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नई दिल्ली - दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को टेरी (TERI) के पूर्व प्रमुख पर उनके एक पूर्व सहयोगी द्वारा दर्ज कराए गए कथित यौन उत्पीड़न मामले में उत्पीड़न के आरोप तय किए।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट चारु गुप्ता ने भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (किसी महिला की गरिमा भंग करना), 354 ए (शारीरिक संपर्क बनाना, अवांछनीय और यौन रंजित टिप्पणियां करना) तथा 509 (छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें या भाव-भंगिमा प्रदर्शित करना) के तहत दंडनीय अपराधों के लिए पचौरी पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
अदालत कक्ष में मौजूद पचौरी के खुद को निर्दोष बताने एवं मुकदमा चलाने के लिए कहने के बाद ये आरोप तय किए गए। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, पकंज पचौरी ने कोर्ट से कहा कि मैं 78 साल का हूं और कृप्या मामले को तेजी से सुनवाई करें। आरोपी की ओर से पेश हुए वकील आशीष दीक्षित ने मामले की तेज सुनवाई की मांग की जिसके बाद अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए चार जनवरी,2019 की तारीख तय की।
पचौरी के खिलाफ 13 फरवरी 2015 को एक प्राथमिकी दर्ज की गई और उन्हें इस मामले में 21 मार्च 2015 को अग्रिम जमानत मिल गई। टेरी के पूर्व प्रमुख ने इससे पहले अतिरिक्त जिला न्यायाधीश से एक अंतरिम आदेश प्राप्त कर लिया था जिसमें मामले की कवरेज को प्रकाशित एवं प्रसारित करना मीडिया के लिए अनिवार्य कर दिया गया। इसके साथ एक शीर्षक लगाने को कहा गया था कि किसी भी अदालत में आरोप साबित नहीं हुए हैं और वे सही नहीं भी हो सकते हैं।
इस आदेश में यह भी कहा गया, “जब भी इस तरह की सूचना किसी भी पत्रिका या खबर में प्रकाशित हो तो पृष्ठ के बीच में मोटे अक्षरों में यह लिखा होना चाहिए तथा प्रकाशित लेख के फॉन्ट से पांच गुणा ज्यादा बड़े फॉन्ट में लिखा होना चाहिए।
दिल्ली पुलिस द्वारा एक मार्च 2016 को दाखिल 1400 पन्नों के आरोप-पत्र में कहा गया कि पचौरी के खिलाफ “पर्याप्त साक्ष्य” हैं कि उन्होंने शिकायतकर्ता का पीछा किया, डराया-धमकाया एवं यौन उत्पीड़न किया। अंतिम रिपोर्ट में कहा गया कि फोन, कंप्यूटर हार्ड डिस्क एवं अन्य उपकरणों से पुन: हासिल किए गए वाट्सएप चैट, संदेश 'जाली नहीं' हैं।


अमृतसर - दशहरे के दिन अमृतसर में हुए भयानक रेल हादसे के कारण पंजाब सरकार ने राजकीय शोक की घोषणा की है। शनिवार को पंजाब के सभी स्कूल कॉलेज और ऑफिस बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राहत व पुनर्वास कार्यों की निगरानी के लिए एक आपदा प्रबंधन समूह की स्थापना स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा के नेतृत्व में की है। इस ग्रुप में राजस्व मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया और तकनीकी शिक्षा मंत्री चरंजीत सिंह चन्नी के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। स्थिति का आकलन और निपटान करने के लिए टीम दुर्घटना स्थल पर पहुंच गई है।
बता दें कि शुक्रवार देर शाम अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देख रही भीड़ पर ट्रेन चढ़ गई थी। ट्रेन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। जब तक लोग कुछ जान पाते तब तक मौत बन कर दौड़ी ट्रेन अपने पीछे लाशें बिछाकर चली गई। इसमें कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई, जबकि 51 लोग घायल हो गए। मौतों का यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
अमृतसर के प्रथम उपमंडलीय मजिस्ट्रेट राजेश शर्मा ने बताया कि 50 शवों को बरामद किया गया है और कम से कम 50 घायलों को एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि रावण के पुतले को आग लगाने और पटाखे फूटने के बाद भीड़ में से कुछ लोग रेल की पटरियों की ओर बढ़ना शुरू हो गए जहां पहले से ही बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे। उन्होंने बताया कि उसी वक्त दो विपरीत दिशाओं से एक साथ दो ट्रेनें आई और लोगों को बचने का बहुत कम समय मिला। उन्होंने बताया कि एक ट्रेन की चपेट में कई लोग आ गए।
इस हादसे के बाद दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दुख जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, अमृतसर में हुई रेल दुर्घटना को लेकर बहुत दुखी हूं। घटना हृदयविदारक है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी पूरी सहानुभूति है, और प्रार्थना कर रहा हूं कि जो लोग इसमें घायल हुए हैं, वे जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं। मैंने अधिकारियों को सभी आवश्यक सहायता मुहैया कराने को कहा है। पंजाब सरकार ने हादसे में मरने वालों के परिवार को पांच लाख की सहायता राशि देने का एलान किया है।


नई दिल्ली - पराली जलाने की घटनाओं का सबसे ज्यादा शोर भले ही पंजाब को लेकर है, लेकिन पराली जलाने की घटनाओं में अभी तक हरियाणा ने पंजाब को पीछे छोड़ा हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक पराली जलाने की अब तक घटनाओं में हरियाणा में सबसे सबसे ज्यादा 923 घटनाएं रिपोर्ट हुई है, जबकि पंजाब में 699 घटनाएं हुई है। यह स्थिति तब है, जब हरियाणा ने पिछले साल के मुकाबले पराली जलाने की घटनाओं में करीब 90 फीसद तक कमी लाने का दावा किया था।
हरियाणा में पराली जलाने की बढ़ी घटनाएं इसलिए भी चिंताजनक है, क्योंकि यह दिल्ली-एनसीआर के सबसे करीब है। ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली में प्रदूषण के स्तर के बढ़ने की संभावना है। वैसे भी अगले दो हफ्ते हरियाणा और पंजाब के लिए काफी कम अहम है, क्योंकि इन्हीं दो हफ्तों में पराली जलाने की सबसे ज्यादा घटनाएं होने की उम्मीद है। जो कि दोनों ही राज्यों के दावों के असली इम्तिहान का समय होगा।
हालांकि पराली जलाने की आ रही रिपोर्ट ने दोनों ही राज्यों के दावों की काफी हद तक पोल खोल दी है। पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक 14 अक्टूबर तक की स्थिति में इस साल पंजाब में जहां पराली जलाने की 699 घटनाएं हो चुकी है, जो कि पिछले साल के मुकाबले 75 फीसद कम है। जबकि हरियाणा में अब तक इस बार 923 घटनाएं रिपोर्ट हुई है।
यह भी पिछले साल के मुकाबले करीब 40 फीसद कम है, लेकिन दोनों राज्यों ने जिन तरीके कमी को लेकर दावा किया था, उसके मुकाबले काफी पीछे है। खासकर हरियाणा की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि पर्यावरण मंत्रालय को भी हरियाणा से काफी उम्मीद थी, लेकिन हाल ही में आयी रिपोर्ट में उनकी आशाओं पर पानी फेर दिया है।
वैसे ही केंद्र सरकार ने पराली जलाने की घटनाओं में रोकथाम को लेकर सबसे ज्यादा हरियाणा में ही झोंकी थी। हरियाणा की तैयारियों को देखते हुए उसे उम्मीद थी, कि वहां जरूर इस बार स्थिति बदली दिखेगी।
इसी बीच मानसून विभाग ने संकेत दिया है कि अगले कुछ दिनों में हवाओं का रूख बदलेगा। जिसका असर दिल्ली पर दिख सकता है, क्योंकि इसके चलते पराली का धुंआ दिल्ली पर छा सकता है। वैसे भी पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर पर काफी बढ़ा हुआ है। जिसके चलते इसकी रोकथाम में जुटी सभी एजेंसियां चिंतित है।

 


