नई दिल्ली। इन दिनों पाकिस्तान में इस बात को लेकर चर्चा चल रही है कि भारत गुलाम कश्मीर में एक सप्ताह में हमला कर सकता है। अभी तक पाकिस्तान बार-बार भारत पर हमले की बात कह रहा था मगर अब वहां के तमाम नेता इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि जिस तरह से अमेरिका में मोदी और ट्रंप की मीटिंग हुई है उससे यही लग रहा है कि अगले कुछ दिनों में आतंक का नाम लेकर भारत ही गुलाम कश्मीर पर हमला कर सकता है। मंगलवार को पाकिस्तान के जियो टीवी के कैपिटल टॉक कार्यक्रम में शामिल सुप्रीम कोर्ट के वकील अकरम शेख ने साफ तौर पर कहा कि भारत एक सप्ताह या 10 दिन में पीओके पर हमला कर सकता है। भारत के हमला करने के पीछे तर्क के बारे में पूछे जाने पर अकरम शेख ने कहा कि अमेरिका के ह्यूस्टन में जिस तरह से मोदी और ट्रंप की जुगलबंदी देखने को मिली है उससे अब यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि भारत अमेरिका को साथ में लेकर वहां पर भी हमला कर सकता है। अब भारत बचाव की जगह पर हमले की रणनीति पर काम करेगा। उन्होंने कहा कि अब भारत के लिए अग्रेशन ही बेस्ट डिफेंस है। कैपिटल टॉक के इस कार्यक्रम में मोहम्मद अली शेख, खुर्शीद महमूद कुरैशी भी मौजूद थे, इन सभी ने भी अपने-अपने विचार रखे। कार्यक्रम के एंकर हामिद मीर ने इस बात पर अचंभा जाहिर किया, तब अकरम शेख ने इसके पीछे अपने तर्क भी दिए। जबकि कैपिटल टॉक में मौजूद खुर्शीद कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान किसी भी तरह से भारत से युद्ध करने के लिए सक्षम है। उसके पास खुद के डेवलप किए हुए टैंक और अन्य साजोसामान है। भारत के पास ऐसी चीजें नहीं है। भारत के पास 44 साल पुराने जहाज है। वो ये बातें कहकर खुद को भारत से अधिक मजबूत बताते रहे।खुर्शीद हसन ने कहा कि हिंदुस्तान इस तरह का नहीं है कि वो रवायती जंग कर सके। वो वार नहीं कर सकता है। उनकी मिलिट्री उनको सलाह देगी कि युद्ध करना मुनासिब नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि जब 1965 में भारत-पाक की जंग हुई थी तो सेना प्रमुख ने कहा था कि वो ताशकंद हारने का का राज बताऊंगें। राज ये था कि उन दिनों हमारे पास 17 दिन से ज्यादा लड़ने के लिए गोला बारूद नहीं था। मगर अब अगर जंग हुई तो दोनों तरफ तबाही होगी। पाकिस्तान डिफेंड कर रहा है जो डिफेंड कर रहा होता उसको लाभ होता है। युद्ध से बड़ा खतरा हिंदुस्तान के लिए है। पंजाब और कश्मीर के लिए सबसे अधिक खतरा मोल लेंगे। पंजाब के अंदर हालात खराब होंगे। मीलिट्री सोचेगी कि रिस्क नहीं लेना चाहिए।मोहम्मद अली शेख ने कहा कि अमित शाह ने कश्मीर पर कब्जा कर लिया है, अब वो इस पर बात करने के लिए तैयार नहीं है। दरअसल बीजेपी को देश की जनता ने बहुमत दिया है इस वजह से वो अपने किए फैसले पर वापस नहीं हो सकते। सरकार ने कश्मीर में हालात को कंट्रोल में करने के लिए सेना की एक्सट्रा टुकड़ी लगा रखी है। यदि युद्ध हुआ तो वो वहां पर तैनात लाखों सैनिकों को सीमा पार करवा देंगे। जितने भी इलाके हैं वो ले लेंगे। भारत ने पाकिस्तान के साथ जो समझौता था वो सब तोड़ दिया। उनके सामने अलग स्थिति है। अमेरिका को साथ लिया हुआ है। जहां तक ट्रंप की बात है वो भारत के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों भारत की सारी सियासत कश्मीर को लेकर ही है। वो कश्मीर को लेकर ही काम कर रहे हैं। वो पीछे नहीं हटेंगे। कश्मीर पर कब्जा कायम रहेगा। कश्मीर को बचाने के लिए फौज लगी हुई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दुश्मन को कमजोर नहीं समझना चाहिए।
