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हैदराबाद - हैदराबाद पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने वाले नाबालिगों पर कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने करीब 2,220 नाबालिगों को वाहन चलाने के लिए पकड़ा है, जो कानून का उल्लंघन कर गाड़ी चला रहे थे।
हैदराबाद सिटी के अतिरिक्त यातायात आयुक्त अनिल कुमार ने बताया कि इस साल अब तक 2,220 नाबालिगों को वाहन चलाने के लिए पकड़ा गया है। पकड़े गए नाबालिगों में से लगभग 1,732 मामलों में चार्जशीट दायर किया गया है। उन्होंने बताया कि अदालत ने इन नाबालिगों पर 1,61,700 रुपये का जुर्माना लगाया है। अनिल कुमार ने कहा कि इस साल किसी भी नाबालिग को दोषी नहीं ठहराया गया है, लेकिन पिछले साल कुछ नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया था।
उन्होंने कहा कि हम शहर में अपना ये अभियान जारी रखेंगे और माता-पिता और बच्चों को उन परेशानियों के बारे में बताएंगे जो कानून का उल्लंघन करने के दौरान उन्हें झेलनी पड़ेंगी। यातायात आयुक्त ने नाबालिगों से आग्रह करते हुए कहा कि जब तक उन्हें गाड़ी चलाने का लाइसेंस नहीं मिलता है, तब तक वे वाहन न चलाएं। पुलिस के मुताबिक इस अभियान के तहत नाबालिगों को हादसों के दौरान होने वाले खतरों के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि इसके तहत हमने कुछ कॉलेज छात्रों के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में भी मदद की।

 


वॉशिंगटन - विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के एक शीर्ष अमेरिकी सीनेटर ने मंगलवार को अमेरिका और भारत के व्यापार रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी की सीनेटर ने व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर से आग्रह किया कि वे भारत को जनरललाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफ्रेरेंस GSP में फिर से शामिल करें, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खत्म कर दिया है। उन्होंने जीएसपी व्यापार कार्यक्रम के तहत कहा कि एक लाभार्थी विकासशील राष्ट्र के रूप में भारत के साथ व्यापार को लेकर उठाए जा रहे कदमों की आलोचना की।
सीनेटर रॉबर्ट मेनेंदेज ने मंगलवार को कांग्रेस के समक्ष सुनवाई के दौरान लाइटहाइजर से कहा कि मुझे उम्मीद है कि हम भारत के साथ अपने मसलों को हल कर सकते हैं ताकि उन्हें जीएसपी में फिर से शामिल कर सकें। हालांकि, उन्होंने भारत के साथ संबंधों पर ट्रंप द्वारा जताई गई चिंताओं का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आपको चयह पता होना चाहिए कि अगर मैं आपके साथ व्यापारिक साझएदार हूं तो आप मुझ पर किसी चीज के लिए कर लगाना शुरु कर देते हो जिसका कारोबार से कोई लेना देना भी नही होता तो, यह अप्रत्याशित है।
हालांकि, इस दौरान लाइटहाइजर ने इस संबंध में मेनेंदेज के सवाल का जवाब नहीं दिया लेकिन, उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन GSP में योग्यता की समीक्षा कर रहा है। पिछले एक महीने में राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने 2 करीबी सहयोगियों और मित्रों तुर्की तथा भारत से जीएसपी का दर्जा छीन लिया । बता दें कि जीएसपी कार्यक्रम के तहत यदि लाभार्थी विकासशील देश अमेरिका की कांग्रेस द्वारा तय किए गए मापदंड को पूरे कर देता है तो कवपुर्जों, कपड़ो सहित करीब 2000 उत्पाद अमेरिका में बिना किसी शुल्क के आ सकदते हैं। कांग्रेस की जनवरी के जारी हुई अनुसंधान सेवा रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में जीएसपी का सबसे बड़ा लाभार्थी भारत रहा है। इसी श्रेणी में तुर्की पांचवा सबसे बड़ा लाभार्थी रहा था।


