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वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election) के लिए उम्‍मीदवारी के दौर से खुद को अलग करने के बाद अब कैलिफोर्निया से भारतवंशी सांसद कमला हैरिस (Kamala Harris) ने डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party) से उम्मीदवारी में सबसे आगे चल रहे पूर्व उप राष्ट्रपति जो बिडेन (Joe Biden) को समर्थन देने की मंशा जाहिर की है। बता दें कि पिछले ही माह उन्‍होंने खुद को चुनावी दौर से अलग करने का फैसला किया।डेमोक्रेटिक पदाधिकारियों ने संकेत दिया है कि कमला पार्टी के सबसे कद्दावर उम्मीदवार बिडेन को समर्थन देने का एलान कर सकती हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) के खिलाफ जारी महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया के कारण वह अपने समर्थन का ऐलान नहीं कर रहीं।बता दें कि उम्मीदवारी की होड़ से कमला के बाहर होने पर बिडेन ने उन्हें सहयोगी कहकर संबोधित किया था। उनकी तारीफ करते हुए बिडेन ने कहा था कि कमला दमदार नेता हैं और आगे चलकर राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति या सुप्रीम कोर्ट के जज का पद ग्रहण कर सकती हैं। लेकिन बिडेन को समर्थन देने की संभावना पर कमला हैरिस के प्रवक्ता क्रिस ने कहा कि इस मामले में फिलहाल कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है।वर्ष 2020 में अमेरिकी राष्‍ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव से कमला हैरिस ने पिछले वर्ष के दिसंबर में अपना नाम वापस ले लिया था। 55 वर्षीय कमला हैरिस ने अपने इस कमद का ऐलान ट्विटर हैंडल पर भी किया था। उन्‍होंने कहा था कि वह अपना चुनाव प्रचार अभियान बंद कर रही हैं। कैलिफॉर्निया से डेमोक्रेटिक सांसद कमला हैरिस की लोकप्रियता में पहले के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है।उन्‍होंने इस बारे में ट्वीट किया कर बताया, ‘मैं अपने समर्थकों से अफसोस और दुख के साथ माफी मांगती हूं और बताना चाहती हूं कि आज से अपना चुनावी अभियान खत्म कर रही हूं। साथ ही मैं यह भी स्‍पष्‍ट कर देना चाहती हूं कि सभी को न्‍याय दिलाने के लिए मेरी लड़ाई जारी रहेगी।’

नई दिल्ली। अमेरिका ने चीन-पाकिस्तान के बीच बनने वाले आर्थिक गलियारे की आलोचना करने के साथ ही इस मुद्दे पर दोनों ही देशों को करारा झटका दिया है। अमेरिका ने अपने बयान में कहा है कि इस पूरी परियोजना में कोई पारदर्शिता नहीं बरती गई है। यह बयान अमेरिका की वरिष्ठ राजनयिक एलिस वेल्स ने दिया है। इस बयान का अपना राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक दिन पहले ही दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की है। इस मुलाकात के केंद्र में मुख्य तौर पर दो बिंदु थे, पहला एफएटीएफ की लटकती तलवार से छुटकारा और दूसरा कश्मीर पर अमेरिका का साथ।
कॉरिडोर पर ट्रंप भी जता चुके हैं नाराजगी:-ऐसा नहीं है कि अमेरिका की तरफ से इस परियोजना को लेकर पहली बार कोई सवाल खड़ा किया जा रहा हो। इससे पहले खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस परियोजना के भारतीय क्षेत्र से निकलने और भारत की मंशा को न जानने पर सवाल खड़ा किया था। ट्रंप का कहना था कि भारत की इजाजत के बगैर उनके इलाके से परियोजना का निर्माण अवैध है। आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच निर्माणाधीन आर्थिक कॉरिडोर वर्तमान में भारत के लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश से होकर जा रहा है। गिलगिट बाल्टिस्तान इसी प्रदेश का हिस्सा है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि पाकिस्तान इसके एक हिस्से को चीन को सौंप चुका है।
दुनिया जानती है चीन की मंशा:-वेल्स ने अपने बयान में यहां तक कहा है कि इस परियोजना से पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ बढ़ जाएगा। हालांकि देखा जाए तो उन्होंने अपने बयान में इस परियोजना के बाबत नया कुछ नहीं कहा है। पूरी दुनिया जानती है कि इस आर्थिक कॉरिडोर के पीछे चीन की मंशा अपने व्यापार का फैलाव और भारत पर नजर रखना है। ग्वादर पोर्ट को भी इसी मकसद से चीन ने अपने हिसाब से काफी कुछ नया रूप दिया है। वहीं पाकिस्तान पर कर्ज के बोझ की बात की जाए तो आपको बता दें कि वह अपने एक कर्ज को चुकाने के लिए चीन से दूसरा कर्ज भी ले चुका है।
भारत पर शामिल होने का दबाव:-इस आर्थिक गलियारे को लेकर चीन बारबार ये कहता रहा है कि इससे पाकिस्तान का भी काफी फायदा होगा। इतना ही नहीं वह लगातार भारत पर भी इस कॉरिडोर में शामिल होने को लेकर दबाव बनाता रहा है। चीन जानता है कि भारत के इस कॉरिडोर के निर्माण में शामिल होने के बाद इससे जुड़े सवाल उठने बंद हो जाएंगे। वहीं भारत ने बीते कुछ वर्षों में जिस तेजी से विकास किया है उसको देखते हुए पूरी दुनिया उसका लोहा मानने लगी है। जिस वक्त पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था ढलान पर थी उस वक्त भी भारत अपनी जीडीपी की रफ्तार को बनाकर रखे हुए था। भारत के इस कॉरिडोर में शामिल होने पर चीन को कई तरह दूसरे भी फायदे हो सकेंगे।
सवालों को नजरअंदाज करना संभव नहीं:-इस कॉरिडोर को लेकर वर्तमान में वेल्से ने जो सवाल उठाए हैं उनको पाकिस्तान के लिए नजरअंदाज करना संभव नहीं होगा। आपको बता दें कि इस कॉरिडोर से जुडे सभी बड़े ठेके चीन ने अपनी कंपनियों को मुहैया करवाए हैं। इतना ही नहीं वेल्स ने यहां तक कहा है कि जिन कंपनियों को ये ठेके दिए गए हैं उन्हें पहले से ही वर्ल्ड बैंक ने काली सूची में डाला हुआ है। इस बात में भी कोई झूठ नहीं है कि पाकिस्तान का योगदान इस पूरे प्रोजेक्टी में केवल सस्तीे मजदूरी मुहैया करवाने तक ही सीमित रहा है। यही वजह है कि पाकिस्तान में इस प्रोजेक्टे को लेकर शुरू से ही विरोध हो रहा है। पहले ये विरोध बाल्टिस्तान और बलूचिस्तान तक ही सीमित था, लेकिन अब ये पूरे देश में फैल चुका है। वेल्स ने पाकिस्तान पर बढ़ते आर्थिक कर्ज को लेकर जो बयान दिया है उसकी सच्चाई भी अब लोगों को पता चल चुकी है।
चरमराई अर्थव्‍यवस्‍था;-वर्तमान में पाकिस्तान की आर्थिक हालत इस कदर चरमरा गई है कि वहां पर लोगों को खाने के भी लाले पड़ गए हैं। देश में इमरान खान की सरकार बनने के बाद आर्थिक हालात लगातार खराब हो रहे हैं। आटा, नान, रोटी, ब्रेड, मांस, सब्जी, दूध जैसी जरूरी चीजों की कीमत आसमान छू रही है। वहीं दूसरी तरफ बदहाल पाकिस्तान को ऐसी सूरत में न तो कोई उम्मीद की किरण भी दिखाई नहीं दे रही है और न ही इस बदहाली से निकलने का कोई रास्ताू ही मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान को कर्ज देने के लिए भी कोई देश या वित्तीय संस्थान तैयार नहीं हो रहा है। ऐसे में भी एफएटीएफी की लटकी तलवार उसके लिए बदहाली का एक नया रास्ता खोलती हुई दिखाई दे रही है।
सीपैक पर एक नजर:-गौरतलब है कि यह आर्थिक गलियारा ग्वादर से चीन के उत्तरी-पश्चिमी झिनजियांग प्रांत के काशगर लगभग 2442 किलोमीटर लंबा है। इस परियोजना को 2030 तक पूरा होना है। इस योजना पर 46 बिलियन डॉलर की लागत आने का अनुमान लगाया गया था लेकिन अब यह बढ़कर काफी ज्‍यादा हो गया है। इस गलियारे का उद्देश्य काशगर से ग्वादर बंदरगाह के बीच सड़कों के 3000 किमी विस्तृत नेटवर्क और दूसरी ढांचागत परियोजनाओं के माध्यम से संपर्क स्थापित करना है।