मुंबई - एनआईए की एक विशेष अदालत ने यहां शनिवार को लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत उनके विरूद्ध सुनवाई के लिए अभियोजन मंजूरी की वैधता को चुनौती दी थी। पुरोहित 2008 मालेगांव विस्फोट मामले के अभियुक्त हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत के न्यायाधीश विनोद पडलकर ने मामले में पुरोहित और अन्य आरोपियों की दलीलें सुनने के बाद उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
अदालत ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 26 अक्टूबर तय की है।
बंबई उच्च न्यायालय ने पिछले महीने पुरोहित की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने मामले में अपने और अन्य आरोपी के खिलाफ निचली अदालत में आरोप तय करने से रोकने की मांग की थी।
एनआईए की अदालत को पुरोहित और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने थे लेकिन अभियोजन मंजूरी की वैधता को लेकर अभियुक्त की आपत्तियों के बाद इसे टाल दिया गया था।
पूर्व में पुरोहित के अभियोजन पक्ष के लिए स्वीकृति की आवश्यकता थी क्योंकि वह उस समय एक सेवारत सेना अधिकारी थे।
महाराष्ट्र गृह मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 17 जनवरी 2009 को स्वीकृति प्रदान की थी।
महाराष्ट्र के नासिक जिले में मालेगांव के एक मस्जिद के नजदीक 29 सितंबर 2008 को एक मोटरसाइकिल में बंधे एक विस्फोटक उपकरण में विस्फोट के कारण छह लोग मारे गये थे और करीब 100 लोग घायल हो गये थे।
एनआईए की विशेष अदालत ने 27 दिसंबर 2017 को मामले में आरोपों से बरी करने की मांग वाली पुरोहित, सह-आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और छह अन्य लोगों की याचिकाओं को खारिज कर दिया था।
हालांकि, अदालत ने कठोर प्रावधान वाले महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत सभी आरोपों को हटाते हुये उन्हें आंशिक राहत दिया था।


शिलांग - 'मी टू' अभियान के तहत एक महिला (40) ने मेघालय में कैथोलिक चर्च के दो पादरियों पर वर्षो पहले यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। उक्त महिला ने शुक्रवार को फेसबुक पर अपनी आपबीती पोस्ट की।
इस पोस्ट में महिला ने क्रिश्चियन ब्रदर्स के फ्रांसिस गेल और डॉन बॉस्को ग्रुप के मस्कट को आरोपित किया है। वह तीन बार आत्महत्या का प्रयास भी कर चुकी हैं, लेकिन काउंसलिंग के बाद वह तीन साल पहले इस प्रवृत्ति से छुटकारा पा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि जब वह पांच साल की थीं तब फ्रांसिस गेल ने उनका यौन शोषण करना शुरू कर दिया था। उन्होंने जब अपने परिजनों को इस बारे में बताया तो उन्होंने उनकी ही पिटाई कर दी। 12 साल की उम्र तक यह सिलसिला जारी रहा। उसके बाद उन्होंने साहस करके और गर्भवती होने के डर से फ्रांसिस गेल से मिलना बंद कर दिया। फ्रांसिस अब पश्चिम बंगाल में रहते हैं।
पादरी मस्कट के बारे में महिला ने लिखा है कि मिठाइयां और टॉफियां देने के बहाने वह उन्हें अपनी बड़ी डेस्क के पीछे बुला लेते थे और उसके बाद यौन दु‌र्व्यवहार करते थे। इसके बारे में वह इसलिए कुछ नहीं बोल पाईं, क्योंकि उसी दौरान वह फ्रांसिस गेल से उससे बड़ा यौन शोषण झेल रही थीं। इन आरोपों पर प्रमुख पादरी की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।


