जकार्ता। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों की झड़प में 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। जकार्ता में छात्र एक नए कानून का विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि इससे देश में भ्रष्‍टाचार का बढ़ावा मिलेगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस कानून के अमल में आने के बाद भष्‍टचार विरोधी एजेंसी अपंग हो जाएगी। छात्रों ने मांग की है कि नए कानून को तत्‍काल समाप्‍त किया जाए।बता दें कि इस कानून के विरोध में जकार्ता में हिंसक प्रदर्शन चल रहा है। इस प्रदर्शन में छात्रों ने भी बढचढ़ कर हिस्‍सा लिया। मंगलवार को संसद के बाहर चल रहा प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारी छात्र एवं पुलिस आमने-सामने आ गए। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैर और पानी छोडा़। उधर, छात्रों द्वारा पत्‍थर फेंकने से कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।नए कानून के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन इंडोनेशिया की कनून व्‍यवस्‍था के लिए एक बड़ी चुनाती दी है। जिस तरह से इस आंदोलन के खिलाफ लोग एकजुट हो रहे हैं उससे राष्ट्रपति जोको विडोडो की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विडोडो ने स्वच्छ शासन के आधार पर दूसरा कार्यकाल जीता।

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