इसीलिए सतर्क रहें। रिजर्व बैंक ने कहा है कि अपनी निजी जानकारी, कार्ड से जुड़ी जानकारी, बैंक खाता, आधार, पैन से किसी ना बताएं। ट्वीट के जरिए आरबीआई ने कहा है कि अगर आपके पास किसी अंजान नंबर से फोन आता है या कोई आपसे बैंक खाता नंबर पूछता है या फिर आपसे केवाईसी की जानकारी चाहता है तो आप तुरंत फोन काट दें।उल्लेखनीय है कि 2019-20 में तत्कालीन 18 सरकारी बैंकों में कुल 1,48,427.65 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 12,461 मामले में से सबसे ज्यादा धोखाधड़ी SBI में हुई है। पिछले दिनों एक RTI कार्यकर्ता ने RBI से यह जानकारी हासिल की थी। SBI के बाद पंजाब नेशनल बैंक में 395 मामले सामने आए और 15,354 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। पूरी धोखाधड़ी का 30 फीसद अकेले SBI में है। तीसरे नंबर पर बैंक ऑफ बड़ौदा है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी और इसके संक्रमण को रोकने के लिए लागू प्रतिबंधों के चलते आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की पिछली बैठकों में नीतिगत दरों में कटौती के फैसलों के बाद देश के प्रमुख बैंकों ने जमा पर ब्याज दर को काफी घटा दिया है। भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय निवेश विकल्प फिक्स डिपॉजिट की ब्याज दरों में भी पिछले कुछ महीनों में काफी गिरावट आई है। कई बैकों की एफडी दरें तो 10 सालों के न्यूनतम स्तर पर आ गई हैं। ऐसे में निवेशक एफडी पर अधिक रिटर्न के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों की तरफ देख रहे हैं।जहां एक तरफ प्रमुख बैंकों ने एफडी पर ब्याज दरों को घटाया है, तो वहीं स्मॉल फाइनेंस बैंक अभी भी एफडी पर 9 फीसद तक ब्याज दे रहे हैं। यह अधिक ब्याज दर निवेशकों को इन बैंकों की तरफ आकर्षित तो करती है, लेकिन निवेशकों के मन में अपनी पूंजी की सुरक्षा से जुड़ी चिंता भी बनी रहती है। पीएमसी बैंक और यस बैंक संकट के बाद निवेशक काफी डरे हुए हैं।यहां यह जानना जरूरी है कि जब बड़े बैंकों के पास भारी लिक्विडिटी मौजूद होती है, तो वे और अधिक जमा प्राप्त करने के कम इच्छुक होते हैं। यह बात स्मॉल फाइनेंस बैंकों पर लागू नहीं होता है। स्मॉल फाइनेंस बैंक बड़े बैंकों की तुलना में एफडी पर अधिक ब्याज दर की पेशकश करते हैं, क्योंकि वे अधिक से अधिक ग्राहकों को आकर्षित करना चाहते हैं।

कितना सुरक्षित है छोटे बैंकों की एफडी में निवेश:-निवेशक को एक बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए कि अधिक रिटर्न प्राप्त करने के लिए जोखिम भी अधिक ही लेना होता है। अगर ज्यादा जोखिम लिया जाएगा, तो रिटर्न भी ज्यादा ही मिलता है। जहां तक बात एफडी की है, तो निवेशक को एक ही बैंक में अपनी पूरी पूंजी नहीं लगानी चाहिए। निवेशक को भिन्न-भिन्न स्मॉल फाइनेंस बैंकों में अपनी पूंजी लगानी चाहिए। निवेशक ध्यान रखें कि बैंक में 5 लाख तक की राशि DICGC के डिपॉजिट इंश्योरेंस प्रोग्राम के तहत बीमित होती है। इसलिए एक बैंक में पांच लाख तक की पूंजी निवेश करना सुरक्षित होता है।

क्या सुरक्षित है पांच लाख से अधिक का निवेश?:-स्मॉल फाइनेंस बैंक सीधे आरबीआई द्वारा रेगूलेट होते हैं, चुंकि वे पीएसयू और अन्य निजी क्षेत्र के बैंकों की तरह ही केंद्रीय बैंक द्वारा अनुसूचित बैंकों के रूप में वर्गीकृत होते हैं। इन स्मॉल फाइनेंस बैंकों में पांच लाख से अधिक की राशि उतनी ही सुरक्षित है, जितनी पीएसयू और बडे़ निजी क्षेत्र के बैंकों में सुरक्षित होती है।

बिग बॉस 13 में अपनी रोमांटिक केमिस्ट्री से फैंस का दिल धड़का चुके असीम रियाज और हिमांशी खुराना एक बार फिर से अपने चाहने वालों को एंटरटेन करने की तैयारी में है। असीम रियाज और हिमांशी खुराना का तीसरा गाना ‘दिल को मैने दी कसम’ रिलीज के लिए तैयार है। इस गाने को मेकर्स 10 अगस्त के दिन रिलीज करने वाले है। गाने में असीम रियाज और हिमांशी खुराना के बीच जमकर रोमांस दिखने वाला है। इसकी झलक रिलीज हुए फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर से मिली है।रिलीज हुए गाने के फर्स्ट लुक पोस्टर में हिमांशी खुराना जहां प्यार भरी आंखों से असीम रियाज को एकटक देखती दिख रही हैं। तो वहीं, असीम रियाज पियानो की धुन छेड़ते दिख रहे हैं। असीम रियाज का शर्टलैस लुक देखकर फैंस के पसीने छूट जाने वाले हैं। लेकिन इस पोस्टर में असीम रियाज घायल भी दिख रहे हैं। जिन्हें बांह में चोट लगी है। गाने के पोस्टर को आप यहां देख सकते हैं।खास बात ये है कि ये गाना टी-सीरीज के बैनर तले प्रोड्यूस किया गया है। इस गाने में सिंगर अरिजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है तो वहीं, गाने को अमाल मलिक ने कंपोज किया है। इससे पहले असीम रियाज और हिमांशी खुराना ‘कल्ला सोणा नहीं’ और ‘ख्याल रख्या कर’ जैसे हिट गाने दे चुके है। ऐसे में अब फैंस को इस नए गाने का भी बेसब्री से इंतजार है।याद दिला दें कि असीम रियाज और हिमांशी खुराना ने बीते साल बिग बॉस 13 में धमाकेदार एंट्री मारी थी। यहां पर ही इन दोनों स्टार्स के बीच रोमांस शुरू हुआ था। हालांकि उस वक्त हिमांशी खुराना अपने एक्स बॉयफ्रेंड चाऊ को डेट कर रही थी। बिग बॉस के घर से एलिमिनेट होने के बाद हिमांशी खुराना का अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया और इसके बाद हिमांशी और असीम रियाज की कहानी शुरू हो सकी थी।

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में आखिरकार वो पल आ ही गया जिसका पूरे भारत को इंतजार था। सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले की जांच आखिरकार केंद्र सरकार ने सीबीआई को सौंप दी है। इस खबर के सामने आते ही सुशांत सिंह राजपूत को इंसाफ दिलाने की जंग में शामिल देश के करोड़ों लोगों को राहत मिली है औऱ अब उम्मीद है कि जल्दी ही इस दिवंगत एक्टर की मौत की असली वजह सबके सामने आ जाएगी। सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में शुरुआत से ही मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे। जिसके बाद से सुशांत सिंह राजपूत के परिवार ने बिहार के पटना में रिया चक्रवर्ती के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।इस केस की जांच बिहार पुलिस के हाथ में आने के बाद से मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस के बीच गतिरोध था। जहां मुंबई पुलिस जांच में बिहार पुलिस को सहयोग नहीं दे रही थी और साथ ही अड़चने भी लगा रही थी। इसके बाद परिवार ने भी इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की अपील कर दी थी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने भी सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। जिसेक बाद केंद्र सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस बात की जानकारी दी है कि इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी गई है।सीबीआईं की जांच की कमान मिलते ही सुशांत सिंह राजपूत की एक्स गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे ने आभार जताते हुए पोस्ट शेयर कर लिखा है, ‘वो पल आ गया है जिसका हमें बेसब्री से इंतजार था।’ इस पोस्ट को शेयर करते हुए अंकिता लोखंडे ने कैप्शन दिया है, ‘आभार’ इस पोस्ट को आप नीचे देख सकते हैं।याद दिला दें सुशांत सिंह राजपूत के परिवार ने रिया चक्रवर्ती पर संगीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जबकि इससे पहले खुद रिया चक्रवर्ती ने भी इस मामले में सीबीआई जांच की अपील की थी। परिवार की शिकायत के बाद रिया चक्रवर्ती के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर केस को मुंबई पुलिस को ही सौंपने की बात कही थी। जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने नकार दिया है।

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