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नई दिल्ली।केंद्रीय कानून मंत्रालय चुनाव आयोग के प्रस्ताव पर विचार करने के बाद आधार संख्या को वोटर आइडी से जोड़ने की खातिर कानून तैयार करने के लिए एक कैबिनेट नोट पर काम कर रहा है। इसका मकसद मतदाताओं को कई जगह मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से रोकना है। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 में संशोधन पर काम कर रहा है। प्रस्तावित संशोधनों को विचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल समिति के सामने पेश किए जाने की उम्मीद है, ताकि वह इसे संसद में रख सके।जनप्रतिनिधित्व कानून में संशोधन के बाद नागरिकों को गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए अपने मतदाता फोटो पहचान पत्र को 12-अंकों के आधार नंबर से जोड़ने की आवश्यकता होगी। एक अधिकारी ने बताया कि अभी यह फैसला नहीं लिया गया है कि कैबिनेट नोट को कब मंत्रिमंडल के सामने पेश किया जाएगा। लेकिन, उन्होंने संकेत दिया कि इसे 31 जनवरी से शुरू होने जा रहे बजट सत्र से पहले या इसके दौरान प्रस्तुत किया जा सकता है।चुनाव आयोग ने पिछले साल अगस्त में कानून मंत्रालय को पत्र लिखकर जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 में संशोधन की सिफारिश की थी, ताकि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने वालों और मौजूदा मतदाताओं से आधार नंबर मांगा जा सके। मतदाता सूची में कई प्रविष्टियों की जांच करने और उन्हें त्रुटि मुक्त बनाने के लिए आयोग ने 2015 में मतदाताओं के डाटा के साथ आधार संख्या को जोड़ने की खातिर राष्ट्रीय मतदाता सूची शुद्धीकरण और प्रमाणीकरण कार्यक्रम परियोजना शुरू की थी।आयोग ने 23 जनवरी, 2015 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को एक पत्र लिखा था। इसके मुताबिक, मतदाता सूची के आवेदकों से आधार संख्या एकत्र करने के लिए 3 मार्च, 2015 को अभियान शुरू किया गया। लेकिन, 11 अगस्त, 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए इस पर रोक लगा दी कि ऐसा करने के लिए कानून बनाने की जरूरत होगी।

अमरावती। कथित जमीन घोटाले की जांच में आंध्र प्रदेश पुलिस को पता चला है कि गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रह रहे 796 लोगों ने 2014-15 के दौरान राज्य की राजधानी अमरावती और उसके आसपास करीब 200 करोड़ रुपये कीमत की 761.34 एकड़ जमीन खरीदी थी। इन जमीन सौदों के समय राज्य में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की सरकार थी।
बेनामी सौंदों के लिए गरीब लोगों का किया गया इस्‍तेमाल:-अधिकारियों के मुताबिक, सभी 796 लोगों के पास श्वेत राशन कार्ड हैं। ये राशन कार्ड पांच हजार रुपये से कम मासिक आय वाले बीपीएल परिवारों को जारी किए जाते हैं। संदेह है कि इन लोगों का इस्तेमाल बेनामी सौदों के लिए किया गया है, लिहाजा इन सौदों में शामिल वास्तविक लोगों की पहचान के लिए सीआइडी अधिकारियों ने चार टीमों का गठन किया है। सीआइडी ने आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से भी मामलों की जांच का आग्रह किया है क्योंकि इन खरीददारों में से अधिकतर के पास पैन कार्ड तक नहीं हैं और जमीन सौदों का लेनदेन नकदी में किया गया था।
दो मंत्री सहित सात सौ लोगों के खिलाफ मामले दर्ज:-अमरावती में इनसाइडर ट्रेडिंग में संलिप्तता के आरोप में सीआइडी ने जिन 700 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं उनमें दो पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार द्वारा राज्य विधानसभा में जमीन सौदों की जांच कराने की घोषणा के तीन दिन बाद सीआइडी ने एफआइआर दर्ज की थी।वित्त मंत्री बी. राजेंद्रनाथ रेड्डी ने विधानसभा में कहा था कि सरकार के पास इस बात के सुबूत हैं कि टीडीपी सरकार द्वारा अमरावती को राज्य की राजधानी घोषित करने से पहले जून-दिसंबर, 2014 के दौरान टीडीपी नेताओं और उनके समर्थकों ने 4,700 एकड़ जमीन खरीदी थी। एफआइआर में आरोपित बनाए गए दो मंत्रियों में तत्कालीन शहरी विकास मंत्री पी. नारायण और तत्कालीन कृषि मंत्री पी. पुल्ला राव शामिल हैं। उन पर ग्रामीणों की जमीनें जबरन खरीदने का आरोप है। सीआइडी ने छद्म तरीके से अमरावती में जमीनें खरीदने के लिए टीडीपी नेता बी. नरसिम्हा राव और अन्य के खिलाफ भी मामले दर्ज किए हैं।
टीडीपी ने बदले की राजनीति बताया;-टीडीपी नेताओं ने कार्रवाई को जगनमोहन रेड्डी सरकार की बदले की राजनीति करार दिया है, लेकिन प्रदेश सरकार ने राज्य की राजधानी विकेंद्रीकृत करने का यह भी एक कारण बताया है। सरकार के फैसले के मुताबिक, अब विशाखापट्टनम को कार्यकारी राजधानी, कुर्नूल को न्यायिक राजधानी और अमरावती को विधायी राजधानी के तौर पर विकसित किया जाएगा।

नई दिल्‍ली। देश के 154 प्रबुद्ध नागरिकों ने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करके लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा की अपील की है। साथ ही संशोधित नागरिकता कानून 2019 (CAA) एवं NRC के विरोध की आड़ में हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है। राष्‍ट्रपति से गुजारिश करने वाले प्रबुद्ध लोगों में पूर्व न्यायाधीश, नौकरशाह, रक्षा कर्मी आदि शामिल हैं। पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली के नेतृत्व में इस शिष्टमंडल ने राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात की।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ट्विटर अकाउंट से इस मुलाकात की तस्वीर साझा की गई है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्‍यों ने कहा है कि कुछ राजनीतिक तत्वों के दबाव में CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में संशोधित नागरिकता अधिनियम के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों की आड़ में उपद्रवियों ने वाहनों को आग के हवाले कर दिया और सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए पत्‍थरबाजी की। हालांकि, CAA के समर्थन में भी आवाजें सामने आईं। अधिकारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से लोकतांत्रिक संस्थानों की रक्षा करने की गुजारिश की साथ ही कहा कि इसके लिए जरूरी है कि उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इन 154 दिग्गजों के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई पूर्व जज एवं केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के पूर्व चेयरमैन प्रमोद कोहली ने किया। उन्‍होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक तत्वों ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन और हिंसा के लिए उकसाने का काम किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नफरत का माहौल पैदा करने के लिए कुछ संगठनों की हरकत से वे चिंतिंत हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन पर हाइकोर्टों के 11 पूर्व न्‍यायाधीश, आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और पूर्व राजनयिकों समेत 72 पूर्व नौकरशाह और 56 शीर्ष पूर्व रक्षा अधिकारी, बुद्धिजीवी, अकादमिक एवं चिकित्सा जगत से जुड़े प्रबुद्ध लोगों के हस्‍ताक्षर हैं। ज्ञापन में गुजारिश की गई है कि केंद्र सरकार पूरी गंभीरता से इस मामले पर ध्‍यान दे और देश के लोकतांत्रिक संस्थानों की रक्षा करे। साथ ही उन कथित उपद्रवी और देश विरोधी ताकतों के खिलाफ कार्रवाई करे जो समाज को बांटने में लगे हैं।

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस को लेकर एहतियात बरतने के क्रम में चीन से वापस लौटे दो लोगों का मुंबई में जांच किया जा रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 19 जनवरी से तमाम यात्रियों की जांच की जा रही है। इनका थर्मल स्‍क्रीनिंग किया जाता है। इनमें से दो की निगरानी चिंचपोकली के कस्‍तूरबा अस्‍पताल में किया जा रहा है।उधर, राजधानी दिल्‍ली स्‍थित एम्‍स अस्‍पताल ने भी चीन से बाकी देशों में फैल रहे कोरोना वायरस से निपटने को लेकर तमाम इंतजाम उपलब्‍ध होने की बात कही है। इस बात की जानकारी अस्‍पताल के निदेशक डॉक्‍टर रणदीप गुलेरिया (Dr Randeep Guleria) ने शुक्रवार को दी। उन्‍होंने कहा, ‘कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए हमारे पास तमाम सुविधाएं हैं। एम्‍स में इसके लिए अलग से एक ‘आइसोलेशन (isolation)’ वार्ड भी है। स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के लिए तमाम सुविधाएं भी उपलब्‍ध हैं जैसे मास्‍क व हैंड सैनिटाइजर आदि।' एयरपोर्ट पर जारी स्‍क्रीनिंग प्रयासों के तहत अभी तक किसी कोरोना मामले का पता नहीं चला है। यह जानकारी स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की ओर से दी गई। विभाग ने बताया, ‘पिछले 14 दिनों में चीन के वुहान शहर जाने वाले किसी भी यात्री को इसके लिए पॉजिटीव नहीं पाया गया।’ सबसे पहले वुहान में कोरोना वायरस का मामला रिपोर्ट किया गया। बृहन्‍मुंबई म्‍यूनिसिपल कार्पोरेशन (BMC) ने इसके लिए अपने कस्‍तूरबा अस्‍पताल में स्‍पेशल वार्ड बनाया है। BMC के एक्‍जीक्‍यूटीव स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉक्‍टर पद्मजा केसकर ने कहा, ‘कोरोना वायरस से संक्रमित संदिग्‍ध के इलाज के लिए अलग से एक स्‍पेशल वार्ड की व्‍यवस्‍था की गई है।’ केसकर ने बताया कि निरीक्षण में रखे गए दो लोगों को मामूल खांसी है और कुछ जुकाम संबंधित लक्षण देखे गए हैं।उन्‍होंने आगे बताया कि शहर के सभी प्राइवेट डॉक्‍टरों से कहा गया है कि कोरोनावायरस को लेकर संदेह होते ही BMC को तुरंत अलर्ट करें। कस्‍तूरबा अस्‍पताल के सूत्रों के अनुसार, उन्‍हें महाराष्‍ट्र सरकार की ओर से कोरोना वायरस मामले में तमाम निर्देश दिए गए हैं।

नई दिल्‍ली। इस बार की गणतंत्र दिवस की परेड न सिर्फ हमारे लिए बल्कि हमारे पड़ोसियों के लिए भी खास होने वाली है। भारत के पड़ोसी देशों के लिए यह परेड इस लिहाज से भी खास है क्‍योंकि इसमें उनके दिलों को दहलाने का पूरा प्रबंध किया गया है। इस बार काफी कुछ ऐसा है जो इस परेड में पहली बार दिखाई देने वाला है। इस बार पाकिस्‍तान उन बहादुर कमांडो की उस टुकड़ी को देख सकेगा जिसने पाकिस्‍तान की सीमा में घुसकर आतंकी कैंपों को तबाह किया था। इसके अलावा दुश्‍मन का दिल दहला देने और अचूक निशाना लगाने वाली ऑटोमैटिक तोप भी पहली बार इस परेड की शोभा बढ़ाएगी। इसके अलावा पहली बार सेना की पुरुषों की टुकड़ी की कमान एक महिला सैन्‍य अधिकारी के हाथों में होगी।
एंटी सेटेलाइट मिसाइल:-27 मार्च 2019 दिन बुधवार को कुछ ऐसा हुआ था जिसकी सूचना पूरी दुनिया को पीएम नरेंद्र मोदी की जुबानी मिली थी। यह सूचना थी मिशन शक्ति की। इस मिशन के तहत भारत ने पहली बार जमीन से अंतरिक्ष में अचूक निशाना लगाकर एक सेटेलाइट को नष्‍ट कर दिया था। यह उपलब्धि भारत के लिए बेहद खास थी। भारत ने पहली बार अपनी इस क्षमता का सफलतापूर्वक परिक्षण किया था। इस सेटेलाइट को डॉ एपीजे अब्दुल कलाम आईलैंड लॉन्च कॉम्पलेक्स से किया गया था। इस अभूतपूर्व मिशन को जिस बैलेस्टिक मिसाइल डिफेंस इंटरसेप्टर ने अंजाम दिया था उसको राजपथ पर इस बार पहली बार देखा जा सकेगा। एक आम आदमी के लिए इस मिसाइल को देखना और इसकी उपलब्धि के बारे जानना अपने आप में काफी खास है।
ऑटोमेटिक सारंग तोप:-सारंग तोप को भी पहली बार गणतंत्र दिवस परेड का पहली बार हिस्‍सा बनाया गया है। इस तोप की सबसे बड़ी खासियत हर पांच सेकेंड में एक गोला दागना है। इसकी यही तेजी दुश्‍मन में खौफ पैदा कर सकती है। इस तोप को ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर (ओएफसी) ने अपग्रेड कर इसकी मारक क्षमता को बढ़ाया है। गौरतलब है कि सोवियत संघ से खरीदी गईं तोपों में पहले 139 एमएम कैलिबर की बैरल लगी थी, जिसकी मारक क्षमता कम थी। इसको अपग्रेड करने के लिए इसको 155 एमएम कैलिबर बैरल वाली गन में बदला गया है। आपको बता दें कि सारंग तोप का अपग्रेड वर्जन पूरी तरह से स्‍वदेशी तकनीक पर तैयार किया है। यह सेमी ऑटोमैटिक ब्रीच मैकेनिज्म से युक्त हैं।