नई दिल्ली - अमृतसर में दशहरा मेले में जुटी भीड़ पर दौड़ी ट्रेन ने पांच सेकेंड में ही विजय पर्व के उल्लास को मातम में बदल दिया। रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देख रही भीड़ पर ट्रेन चढ़ गई। ट्रेन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। जब तक लोग कुछ जान पाते तब तक मौत बन कर दौड़ी ट्रेन अपने पीछे लाशें बिछाकर चली गई। इसमें कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई, जबकि 51 लोग घायल हो गए। मौतों का यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
हादसा जोड़ा फाटक के निकट हुआ। मौके पर कम से कम 300 लोग मौजूद थे जो पटरियों के निकट एक मैदान में रावण दहन देख रहे थे। अफसरों ने बताया कि रावण के पुतले में पटाखे फूटने के बाद भीड़ पीछे की तरफ हटी। इसी बीच जालंधर-अमृतसर लोकल ट्रेन आ गई और लोगों को रौंदती हुई गुजर गई। इससे ठीक पहले दूसरे ट्रैक से अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस गुजरी थी।
उपजिलाधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि 58 शवों को बरामद किया गया है। मरने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। शवों के कई टुकड़े हो जाने से मृतकों की सही जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है। घटना के बाद से ही मौके पर चीख पुकार मच गई, बदहवास लोग अपने करीबियों को तलाशने लगे। क्षत-विक्षत शव घटना के घंटों बाद भी घटनास्थल पर ही पड़े थे क्योंकि नाराज लोग प्रशासन को शव हटाने नहीं दे रहे थे।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख
हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दुख जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, अमृतसर में हुई रेल दुर्घटना को लेकर बहुत दुखी हूं। घटना हृदयविदारक है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी पूरी सहानुभूति है, और प्रार्थना कर रहा हूं कि जो लोग इसमें घायल हुए हैं, वे जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं। मैंने अधिकारियों को सभी आवश्यक सहायता मुहैया कराने को कहा है। पंजाब सरकार ने हादसे में मरने वालों के परिवार को पांच लाख की सहायता राशि देने का एलान किया है।
5 लाख रुपये सहायता राशि, घायलों का मुफ्त इलाज
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राहत अभियान की निगरानी के लिए अमृतसर जाने के दौरान कहा कि मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को मुफ्त इलाज सहायता दी जाएगी। इस बीच शिरोमणि अकाली दल के जिला अमृतसर प्रधान गुरप्रताप सिंह टिक्का ने पंजाब के पूर्व मुख्य मंत्री सुखवीर सिंह बादल की तरफ से एलान किया कि घायलों का इलाज शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक समिति के अस्पतालों में मुफ्त इलाज किया जाएगा।
ट्रेन हादसा : हेल्पलाइन नंबर
रेलवे ने परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं- 0183-2223171, 0183-2564485
मनावला स्टेशन : 73325, 0183-2440024
पावन केबिन अमृतसर : 72820, 1083-2402927
विजय सहोता, एसएसई - 7986897301
विजय पटेल, एसएसई - 7973657316
खूनी रेलवे फाटक
स्थानीय पुलिस के मुताबिक हादसा अमृतसर के जौड़ा फाटक पर हुआ है। हादसा उस वक्त हुआ जब रेलवे ट्रैक के समीप राणव का पुतला जलाया जा रहा था। पुतला दहन देखने के लिए ट्रैक के पास भारी संख्या में लोग खड़े थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रेन लोगों की भीड़ के पर चढ़ गई। हादसे के बाद मौके पर भगदड़ मच गई। भगदड़ में भी कई लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।
तेज थी ट्रेन की रफ्तार
हादसे के वक्त वहां मौजूद लोगों ने बताया कि उनकी आंखों के सामने ट्रेन लोगों को रौंदते हुए चली गई। चश्मदीदों की मानें तो ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा थी।
-दशहरा जैसे पर्व पर रेलवे या स्थानीय प्रशासन को रेलवे ट्रैक के समीप बरतनी चाहिए चौकसी
-रावण का पुतला दहन रेलवे ट्रैक से काफी दूरी पर होना चाहिए, स्थानीय प्रशासन ने नहीं बरती सावधानी
-रावण दहन के दौरान बंद कर देना चाहिए था रेलवे फाटक, भीड़ के हटने के बाद ट्रेन को देना चाहिए था ग्रीन सिग्नल
-मौके पर मौजूद सुरक्षा तंत्र की घोर अनदेखी के कारण गई कई लोगों की जान
