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नई दिल्ली - दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के सदस्य ओम बिड़ला बुधवार को 17वीं लोकसभा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। पीएम मोदी खुद उन्हें कुर्सी तक छोड़ने गए। ओम बिड़ला की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम सबके लिए गर्व का विषय है कि स्पीकर पद पर आज हम ऐसे व्यक्ति का अनुमोदन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पेश एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा समर्थित प्रस्ताव को सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। बिड़ला को लोकसभा अध्यक्ष चुने जाने के संबंध में 13 प्रस्ताव पेश किए गए। इस प्रस्ताव का लोकसभा में सभी दलों ने समर्थन किया। मंगलवार को ही उन्होंने अपना नामांकन किया था। उनके खिलाफ किसी ने पर्चा नहीं भरा है, ऐसे में उनका चुना जाना तय है. कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, एनडीए के सभी दल और अन्य विपक्षी पार्टियों ने भी ओम बिड़ला के नाम का समर्थन किया है।
पीएम मोदी ने बुधवार को ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वह वर्षों के अपनी सामाजिक संवेदना भरे जीवन के कारण सदन का सुगमता से संचालन कर पाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिरला को अध्यक्ष के नाते सभी को अनुशासित और अनुप्रेरित करने तथा सत्तापक्ष को भी नियमों की अवहेलना पर टोकने का अधिकार होगा। प्रधानमंत्री ने उन्हें विश्वास दिलाया कि सरकार उनके कामकाज को सरल बनाने में शत-प्रतिशत योगदान देगी। सदन में बुधवार को ध्वनिमत से राजस्थान के कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र से दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुए बिरला के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचन के बाद मोदी ने भाजपा के संगठन में साथ में काम करने के दिनों को याद करते हुए कहा कि बिरला छात्र राजनीति से यहां तक पहुंचे हैं और उन्होंने जन आंदोलन से ज्यादा ध्यान जनसेवा पर केंद्रित रखा है। उन्होंने राजस्थान विधानसभा में सक्रिय भूमिका निभाई है।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दो दिन तक सदस्यों को लोकसभा की सदस्यता की शपथ दिलाने एवं अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए डॉ. वीरेन्द्र कुमार का आभार व्यक्त किया। शिव सेना के अरविंद सावंत ने बिड़ला के नाम का प्रस्ताव किया और विनायक राउत ने उनका समर्थन किया। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्रा ने उनके नाम का प्रस्ताव किया और अच्युतानंद सामंत ने इसका समर्थन किया। अकाली दल बादल के सुखबीरसिंह बादल ने उनके नाम का प्रस्ताव किया जिसका लोक जनशक्ति पार्टी के चिराग पासवान ने समर्थन किया। उसके बाद राजीव रंजन उर्फ लल्लन सिंह ने प्रस्ताव किया जिसका अनुप्रिया पटेल ने समर्थन किया।
केंद्रीय मंत्री डी वी सदानंद गौडा ने कहा कि श्री बिडला को सदन का अध्यक्ष बनाया जाए जिसका पी वी मिथुन रेड्डी ने समर्थन किया। प्रह्लाद जोशी के प्रस्ताव का पी रवीन्द्रनाथ कुमार ने समर्थन किया। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दो दिन तक सदस्यों को लोकसभा की सदस्यता की शपथ दिलाने एवं अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए डॉ. वीरेन्द्र कुमार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोकसभा महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव का भी धन्यवाद किया कि उन्होंने शपथ दिलाने का काम बेहतर ढंग से निभाया।


