हांगकांग। प्रस्तावित प्रत्यर्पण कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच हांगकांग की नेता कैरी लाम ने मंगलवार को कहा कि इस कानून से संबंधित बिल निरस्त हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित कानून को लेकर सरकार के सभी फैसले असफल रहे हैं। लेकिन लाम के आलोचक और प्रदर्शनकारी इससे आश्वस्त नहीं हैं। वह अब भी बिल को वापस लिए जाने की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि लाम लोगों को अपने शब्दों के जाल में उलझा रही हैं।इस बिल में संदिग्धों और अपराधियों को मुकदमे के लिए चीन में प्रत्यर्पित किए जाने का प्रावधान है। कई लोग इसे हांगकांग की स्वायत्ता और यहां के नागरिकों के अधिकारों पर खतरा बता चुके हैं। बीते जून में लाखों लोग इस बिल के विरोध में सड़कों पर उतर आए थे। इसके दबाव में लाम को बिल निलंबित करना पड़ा था। इसके बाद भी विरोध नहीं रुका। प्रदर्शनकारी कानून को रद करने की मांग पर अड़े हुए हैं।विरोध शांत कराने के लिए मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में लाम ने कहा, 'लोगों के मन में अब भी यह आशंका है कि सरकार प्रत्यर्पण कानून पास कराने के लिए विधायी परिषद में फिर से प्रक्रिया शुरू करेगी। इसी के चलते मैं फिर दोहरा रहीं हूं कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। बिल निरस्त हो चुका है।' लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने लाम की बात पर भरोसा करने से इन्कार कर दिया है। चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के छात्र संघ के नेता चान वाई लाम विलियम ने कहा, 'बिल को पूरी तरह वापस लिए जाने के अलावा हमें किसी भी बात से संतुष्टि नहीं होगी।'

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