क्यों डरा है पाकिस्तान;-बता दें, भारत और पाकिस्तान के बीच 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही तनाव बढ़ गया है। भारत और पाकिस्तान की ओर से इसको लेकर रस्साकशी देखी जा रही है। ऐसे में 27 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जब UNGA की बैठक में आमने-सामने होंगे तो तनाव और बढ़ने वाला है।
आतंकवाद का पनाहगार;-भारत आतंकवाद से प्रभावित सभी देशों को एक साथ लेकर चल रहा है। ऐसे में पाकिस्तान अपने को अलग-थलग पा रहा है। अमेरिका में अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले के मास्टरमाइंड को पनाह देने वाले देश के रूप में पाकिस्तान का नाम सभी को पता है। पाक आतंकी कैंप चला रहा है और आतंकवाद को पाल पोस रहा है ये बात किसी से छिपी नहीं है। अमेरिका आतंकवाद का सख्त विरोधी है। इस वजह से वहां से भी उनको कुछ खास समर्थन नहीं मिल पा रहा है।
पाक चला रहा दर्जनों आतंकी कैंप;-सीमा पर आतंकी कैंप चलाने के तमाम सबूत भी भारत दुनिया के तमाम देशों को दे चुका है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ये बातें और भी पुख्ता हो गई। पाकिस्तान सफाई देता रहा मगर सबूतों के सामने उसको घुटने टेकने पड़े। पाकिस्तान में सरेआम आतंकी घूमते हैं, वहां की सेना और आइएसआइ उनको बढ़ावा देती है ये किसी से छिपी नहीं है। इस तरह के तमाम सबूत सभी ने देखें भी है। वो इनके बारे में सफाई नहीं दे पा रहा है।
ट्रंप से मिले मगर नहीं हुआ कोई फायदा;-पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को उम्मीद थी कि जब वो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मिलेंगे और कश्मीर के बारे में कुछ कहेंगे तो उनको मदद मिलेगी, कहीं न कहीं से इस बारे में बात करने के लिए कहा जाएगा। मगर आतंक के नाम पर अब कोई उनकी मदद करने को तैयार नहीं है। वो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी इस बात को उठा चुके हैं मगर कोई लाभ नहीं हुआ। अब हर तरफ से हारने के बाद पाकिस्तान के पास अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। कई बार तो ये भी कहा गया कि अब तक पाकिस्तान ने कश्मीर के जिस हिस्से पर कब्जा कर रखा है वो भी भारत ले लेगा।
अब भारत पीओके पर कर सकता है कब्जा;-पाकिस्तान का एक तबका अब इस बात को लेकर भी डरा हुआ है कि अब भारत का अगला कदम पीओके को भी अपने कब्जे में ले लेने का है। 70 साल से जिस कश्मीर को लेकर पाकिस्तान और भारत के बीच तमाम बातें हो रही थी, अब भारत ने उस पर अपना कब्जा कर लिया है। इसके बाद उसका अगला टारगेट पीओके है जिस पर पाकिस्तान ने कब्जा कर रखा है। इस पर भी भारत हमला करके कब्जा कर सकता है। उसी के बाद उसका मिशन कश्मीर खत्म होगा। इन दिनों पाकिस्तान में इस तरह की बातों को लेकर ही जोर शोर से चर्चाएं चल रही है। वहां की मीडिया भी कश्मीर मामलों के जानकार, वकील और सेना के रिटायर्ड लोगों को साथ लेकर इन मुद्दों पर बात कर रही है।

 

 

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