नई दिल्ली - एयर इंडिया में कैप्टन और केबिन क्रू के बीच लड़ाई का मामला सामने आया है। इसके बाद एयर इंडिया ने फ्लाइट एआई 772 के कैप्टन और केबिन क्रू को ड्यूटी से हटा दिया है। यह वाक्य 17 जून (सोमवार) का है। दरअसल, बैंगलुरू एयरपोर्ट पर कैप्टन ने कथित रूप से केबिन क्रू से अपना टिफिन साफ करने के लिए कहा जिसके बाद दोनों में कहासुनी शुरु हो गई। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) में भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई है।
सोमवार को बैंगलोर एयरपोर्ट पर विमान उड़ान भरने के लिए तैयार खड़ा था तभी पायलट ने क्रू मेम्बर से कहा कि वह उसका टिफन साफ कर दें। इस बात पर दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते दोनों की लड़ाई गंभीर हो गई। फ्लाइट में मौजूद बाकी स्टाफ के सदस्यों ने तुरंत ही मामले की जानकारी कंपनी को दी। कंपनी ने तुरंत ही दोनों को विमान से उतरने का आदेश दिया। जिसके बाद करीब दो घंटे की देरी से विमान ने उड़ान भरी।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि एयरलाइन के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। पायलट और क्रू सदस्य दोनों को गुरुवार को पूछताछ के लिए दिल्ली मुख्यालय बुलाया गया है। साथ ही दोनों को फिलहाल के लिए ड्यूटी से हटा दिया गया है।


मुंबई - हिंदुओं-ईसाइयों के खिलाफ भाषण देने के आरोपी इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA ) अदालत ने 31 जुलाई तक कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने कहा कि अगर वह हाजिर नहीं होता है, तो अदालत उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करेगी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नाइक के खिलाफ गैर जमानती वारंट की अर्जी दाखिल की।
जाकिर नाइक पर 193.06 करोड़ रु. की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। गिरफ्तारी की डर से वह 2016 में मलेशिया भाग गया। नाइक के खिलाफ 2016 में एंटी-टेरर लॉ के तहत केस दर्ज किया गया था। जून 2017 में कोर्ट ने नाइक को अपराधी घोषित किया गया। भारत उसके प्रत्यर्पण की कोशिशों में जुटा है। ईडी ने पिछले महीने देश के कई शहरों में स्थित नाइक की संपत्तियों और बैंक अकाउंट्स में जमा रुपए जब्त किए थे।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA ) के मुताबिक नाइक ने जानबूझकर हिंदुओं, ईसाइयों और गैर-मजहबी मुसलमानों, विशेष रूप से शिया, सूफी और बरेलवी की धार्मिक मान्यताओं को अपमानित किया। ईडी ने जांच में पाया कि नाइक ने नफरत फैलाने के ज्यादातर भाषण 2007 से 2011 के बीच ही दिए।
NIA ने चार्जशीट में लिखा था कि जाकिर IRF द्वारा मुंबई में आयोजित किए जाने वाले 10-दिवसीय शांति सम्मेलन में हिंदुओं-ईसाइयों के खिलाफ भाषण देता था। यह सम्मेलन सोची-समझी योजना के तहत होता था। नाइक अन्य धर्मों के लोगों को खुले तौर पर इस्लाम में परिवर्तित करता था।

 


