Editor

Editor

रांची। झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर आज मुंबई जा रहे एयर एशिया के विमान को दो बार रोका गया। पहली बार रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर शनिवार की दोपहर तकरीबन 11:45 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुन: दोबारा इंजीनियर के ठीक करने के बाद विमान उड़ान भरने के लिए रनवे पर दौड़ी तो विमान से आवाज आई। पायलट ने फिर से विमान को सतर्कता पूर्वक रोक लिया। इसके बाद फायर बिग्रेड की दो गाड़ी मौके पर पहुंची।रांची से 176 यात्रियों को लेकर मुंबई जा रहा एयर एशिया का विमान रनवे पर उड़ान भरते समय एक पक्षी से टकरा गया। पायलट ने सूझबूझ से किसी तरह विमान को रनवे पर रोका। एयरपोर्ट के अधिकारियों का कहना है कि विमान को कोई क्षति नहीं पहुंची है। सभी यात्री सकुशल हैं। विमान की जांच चल रही है। कई इंजीनियर विमान की जांच में लगाए गए हैं। जांच पूरी करने के बाद विमान मुंबई के लिए उड़ान भरेगा। इसके बाद, इंजीनियर के ठीक करने के बाद दोबारा उड़ते वक्त फिर विमान के इंजन से आवाज आई। इसके बाद फिर विमान रोका गया।
रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर खड़ा एयर एशिया का विमान;-एयर एशिया का यह विमान 11:45 बजे रांची से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाला था। एयरपोर्ट के निदेशक विनोद शर्मा ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी कि विमान के पास पक्षी कैसे पहुंचा। उन्होंने बताया कि कौन सा पक्षी था। यह अभी बात साफ नहीं हो रही है। मामले की जांच होगी। पक्षी के विमान से टकराते ही पायलट ने इमजेंसी ब्रेक लगाया। इससे विमान में बैठे यात्रियों को जोर का झटका लगा। वे घबरा गए। क्रू मेंबर से इस बाबत पूछने पर बताया गया कि विमान से एक पक्षी टकरा गया है।
यात्रियों ने किया हंगामा, दूसरे विमान से भेजा जाएगा:-बर्ड हिट की घटना के बाद एयर एशिया के विमान की जांच इंजीनियरों की टीम ने की। जांच पड़ताल के बाद इसे फिर से उड़ान भरने के लिए अनुमति दी गई। 4:20 बजे इसे रनवे से टेक ऑफ करना था। पर रनवे पर आने के बाद विमान में फिर से खराबी आ गयी। इसके बाद उड़ान रोक दी गयी। उसके बाद परेशान यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा करना शुरू कर दिया।इधर, बिरसा एयरपोर्ट के डायरेक्टर विनोद शर्मा के अनुसार प्लेन को रनवे पर लाया गया था। कुछ तकनीकी समस्या आने के कारण टेक ऑफ नहीं हो पाया। इसकी फिर से जांच की जा रही है। यात्रियों को एयरपोर्ट के अंदर ही रखा गया है। उन्हें सारी सुविधाएं दी जा रही हैं और उनके लिए दूसरे विमान का इंतजाम किया जा रहा है। उन्होंने यात्रियों के हंगामे की खबर से इंकार किया है।

फरीदाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को फरीदाबाद में एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के पिता केके सिंह से मुलााकत की, इस दौरान सुशांत की बहन रानी सिंह भी मौजूद थीं। दरअसल, बल्लभगढ़ में सरकारी स्कूल का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल सुशांत के जीजा और फ़रीदाबाद पुलिस कमिशनर ओपी सिंह के घर पर पहुंचे और वहां पर मौजूद सशांत के पिता केके सिंह और बहन रानी सिंह से मुलाकात की। इस मौके पर सुशांत के पिता केके सिंह को सांत्वना देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आश्वस्त किया है कि पूरा मामला CBI को ट्रांसफर होने के बाद अब उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा। बता दें कि सुशांत के जीजा ओपी सिंह फ़रीदाबाद के पुलिस कमिश्नर हैं और उन्होंने पिछले दिनों भी सुशांत की आत्महत्या पर सवाल उठाया था।जागरण संवाददाता के मुताबिक, सीएम मनोहर लाल शनिवार अभिनेता सुशांत राजपूत के पिता केके सिंह के साथ उनकी बहन रानी सिंह से भी मिले। इस दौरान जहां पिता केके सिंह कुछ बोलने की ही स्थिति में नहीं थे, तो वहीं सीएम से मुलाकात के दौरान सुशांत की बहन रानी सिंह भावुक हो गईं और रो पड़ीं।बता दें कि बॉलीवुड एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) पर सुशांत के पिता केके सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बाबत केके सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है कि मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (Central Bureau of Investigation) को ही करने दी जाए। रिया की याचिका निष्प्रभावी हो चुकी है। इस मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।वहीं, सुशांत राजपूत के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पिछले एक साल के दौरान रिया के आपराधिक कृत्य को साबित करने के लिए उनके पास सबूत हैं। रिया ने इस मामले में गवाह सिद्धार्थ पीठानी को भी प्रभावित किया। साथ ही कहा कि सिद्धार्थ ने बिहार पुलिस के ईमेल को रिया को लीक किया।गौरतलब है कि 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत ने मुंबई स्थित फ्लैट में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी, जिसके मुंबई पुलिस जांच कर रही है। इस बीच सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया चक्रवर्ती के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपत लगाते हुए FIR दर्ज कराई है।

वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने संसद द्वारा स्वयं और विदेश विभाग को जारी किए गए समन को खाजिर कर दिया है। माना जा रहा है कि पोम्पिओ द्वारा संसद के समक्ष पेश होने से इन्कार के बाद विदेश विभाग और डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत वाले संसद के बीच टकराव बढ़ सकता है। बता दें कि यूक्रेन से संबंधित दस्तावेज और विदेश विभाग के इंस्पेक्टर जनरल को निकाले जाने के संबंध में सांसदों को जानकारी देने के लिए समन जारी किए गए थे। 

पोम्पिओ ने समन को राजनीति से प्रेरित बताया;-हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी को भेजे गए पत्रों में पोम्पिओ और विदेश विभाग ने कहा है कि उनका समन के अनुपालन करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने समन को राजनीति से प्रेरित बताया। यह बात ठीक है कि संसद द्वारा जारी किए गए समन कानूनी रूप से बाध्यकारी होते हैं, लेकिन ट्रंप प्रशासन पहले भी कई बार सदन द्वारा जारी किए गए समन को मानने से इन्कार कर चुका है। कमेटी के चेयरमैन इलियट एंगल ने 31 जुलाई और तीन अगस्त को दो समन जारी करते हुए शिकायत की पोंपियो और विदेश विभाग दोनों मामलों में जानकारी मुहैया कराने में अवरोध पैदा कर रहे हैं।बता दें कि अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ चल रहे महाभियोग के मुकदमे के दौरान डेमोक्रेट द्वारा प्रस्तावित प्रस्ताव के लिए मतदान किया, जिसमें यूक्रेन के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति के डील से संबंधित दस्तावेजों की व्हाइट हाउस से मांग की गई। हालांकि, प्रस्ताव खारिज हो गया। 

वाशिंगटन। अमेरिका के खुफिया अधिकारियों का मानना है कि नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले रूस डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी जो बिडेन को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। इतना ही नहीं क्रेमलिन से जुड़े लोग राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा चुनाव जीतते देखना चाहते हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि चीन ट्रंप को दोबारा राष्ट्रपति बनते देखना नहीं चाहता है। बीजिंग अमेरिका में लोक हितकारी नीति बनाने और चीन के हितों की विरोधी राजनीतिक हस्तियों पर दबाव बनाने के अपने प्रयास तेज कर रहा है।देश के खुफिया कार्यक्रम की रक्षा करने वाले नेशनल काउंटरइंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी सेंटर (एनसीएससी) के प्रमुख विलियम इवानिना ने शुक्रवार को रूस के संबंध में यह बयान दिया। ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप को दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के रूस के प्रयासों संबंधी अमेरिकी खुफिया एजेंसी की यह सबसे स्पष्ट घोषणा है। ट्रंप के लिए यह एक संवेदनशील विषय है और उन्होंने खुफिया एजेंसी के इस आकलन को खारिज किया है कि रूस ने 2016 के चुनाव में उनकी मदद की कोशिश की थी। पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन के दौरान उपराष्ट्रपति रहे बिडेन की यूक्रेन समर्थित नीतियों के चलते रूस उनके विरुद्ध है।खुफिया अधिकारी के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने शुक्रवार शाम कहा, 'मुझे लगता है कि रूस राष्ट्रपति पद पर जिस आखिरी व्यक्ति को देखना चाहेगा, वह डोनाल्ड ट्रंप होगा, क्योंकि रूस के खिलाफ मुझसे ज्यादा किसी ने सख्ती नहीं बरती।' हालांकि, वह इस बात से सहमत दिखे कि चीन उन्हें दोबारा राष्ट्रपति बनते नहीं देखना चाहता।' ट्रंप ने कहा कि अगर जो बिडेन राष्ट्रपति होते, तो चीन हमारे देश को चला रहा होता। इवानिना के बयान से लगभग तीन महीने पहले प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी और डेमोक्रेटिक पार्टी के अन्य सांसदों ने इस बात को लेकर आलोचना की थी कि खुफिया एजेंसियां अमेरिकी राजनीति में विदेशी हस्तक्षेप के खतरे संबंधी जानकारियां लोगों से छिपा रही हैं।इवानिना ने कहा, 'हम मुख्य रूप से चीन, रूस और ईरान की ओर से जारी और संभावित गतिविधियों से चिंतित हैं।' उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों के बावजूद, अधिकारियों को इस बात की संभावना नहीं लगती कि चुनाव परिणाम पर कोई भी देश खास फर्क डाल सकता है।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर युजवेंद्र सिंह चहल ने अपने क्रिकेट फैंस को चौंका दिया। चहल ने शनिवार को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के जरिए बताया कि उन्होंने सगाई कर ली है। चहल हमेशा से ही सोशल मीडिया पर खूब सक्रिय रहते हैं और अपने वीडियोज के जरिए क्रिकेट फैंस का मनोरंजन करते रहते हैं। हालांकि, इस बात का अंदेशा किसी को नहीं था कि वो इस तरह से अपने फैंस को सरप्राइज देंगे।चहल ने जिनसे सगाई की है उनका नाम धनश्री वर्मा है। वो पेशे से डॉक्टर हैं और कोरियाग्राफर हैंं। दोनों ने हाल ही में ऑनलाइन लूडो खेलने की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी। चहल की तरह से धनश्री सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हैं। उनके इंस्टाग्राम पेज पर लगभग 5 लाख फॉलोअर भी हैं। वो अक्सर डांस के वीडियोज इंस्टाग्राम पर शेयर करती रहती हैं।चहल ने धनश्री के साथ सगाई करने के बाद और अपनी होने वाली जीवन संगिनी की तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर में चहल व उनकी होने वाली पत्नी काफी खुश नजर आ रहे हैं। चहल ने क्रीम कलर की शेरवानी पहन रखी है जबकि उनकी होने वाली जीवनसाथी ने हल्के बैंगनी रंग का लहंगा पहन रखा है। उन्होंने कैप्शन दिया कि हमने एक-दूसरे को हां कहा, हमारे परिवार के साथ। इसके साथ उन्होंने एक दिल वाली इमोजी भी लगाई।युजवेंद्र चहल भी इन दिनों अब आइपीएल की तैयारी कर रहे हैं। इस साल आइपीएल का 13वां सीजन यूएई में खेला जाएगा। चहल इस बार भी विराट कोहली की टीम आरसीबी का हिस्सा हैं। यूएई में इस लीग का फाइनल मुकाबला 10 नवंबर को खेला जाएगा। इस लीग से पहले चहल ने अपने क्रिकेट फैंस को बेहद खुशी की खबर दी है। चहल ने पिछले आइपीएल सीजन में अपनी टीम आरसीबी के लिए 21.44 की औसत से गेंदबाजी करते हुए कुल 18 विकेट लिए थे।चहल के सगाई करने के बाद उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया है। फैंस के अलावा उन्हें इरफान पठान, आकाश चोपड़ा, चेन्नई सुपर किंग्स टीम की तरफ से भी बधाई मिली है। 