-ट्रेन की गति कम होती तो बच सकती थी कई लोगों की जान
पटाखों की आवाज में दब गई ट्रेन की आवाज
अमृतसर में धोवी घाट के नजदीक जोड़ा फाटक के पास लोग रेलवे लाईन पर खड़े हो कर रावण दहन का अवलोकन कर रहे थे। इसी दौरान अमृतसर से दिल्ली के लिए रवाना हुई हावड़ा और जालंधर से अमृतसर को आ रही डीएमयू रेलगाड़ी आ गई। बताया जा रहा है कि रावण दहन दौरान चल रहे पटाखों की आवाज के कारण लोगों को रेलगाड़ी आने का पता नहीं चला। जिसके कारण लगभग लोगों की ट्रेन से कटने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
खुला था रेलवे फाटक
प्रत्यक्षदर्शी बहुजन समाज पार्टी के नेता तरसेम सिंह भोला ने बताया कि रेल लाईनों पर सैंकड़ो लोग खड़े थे जो रेलगाड़ी की चपेट में आए हैं। उन्होने बताया कि घटना के समय रेलवे फाटक भी खुला हुआ था । रेलगाड़ी धड़ाधड़ गुजर गई । उन्होने बताया कि मरने वालों की संख्या काफी अधिक हो सकती है। पुलिस तथा जिला प्रशासन ने घटना स्थल पर पहुंच कर बचाव कार्य शुरू कर दिया है। घायलों को अस्पताल भेजा जा रहा है।
सेना और केंद्रीय बल मदद को आए
हादसे के बाद स्थानीय सैन्य ठिकाने के जवानों और आईटीबीपी के जवानों ने मदद की पेशकश की है। सूत्रों के मुताबिक अमृतसर प्रशासन ने इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद मदद नहीं मांगी थी। लेकिन मानवीयता के आधार पर तत्काल आईटीबीपी और सेना ने खुद संपर्क किया और जवान मौके पर पहुंचे और लाशों को उठाने का काम किया। एक अधिकारी ने बताया कि ब्लड बैंक में खून की कमी है,अत: जवान रक्तदान करेंगे।
अपडेट्स
-रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर घायलों के बारे में जाना जा सकता है- 0183- 2223171, 0183 2564485
-भारतीय रेलवे की एडीजी पीआर ने कहा- राहत-बचाव ट्रेन मौके पर पहुंच चुकी है।
-रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा भी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं।
-अखिलेश यादव ने अमृतसर ट्रेन हादसे में मारे गये लोगों के प्रति दुख जताते हुए कहा कि घायलों को तत्काल उच्चतम स्तर का उपचार उपलब्ध कराना सरकार की नैतिक ज़िम्मेदारी है। यह हादसै रेलवे-प्रशासन की बदइंतज़ामी और लापरवाही का दर्दनाक परिणाम है।
-नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने हादसे के वक्त घटनास्थल पर मौजूद होने और वहां से भागने के आरोप पर सफाई देते हुए कहा कि वह मौके से भागी नहीं।
-रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर घटना पर दुख जताते हुए कहा कि अमृतसर में हुआ ट्रेन हादसा हैरान करने वाला है। पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। उनके जल्दी ठीक होने की कामना करता हूं। रेलवे फौरन राहत और बचाव कार्य में जुट गया है।
-अमृतसर के पुलिस आयुक्त एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि हादसे में 50-60 से ज्यादा लोग मरे हैं।
-कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ट्रेन हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि मैं राज्य सरकार और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अनुरोध करता हूं कि वे फौरन घटनास्थल पर मदद मुहैया कराएं। जिन लोगों ने इस दुर्घटना में अपने परिजनों को गंवाया है उनके प्रति मैं अपनी संवेदना जाहिर करता हूं।
-केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों की बहुमूल्य जानें चली गई हैं। मृतकों के परिजनों के साथ पूरी सहानुभूति प्रकट करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
-पंजाब के मुख्यमंत्री ने राज्य के गृह सचिव, स्वास्थ्य सचिव और एडीजीपी कानून व्यवस्था को फौरन अमृतसर पहुंचने को कहा। राजस्व मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य चलाने के लिए कहा गया है।
-पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि सभी सरकारी और निजी अस्पताल घायलों के इलाज के लिए खुले रहेंगे। जिला प्रशासन हर जरूरी कदम उठाएगा। मुख्यमंत्री मौके का जायजा लेने के लिए अमृतसर जा रहे हैं। उन्होंने मृतकों को परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा राशि देने की घोषणा की है।
-हादसे के तीन घंटे बाद भी जालंधर-अमृतसर मार्ग पर रेल सेवा पूरी तरह से बाधित रही। कुछ ट्रेनों का जहां रास्ता बदला गया है वहीं कई को जालंधर के पास रोककर रखा गया है।