नई दिल्ली - फिल्म ‘आर्टिकल 15’ विवादों में घिरती नजर आ रही है। अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने फिल्म को जाति के आधार पर समाज को बांटने वाला और ब्राह्मणों का अपमान करने वाली बताते हुए आपत्ति उठाई है। अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने फिल्म के निर्माता निर्देशक को कानूनी नोटिस जारी कर फिल्म से आपत्तिजनक हिस्सा हटाने की मांग की है। इस फिल्म का ट्रेलर 30 मई को रिलीज हुआ था और 28 जून को फिल्म रिलीज होने वाली है।
इस बात पर है आपत्‍ति-
फिल्म के ट्रेलर के मुताबिक फिल्म में ऊंची जाति के अभियुक्तों द्वारा नीची जाति से दुष्कर्म और हत्या का अपराध करने का जिक्र है साथ ही जाति आधारित संवाद और टिप्पणियां हैं। संस्था की ओर से वकील सुनील कुमार तिवारी ने कानूनी नोटिस भेज कर नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर फिल्म के जारी ट्रेलर की वीडियो क्लिप से आपत्तिजनक भाग हटाने की मांग की है।
फिल्‍म निर्माता को कानूनी नोटिस
नोटिस में कहा गया है कि अगर तय समय में यू-ट्यूब, सोशल मीडिया आदि पर जारी वीडियो क्लिप से आपत्तिजनक हिस्सा नहीं हटाया गया तो संस्था आपराधिक व दीवानी कानूनी कार्यवाही करेगी। नोटिस में कहा गया है कि गत 30 मई को यूट्यूब ऑनलाइन चैनल और सोशल मीडिया पर जारी फिल्म 'आर्टिकल 15 के ट्रेलर से हिंदू ब्राह्मणों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। यह सिनेमेटोग्राफी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है। इसके अलावा फिल्म संविधान की भावना और प्रावधानों का भी उल्लंघन करती है। इस फिल्म में ब्राह्मणों और अन्य हिंदू जातियों की प्रतिष्ठा खराब करने की कोशिश हुई है जो कि अपराध है।
धारा 499 के तहत दंडनीय अपराध
नोटिस में यह भी उल्‍लेख किया गया है कि संविधान मौलिक अधिकारों के हनन की इजाजत नहीं देता। किसी को भी आम जनता की निगाह में किसी व्यक्ति, समूह और उसकी परंपराओँ, उसकी जाति या धर्म को कमतर करने का अधिकार नहीं है। यह फिल्म ब्राह्मणों की प्रतिष्ठा को हानि पहुंचा सकती है जो कि आइपीसी की धारा 499 में दंडनीय अपराध है।
कानूनी नोटिस में वकील ने कहा है कि एक समूह विशेष हिंदू ब्राह्मण से ताल्लुक रखने वाले उनके क्लाइंट को अनुच्छेद 21 के तहत सम्मान पूर्वक जीवन जीने का मौलिक अधिकार है। सेंसर बोर्ड ऑफ इंडिया नागरिकों के मानवीय, मौलिक और प्राकृतिक अधिकारों का संरक्षक है। इसलिए सेंसर बोर्ड प्रमाणपत्र की आड़ में लोगों की प्रतिष्ठा और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कोई भी ऑडियो वीडियो फिल्म जारी नहीं की जा सकती। अगर ऐसी कोई गैर कानूनी इजाजत दी गई है तो उसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
बिगड़ सकता है सामाजिक सौहार्द
इस फिल्म से समाज में विभिन्न जातियों और धर्मों का आपसी सौहार्द बिगड़ सकता है। शांति भंग हो सकती है। इतना ही नहीं फिल्म का जारी किया गया ट्रेलर अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के आत्मसम्मान के खिलाफ है। उसमें उन्हें दुष्कर्म और हत्या जैसे जघन्य अपराध का पीड़ित दिखाया गया है। आरोप लगाया गया है कि इस फिल्म में जानबूझकर ब्राह्मणों की भावनाओं को आहत करने और अन्य समुदायों के धार्मिक विश्वास को अपमानित करने की कोशिश की गई है। जो कि दंडनीय अपराध है।

 