काली सूची में डलने का खौफ:-आपको बता दें कि एफएटीएफ ने पाकिस्तान को फिलहाल ग्रे सूची में डाला हुआ है, लेकिन, यदि वह उसके किए गए उपायों से नाखुश रहा या संतुष्ट नहीं हुआ तो इसको काली सूची में डाल दिया जाएगा। यह स्थिति पाकिस्तान के लिए सबसे बुरी होगी। काली सूची में डाले जाने के बाद विश्व की कोई भी वित्तीय संस्था पाकिस्तान को कर्ज नहीं दे सकेगी। ऐसा होने पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देशों को रेटिंग देने वाली संस्थाएं उसकी रेटिंग को कम कर देंगी। इसका अर्थ ये होगा कि वहां पर विदेशी निवेश के भी सभी मार्ग बंद हो जाएंगे। इस बुरी स्थिति से निकलने के लिए पाकिस्तान को एफएटीएफ द्वारा कहीं गई सभी बातों पर खरा उतरना होगा।
पाकिस्तान नहीं छुड़ा पाएगा पीछा;-आपको बता दें कि वेल्स अमेरिका की दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों की मुख्य डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी हैं। सीपैक को लेकर उन्होंने जो बयान दिया है वह भी पाकिस्तान में ही दिया है। वेल्स ने पाकिस्तान से इस परियोजना पर नए सिरे से विचार करने को भी कहा है। लेकिन हकीकत ये है कि उसके लिए इस परियोजना से पीछा छुड़ाना अब लगभग नामुमकिन है। वेल्स ने ये भी कहा है कि चीन उन्हें जो धन मुहैया करवा रहा है वह भी महंगे कर्ज के तौर पर ही दिया जा रहा है। लिहाजा पाकिस्तान उसको मदद समझने की भूल न करे। वेल्‍स के बयान से कहीं न कहीं ये भी साफ हो गया है कि यदि उसने इस परियोजना से बाहर निकलने का फैसला नही किया तो बदहाली उसका पीछा दशकों तक नहीं छोड़ेगी।

मॉस्को। रूस की संसद के निचले सदन ड्यूमा ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा प्रस्तावित संवैधानिक सुधारों को मंजूरी दे दी है। निचले सदन में गुरुवार को हुए मतदान में 450 में से 432 सांसदों ने इनका समर्थन किया। अब उच्च सदन की मंजूरी से पहले प्रस्ताव पर संशोधन का सुझाव देने के लिए सांसदों के पास 15 दिन का समय है।व्यापक संवैधानिक सुधारों की पुतिन की पेशकश के बाद प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव और उनकी कैबिनेट ने इस्तीफा दे दिया था। संविधान में बदलाव के प्रस्तावों पर देश में जनमत संग्रह कराया जाएगा। नए बदलाव के बाद सत्ता की चाबी राष्ट्रपति के बजाय संसद के पास होगी।सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी के सर्गेई नेवरोव ने शुक्रवार को कहा, हमने सभी सांसदों से आह्वान किया था कि वे हमारे राष्ट्रीय नेता पुतिन द्वारा प्रस्तावित संविधान के महत्वपूर्ण परिवर्तनों का समर्थन करें। सभी सांसदों ने ऐसा किया और वह भी सिर्फ दो घंटे में। विरोध में कोई वोट नहीं पड़ा। ड्यूमा में यूनाइटेड रशिया पार्टी और अति राष्ट्रवादी सोशल डेमोक्रेट्स का ही प्रतिनिधित्व है। एक दशक से अधिक समय से रूस की संसद में किसी उदार या कट्टरपंथी पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं है।संविधान संशोधन प्रस्ताव रखे जाते समय सामाजिक नीतियों को बताने पर जोर दिया गया। इनमें न्यूनतम मजदूरी और न्यूनतम पेंशन जैसी योजनाएं शामिल थीं। कई नेताओं और विश्लेषकों का कहना है कि जब तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री पद के किसी उम्मीदवार का प्रस्ताव नहीं करते तब तक ड्यूमा क्रेमलिन (राष्ट्रपति भवन) पर निर्भर रहेगी। आलोचकों ने संवैधानिक सुधारों में पारदर्शिता का अभाव बताया है।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड की धरती पर पांच मैचों की सीरीज के पहले ही मैच में जीत का स्वाद चखने को मिल गया। न्यूजीलैंड का दौरा टीम इंडिया के लिए चुनौतियां भरा होता है, लेकिन इस टीम इंडिया ने साबित कर दिया कि वो दुनिया के किसी भी देश में जीत हासिल कर सकते हैं। भारतीय टीम की जीत में विराट व केएल राहुल का शानदार सहयोग रहा, लेकिन मैच को शानदार तरीके से फिनिश किया टीम इंडिया के मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने। न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रेयस अय्यर ने पहली बारी ये अर्धशतकी पारी खेली। उन्होंने अपनी  इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।न्यूजीलैंड की धरती पर श्रेयस अय्यर का ये पहला टी 20 मैच था और जिस तरह से उन्होंने कीवी गेंदबाजों की धुलाई की वो अपने आप में तारीफ के काबिल रहा। श्रेयस अय्यर ने इस मैच में अपनी टीम को छक्के लगाकर शानदार जीत दिलाई और भारतीय क्रिकेट फैंस को MS Dhoni की याद दिला दी। श्रेयस ने इस मैच में 29 गेंदों पर नाबाद 58 रन की पारी खेली और इस पारी में उन्होंने 5 चौके व 3 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 200 का रहा। उन्होंने 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर शानदार छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। ये ओवर टिम साउथी फेंक रहे थे।इस मैच में भारतीय टीम को जीत के लिए 204 रन का टारगेट मिला था जिसे भारतीय टीम ने छह विकेट रहते ही हासिल कर लिया। टीम इंडिया की शुरुआत ज्यादा अच्छी नहीं रही थी और रोहित सिर्फ सात रन पर आउट हो गए थे। इसके बाद केएल राहुल ने 56 और विराट ने 45 रन की पारी खेलकर टीम को जीत का आधार दिया और इसे श्रेयस अय्यर ने जीत में बदल दिया। न्यूजीलैंड में श्रेयस के करियर का ये पहला टी 20 मुकाबला था और अपने पहले ही मैच में उन्होंने जीत के लिए नाबाद जिताने वाली अर्धशतकीय पारी खेली।ये श्रेयस अय्यर के अंतरराष्ट्रीय टी 20 करियर का दूसरा अर्धशतक रहा। उन्होंने अपने करियर में अब तक 18 मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 26.83 की औसत से कुल 322 रन बनाए हैं और उनकी बेस्ट पारी 62 रन की है जो उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ नागपुर में खेली थी।

नई दिल्ली। भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड दौरे की शुरुआत शानदार जीत के साथ की है। टी20 क्रिकेट में यह रन की पीछा करते हुए तीसरी सबसे बड़ी जीत है। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 203 रन का स्कोर खड़ा किया था। श्रेयस अय्यर और केएल राहुल के अर्धशतक के दम पर भारत ने 1 ओवर रहते ही 4 विकेट के नुकसान पर जीत का लक्ष्य हासिल कर लिया।टीम इंडिया ने पांच मैचों की टी20 सीरीज की शुरुआत धमाकेदार जीत के साथ की है। ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने 204 रन के स्कोर की पीछा करते हुए जीत हासिल की। यह टी20 क्रिकेट में टीम इंडिया का लक्ष्य का पीछा करते हुए तीसरी बड़ी जीत है। भारत ने इससे पहले 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 202 रन का पीछा करते हुए जीत हासिल की थी। सबसे ज्यादा बार 200 रन से उपर के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत चौथा बार सफल हुआ है। सबसे ज्यादा बार ऐसा करने का रिकॉर्ड भारत के नाम ही दर्ज है जिसे उसने और बेहतर कर लिया है।
भारत की टी20 में बड़ी जीत:-टी20 क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी जीत वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछले साल हैदराबाद में आई थी। इस मुकाबले में टीम इंडिया ने 209 रन के लक्ष्य का पीछा किया था। साल 2009 में श्रीलंका के खिलाफ मोहाली टी20 में भारत ने 207 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दर्ज की थी। ऑकलैंड में 204 रन के स्कोर की पीछा करते हुए भारत ने जीत हासिल की जो उसकी टी20 में तीसरी सबसे बड़ी जीत है।
राहुल और अय्यर ने जमाया अर्धशतक:-भारत की जीत में ओपनर केएल राहुल और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज श्रेयर अय्यर की अर्धशतकीय पारी अहम रही। राहुल ने 27 गेंद पर 4 चौके और 3 छक्के की मदद से तूफानी अर्धशतक जमाया। वहीं अय्यर ने 29 गेंद पर 58 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने पारी में कुल 5 चौके और 3 छक्के लगाए। कप्तान विराट कोहली ने 32 गेंद पर 45 रन की अहम पारी खेली।

ऑकलैंड। भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड की धरती पर टी 20 सीरीज के पहले ही मैच में जीत दर्ज करके धमाकेदार आगाज किया। इस मैच में एक बार फिर से कप्तान विराट कोहली ने उन पर भरोसा दिखाया और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी रिषभ पंत की जगह उन्हें ही सौंपी। अपनी दोहरी जिम्मेदारी के बारे में बात करते हुए राहुल ने कहा कि बल्लेबाजी के साथ-साथ विकेटकीपिंग करना बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन वो अपनी इस जिम्मेदारी को काफी पसंद कर रहे हैं और अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रहे हैं।केएल राहुल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में 27 गेंदों पर 56 रन की शानदार पारी खेली और विराट कोहली के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी करके टीम को जीत का आधार दिया। इससे टीम इंडिया को 203 रन चेज करने में काफी मदद मिली। केएल राहुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत में खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी फुल टाइम विकेटकीपर की भूमिका निभाई थी। बल्ले और विकेट के पीछे उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए विराट ने कहा कि वो अपने इस रोल को निभाते रहेंगे और इससे टीम को काफी संतुलन मिला है।केएल राहुल ने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो मैं अपने इस रोल से काफी खुश हूं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेरे लिए ये नया है। पिछले तीन-चार साल से मैं आइपीएल में खेल रहा हूं और अपने फर्स्ट क्लास टीम के लिए मैं ओपनिंग करता हूं। इन सबके बावजूद मैं हमेशा विकेटकीपिंग पर ध्यान देता हूं। विकेट के पीछे की जिम्मेदारी का मैं काफी लुत्फ उठा रहा हूं। इससे मुझे ये पता लगता है कि पिच कैसा बर्ताव कर रही है। मैं ये जानकारी अपने कप्तान और गेंदबाजों को दे सकता हूं जिससे फील्ड सेटिंग और अन्य कामों में भी काफी सहयोग मिलता है। एक विकेटकीपर के तौर पर ये आपकी जिम्मेदारी है कि आप एक्टिव रहो और अपने कप्तान को ये बताते रहो कि कौन सा लेंथ ज्यादा अच्छा है। हालांकि ये अतिरिक्त काम है, लेकिन इससे मुझे बल्लेबाजी में भी मदद मिल रही है।

नई दिल्ली। विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड में उनकी धरती पर कीवी टीम के खिलाफ 203 रन का बड़ा स्कोर चेज किया। इस जीत का पूरा श्रेय टीम इंडिया के बल्लेबाजों को जाता है क्योंकि न्यूजीलैंड की टीम की गेंदबाजी विश्व स्तरीय है। टीम के बल्लेबाजों ने शानदार बल्लेबाजी की और ना सिर्फ न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की पिटाई की बल्कि उनकी जीत के मंसूबों पर पानी भी फेर दिया। अंतरराष्ट्रीय टी 20 क्रिकेट में ये चौथा मौका था जब भारत ने 200 से ज्यादा का स्कोर चेज किया। भारत दुनिया की पहली टीम है जिसने अब तक सबसे ज्यादा बार क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में 200 से ज्यादा का स्कोर चेज किया है।
चौथी बार टीम इंडिया ने चेज किया 200 से ज्यादा का स्कोर
भारतीय क्रिकेट टीम ने अंतरराष्ट्रीय टी 20 क्रिकेट में चौथी बार 200 से ज्यादा का स्कोर चेज किया और वो ऐसा करने वाली दुनिया की पहली टीम है। भारत से पीछे ऑस्ट्रेलिया है जिसने दो बार 200 से ज्यादा का स्कोर चेज किया है।
200 से ज्यादा रन सबसे ज्यादा बार चेज करने वाली टीम-
भारत- चार बार
ऑस्ट्रेलिया- दो बार
साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, बांग्लादेश और कतर- एक-एक बार
दूसरी पारी में भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार बनाए 200 से ज्यादा रन
अंतरराष्ट्रीय टी 20 क्रिकेट की दूसरी पारी में सबसे ज्यादा बार 200 से ज्यादा स्कोर बनाने वाली दुनिया की पहली टीम भारत है। एक बार फिर से न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया ने रिकॉर्ड आठवीं बार 200 से ज्यादा का स्कोर बनाया और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में जीत दर्ज की। इस मामले में दूसरे नंबर पर इंग्लैंड है जिसने चार बार ये कमाल किया है जबकि ऑस्ट्रेलिया ने तीन बार ये उपलब्धि हासिल की है।
T20I की दूसरी पारी में सबसे ज्यादा बार 200 से ज्यादा रन बनाने वाली टीम-
भारत- आठ बार
इंग्लैंड- चार बार
ऑस्ट्रेलिया- तीन बार
साउथ अफ्रीका- दो बार
वेस्टइंडीज- दो बार
बांग्लादेश, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, कतर- एक-एक बार

नई दिल्ली। रिषभ पंत के लिए चोटिल होना उनके हक में नहीं रहा और अब हालात ये हैं कि टीम इंडिया विकेटकीपर के तौर पर केएल राहुल तो तवज्जो दे रही है। केएल राहुल के टीम में होने से टीम इंडिया के पास एक अतिरिक्त बल्लेबाज ये गेंदबाज का विकल्प रहता है और ये बात कप्तान व टीम मैनेजमेंट को काफी पंसद भी आ रही है। राहुल विकेटकीपर के तौर पर भी मैच दर मैच परिपक्व होते जा रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी भी शानदार हो रही है तो अब रिषभ पंत को अंतिम ग्यारह में फिलहाल शामिल किया जाएगा ये जरा मुश्किल लग रहा है। विराट कोहली भी इसके बारे में साफ कर चुके हैं।अब रिषभ का टीम में क्या रोल हो सकता है इसके बारे में भारत व न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाले पहले टी 20 मैच से पहले दीप दास गुप्ता ने पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान से पूछा। उन्होंने इरफान से पूछा कि अब केएल राहुल का रोल टीम के लिए बदल गया है और वो टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं तो ऐसे में रिषभ पंत पर क्या असर पड़ेगा। इस सवाल का जवाब देते हुए इरफान ने कहा कि टीम मैनेजमेंट को रिषभ का सपोर्ट करना चाहिेए। वो जिस स्थिति में हैं उनमें टीम इंडिया को एक अच्छा फिनिशर मिल सकता है। अब तक टीम मैनेजमेंट ने उन पर अपना भरोसा कायम रखा है। इरफान ने कहा कि उन्होंने अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को फिनिशर के तौर पर साबित नहीं किया है हालांकि आइपीएल में वो ये रोल बखूबी निभा चुके हैं। वो दिल्ली कैपिटल्स के लिए फिनिशर के तौर पर खुद को साबित कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब मैं कुछ ऐसा ही देखना चाहूंगा। अगर रिषभ पंत छठे स्थान पर और हार्दिक पांड्या सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आते हैं तो टीम इंडिया का बल्लेबाजी क्रम और मजबूत हो जाएगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आपको ऐसा बल्लेबाजी क्रम चाहिए जिसके दम पर मैच को फिनिश किया जा सके।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टाटा संस मामले में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की याचिका को रद्द करने के एनसीएलएटी के फैसले पर रोक लगा दी है। टाटा संस द्वारा इस संबंध में अपील की गई थी। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल ने टाटा संस मामले में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की याचिका को 6 जनवरी को खारिज किया था।रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने टाटा संस को प्राइवेट कंपनी बनाने के मामले में एनसीएलएटी से अपने फैसले से 'गैर-कानूनी और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की मदद से' शब्द हटाने की अपील की थी। इस पर NCLAT ने इन शब्दों को हटाने से मना कर दिया।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े, न्यायाधीश बी आर गवई और सुर्यकांत टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड की अपील पर सुनवाई करने के लिए सहमत हुए हैं और इस बारे में उन्होंने संबधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह एनसीएलएटी के फैसले के खिलाफ टाटा संस द्वारा दाखिल मुख्य याचिका के साथ ही इस मामले की सुनवाई करेगा।इससे पहले 10 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने साइरस मिस्त्री को टाटा ग्रुप के एग्जिक्यूूटिव चेयरमैन के पद पर बहाल करने के फैसले पर भी रोक लगाई थी। जस्टिस एस ए बोबडेे की बेंच ने NCLAT के इस फैसले पर रोक लगाई थी। बेंच ने कहा था कि एनसीएलएटी ने मिस्त्री को उतनी राहत दे दी, जितनी उन्होंने मांगी नहीं थी। यहां बता दें कि टाटा संस द्वारा अक्टूबर 2016 में सायरस मिस्त्री को टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से हटाया गया था।

मुंबई। इंश्योरेंस इंडस्ट्री को एक फरवरी को पेश होने जा रहे आम बजट से और अधिक टैक्स इन्सेंटिव की उम्मीद है, जिससे जनता के बीच इंडस्ट्री लाइफ और जनरल कवर की पहुंच बढ़ा सके। एक प्री बजट ज्ञापन में लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल ने पर्सनल टैक्स में अतिरिक्त छूट या व्यक्तिगत लाइफ पॉलिसीज के लिए प्रीमियम भुगतान की मौजूदा सीमा को बढ़ाने की मांग की है। गौरतलब है कि एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा आम बजट पेश करेंगी।लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के सचिव एस एन भट्टाचार्य ने कहा, 'हम वित्तमंत्री से निवेदन करते हैं कि व्यक्तिगत लाइफ पॉलिसीज पर प्रीमियम भुगतान के लिए अलग से छूट प्रदान करने का प्रावधान हो। अगर अलग से छूट नहीं दी सा सके, तो धारा 80सी के तहत मौजूदा 1.5 लाख की सीमा को बढ़ाकर 3 लाख कर दिया जाए।'आदित्य बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ कमलेश राव ने कहा कि पहली बार लाइफ इंश्योरेंस खरीदारों के लिए 50,000 का अलग डिडक्शन हो। राव ने कहा कि इनपुट टैक्स क्रेडिट बेनिफिट के साथ 12 फीसद की कम जीएसटी रेट पॉलिसीहोल्डर्स और कंपनीज दोनों के लिए फायदेमंद होगी।नॉन-लाइफ इंश्योरेंस उद्यमियों का प्रतिनिधित्व करने वाली जनरल इंश्योरेंस काउंसिल ने भी सरकार से जीएसटी को 18 फीसद से घटाकर 12 फीसद करने की मांग की है।जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के सचिव जनरल एम एन शर्मा ने कहा, 'इंश्योरेंस एक बड़ी आवश्यकता बन गई है। लोगों के बीच आपदा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए जनरल इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर जीएसटी रेट को 18 फीसद से घटाकर 12 फीसद करने की जरूरत है।'नॉन-लाइफ उद्यमियों ने भी सरकार से आवासीय संपत्ति के इंश्योरेंस के लिए इनकम टैक्स में 10,000 रुपये की टैक्स छूट देने की मांग की है।

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नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

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