बीजिंग। अमेरिका में कोरोना वायरस का प्रकोप फैलने के बाद वहां पढ़ाई कर रहे चीन के छात्रों में काफी दहशत है। सबको घर लौटने की हड़बड़ी है। जल्द से जल्द घर पहुंचने के लिए प्राइवेट जेट में सीट हासिल करने के लिए संपन्न घरों के छात्र 20 हजार डालर तक का भुगतान कर रहे हैं।अमेरिका समेत दुनिया के अनेक देशों में लाकडाउन के कारण जब कामर्शियल उड़ानें बंद हो चुकी हैं तब प्राइवेट जेट ही उम्मीद की आखिरी किरण हैं। ये प्राइवेट जेट कुछ स्टाप लेकर साठ घंटे में अमेरिका से चीन का सफर पूरा कर पा रहे हैं।शंघाई के एक वकील जेफ गांग ने बताया कि विस्कांसिन में पढ़ाई कर रही अपनी बेटी से जब मैंने पूछा कि उसे जेब खर्च के लिए 1,80,000 (25,460 डालर) युयान चाहिये या घर आने के लिए प्राइवेट जेट का टिकट तो उसने टिकट को प्राथमिकता दी।अमेरिका में इस समय कोरोना संक्रमितों की संख्या पचास हजार के पार हो हो गई है। जबकि चीन, जहां से यह बीमारी दुनिया भर में फैली है, नये मामले आने बंद हो गये हैं। ऐसे में चीनी छात्र किसी तरह घर पहुंचना चाहते हैं। लेकिन कामर्शियल उड़ानों पर रोक और कटौती उन्हें मुसीबत में डाल दिया है। हवाई आंकडे़ उपलब्ध कराना वाली एजेंसी वारी फ्लाइट के अनुसार मंगलवार को चीन से आने-जाने वाली 3800 कामर्शियल उड़ानों में 3102 उड़ानें रद रहीं। इस कारण हवाई टिकटों की मांग बहुत बढ़ गई है।दुनिया भर में चार्टर्ड फ्लाइट संचालित करने वाली कंपनी प्राइवेट फ्लाई की कामर्शियल डारेक्टर एनेलिस गार्शिया ने बताया कि कई धनाढ्य चीनी परिवारों की ओर एजेंट प्राइवेट जेट विमान कंपनियों से संपर्क साध रहे हैं जो समूहों में छात्रों को स्वदेश ले जा सकें।बीजिंग से सभी कामर्शियल उड़ानों पर रोक लगाये जाने के बाद माना जाना रहा है कि शंघाई से भी अतंरराष्ट्रीय उड़ानों पर जल्द रोक लग जायेगी। हांगकांग और मकाऊ ने ट्रांजिट उड़ानों पर पहले ही रोक लगा रखी है। ऐसी सूरत में लास एंजलिस से शंघाई तक 14 सीट वाला बंबार्डियर-6000 विमान सवा 325300 डालर में किराया ले रहा है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति कि राया करीब 23000 पड़ रहा है।एक अन्य कंपनी एयर चार्टर के पीआर और एडवरटाइजिंग मैनेजर ग्लेन फ्लिप्स ने बताया कि हाल के दिनों में उन्होंने चीन के नागरिकों के लिए अमेरिका के न्यूयार्क व बोस्टन शहर से शंघाई, सैन जोस से हांगकांग लास एंजलिस से ग्वांगझू के बीच चार्टर्ड फ्लाइट का प्रबंध किया।

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