ग्वालियर - नशे में धुत रिटायर्ड नायब सूबेदार आधी रात को अपनी बेटी के कमरे में घुस गया। उसने बेटी के साथ गलत हरकत करने का प्रयास किया। पिता की इस हरकत का विरोध करते हुए बेटी बाहर मां के पास आई। यहां झगड़ा हुआ। इसके बाद फौजी अंदर से लाइसेंसी 12 बोर की बंदूक उठा लाया। उसके बंदूक लाते देख पत्नी ने बेटी को घर से बाहर भागने के लिए कहा। इसी समय उसने गोली चला दी।
किसी तरह सभी लोग बच गए। अभी कोई कुछ समझ पाता आरोपी ने पलक झपकते ही बंदूक लोड कर फायर कर दिया। इस बार दरवाजे तक पहुंची बेटी के सिर में छर्रे लगे और वह वहीं गिर पड़ी। फौजी तीसरी गोली चला पाता उससे पहले ही पत्नी उससे भिड़ गई। बंदूक छीनकर पड़ोसी के घर में बेटी को लेकर घुस गई। घटना सोमवार रात 2.30 बजे डीडी नगर जीएल सेक्टर की है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। साथ ही घायल बेटी को जेएएच पहुंचाया है।
भिंड स्थित लहार निवासी 48 वर्षीय रमेश (परिवर्तित नाम) सेना में नायब सूबेदार था। 4 साल पहले वह रिटायर्ड हुआ। रिटायर्ड नायब सूबेदार के दो बेटी व एक बेटा है। बड़ी बेटी की शादी दो साल पहले हो चुकी है। छोटी बेटी 21 वर्षीय रानी (परिवर्तित नाम) ने इसी साल बीएससी पूरी की है। सोमवार रात उसने घर में पीना शुरू किया। पत्नी समझ गई थी कि वह हंगामा कर सकता है। बेटे को उन्होंने उसके दोस्त के घर भेज दिया। बेटी रानी अपने कमरे में सो रही थी। रिटायर्ड फौजी भी बाहर आकर सो गया।
रात 2.30 बजे नशे में धुत फौजी 21 वर्षीय बेटी के कमरे में पहुंचा। यहां उसका हाथ पकड़कर गलत हरकत का प्रयास किया। विरोध कर बेटी बाहर मां की तरफ शोर मचाते हुए आई। तभी उसकी मां को पूरी कहानी समझ में आ गई। गोलीबारी की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर बंदूक पड़ोसी के घर उसकी पत्नी से जब्त कर ली है।


श्रीनगर - कश्मीर घाटी में एक बार फिर 15 लोग मारे गए हैं, जिनमें से ज्यादातर सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं, एक बार फिर से आतंकवादी हमलों में तेजी देखी जा रही है और दूसरी ओर सुरक्षा बलों ने उन पर सरगर्मी बढ़ा दी है। मारे गए लोगों में दो अधिकारी और आठ अन्य सुरक्षाकर्मी, चार आतंकवादी और एक नागरिक शामिल हैं। इस बीच, पुलवामा शहर के एक पुलिस स्टेशन की ओर मंगलवार शाम आतंकवादियों ने एक हथगोला फेंकने से 7 व्यक्तियों को घायल कर दिया।
सोमवार को पुलवामा जिले के अरहल क्षेत्र में आतंकवादियों ने सेना को निशाना बनाया और आधा दर्जन सेना के जवान घायल हो गए, हवलदार अमरजीत कुमार और नायक अजीत कुमार साहू की मंगलवार को यहां मौत हो गई। पिछले एक सप्ताह में कश्मीर घाटी में अतंकी हमलों में काफी तेजी देखी गई है। अभी तक की बात करें तो सुरक्षाबलों को इससे काफी नुकसान हुआ है। दो अधिकारियों सहित 15 जवान शहीद हो चुके हैं। वहीं एक जुलाई से अमरनाथ यात्रा भी शुरू हो रही है। सुरक्षा के कड़े बंदोवस्त किये गये हैं पर आतंकी गतिविधियों में तेजी से संशय अभी भी बना हुआ है।

 


नई दिल्ली - दिल्ली उच्च न्यायालय उत्तर पश्चिम दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में एक ऑटोरिक्शा चालक और उसके बेटे पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर हमला करने को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार को राजी हो गया। न्यायमूर्ति जयंत नाथ और न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की पीठ के समक्ष याचिका पेश की गई।
पीठ ने कहा कि वह बुधवार को दोपहर दो बजकर 15 मिनट पर मामले पर सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ताओं ने मीडिया में आयी खबरों का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस ने ऑटोरिक्शा चालक और उसके नाबालिग बेटे को बुरी तरह पीटा। साथ ही याचिका में मामले में मेडिकल रिपोर्ट समेत रिकॉर्ड मांगे गए।