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के अनुसार, मुकेश अंबानी की संपत्ति बढ़कर 80.6 अरब डॉलर हो गई है। अंबानी की संपत्ति में इस साल कुल 22 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। संपत्ति में इस उछाल से वे फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट को पीछे छोड़ दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। अब दुनिया के शीर्ष अमीर लोगों में रिलायंस चेयरमैन से आगे फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग, माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स और अमेजन के जेफ बेजोस ही हैं।अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस दुनिया के टॉप अमीरों की सूची में शीर्ष पर बरकरार हैं। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 187 अरब डॉलर है। बेजोस की संपत्ति में इस साल कुल 72.1 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। बेजोस के बाद ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स में दूसरे स्थान पर हैं माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स। उनकी कुल संपत्ति 121 अरब डॉलर है। बिल गेट्स की संपत्ति में इस साल 7.5 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है।ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स में तीसरे नंबर पर आते हैं फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग। इंडेक्स के अनुसार, इनकी कुल संपत्ति 102 अरब डॉलर है। जुकरबर्ग की संपत्ति में इस साल कुल 23 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। यहां यह भी बता दें कि अब मार्क जुकरबर्ग पहली बार 100 अरब डॉलर के क्लब में शामिल हुए हैं। दुनिया में तीन ही व्यक्ति हैं, जो इस क्लब में शामिल हैं। ये तीनों दुनिया के शीर्ष तीन अमीर व्यक्ति हैं।बर्नार्ड अर्नाल्ट ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स में खिसककर पांचवें स्थान पर आ गए हैं। उनकी कुल संपत्ति 80.2 अरब डॉलर है। इस साल में अब तक अर्नाल्ट की संपत्ति को 25 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है।

इस दिनों साउथ सुपरस्टार राणा दग्गुबाती और उनकी होने वाली पत्नी मिहीका बजाज शादी की रस्मों में व्यस्त चल रहे हैं। अपनी हल्दी की रस्में निपटाने के बाद बीते दिन राणा दग्गुबाती और मिहीका बजाज मेहंदी की रस्मों को निभाते नजर आए। मेहंदी की रस्मों के दौरान राणा दग्गुबाती और मिहीका बजाज के अंदाज ने फैंस का दिल जीत लिया है।यहां पर राणा दग्गुबाती मेहंदी लगवा रही मिहीका बजाज के साथ बैठे नजर आए। तस्वीर में दोनों की केमिस्ट्री जबरदस्त नजर आ रही है।मौका मिलने पर राणा दग्गुबाती और मिहीका बजाज साथ में बैठकर ढ़ेर सारी बातें करते नजर आए। फैंस को इस कपल का ये रोमांटिक अंदाज बेहद पसंद आ रहा है।तस्वीर में राणा दग्गुबाती अपनी शादी की रस्मों का हिस्सा बनने के लिए जा रहे हैं। इस दौरान राणा दग्गुबाती अपने आउटफिट से मैचिंग मास्क लगाए नजर आए।मेहंदी की रस्मों के लिए मिहीका बजाज ने पिंक गोल्डन कलर का लहंगा पहना था। जिसके साथ मिहीका बजाज ने मैचिंग ज्वैलरी कैरी की थी। तस्वीर में मिहीका बजाज मारवाणी अंदाज में पोज देती नजर आ रहीं हैं।मारवाणी मिहीका बजाज को टक्कर देन के लिए राणा दग्गुबाती ने भी काफी तैयारी की थी। इस दौरान राणा दग्गुबाती ट्रेडिशनल तमिल अवतार में नजर आए। तस्वीर में राणा दग्गुबाती साउथ सुपरस्टार वेंकटेश दग्गुबाती के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं।शादी की रस्मों के दौरान राणा दग्गुबाती की खुशियों में शामिल होने के लिए सामन्था अक्कीनेनी भी पहुंची थीं। तस्वीर में दोनों सितारे आपस में बातें करते नजर आ रहे हैं।इस तस्वीर में राणा दग्गुबाती साउथ अदाकारा सामन्था अक्कीनेनी को अपने फोन में तस्वीरें दिखाते नजर आ रहे हैं।रस्मों के दौरान मिहीका बजाज कैमरे के आगे अपनी मेहंदी फ्लॉन्ट करती नजर आईं। तस्वीर में मिहीका बजाज किसी रियासत की राजकुमारी लग रही हैं।राणा दग्गुबाती और मिहीका बजाज की मेहंदी की सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस इस कपल के लुक की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं।राणा दग्गुबाती और मिहीका बजाज आज शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। शादी के समारोह में केवल 20 मेहमान ही शामिल होंगे।मेहंदी लगवाने के बाद मिहीका बजाज ने शानदार फोटोशूट करवाया है। फोटोशूट में मिहीका बजाज बला की खूबसूरत लग रही हैं।

रायपुर। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बिहार और महाराष्ट्र पुलिस आमने-सामने है। इस मामले में तब और तूल पकड़ा, जब मामले की जांच करने पटना से मुंबई पहुंचे बिहार कैडर के आइपीएस विनय तिवारी को बीएमसी (बृहमुंबई म्युनिसिपल कार्पोरेशन) द्वारा क्वारंटाइन कर दिया गया। क्वारंटाइन होने के बाद भी आइपीएस तिवारी ने अपनी जांच जारी रखी। हालांकि, अब यह मामला सीबीआइ के सुपुर्द कर दिया गया है।सुशांत केस में अब तक उनके हाथ क्या लगा? इस बारे में उन्होंने क्वारंटाइन रहने के दौरान गुरुवार की शाम को दैनिक जागरण समूह से विशेष बातचीत की। आईपीएस विनय तिवारी ने कहा कि इस मामले का सच सामने लाने में सुशांत के स्टाफ के चार सदस्य प्रमुख कड़ी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआइ निश्चित तौर पर इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी।
अब तक की जांच में आपके हाथ क्या लगा?:-मामले की जांच बिहार पुलिस 27 जुलाई से कर रही है। दो अगस्त को मैं मुंबई पहुंचा था। अभी कुछ लोगों से ही बातचीत शुरू हो पाई थी कि रात में मुझे क्वारंटाइन कर दिया गया। इसके बाद भी चार अगस्त तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कुछ लोगों से पूछताछ की गई। हादसे के वक्त सुशांत के घर में मौजूद चार लोगों दीपेश, देवेश, पठानी और एक अन्य से कई बार बात हुई। हर बार उन्होंने अपने बयान बदले। ये चारों इस मामले की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और अगर इन से ढंग से पूछताछ हो तो सच्चाई सामने आ सकती है।
जांच में ऐसा कोई तथ्य मिला जो नतीजे तक पहुंचाने में मदद करे?;-यह लगभग साफ है कि सुशांत के पास न तो काम की कमी थी और न पैसों की। लेकिन अब तक जिससे भी बात हुई है, उनमें से अधिकतर ने ये जरूर बताया कि उनकी जिंदगी में एक लड़की (नाम नहीं बताया, लेकिन संभवता रिया) के आने के बाद खुद की कमाई पर सुशांत का नियंत्रण नहीं था। मीडिया ने भी इस बात को अपने-अपने स्तर पर दिखाया और बताया भी है। पैसे का मामला भी कहीं न कहीं सुशांत की मौत से जुड़ा हुआ लगता है।
क्या महाराष्ट्र का कोई नेता भी जांच के दायरे में था?;-इस तरह के मामलों में हर उस बिंदु पर जांच की जाती है, जो केस को सुलझाने में मददगार हो। इसी दृष्टिकोण से हमारी जांच कई एंगल पर चल रही थी। चूंकि हम महाराष्ट्र पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं थे। इसलिए हम हर उस बिंदु को जांचना चाहते थे। इस मामले में किसी नेता की संलिप्तता की बात आ रही थी, हम उसकी भी जांच करने वाले थे। हालांकि उस दिशा में ज्यादा कुछ हो नहीं पाया था।
इस मामले को आप किसी तरह से देखते हैं?;-एक बात बिल्कुल स्पष्ट है कि जैसा इस मामले को बताने का प्रयास किया जा रहा है, वास्तव में वैसा है नहीं। महाराष्ट्र पुलिस जो भी बता रही है, वह गले उतरने वाला नहीं है। बहुत सारी चीजें ऐसी हैं, जो बताती हैं कि महाराष्ट्र पुलिस उस दिशा में जांच ही नहीं कर रही थी, जिस दिशा में होनी चाहिए। हमारी जांच की दिशा ज्यादा स्पष्ट और सही नतीजे देने वाली थी। खैर, अब आगे की जांच सीबीआइ कर रही है। इसलिए जो भी प्रमाण मिले हैं, उन्हें सीबीआइ को सौंप दिया जाएगा।
महाराष्ट्र पुलिस के बारे में क्या कहना चाहेंगे?;-एक अफसर होने के नाते मेरा इस संबंध में किसी तरह की टिप्पणी करना ठीक नहीं है। वैसे महाराष्ट्र पुलिस की कार्यप्रणाली जगजाहिर है। अगर जांच गंभीरता से हो तो तथ्यों को ज्यादा देर तक छुपाया नहीं जा सकता। इस मामले में भी सच्चाई सामने आ ही जाएगी। किसी के बाधा पैदा करने से वक्त लग सकता है, लेकिन सत्य नहीं बदलता।
जबरन क्वारंटाइन करने पर मचा था हंगामा;-उल्लेखनीय है कि आइपीएस विनय तिवारी को क्वारंटाइन करने पर काफी हंगामा मच गया था। बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के सत्तापक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। मामले में सु्प्रीम कोर्ट तक ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि 'अभिनेता की मौत के मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुंबई पुलिस की पेशेवर प्रतिष्ठा अच्छी है, लेकिन बिहार पुलिस ऑफिसर को क्वारंटाइन करने से अच्छा संदेश नहीं गया है।'
बिहार पुलिस ने दी थी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी;-वहीं बिहार के डीजीपी ने सुशांत मामले की जांच के लिए मुंबई गए आइपीएस विनय तिवारी को लौटने की मंजूरी नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा था कि पटना के एसपी विनय तिवारी को जबरन क्वारंटाइन में रखे जाने पर सरकार को पूरे प्रकरण की जानकारी दी गई है। अगर उन्हें नहीं छोड़ा गया तो महाधिवक्ता से राय लेकर शुक्रवार को तय करेंगे कि क्या करना है। अदालत भी जाने का एक विकल्प है। उन्होंने कहा कि विनय तिवारी मुंबई पुलिस को सूचना देकर गए थे। पत्र लिखकर तीन दिन तक उनके ठहरने के लिए आइपीएस मेस की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया था। आइपीएस मेस में ठहरने की व्यवस्था नहीं होने पर वे जहां ठहरे हुए थे, आधी रात को बीएमसी ने बिना जांच कराए उन्हें क्वारंटाइन कर दिया। बीएमसी अधिकारी विनय को छोड़ने को तैयार नहीं थी।