ऑरलैंडो - अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में बड़ी रैली कर 2020 में होने वाले चुनाव के लिए अपने अभियान की शुरुआत कर दी है। ऑरलैंडो शहर में इस रैली में जुटी हजारों की भीड़ के सामने 73 वर्षीय ट्रंप ने ‘कीप अमेरिका ग्रेट’ यानी अमेरिका को महान बनाए रखने का नारा दिया। रैली में अपने चिर-परिचित अंदाज में उन्होंने मीडिया और विपक्ष को फिर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अगले साल का चुनाव उन लोगों का फैसला करेगा जिन्होंने गैर-अमेरिकियों की तरह व्यवहार किया और हमारे महान लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की।
इस रैली में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ता 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' लिखी कैप पहने हुए थे। ट्रंप ने इस दौरान अपने प्रशासन की उपलब्धियां गिनाईं। कर कटौती और बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए उन्होंने अपनी सरकार की पीठ थपथपाई। लेकिन दूसरे कार्यकाल के लिए उन्होंने किसी नए एजेंडे या नीति का जिक्र नहीं किया।
विरोधियों पर बरसे
विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को निशाना बनाते हुए ट्रंप ने कहा, 'विपक्षी हमारे देश के मूल्यों से घृणा करते हैं। वह सरकार में आना चाहते हैं लेकिन हम लोगों को तिरस्कृत मानते हैं।' उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन की खिल्ली उड़ाई। बिडेन डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने की दौड़ में शामिल हैं।
अपने खिलाफ हुई जांच की आलोचना की
ट्रंप ने रूस से साठगांठ के मामले में अपने खिलाफ हुई जांच की आलोचना भी की। उन्होंने कहा, 'विशेष काउंसलर रॉबर्ट मुलर और उनके साथ मिले डेमोक्रेट जबरदस्ती मुझे फंसाना चाहते थे। लेकिन जांच के बाद उन्हें मुझे दोषमुक्त घोषित करना ही पड़ा।'
फिर उठाया अवैध आप्रवासियों का मुद्दा
2016 के चुनाव की तरह इस बार भी अवैध आप्रवासी ट्रंप के अभियान का प्रमुख मुद्दा हैं। रैली में ट्रंप ने मेक्सिको से आने वाले अवैध आप्रवासियों को अमेरिका की सबसे बड़ी समस्या बताया। इस समस्या को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की आलोचना की। ट्रंप ने कहा, 'विपक्ष मेक्सिको सीमा पर दीवार नहीं बनने दे रहा, यह निंदनीय है।'

 


टोकियो - जापान में मंगलवार रात को 10.22 बजे 6.7 तीव्रता का भूकंप आया जिसमें 21 लोग घायल हो गए हैं। इस भूकंप के चलते उत्तर-पश्चिमी तट पर हल्‍की सुनामी भी आई। भूकंप का केंद्र समुद्र में था। अधिकारियों ने बताया कि जापान में सीमा से सटे निगाता और यामागाता में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके महसूस किए जाने के बाद जापानी मौसम विभाग ने सुनामी की चेतावनी जारी कर दी, जिसे तीन घंटे बाद वापस ले लिया गया।
एजेंसी के डेटा के मुताबिक, कम ऊंचाई वाली सुनामी की लहरें अवाशिमा (Awashima), सकटा (Sakata), साडो (Sado), वाजिमा (Wajima) और निगाता (Niigata) में देखी जा सकती हैं। भूकंप के बाद जापानी अधिकारी इमारतों की स्थिति की जांच कर रहे हैं। हालांकि, फि‍लहाल, किसी भी इमारत के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने की जानकारी नहीं मिली है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र में लोगों से इमारत के गिरने और भूस्खलन के खतरों से सतर्क रहने को कहा है।
मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि इस तरह के झटके अभी और आ सकते हैं। भूकंप के चलते कई सड़कें बंद हैं। बुलेट ट्रेनों के बंद होने से 10,000 लोग प्रभावित हुए हैं। उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले चीन के सिचुआं प्रांत में सोमवार को भूकंप के दो तेज झटके महसूस किये गए थे, जिसकी वजह से 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 125 अन्य लोग घायल हैं।