 


नई दिल्ली - अमृतसर ट्रेन हादसे में रावण का रोल करने वाले दलबीर सिंह की भी मौत हो गई। दलबीर सिंह इससे पहले हर साल राम का रोल करते थे, इस बार वह रावण का रोल कर रहे थे। दलबीर सिंह की मां ने मांग की है कि उनकी विधवा बहू को सरकार नौकरी दे ताकि वह अपरा गुजारा कर सके। दलबीर सिंह के एक 8 महीने का बच्चा भी है।
इस दर्दनाक ट्रेन हादसे में दलबीर सिंह भी भीड़ के साथ रेलवे लाइन पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे। तभी ठीक रावण दहन के वक्त जालंधर-अमृतसर एएमयू पैसेंजर तेज गति आई और लोगों को रौंदते हुए चली गई। इस भीषण हादसे में दलबीर सिंह की भी मौत हो गई। दलबीर सिंह के घर में अब उनकी मां, पत्‍नी और 8 महीने का एक बच्चा है। दलबीर की मां की सरकार से एक ही गुजारिश है कि उनकी बहू को सरकारी नौकरी दी जाए।
रावण दहन के वक्त हुआ हादसा-
अमृतसर भीषण हादसा उस वक्त हुआ जब 19 अक्टूबर शुक्रवार को शाम करीब 7 बजे रावण दहन का कार्यक्रम शुरू हुआ। इस कार्यक्रम को देखने के लिए करीब 700 स्थानीय लोग पहुंचे थे जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि रावण का पुतला रेलवे लाइन से महज 30 मीटर की दूरी पर था। जैसे पुतले में आग लगने के बाद आतिशबाजी होने लगी वैसे लोग पटरियों की तरफ आ गए। कुछ लोग तो पहले से ही रेलवे लाइन पर खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे। इसी बीच शाम 7 बजे जालंधर-अमृतसर एएमयू पैसेंजर ट्रेन निकली। चूंकि आतिशबाजी के कारण लोगों का ध्यान रावण के पुतले पर था और पटाखों की आवाज के कारण ट्रेन के आने की आवाज सुनाई नहीं दी। अंजाम यह हुआ कि लोग हादसे का शिकार हो गए और इसमें 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।

 


अमृतसर - पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शनिवार को कहा कि अमृतसर में हुई रेल दुर्घटना एक हादसा है लेकिन इसमें कही न कहीं लापरवाही भी नजर आ रही है और राज्य सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना तेज गति से आई ट्रेन के चलते यह घटना मिनटों के अंदर हुई। ट्रेन ने हॉर्न नहीं दिया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री ने सिविल तथा अन्य निजी अस्पतालों में दाखिल घायलों का हाल जानने के बाद कहा कि घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को कुछ भी पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि वह चार पांच अस्पतालों में घायलों से मिल कर आए हैं जिन्होंने बताया कि कुछ लोग रेल पटरी पर खड़े थे तथा कुछ पास ही खड़े थे। घायलों ने बताया कि रावण दहन के दौरान जल रहे पुतले से बचने के लिए लोग दो कदम ही पीछे हटे थे कि तेजी से आ रही रेलगाड़ी ने उन्हें कुचल दिया। रेल की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ ही सेकेंड में ही इतना बड़ा हादसा हो गया।
सिद्धू ने कहा कि लोग त्योहार मनाने के लिए आए थे लेकिन इस हादसे ने कई लोगों के परिवार खत्म कर दिए तथा कईयों ने अपने परिजनों को खो दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी की कोई साजिश नहीं है। उन्होने बताया कि मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह लगभग सुबह दस बजे तक अमृतसर पहुंच रहे हैं जिनके साथ पूरी स्थिति पर बात होगी। घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
सिद्धू ने रात में ही घटना स्थल पर पहुंचने के लिए रेल मंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की सूचना बंगलौर में मिली थी जिसके पश्चात उन्होंने अपनी पत्नी डॉ़ नवजोत कौर सिद्धू से सम्पर्क किया जो घटना के तुरंत पश्चात अस्पताल में पहुंच गई थी। सिद्धू पर घटना स्थल से चले जाने के आरोपों पर उन्होने कहा कि लोग कुछ भी कहते हैं लेकिन यह सच नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉ सिद्धू ने अस्पताल में पहुंच कर खुद घायलों का इलाज किया है और पीड़तिों की राहत के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को विजयदशमी के अवसर पर अमृतसर के जोड़ा फाटक पर रावन दहन देखते हुए 60 लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। मरने वालों में अधिकर प्रवासी मजदूर शामिल हैं।