नई दिल्ली। दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने शुक्रवार को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बनाई गई पॉलिसी को अधिसूचित कर दिया है। इस दौरान दिल्ली सरकार के मुखिया सीएम केजरीवाल ने कई अहम एलान भी किए, जिससे ई-वाहनों की खरीद को बढ़ावा मिले।मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेसवार्ता कर इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी को अधिसूचित करने के बाबत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पॉलिसी अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी और प्रदूषण को कम करेगी।इस बाबत और जानकारी देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह पॉलिसी तीन साल के लिए बनाई गई है। इसके बाद इसकी समीक्षा होगी। इस पॉलिसी से 2024 तक 25 फीसद तक नए इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण कराए जाने का लक्ष्य है। इस पॉलिसी से नए-नए रोजगार भी पैदा होंगे। अरविंद केजरीवाल ने इस मौके पर यह भी कहा कि इस नीति का मकसद दिल्ली को देश की इलेक्ट्रिक वाहन राजधानी बनाना है।
सरकार नए वाहनों की खरीद पर देगी सब्सिडी;-प्रेसवार्ता के दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल यह जानकारी भी दी कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बनाई गई पॉलिसी में सरकार नए वाहनों की खरीद पर सब्सिडी भी देगी। इसके तहत दो पहिया वाहन पर 30 हजार और कार पर डेढ़ लाख रुपये तक सब्सिटी दी जाएगी। इसी के साथ ई रिक्शा आदि पर 30 हजार की सब्सिडी मिलेगी। पुराने वाहन बेचने पर भी सरकार छूट देगी। इन वाहनों पर रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क नहीं लगेगा।सीएम ने यह भी एलान किया है कि पूरी दिल्ली के अंदर बहुत बड़ा चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क बनाया जाएगा। 1 साल में 200 चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क बनाने का लक्ष्य है। अगले 5 साल में दिल्ली में कम से कम पांच लाख नए इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत किए जाएंगे। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन बोर्ड बनाया जाएगा और अगले 5 साल बाद जब दुनिया भर में इलेक्ट्रिकल वाहन की चर्चा होगी तो उसमें दिल्ली की चर्चा होगी।
यह भी जानें
-इलेक्ट्रिक वाहन नीति का एक मकसद दिल्ली में प्रदूषण पर लगामा लगाना भी है।
-सरकार ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देगी। इस नीति को लागू करने के लिए एक इलेक्टिक वाहन बोर्ड का गठन किया जाएगा।
-ई-वाहन नीति का पहला मसौदा नवंबर 2018 में सार्वजनिक किया गया था।
-दिल्ली में प्रदूषण की एक वजह वाहन भी हैं, PM 2.5 का 40 फीसद और NOx और कार्बन मोनोऑक्साइड का 80% वाहनों के कारण ही है।