एयरफोर्स की झांकी में पहली बार राफेल:-राफेल लड़ाकू विमान भारतीय वायु सेना में शामिल कर लिया गया है। इसको भारत की जरूरत के हिसाब से तैयार किया गया है। राफेल के मिलने के बाद भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा हुआ है। वहीं दुश्‍मनों के दिल में भी डर पैदा हो गया है। यह लड़ाकू विमान कई खूबियों वाले राडार वार्निग रिसीवर, लो लैंड जैमर, दस घंटे तक की डाटा रिकार्डिग, इजरायली हेल्मेट उभार वाले डिस्प्ले, इन्फ्रारेड सर्च एवं ट्रैकिंग सिस्टम जैसी क्षमताओं से लैस है। इसका रडार सिस्‍टम 100 किलोमीटर की रेंज में एक साथ 40 टारगेट की पहचान कर सकता है। इसके अलावा इसमें लगा ह्यूमन मशीन इंटरफेस इसे दूसरे विमानों से ज्यादा सक्षम बनाता है। यही राफेल इस बार एयरफोर्स की झांकी का सबसे बड़ा आकर्षण है, जो पहली बार परेड का हिस्‍सा बन रहा है।
अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्‍टर;-हाल ही में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए अमेरिकी हेलीकॉप्‍टर अपाचे और चिनूक पहली बार गणतंत्र दिवस परेड के दौरान राजपथ के ऊपर उड़ान भरते दिखाई देंगे। इसके अलावा इस कुछ दूसरे विमान भी इस फ्लाइंग पास्‍ट का हिस्‍सा बनेंगे। यह दोनों हेलीकॉप्‍टर हमला करने के अलावा तेजी से सेना का साजो-सामान और जवानों को पहुंचाने में सक्षम हैं। इस बार वायुसेना दिवस पर पहली बार देशवासियों ने इन्‍हें देखा था। आपको यहां पर ये भी बता दें कि अपाचे दो टर्बोशाफ्ट इंजन और चार ब्लेड वाला अटैकिंग हेलीकॉप्टर है। यह अपने आगे लगे सेंसर की मदद से रात में भी आसानी से उड़ान भर सकता है। इसको दुनिया में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाले अटैकिंग हेलीकॉप्टर का दर्जा हासिल है। भारत को मिलाकर दुनिया की करीब 15 वायुसेना अपाचे का इस्‍तेमाल करती हैं। जहां तक इसका सौदा अमेरिकी कंपनी बोइंग के साथ 2015 में हुआ था। इसके तहत भारत को 15 हेलीकॉप्‍टर मिलने हैं जिनमें से अभी तक केवल चार ही हासिल हुए हैं। किसी भी मौसम में उड़ान भरने की क्षमता और दुर्गम इलाकों में पहुंच ही इसको दूसरे हेलीकॉप्‍टरों से अलग करती है।
सर्जिकल स्‍ट्राइक वाली स्‍पेशल फोर्स;-29 सितंबर 2016 को जिस पैरा कमांडो के जवानों ने पाकिस्‍तान में घुसकर सर्जिकल स्‍ट्राइल की थी और कई आतंकी कैंपों को तबाह किया था, पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड में दिखाई देने वाली है। पाकिस्‍तान न तो कभी इस तारीख को और न ही इन जवानों को भूल पाएगा। इन जवानों ने पाकिस्‍तान से उरी हमले का बदला लिया था।
सीआरपीएफ बाइक स्‍टंट सवार महिलाओं का दस्‍ता;-सीआरपीएफ की महिला बटालियन इस बार पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह के दौरन राजपथ पर खतरनाक स्‍टंट करती दिखाई देगी। इस तरह के खतरनाक करतब पहले राजपथ पर सीमा सुरक्षा बल के जवान किया करते थे, लेकिन अब यही यह महिलाएं करने वाली हैं। हैरतअंगेज तरह से एक ही बाइक पर छह महिला जवान जब अत्‍याधुनिक वैपन हाथों में लिए दिखाई देंगी तो यकीनन हर कोई दांतों तले अंगुली दबा लेगा।
सीबीआरएन सूट पहने खास दस्‍ता:-इस बार गणतंत्र दिवस समारोह पर निकलने वाली परेड में पहली बार जवान एक खास सूट पहने नजर आएंगे। यह सूट खासतौर पर केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और परमाणु हमले से उनकी रक्षा करता है। इसको सीबीआरएएन सूट कहा जाता है। दिसंबर 2010 में पहली बार भारतीय सेना में इस क्षमता से लैस आठ व्‍हीकल्‍स को खरीदा गया था। इन्‍हें डीआरडीओ के सहयोग से ऑर्डिनेंस फैक्‍टरी में बनाया जा रहा है। इस तरह के व्‍हीकल्‍स और सूट का इस्‍तेमाल भारत को मिलाकर कुल दस देश करते हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ के भी कुछ देश इसका इस्‍तेमाल करते हैं।
स्‍वदेशी विमानवाहक पोत का मॉडल:-कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में निर्माणाधीन स्वदेशी विमानवाहक (Indigenous Aircraft Carrier-IAC-1) विक्रांत के मॉडल की पहली बार झलक इसी गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर देखने को मिलेगी। इसके इसी वर्ष भारतीय नौसेना में शामिल होने की उम्‍मीद भी की जा रही है। वर्ष 2003 में सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। करीब छह वर्ष बाद इसका निर्माण भी शुरू कर दिया गया था।
स्‍वदेशी अटेकिंग हेलीकॉप्‍टर;-हिंदुस्‍तान एयरोनॉटिक्‍स लिमिटेड द्वारा तैयार किया जा रहा लाइट कॉम्‍बेट हेलीकॉप्‍टर ध्रुव इस बार की परेड का हिस्‍सा बनने वाला है। हालांकि यह हेलीकॉप्‍टर अभी सेना में शामिल नहीं हुआ है और इसकी टेस्‍ट फ्लाइट मार्च 2010 में हो चुकी है। कारगिल युद्ध के दौरान इस तरह के हेलीकॉप्‍टर की जरूरत महसूस की गई थी जो ऊंचाई वाले इलाकों में मौजूद दुश्‍मन पर हमला कर सकें और सेना की अन्‍य तरह से मदद भी कर सकें। इसको देखते हुए ही ध्रुव की प्‍लानिंक की गई थी।
महिला सैन्‍य अधिकारी के हाथों में पुरुषों की टुकड़ी;-आर्मी के कार्प्‍स ऑफ सिग्‍नल्‍स की कैप्‍टन तान्‍या शेरगिल इस बार के गणतंत्र दिवस परेड का कमान संभालेंगी।यह पहला मौका है जब पुरुष बटालियन की कमान किसी महिला सैन्‍य अधिकारी के हाथों में होगी। आपको बता दें कि वह अपने परिवार की चौथी पीढ़ी की सैन्‍य अधिकारी हैं। इससे पहले वह सेना दिवस पर भी परेड एडज्‍यूटेंट का जिम्‍मा संभाल चुकी हैं।

नई दिल्ली।निर्भया मामले में आगामी एक फरवरी को होने वाली फांसी से बचने के लिए चारों दोषियों ने नए-नए तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। ताजा मामले में तीन दोषियों विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता और अक्षय सिंह ठाकुर के वकील एपी सिंह (AP Singh) ने शुक्रवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट का रुख किया है। वकील एपी सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि तिहाड़ जेल प्रशासन ने अब तक संबंधित पेपर उपलब्ध नहीं कराए हैं, जिससे वह फांसी की सजा पाए विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुपाता और अक्षय सिंह ठाकुर की क्यूरेटिव पिटिशन और दया याचिका दाखिल कर सकें। अगर तीनों ने सुप्रीम कोर्ट में सुधारात्मक याचिका दायर की तो एक फरवरी को होने वाली फांसी टल जाएगी। अगर याचिका खारिज हो भी गई तो भी इन तीनों के पास राष्ट्रपति महोदय के पास दया याचिका दायर करने का विकल्प मौजूद है।वहीं, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि निर्भया केस में वकील फांसी को देर करने की रणनीति का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तरह वह सिस्टम का मज़ाक बना रहे हैं। हमें तेज न्याय को सुनिश्चित करने के लिए एक साथ काम करना होगा। जिससे न्याय को सक्षम बनाने और सभी खामियों को दूर करने के लिए कानूनों में बदलाव किया जाए।
एक-दो दिन में सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे तीन दोषी:-निर्भया के वकील की मानें तो उसके तीनों मुवक्किलों पवन, अक्षय और विनय की ओर से अगले एक-दो दिनों के दौरान सुप्रीम कोर्ट में सुधारात्मक याचिका (Curative Petition) दायर की जाएगी। बताया जा रहा है कि ये तीनों अपनी याचिका में जेल में अपने व्यवहार, पारिवारिक दायित्व समेत कई पहलू का जिक्र करेंगे और सुप्रीम कोर्ट से राहत की गुहार लगाएंगे। इसी के साथ याचिका में फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग करेंगे।तीनों के वकील एपी सिंह की मानें तो तिहाड़ जेल से संबंधित कागजात नहीं मिलने के चलते सुधारात्मक याचिका दायर करने में देरी हो रही है। वकील की मानें तो उन्होंने जेल से व्यवहार के आधार पर राहत की जानकारी मांगी है।वहीं, तिहाड़ जेल संख्या-3 में चारों दोषियों की फांसी को लेकर तैयारी जारी हैं। इस कड़ी में कुछ ही दिन पहले चारों दोषियों अक्षय, विनय, पवन व मुकेश को उनके जेलों से स्थानांतरित कर जेल संख्या तीन के हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है। इसी जेल में फांसी घर भी है। इनके सेल में रोजाना चिकित्सक पहुंचकर इनकी स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं। सुबह व शाम के समय इनकी स्वास्थ्य जांच होती है। इस दौरान इनका वजन हर बार किया जाता है।
डाइट चार्ट के हिसाब से दिया जा रहा खाना;-जेल प्रशासन ने डायटिशियन की सलाह पर एक डाइट चार्ट दोषियों के लिए बना दिया है। डाइट चार्ट के हिसाब से ही इन्हें भोजन दिया जा रहा है। काउंसिलिंग के दौरान दोषियों को इस बात की सलाह विशेष तौर पर दिया जा रहा है कि वे अपना खानपान सामान्य रखें। किसी भी सूरत में खाना नहीं छोड़ें।
मानसिक स्वास्थ्य पर दिया जा रहा ध्यान:-वहीं, काउंसिलिंग के दौरान चिकित्सक इन्हें इस बात की सलाह देते हैं कि वे अपने व्यवहार को सामान्य बनाए रखें ताकि दिमाग पर ज्यादा जोर न बनें। जेल सूत्रों का कहना है कि दोषियों के व्यवहार में डेथ वारंट जारी होने के बाद से थोड़ी तब्दीली आई है जिसे देखते हुए चारों की काउंसिलिंग कराई जाती है।बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली के वसंत विहार में चलती बस में निर्भया के साथ दरिंदगी हुई थी। इसमें छह लोग शामिल थे, जिसमें राम सिंह ने जेल में फांसी लगा ली थी, जबकि नाबालिग सजा पूरी कर चुका है। वहीं चार अन्य दोषियों को निचली अदालत, दिल्ली हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट भी फांसी की सजा सुना चुका है।

काठमांडू। नेपाल के एक फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्‍तान में उनके समकक्ष इमरान खान एक बार फ‍िर आमने-सामने हो सकते हैं। दरसअल, नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली ने यहां आयोज‍ित होने वाले पहले 'सागरमाथा संबाद (संवाद)' मंच में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है। इस कार्यक्रम में पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री को भी न्‍यौता दिया गया है। अगर दोनों नेता इस कार्यक्रम में पहुंचे तो यह संभावना बन रही है कि इनकी मुलाकात हो सकती है। हालांकि, अब यह इस निर्भर करता है कि दोनों नेता इस कार्यक्रम में पहुंचे।बता दें कि नेपाल में अप्रैल माह में शुरू हो रहे सागरमाथा संवाद वैश्विक एवं क्षेत्रीय महत्‍व के ज्‍वलंत मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए आयोजित किया जाएगा। ग्यावली ने कहा कि हमने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है और पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 'सागरमाथा सांबद' का पहला संस्करण 'जलवायु परिवर्तन- पहाड़ों और मानवता के भविष्य" विषय पर 2 से 4 अप्रैल तक आयोजित होगा।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान सहित सभी सार्क देशों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। नेपाली विदेश मंत्री ने कहा कि नेपाल को सभी क्षेत्रीय नेताओं की मेजबानी करने में खुशी होगी, ताकि क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों पर वे आपस में विचार-विमर्श कर सकें। सांबद (संवाद) का नाम दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत सागरमाथा (माउंट एवरेस्ट) पर रखा गया है, जो दोस्ती का प्रतीक भी है।ग्यावली ने कहा कि सांबाद के पहले संस्करण के मुख्य उद्देश्य आसन्न जलवायु संकट पर देशों के बीच आम सहमति बनाने और राजनीतिक नेताओं को अपनी राजनीतिक इच्छा शक्ति को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह जलवायु परिवर्तन और पर्वत पारिस्थितिकी के बीच मौजूद प्रत्यक्ष संबंध के बारे में प्रतिभागियों और दुनिया के बीच जागरूकता पैदा करने की उम्मीद करता है। उधर, नेपाली विदेश मंत्री ने कहा है कि वह पाकिस्‍तान को सार्क संगठन को मेजबानी सौंपने को तैयार है। लेकिन साथ में यह भी कहा कि भारत और पाकिस्‍तान को अपने मतभेदों को आपसी बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए। विदेश मंत्री ने भारत को यह भी आश्वासन दिया कि नेपाल अपनी धरती को अपने किसी पड़ोसी के खिलाफ इस्तेमाल नहीं करने देगा।

वाशिंगटन।अमेरिका के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा के मुख्य महाभियोग प्रबंधक (Lead House impeachment manager) एडम शिफ (Adam Schiff) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) को पद से बर्खास्त करने की गुजारिश की है। यही नहीं उन्‍होंने कहा है कि ट्रंप ने अपने हितों को देश हित से ऊपर रखा ऐसे में उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसके साथ ही विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने सुनवाई के दौरान एकसुर में कहा है कि ट्रंप ने राजनीतिक लाभ के लिए खुलेआम अपनी ताकत का दुरुपयोग किया। शिफ ने कहा कि अमेरिकी लोगों को ऐसे राष्ट्रपति की जरूरत है, जिस पर वे भरोसा कर सकें और जो उनके हि‍तों को प्राथमिकता दे। शिफ की अभियोजन टीम ने दलीलें पेश करते हुए कहा कि ट्रंप ने सियासी लाभ के लिए खुलेआम और खतरनाक तरीके से अपनी ताकत का दुरुपयोग किया। महाभियोग की सुनवाई के दूसरे दिन बृहस्‍पतिवार को सदन के अभियोग प्रबंधकों ने दलीलें पेश करते हुए रिपब्लिकन पार्टी के उस दावे को खारिज करने की कोशिश की जिसमें दावा किया गया है कि डोनाल्‍ड ट्रंप ने कुछ गलत नहीं किया।न्यायाधीशों के रूप में बैठे 100 सीनेटरों के बीच अभियोजकों ने अपने आरोपों के पक्ष में पुराने वीडियो क्लिपिंग दिखाई जिनमें राष्ट्रपति के दो बचावकर्ता कह रहे हैं कि सत्ता का दुरुपयोग ऐसा अपराध है जिसमें महाभियोग चलाया जा सकता है।  महाभियोग प्रबंधकों में से एक और प्रतिनिधि सभा की न्यायिक समिति के अध्यक्ष जेरी नाडलर ने भी ट्रंप के खिलाफ पुरजोर तरीके से दलील दी। उन्‍होंने कहा कि ट्रंप ने अपने निजी हित के लिए दूसरे देश से अमेरिका के चुनाव में दखल देने की गुजारिश करके अपने कार्यालय और पद की ताकत का दुरुपयोग किया। ऐसा करना शपथ ग्रहण का भी उल्लंघन है। उल्‍लेखनीय है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप के खिलाफ अपने पद का दुरुपयोग करते हुए यूक्रेन पर डेमोक्रेटिक नेता जो बाइडेन के बेटे हंटर बाइडेन के खिलाफ जांच के लिए दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। उन पर कांग्रेस की जांच को बाधित करने का भी आरोप है। महाभियोग सुनवाई की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स कर रहे हैं। वैसे डेमोक्रेट्स के ट्रंप को व्हाइट हाउस से बाहर निकालने में सफल होने की उम्‍मीद कम है। ऐसा इसलिए क्योंकि 100 सदस्यीय सीनेट में 53 सदस्‍य रिपब्लिकन जबकि महज 47 डेमोक्रेट हैं। ऐसे में काफी संभावना है कि ट्रंप के खिलाफ यह प्रस्‍ताव गिर जाएगा।

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्वीट किया है कि कनाडा के टोरंटो में एक भारतीय छात्रा राचेल अल्‍बर्ट पर गंभीर हमले के बारे में जानकारी मिलने के बाद गहरा झटका लगा। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को उसके परिवार को वीजा दिलाने में मदद करने की कह रहा हूं। जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा, परिवार के सदस्य तुरंत हमसे +91 9873983884 पर संपर्क कर सकते हैं।
कैंपस परिसर में हुआ हमला:-मीडिया के सूत्रों के अनुसार, टोंरटो में गुरुवार को भारतीय छात्रा पर चाकू से हमला किया गया। रचेल तमिलनाडु की रहने वाली है। छात्रा सनीब्रुक स्वास्थ्य विज्ञान केंद्र की देखभाल इकाई में भर्ती है। बताया गया है कि यॉर्क विश्वविद्यालय में मास्टर की छात्रा राचेल अल्बर्ट अपने परिसर के पास चल रही थी, जब एक अज्ञात हमलावर ने उसके साथ मारपीट की, उसे धक्का दिया और घसीटा।
पुलिस कर रही हमलावर की पहचान;-टोरंटो पुलिस के अनुसार, यह हमला बुधवार सुबह 10 बजे के करीब लिच एवेन्यू और असिनबिओन रोड के पास हुआ। उसके शरीर पर घाव मिले और उसे तुरंत उसी हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका चल रहा है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति का पता लगाने के लिए जनता की मदद मांगी है। पुलिस हमलावर की रूपरेखा बताई है।

नई दिल्‍ली। अमेरिका का कोलोराडो इन दिनों एक अनूठी लेकिन पुरानी प्रतियोगिता के लिए तैयार हो रहा है। यह प्रतियोगिता बर्फ पर अपनी सोच को उकोरने की है। ब्रेकेनरिज में हो रही 30वीं वार्षिक अंतरराष्ट्रीय स्नो स्कल्पचर चैंपियनशिप की अनूठी प्रतियोगिता के लिए दुनिया भर से 16 टीमों को चुना गया है, जिसमें एक भारत की भी है। इसके अलावा अमेरिका की ही अलास्‍का, मिनेसोता, विस्‍कोंसिन, वरमोंट और ब्रेकेनरिज टीम, चीन, इक्‍वाडोर, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, मेक्सिको, मंगोलिया, स्विटजरलैंड, तुर्की, भी इस प्रतियोगिता का हिस्‍सा हैं। कोलोराडो में इस प्रतियोगिता की शुरुआत 24 जनवरी से हुई है और यह 29 जनवरी तक चलने वाली है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि पिछले वर्ष हुई इस प्रतियोगिता में मेक्सिको की टीम ने बाजी मारी थी। उनकी बनाई सिनोटे गार्डन नाम की कलाकृति को गोल्‍ड अवार्ड मिला था, जबकि सिल्‍‍‍‍वर पाकर जर्मनी दूसरे स्‍थान पर और तीसरे स्‍थान पर ब्रिटेन रहा था।
कई मायनों में खास है ये प्रतियोगिता:-यह प्रतियोगिता कई मायने में बेहद खास होती है। इस प्रतियोगिता में शामिल सभी टीमों को बराबर साइज या वजनी बर्फ का एक ब्‍लॉक दिया जाता है। इस पर प्रतियोगी टीम को अपनी सोच के अनुरूप कलाकृति का निर्माण करना होता है। लेकिन इस कलाकृति को बनाने में किसी भी तरह की मशीनरी या इलेक्ट्रिकल इक्‍यूपमेंट का इस्‍तेमाल करने की इजाजत नहीं होती है। इस कलाकृति को केवल हैंड टूल्‍स के माध्‍यम से ही तैयार करना होता है।
20 टन के आइस ब्‍लॉक से तैयार कलाकृतियां:-इस बार इस प्रतियोगिता के लिए सभी टीमों को 20 टन का आइस ब्‍लॉक दिया गया है। इस प्रतियोगिता की एक खास बात ये भी है कि इसके लिए हर टीम को पांच दिन का समय दिया जाता है। इन पांच दिनों के अंदर ही अपनी सोच को इस बर्फ के ब्‍लॉक पर बनाना होता है। भारत की बात करें तो इस प्रतियोगिता में शामिल भारतीय टीम ने यहां पर शेषनाग की थीम पर कलाकृति तैयार की है, जिसे ‘ट्राइंफ ओवर एविल’ नाम दिया गया है। खुद को दूसरों से बेहतर दिखाने के लिए सभी टीमें यहां पर दिन रात एक कर देती हैं। इस प्रतियोगिता के दौरान ब्रेकेनरिज एक ओपन आउटडोर आर्ट गैलरी के तौर पर सामने आता है।
तुर्की:-तुर्की की टीम ने 20 टन के ब्‍लॉक से जो कलाकृति तैयार की है उसको लेकर इस टीम को काफी उम्‍मीद है। टीम के केप्‍टन सेहुन कोनाक का मानना है कि उनकी ये कलाकृति भारत के शेषनाग समेत दूसरी कलाकृतियों और टीमों पर भारी पड़ेगी।
इक्‍वाडोर:-इक्‍वाडोर की टीम ने इस प्रतियोगिता में जो कलाकृति बनाई है उसको इस टीम ऑर्गेनिक जियोमेट्री का नाम दिया है। इस टीम के सदस्‍य जोसलेन एस्‍ट्रेला और मेडलिन जारमिलो को भी अपनी सोच पर बनाई गई इस कलाकृति से काफी उम्‍मीदें हैं।
मंगोलिया;-इस प्रतियोगिता में शामिल मंगोलिया की टीम ने बीस टन के ब्‍लॉक से एक अलग कलाकृति का निर्माण किया है।आपको बता दें कि मंगोलिया की काफी बड़ी सीमा चीन और रूस के भू-भाग से मिलती है। इसके अलावा कजाकिस्‍तान से भी इसका कुछ भू-भाग मिलता है। इसका कुछ हिस्‍सा पूरे वर्ष ठंडा रहता है और वहां के लोगों के जीवन यापन का प्रमुख जरिया शिकार है। इसके लिए मंगोलिया के लोग ईगल का इस्‍तेमाल करते हैं। दुनिया के कुछ ही देशों में इस तरह का उदाहरण देखने को मिलता है जहां के लोग ईगल के सहारे अपना भोजन पाते हैं। इस प्रतियोगिता में शामिल मंगोलियन टीम को अपने सर्वश्रेष्‍ठ होने की उम्‍मीद है।
चीन;-इस प्रतियोगिता में कोरानो वायरस से जूझ रहे देश चीन से भी एक टीम कोलोराडो पहुंची है। इस टीम ने 20 टन के ब्‍लॉक से एक चेहरा तैयार किया है, जिसके सिर पर ताजनुमा कुछ है। इसके केप्‍टन जियानहुआ वांंग हैं। उन्‍‍‍‍‍हें लगता है कि उनकी इस कलाकृति के आगे दूसरी सारी कलाकृतियां बौनी साबित हो जाएंगी।
फ्रांस:-फ्रांस की टीम ने भी इस बार यहां पर कुछ अलग करने की कोशिश की है। यही वजह है कि यह टीम खुद को सर्वश्रेष्‍ठ बताने से भी नहीं हिचक रही है।

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