प्योंगयोंग। बीते सप्ताह नॉर्थ कोरिया में सैन्य परेड के दौरान तानाशाह किम जोंग उन के रोने की तस्वीर में भी एक राज छिपा था। किम जोंग उन ने मंच पर रोने का ये नाटक जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए किया था जिससे जनता उनके साथ खड़ी रहे और इस मुसीबत की घड़ी में सभी उनका साथ दें, जनता के मन में शासन को लेकर किसी तरह की दुभार्वना न आने पाएं। 

मिसाइल बनाने पर खर्च कर दी रकम :-दरअसल अमेरिका के नॉर्थ कोरिया पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगाई गई रोक के बाद से बड़े पैमाने पर असर पड़ा है। उसके बाद भी तानाशाह अपनी जिद पर कायम रहा, वो परमाणु कार्यक्रम के लिए पैसे खर्च करता रहा और सारा फोकस हथियारों के विकास पर लगाए रखा, अब आलम ये हुआ है कि सरकारी खजाना पूरी तरह से खाली हो चुका है। मगर उसके बाद भी तानाशाह किसी तरह से अमेरिकी सरकार के सामने झुकने और उसके नियम मानने को तैयार नहीं है। 

कोरोना वायरस से आर्थिक मामलों पर पड़ा असर:-कोरोना वायरस की वजह से भी नॉर्थ कोरिया के आर्थिक मामलों पर काफी असर पड़ा है। देश की सीमाएं सील कर दिए जाने की वजह से पर्यटकों का आना-जाना बंद हो गया। देश को पर्यटकों से जो आमदनी होती थी वो पूरी तरह से बंद हो गई। मार्च से लेकर अब तक स्थितियां सामान्य नहीं हो पाई हैं और अगले साल तक इनके ऐसे ही रहने के आसार भी दिख रहे हैं। इस घाटे की भरपाई अगले साल भी होनी मुश्किल दिख रही है। विश्लेषक भी ये कह रहे हैं कि कई मामलों में किम की नीतियां भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। 

निर्यात में आई भारी गिरावट:-इसके अलावा, अन्य देशों द्वारा नॉर्थ पर लगाए गए प्रतिबंधों ने पिछले कुछ वर्षों में इसके निर्यात में नाटकीय रूप से गिरावट देखी है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि 2016 में निर्यात 2.63 बिलियन डॉलर से गिरकर 2018 में सिर्फ 200 मिलियन डॉलर हो गया। इसके अलावा किम के भाषण के बावजूद विश्लेषक देश में मानवाधिकार की स्थिति के बारे में चिंता व्यक्त कर रहे हैं।नॉर्थ और साउथ कोरिया पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देश एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए रणनीति बनाते रहते हैं। अब आलम ये है कि दोनों देश ये सोचते हैं कि उनके पास बड़ा और आधुनिक हथियार हो जाए जिससे वो अधिक वजन वाले हो सके। इस वजह से किम जोंग अपने देश की जनता का समर्थन हासिल करने के लिए इस तरह के मगरमच्छ के आंसू बहाने से भी बाज नहीं आते हैं। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में निदेशक ने चेतावनी दी कि नॉर्थ कोरिया की स्थिति कोरोनोवायरस महामारी से खराब हो गई है। 

मौसम की भी पड़ी मार:-इस साल नॉर्थ कोरिया पर मौसम की भी मार पड़ी है। एक तो देश कोरोना वायरस से पहले ही परेशान है, उसके बाद अब देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ ने तबाही मचा दी है। बाढ़ की वजह से लाखों का नुकसान हुआ है। बाढ़ से यहां के हालात इतने अधिक खराब हो गए थे कि खुद तानाशाह किम जोंग ने अपने खास समर्थकों के साथ यहां का दौरा किया था। दौरा करने के बाद तानाशाह ने कहा था कि वो मौसम से प्रभावित हुए लोगों की मदद करेंगे मगर मदद कुछ नहीं हुई।

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