श्रीनगर। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने आज श्रीनगर राजभवन में केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर प्रदेश के दूसरे उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ग्रहण कर ली है। जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सिन्हा पहले उपराज्यपाल जीसी मुर्मू का इस्तीफा मंजूर होने के बाद गत वीरवार दोपहर को ही नई कमान संभालने के लिए श्रीनगर पहुंच गए थे। केंद्र सरकार ने पहले उपराज्यपाल जीसी मुर्मू को नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) नियुक्त किया है। शपथ ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सिन्हा ने कहा कि कश्मीर भारत का स्वर्ग है, मुझे यहां भूमिका निभाने का अवसर दिया गया है। 5 अगस्त एक महत्वपूर्ण तारीख है, जम्मू-कश्मीर मुख्यधारा में शामिल हुआ है। सालों बाद यहां कई परियोजनाएं शुरू हुईं, मेरी प्राथमिकता उन परियोजनाओं को आगे ले जाना होगा। उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की आम जनता में विश्वास बहाली, आतंकवाद को समाप्त करना उनके मुख्य लक्ष्यों में शामिल है। आम जनता में सरकार के प्रति विश्वास मजबूत करने के लिए वह उनसे सीधी बात करने का प्रयास करेंगे। इस पर जल्द ही काम शुरू होगा। आम जनता अपनी परेशानियों को लेकर उन तक सीधा पहुंचे, इसकी व्यवस्था की जाएगी। आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान को तेज किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में फिर से शांति कायम करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाया कि उन्हें सरकार की कार्यप्रणाली में किसी तरह का भेदभाव नजर नहीं आएगा। हरेक से सामान व्यवहार किया जाएगा। सरकारी अधिकारियों को भी इस विकास योजनाओं में तेजी लाने की हिदायत दे दी गई है।आपको जानकारी हो कि गिरीश चंद्र मुर्मू के इस्तीफे के बाद वीरवार को ही 61 वर्षीय पूर्व केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का नया उपराज्यपाल बनाने पर मुहर लगा दी गई थी। मनोज सिन्हा दोपहर बाद श्रीनगर भी पहुंच गए थे। अनुच्छेद 370 की समाप्ति का एक साल पूरा होते ही जीसी मुर्मू के अचानक इस्तीफे ने जितना हैरान किया, उतना ही मनोज सिन्हा की नियुक्ति ने सभी को चौंकाया भी, क्योंकि बुधवार देर रात तक उनके नाम का कोई जिक्र नहीं था। अलबत्ता, वीरवार सुबह राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक आदेश के साथ ही सभी कयास बंद हो गए।मनोज सिन्हा गत वीरवार दोपहर करीब पौने दो बजे दिल्ली से श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंचे। जहां जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी आगवानी की। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। इसके बाद सिन्हा ने कुछ वरिष्ठ नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों के साथ चंद मिनटों की एक बैठक कर हालात को समझा।जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने गत बुधवार देर शाम को अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेजा था। उनके इस्तीफे के बाद पूर्व केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि, जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक अशोक प्रसाद, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार के नाम अगले उपराज्यपाल के तौर पर लिए जा रहे थे। अलबत्ता, सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जीसी मुर्मू के इस्तीफे पर मुहर लगाते हुए मनोज सिन्हा के रूप में नए उपराज्यपाल के नाम का उल्लेख किया तो सभी हैरान थे।