इस्‍लामाबाद - पाकिस्‍तान (Pakistan) के जर्जर होते आर्थिक हालात को थामने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan Prime Minister Imran Khan) नित नई कवायदें करते नजर आ रहे हैं। अब उन्‍होंने अपनी कैबिनेट को मितव्‍ययिता के उपायों और सरल जीवन जीवन शैली को पूरी तरह अपनाने का निर्देश दिया है। डनके विशेष सूचना सहायक ने बताया कि कैबिनेट की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने खुद के द्वारा अपनाए जा रहे मितव्‍ययिता के उपायों को रेखांकित किया।
सूचना सहायक की ओर से बताया गया है कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने बैठक के दौरान अपने मंत्रियों को नसीहत दी कि वे पाकिस्‍तान की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों को ध्‍यान में रखते हुए सरल जीवन शैली को अपनाकर एक बेहतरीन उदाहरण पेश करें। खुद के द्वारा अपनाए जा रहे मितव्‍ययिता के उपायों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में 1.10 अरब रुपये प्रधानमंत्री आवास को आवंटित किए गए थे, लेकिन उनकी सरकार ने इसमें 32 फीसदी की कटौती की है। इमरान खान ने बताया कि मौजूदा सरकार ने प्रधानमंत्री आवास के लिए केवल 75 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
बता दें कि पाकिस्तान भुगतान संतुलन को दूर करने के लिए आइएमएफ (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष), विश्व बैंक और एडीबी (एशियाई विकास बैंक) जैसे कई वित्तीय संस्थानों से मदद मांग रहा है। पिछले महीने ही उसने तीन साल के लिए आइएमएफ के साथ लगभग 42 हजार करोड़ रुपये के बेलआउट पैकेज पर हस्ताक्षर किए हैं। इस बीच, पाकिस्‍तान के लिए अच्‍छी खबर यह है कि विश्व बैंक के साथ लगभग 6400 करोड़ रुपये के कर्ज का समझौता हो गया है।


हांगकांग - विवादित प्रत्यर्पण कानून के लिए हांगकांग की बीजिंग समर्थक नेता कैरी लैम ने मंगलवार को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी। प्रस्‍तावित विवादित प्रत्यर्पण कानून में आरोपितों व संदिग्धों को मुकदमा चलाने के लिए सीधे चीन प्रत्यर्पित करने का प्रावधान था। बता दें कि चीन को प्रत्यर्पण का अधिकार देने वाले विधेयक को भारी विरोध के बाद वापस ले लिया गया है।
रविवार को भी हांगकांग में हजारों लोग सड़कों पर उतरे थे और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था। अब शहर की शीर्ष नेता कैरी लैम ने मामले को सही ढंग से न संभाल पाने पर माफी मांगी है। कभी ब्रिटिश शासन के अधीन रहे हांगकांग में चीन को प्रत्यर्पण के अधिकार वाला बिल पेश किया गया था। इस कानून को हांगकांग की स्वायत्तता और यहां के नागरिकों की स्वतंत्रता पर खतरा मान रहे हैं। दरअसल 1997 में ब्रिटेन ने चीन को हांगकांग इसी शर्त पर सौंपा था कि 'वन कंट्री, टू सिस्टम' के तहत उसकी स्वायत्तता बरकरार रहेगी।
न्‍यूयार्क टाइम्‍स के अनुसार, गर्वंमेंट हेडक्‍वार्टर में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कैरी लैम ने कहा, ‘हांगकांग की जनता से मैं माफी चाहती हूं।’ उन्‍होंने आगे कहा, ‘मुझे अभी भी काफी कुछ सीखना है।’
फरवरी में प्रस्तावित प्रत्यर्पण कानून का शुरुआत से ही विरोध शुरू हो गया था। इस विवादित कानून को हटाने की मांग करते हुए उग्र विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और रबर बुलेट का इस्तेमाल किया था। इससे पूरे क्षेत्र में तहलका मच गया और प्रदर्शनकारी लैम के इस्तीफे की भी मांग करने लगे। लैम के सहयोगी भी उन पर बिल वापस लेने का दबाव बना रहे थे। आखिरकार उन्हें बिल को टालना पड़ा। इस्तीफा देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जनता को उन्हें एक और मौका देना चाहिए।
उल्‍लेखनीय है कि विरोध प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के बाद पुलिस ने करीब 32 लोगों को हिरासत में लिया है।