 


नई दिल्ली - स्कूलों में पढ़ने वाले हर बच्चे के स्वास्थ्य पर सरकार की अब पैनी नजर रहेगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर एक बड़ी योजना बनाई है। जिसके तहत स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य की अब साल में एक बार अनिवार्य रूप से जांच होगी। स्कूलों में यह पूरी कवायद मिड-डे मील योजना के तहत संचालित होगी।
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को विस्तार दिया जाएगा। इसके तहत अब इसे स्कूलों से भी जोड़ा जाएगा। जहां मोबाइल हेल्थ टीम पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेगी। इस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी करीब तीस तरह की गंभीर बीमारियों की जांच होगी। साथ ही यह सुनिश्चित भी किया जाएगा, कि इस जांच से एक भी बच्चा छूटे नहीं। स्कूली बच्चों में पढ़ाई के दौरान सामने आ रही तरह-तरह बीमारियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
इसकी शुरूआत प्राथमिक स्कूलों से होगी। बाद में इसे 12 तक के स्कूलों में भी विस्तार दिया जाएगा। इस पूरी योजना में सरकारी और सहायता प्राप्त गैर-सरकारी स्कूलों दोनों ही शामिल किए गए है। योजना के स्कूली बच्चों को रक्त की कमी से बचाने के लिए उन्हें अब नियमित रूप से आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां दी जाएगी।
स्कूलों में अनिवार्य रुप से मनेगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस
स्कूलों बच्चों को कृमि (पेट के कीड़े) और उससे पैदा होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए स्कूलों में हर साल अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाने के भी निर्देश दिए गए है।
फिलहाल बच्चों को कृमि से बचाने के लिए यह योजना काफी समय से चलाई जा रही है, लेकिन इसका सभी स्कूलों में अभी ठीक तरीके से अमल नहीं हो पा रहा है। देश में हर साल 10 फरवरी को कृमि दिवस मनाया जाता है।

 


नई दिल्ली - ICC world cup 2019 भारतीय क्रिकेट टीम (Indian cricket team) को इस विश्व कप में बहुत ही बड़ा झटका लगा है। शिखर धवन (Shikhar Dhawan) चोट की वजह से विश्व कप 2019 से बाहर हो गए हैं। धवन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बल्लेबाजी के दौरान चोटिल हो गए थे और उसके बाद न्यूजीलैंड व पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेल पाए थे। शिखर धवन की जगह अब टीम में रिषभ पंत को शामिल किया गया है जो पहले ही बैकअप के तौर पर इंग्लैंड (England) पहुंच गए थे। बीसीसीआइ (BCCI) की तरफ से इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है और बताया जा रहा है कि वो जुलाई के मध्य तक ही ठीक हो पाएंगे।
शिखर धवन ने इस विश्व कप में भारत के दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 117 रन की शतकीय पारी खेली थी और उनके बाएं हाथ के अंगूठे में चोट लग गई थी। इसके बाद उनके अंगूठे पर प्लास्टर किया गया था। हालांकि टीम मैनेजमेंट की तरफ से कहा गया था कि उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ये भी कहा जा रहा था कि वो कुछ दिनों में ठीक हो जाएंगे और आखिरी लीग मुकाबले और फिर सेमीफाइनल मैच खेल सकते हैं। इसके बाद धवन को प्रैक्टिस करते भी देखा गया और वो जिम में भी पसीना बहाते देखे गए थे।
इस विश्व कप के पहले मैच में धवन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सिर्फ आठ रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद अगले ही मैच में उन्होंने जबरदस्त वापसी की और शतकीय पारी खेली। धवन का बाहर होना टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका है। धवन की गैरमौजूदगी में पाकिस्तान के खिलाफ लोकेश राहुल ने रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत की थी और अर्धशतक लगाया था। वहीं उनकी जगह पाकिस्तान के खिलाफ टीम में विजय शंकर को शामिल किया गया था।
रिषभ पंत अब धवन की जगह टीम में शामिल कर लिए गए हैं। रिषभ को इस विश्व कप के लिए पहले टीम में शामिल नहीं किया गया था जिसे लेकर काफी सवाल खड़े हुए थे। इसके बाद रिषभ को रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर टीम का हिस्सा बनाया गया था। बाद में धवन के चोटिल होने पर उन्हें बैकअप के तौर पर इंग्लैंड बुला लिया गया था और अब वो आधिकारिक तौर पर टीम का हिस्सा बन गए हैं।