नए उपराज्यपाल के समक्ष चुनौतियां : मनोज सिन्हा को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में जनता-प्रशासन के बीच संवाद व संपर्क को बढ़ाते हुए राजनीतिक माहौल तैयार करने के एजेंडे के साथ ही नियुक्त किया है। उनके लिए जम्मू कश्मीर में राजनीतिक प्रक्रिया बहाली की जमीन तैयार करते हुए सुरक्षा परिदृश्य में लगातार सुधार लाना और मरनासन्न आतंकवाद को पूरी तरह से मिटाना ही सबसे बड़ी चुनौती होगी। उन्हें कोविड-19 से पैदा हालात में जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और विकास योजनाओं को गति देने की कठिनाइयों से भी पार पाना पड़ेगा।
सिन्हा प्रशासन चलाने के साथ सियासी मुद्दों पर भी करेंगे बात : कश्मीर मामलों के विशेषज्ञ आसिफ कुरैशी ने कहा कि जीसी मुर्मू को बयानबाजी में यकीन नहीं था और वह एक नौकरशाह थे। मनोज सिन्हा भी जम्मू कश्मीर के अंतिम राज्यपाल सत्यपाल मलिक की तरह एक सियासतदान हैं और यह यहां प्रशासन चलाने के अलावा सियासी मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। उन्हेंं हल करने का प्रयास करेंगे। केंद्र ने उन्हेंं इसी मकसद से भेजा है। वह जीसी मुर्मू की तरह चुपचाप रहकर काम नहीं करेंगे बल्कि सत्यपाल मलिक की तरह सक्रिय रहेंगे।
कौन हैं मनोज सिन्हा : मनोज सिन्हा तीन बार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद रह चुके हैं। वह केंद्रीय रेल राज्यमंत्री भी रहे हैं। उन्हेंं उत्तर प्रदेश के दिग्गज भाजपा नेताओं में गिना जाता रहा है। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में जब भाजपा ने विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की तो उन्हेंं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने की भी चर्चा हुई थी। हालांकि योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया। उन्होंने बीएचयू से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की है। भाजपा से संबंधित छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से सियासी सफर शुरू करने वाले मनोज सिन्हा वर्ष 2019 में संसदीय चुनाव हार गए थे। उन्हेंं गाजीपुर का विकास पुरुष भी कहा जाता है। बता दें कि 1996 में वे पहली बार गाजीपुर सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे, लेकिन 1998 का लोकसभा चुनाव हार गए। हालांकि, 13 महीने के बाद जब दोबारा 1999 में चुनाव हुआ तो दूसरी बार जीतकर संसद पहुंचे। इसके बाद करीब 15 साल तक वह चुनाव नहीं जीत सके। इसके बाद वह 2014 लोकसभा चुनाव में तीसरी बार मोदी लहर पर सवार होकर संसद पहुंचे।

Page 7 of 1446

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

pr checker

ताज़ा ख़बरें