 


चंडीगढ़ नई दिल्ली - पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अमृतसर में ट्रेन से दर्जनों लोगों के कटने की घटना की जांच के आदेश दिए है। इसके साथ इजरायल की पूर्वनिर्धारित अपनी यात्रा स्थगित कर शुक्रवार को घटनास्थल पर जाने की बात कही है।वहीं अमृतसर रेल हादसे के कुछ घंटे बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका में अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया और वह तत्काल भारत लौट रहे हैं। वह सतत ऊर्जा समाधान की दिशा में योगदान के लिए प्रतिष्ठित कार्नोट पुरस्कार ग्रहण करने अमेरिका में हैं। मंत्री ने कहा कि रेलवे दुर्घटनास्थल पर हर संभव सहायता पहुंचा रहा है।
रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी, उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक विश्वेश चौबे रात 11 बजे वायुसेना के विमान से दिल्ली से रवाना होंगे।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया, शोकसंतप्त और घायल लोगों को ईश्वर शक्ति प्रदान करें। रेलवे घटनास्थल पर सभी संभव सहायता पहुंचा रहा है। मैंने अमेरिका में अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है और तत्काल भारत लौट रहा हूं।''
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं, ताकि घटना की असली वजहों का पता चल सके। उन्होंने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार की ओर से वहन करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, घायलों का सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराया जाएगा। जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया गया है। घटनास्थल पर हालात को काबू करने के लिए पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में अतिरिक्त जवानों को तत्काल भेजा गया है।
इस बीच, जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री को शनिवार को दौरा नहीं करने की सलाह दी है। प्रशासन ने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे के कारण राहत और पुनर्वास कार्य बाधित होगा। गौरतलब है कि अमरिंदर 21 अक्तूबर को पांच दिन के इजरायल दौरे पर जाने वाले थे।

 


नई दिल्ली - दो महीने में दूसरी बार प्रधानमंत्री को जान से मारने वाला धमकीभरा ईमेल दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भेजा गया। इससे पहले भी अगस्त महीने में एक मेल भेजकर प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
दिल्ली पुलिस समेत कई सुरक्षा एजेंसियां मेल भेजने वाले संदिग्ध की जांच में जुट गई हैं। हालांकि जांच का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस के अधिकारी इस मुद्दे पर बात करने को तैयार नहीं हैं।
वहीं सूत्रों की मानें तो यह मेल एक सप्ताह पूर्व आया था। दो लाइन में भेजे गए इस मेल में कहा गया है कि पाक खुफिया एजेंसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने के लिए दिल्ली में संदिग्धों को भेज दिया है।
इस मेल के बाद पुलिस उस संदिग्ध शख्स की तलाश में जुट गई है। उसकी पहचान के लिए आइपी एड्रेस (जिस कंप्यूटर से मेल भेजा गया है) का पता लगाने के लिए पुलिस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है।
अगस्त महीने में भेजे गए पहले मेल में प्रधानमंत्री पर 19 सितंबर तक हमला करने की बात कही गई थी। एक लाइन में भेजे गए संक्षिप्त मेल में कोई और जानकारी नहीं लिखी थी। अब दोबारा से धमकी भरा मेल आने से एक बार फिर से हड़कंप मच गया है।
इस साल जून महीने में भी पुणे पुलिस को एक पत्र मिला था। उसमें माओवादियों द्वारा प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रचने की बात सामने आई थी। पत्र में यह लिखा था कि आगामी चुनाव के दौरान राजीव गांधी की तरह पीएम की भी हत्या कर दी जाएगी।

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