नई दिल्‍ली - ICC World Cup 2019: वर्ल्‍ड कप में भारत से हारने वाली पाकिस्‍तानी क्रिकेट टीम को फैंस के गुस्‍से का शिकार होना पड़ रहा है। अब एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पाकिस्‍तान के कप्‍तान सरफराज अहमद को फैंस मोटा-मोटा कहकर चिढ़ा रहे हैं और भारत से हारने पर खरी-खोटी सुना रहे हैं।
ओर्ल्‍ड ट्रैफर्ड मैदान पर रविवार को भारत और पाकिस्‍तान के बीच खेले गए हाईवोल्‍टेज मैच के बाद से पाकिस्‍तान टीम की खूब फजीहत हो रही है। बारिश से बाधित यह मैच पाकिस्‍तानी टीम 89 रनों से हार गई थी। इसके बाद से लगातार पाकिस्‍तान क्रिकेटर्स को फैंस के गुस्‍से का शिकार होना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पाकिस्‍तानी क्रिकेट टीम के कप्‍तान सरफराज अहमद को भारत से हार मिलने के बाद स्‍टेडियम में शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा।
वीडियो में दिख रहा है कि मैच के बाद पिच में खड़े सरफराज को स्‍टैंड्स में मौजूद फैंस मोटा-मोटा कहकर परेशान कर रहे हैं। इस बीच आयोजन टीम के लोग भी पाकिस्‍तानी टीम के कप्‍तान की फजीहत होते सुन रहे थे। फैंस के सरफराज का नाम लेकर मोटा-मोटा चिल्‍लाने पर पाकिस्‍तानी कप्‍तान ने फैंस की ओर मुडकर भी देखा। इसके बाद फैंस ने पाकिस्‍तान टीम के लिए कहा कि यह लोग पूर्व कप्‍तान इमरान खान की बात तक नहीं मानते हैं, जबकि अब वह देश के प्रधानमंत्री भी हैं।
सरफराज की फिटनेस को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। पाकिस्‍तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्‍तर ने एक इंटरव्‍यू में कहा था कि सरफराज जब टॉस के लिए आते हैं तो उनका पेट बाहर निकला हुआ दिखाई देता है। उन्‍होंने कहा कि सरफराज के चेहरे पर भी बहुत फैट जमा हो गया है। वह पाकिस्‍तान के ऐसे पहले कप्‍तान हैं जो इतने अनफिट हैं। इसी वजह से उन्‍हें विकेटकीपिंग में भी परेशानी होती है।
बता दें कि इस वर्ल्‍ड कप में पाकिस्‍तान का अच्‍छा प्रदर्शन नहीं रहा है। वह 5 मैचों में 1 जीत और 3 हार के साथ 3 अंकर पाकर 9वें स्‍थान पर है, जबकि उसका एक मैचा बारिश के कारण रद्द हो गया था। अंकतालिका में पाकिस्‍तान के बाद अंतिम स्‍थान पर अफगानिस्‍तान है जो अपने सभी मैच गंवा चुकी है।

 

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