वाशिंगटन। टेलीमार्केटिंग के जरिए हुई करोड़ों की ठगी के मामले में अमेरिकी कोर्ट ने एक भारतीय छात्र को पांच साल की कैद की सजा सुनाई है। ठगों ने अपनी स्कीम के जरिए बुजुर्गों को शिकार बनाया था। न्यूपोर्ट शहर की पुलिस ने पिछले साल 18 नवंबर को धोखाधड़ी की इस साजिश का पर्दाफाश किया था।
साजिश में की थी तकीनीक मदद:-21 साल का यह भारतीय छात्र विश्वजीत कुमार झा हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री में इंटर्नशिप कर रहा था। उसने इस टेलीमार्केटिंग फ्रॉड स्कीम में तकनीकी मदद की थी।
बुजुर्गों को बनाया शिकार;-जालसाजों ने अपनी फ्रॉड स्कीम के जरिए 58 से लेकर 93 साल तक के बुजुर्गों को शिकार बनाया था। पुलिस के अनुसार इस स्कीम में फंसकर करीब दो दर्जन बुजुर्गों ने अपनी सालों की सारी वचत गंवा दी।
सेवानिवृत्ति बचत को लूटा;-पुलिस के अनुसार जाल साजों ने अपने जाल में फंसाकर बुजुर्गों को नौकरी पूरी करने के बाद मिली रकम को हड़प लिया। यह रकम 10 लाख डॉलर (करीब सात करोड़ रुपये) से ज्यादा है।
भारत और चीन भेजी गई रकम:-ठगों ने धोखाधड़ी से जुटाई गई रकम का कैलिफोर्निया के एक बैंक खाते के जरिये लेनदेन किया गया था। इसमें से बड़ा हिस्सा भारत, चीन और सिंगापुर भेजा गया था।
छापे में मिले सुबूत;-अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, बुजुर्गो के साथ हुई इस धोखाधड़ी में विश्वजीत लिप्त पाया गया है। विश्वजीत और अन्य साजिशकर्ताओं के घरों पर मारे गए छापों में धोखाधड़ी से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए थे।

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें