बर्लिन। हांगकांग द्वारा संसदीय चुनाव एक साल तक टाले जाने के बाद जर्मनी ने उसके साथ अपनी प्रत्यर्पण संधि को निलंबित कर दिया। उधर, बर्लिन स्थित चीन के दूतावास ने जर्मनी के इस कदम की आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है। साथ ही इसे घरेलू मामले में हस्तक्षेप कहा है। दूतावास ने कहा है कि उसके पास जवाबी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित है।
विदेश मंत्री ने कहा- संसदीय चुनाव एक साल तक स्थगित करना नागरिक अधिकारों का उल्लंघन है:-विदेश मंत्री हीको मास ने कहा कि हांगकांग सरकार द्वारा 12 विपक्षी प्रत्याशियों को अयोग्य घोषित करना और संसदीय चुनाव एक साल तक स्थगित करने का निर्णय नागरिक अधिकारों का उल्लंघन है।
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत लोकतंत्र समर्थकों को हिरासत में लेने से जर्मनी चिंतित:-नए स्थापित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत चार लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों को हिरासत में लेने वाले निर्णय से जर्मनी बहुत चिंतित है। हाल ही में घटी इन नवीनतम घटनाओं के मद्देनजर हमने हांगकांग के साथ अपने प्रत्यर्पण समझौते को निलंबित करने का फैसला किया है।
चीन को हांगकांग के बुनियादी कानून के तहत लोगों को अधिकार और स्वतंत्रता देना चाहिए- मास:-मास ने कहा कि हम चीन से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्व का पालन करने की उम्मीद करते हैं। इसमें हांगकांग के बुनियादी कानून के तहत लोगों को अधिकार और स्वतंत्रता देना शामिल है। साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का अधिकार शामिल है।

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