 


वाशिंगटन - गूगल के भारतवंशी अमेरिकी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने कहा है कि ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग साइट यूट्यूब ने अपनी नीतियों के तहत नफरत फैलाने वाले तथा नुकसानदेह वीडियो को हटाने का काम शुरू कर दिया है।
90 लाख वीडियो हटाए
पिछली तिमाही में उसने करीब 90 लाख ऐसे वीडियो हटाए भी हैं। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि यह प्लेटफार्म काफी बड़ा हो चुका है और ऐसी सामग्री को पूरी तरह हटाना आसान नहीं है।
और बेहतर करने की जरूरत
पिचाई ने सीएनएन को बताया, 'हम इसे दुरुस्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। इसके बावजूद कुछ ही वर्षो में यह महसूस करते हैं कि इसे और बेहतर करने की जरूरत है, क्योंकि इस प्लेटफार्म के इस्तेमाल का तरीका बदल चुका होता है।'
प्रक्रिया अब भी जारी
उन्होंने कहा, 'पिछली तिमाही में ही हमने 90 लाख वीडियो हटाए। यह प्रक्रिया अब भी जारी है, लेकिन हम स्वीकार करते हैं कि अभी और करने की जरूरत है।'गूगल के स्वामित्व वाले यूट्यूब की विवादास्पद और लोगों को प्रभावित करने वाली सामग्री को लेकर पिछले कुछ वर्षों में काफी आलोचना हुई है। हालांकि, कंपनी इन सामग्री को हटाने की कोशिश भी करती है।


द हेग - पांच साल पहले पूर्वी यूक्रेन में मार गिराए गए मलेशियाई विमान MH17 मामले की जांच कर रही टीम की ओर से बुधवार को संदिग्‍धों के नामों की घोषणा की जाएगी। इस हमले में विमान पर सवार कुल 298 लोगों की मौत हो गई थी।
डच के नेतृत्‍व में मामले की जांच कर रही टीम ने कहा है कि यह पहले परिवारों को सूचित करेगा और फिर प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर इस मामले में की जा रही जांच का ब्‍यौरा देगा। इस जांच में अहम मोड़ तब आया जब जांचकर्ताओं ने कहा कि जिस BUK मिसाइल से विमान गिराया गया था वह रूस के दक्षिण पश्चिमी शहर कुर्स्क में स्थित एक सैन्य ब्रिगेड से दागी गई थी।
17 जुलाई 2014 को यह विमान एमर्स्‍टडम से कुआलालंपुर जा रही थी और बीच रास्‍ते में ही पूर्वी यूक्रेन के ऊपर से गुजरने के दौरान इसपर हमला हुआ। यूक्रेन के उप विदेश मंत्री ओलेना जर्कल ने इंटरफैक्‍स-यूक्रेन न्‍यूज एजेंसी को मंगलवार को बताया कि आरोपियों में सीनियर रूसी आर्मी ऑफिसर समेत चार लोगों का नाम है।
जर्कल ने आगे कहा, ‘नामों की घोषणा होगी और इनके खिलाफ दंड निर्धारित किया जाएगा। इसके बाद डच की अदालत मामले पर काम करना शुरू करेगी।’
उनका कहना है कि BUK एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्‍टम जैसे हथियारों का ट्रांसफर रूस के शीर्ष की अनुमति के बिना संभव नहीं। इस मामले की जांच करने वाली संयुक्‍त जांच टीम में ऑस्‍ट्रेलिया, बेल्‍जियम, मलेशिया, नीदरलैंड्स और यूक्रेन है। इस हादसे में मारे जाने वाले यात्रियों में 196 डच व 38 ऑस्‍ट्रेलियाई थे।

 


लॉस एंजेलिस - अमेरिका में एक किशोरी ने अपने बेस्ट फ्रेंड की हत्या कर दी। उसने ऐसा पैसों के लालच में आकर किया। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका का अलास्का की रहने वाली 18 वर्षीय किशोरी डेनाली ब्रेहमर की इंडियाना निवासी 21 वर्षीय डेरिन शिल्मिलर से ऑनलाइन दोस्ती हुई। शिलमिलर ने सोशल मीडिया पर 'टाइलर' नाम से फेक आईडी बनाई थी और खुद को अमीर व्यक्ति बताकर हत्या के लिए डेनाली को 90 लाख डॉलर देने का ऑफर दिया। जिसके बाद उसने इस घटना को अंजाम दिया।
अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक इन दोनों ने अलास्का में किसी के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या करने की योजना पर चर्चा की। इसी बातचीत के दौरान शिलमिलर ने डेनालील से कहा कि वह अपनी सबसे अच्छी दोस्त 19 वर्षीय सिंथिया हॉफमैन की हत्या कर दें। जिसके लिए वह उसे 9 मिलियन डॉलर देगी। इतनी ही नहीं उसने यह भी कहा कि पैसे हत्या की तस्वीर या वीडियो भेजने के बाद ही मिलेंगे।
ऑफर मिलने के साथ ही डेनाली ने सबसे पहले अपने चार दोस्तों के साथ एक ग्रुप में शामिल किया और हत्या की योजना बनाना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने आगे बताया कि 2 जून को सभी आरोपी हॉफमैन को एंकोरेज शहर में ले गए जहां उन्होंने उसे रस्सी से बांधकर रखा। इसके बाद उन्होंने उसके सिर के पीछे हिस्से में गोली मारकर उसे नदीं में बहा दिया। 4 जून को अधिकारियों ने उसका शव बरामद किया। अधिकारियों ने बताया कि ब्रेह्मर ने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान शिल्मिलर को हॉफमैन की स्नैपचैट तस्वीरें और वीडियो भेजे। ग्रैंड ज्यूरी ने सभी छह आरोपियों को प्रथम श्रेणी हत्या का दोषी ठहराया और इसके साथ ही संबंधित अन्य मामलों में भी इन्हें दोषी पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी कानून के तहत इन सभी को कम से कम उम्रकैद की सजा होगी।


इस्लामाबाद - एक प्रमुख पाकिस्तानी टीवी पत्रकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पत्रकार ने मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि एक शादी समारोह के दौरान चौधरी ने उन्हें कथित रूप से चांटा जड़ दिया।
निजी बोल न्यूज़ टीवी चैनल के एक एंकर और कार्यकारी, सामी इब्राहिम ने सोमवार को चौधरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और बताया कि फ़ैसलाबाद में पिछले सप्ताह एक शादी समारोह में उन्होंने मेरे साथ गाली-गलौज की और धमकी देते हुए थप्पड़ मार दिया।
हालांकि, पाक पीएम इमरान खान की कैबिनेट के पूर्व सूचना मंत्री रहे चौधरी ने कहा कि इब्राहिम ने उनसे बदतमीजी की थी और उन्हें भारतीय जासूस कहा था। वहीं, बताया गया कि पीएम इमरान खान ने पत्रकार से बात की है और उन्हें आश्वस्त किया कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी किसी भी शख्स के आत्म सम्मान को आहत करने वाले अपने सदस्यों के कृत्यों का समर्थन नहीं करती है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा।
कार्यालय द्वारा बयान में कहा गया कि सरकार और मीडिया लोकतांत्रिक प्रक्रिया के दो भाग हैं। कहा गया कि राय का अंतर व्यक्तिगत संघर्ष में नहीं बदलना चाहिए।
बता दें कि मंत्री चौधरी और पत्रकार इब्राहीम के बीच ये विवाद इस महीने की शुरूआत से चल रहा है। बताया गया कि मंत्री ने ट्विटर पर पत्रकार पर सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था।
तो वहीं, इब्राहीम ने टीवी कार्यक्रम में मंत्री की टिप्पणी का जवाब दिया और उनपर सूचना मंत्री के पद पर रहने के दौरान निजी कामों के लिए सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करने का इल्जाम लगाया था।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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