वाशिंगटन। वेदों, उपनिषदों और आयुर्वेद के लिए भारत का नाम अव्‍वल तो है ही लेकिन अब विज्ञान में भी इसने चढ़ाई शुरू कर दी है। साइंस व इंजीनियरिंग से जुड़े आलेखों के प्रकाशकों की लिस्‍ट में पूरी दुनिया में भारत तीसरे नंबर पर है और एक नंबर पर चीन है। यह लिस्‍ट यूएस नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) द्वारा तैयार की गई है। इसके अनुसार, दुनिया भर में प्रकाशित होने वाले कुल वैज्ञानिक आलेखों में चीन का योगदान 20.67 फीसद होता है और भारत का 5.31 फीसद। NSF द्वारा संकलित डाटा के अनुसार 2008 में पूरी दुनिया में प्रकाशित वैज्ञानिक आलेखों की संख्‍या 1,755,850 थी जो 2018 में बढ़कर 2,555,959 हो गई। 2008 में भारत ने विज्ञान और इंजिनियरिंग संबंधित 48,998 लेख प्रकाशित किए जो 2018 में 1.35 लाख का आंकड़े पर है। वहीं चीन ने वर्ष 2008 में 2,49,049 विज्ञान से जुड़े आलेख प्रकाशित किए जो 2018 में 5,28,263 के आंकड़े पर पहुंच गया। इस लिस्‍ट में दूसरा नंबर अमेरिका का है जिसने 4,22,808 आलेख प्रकाशित किए हैं। लिस्‍ट के टॉप 10 देशों में जर्मनी के 1,04,396 आलेख, जापान के 98,793, ब्रिटेन के 97,681, रूस के 81,579, इटली के 71,240, दक्षिण कोरिया के 66,376 और फ्रांस के 66,352 आलेख हैं। अमेरिका और चीन की इस उपलब्धि को देखते हुए यह स्‍पष्‍ट है कि अभी भारत को लंबा रास्‍ता तय करना है।

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

pr checker

ताज़ा ख़बरें