लंदन। विश्व के सबसे गहरे समुद्र में एक अनोखे बैक्टीरिया की खोज हुई है। वैज्ञानिकों ने शोध से पता लगाया है कि मारियाना ट्रेंच समुद्र में एक ऐसा बैक्टीरिया है जो तेल का सेवन करता है। मारियाना ट्रेंच पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित है और इसकी गहराई लगभग 11,000 मीटर है। अध्ययन में शामिल चीन के ओशियन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक जिओ-हुआ झांग ने बताया कि अभी तक केवल कुछ शोधों ने इस प्रकार की स्थित में रहने वाले जीवों की खोज की है। इनमें से एक शोध प्रसिद्ध समुद्री खोजकर्ता और अकादमी पुरस्कार विजेता एवं फिल्म निर्देशक जेम्स कैमरन के नेतृत्व में किया गया था। कैमरून ने समुद्र की सतह में कई नमूने एकत्र करने के लिए एक विशेष पनडुब्बी का निर्माण किया था।बैक्टीरिया पर हुई इस खोज पर लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ एंगोलिया के वैज्ञानिक जोनाथन टॉड ने कहा, ‘हमारी रिसर्च टीम ने मारियाना ट्रेंच के सबसे गहरे हिस्से 11,000 मीटर में माइक्रोबियल पॉपुलेशन के नमूनों को इकट्ठा करने के लिए गई थी। टीम ने उन नमूनों का अध्ययन किया। अध्ययन में हाइड्रोकार्बन बैक्टीरिया नए समूह की पहचान की गई। जोनाथन टॉड ने आगे बताया कि हाइड्रोकार्बन कार्बनिक यौगिक होते हैं जो केवल हाइड्रोजन और कार्बन परमाणुओं से बने होते हैं, और ये कई जगहों पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस सहित पाए जाते हैं।‘

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें