लंदन। टायरानोसॉरस रेक्स (टी रेक्स) डायनासोर कभी पृथ्वी पर रहने वाले सबसे खतरनाक प्राणियों में से एक था, लेकिन वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उसकी काटने की ताकत उसके शरीर के आकार की तुलना में बहुत कम थी। वैज्ञानिकों ने बताया कि तुलना करने पर पता चलता है कि काटने की ताकत के मामले में छोटी सी गैलागोपास ग्राउंड फिंच चिड़िया टी-रेक्स को बहुत पीछे छोड़ देती है।लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग और यूनिवर्सिटी ऑफ लिंकन के वैज्ञानिकों ने अध्ययन में बताया कि टी-रेक्स डायनासोर निश्चित ही विशालकाय जीव थे, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि उनकी काटने की शक्ति भी उनके शरीर की विशालता के अनुरूप थी।रायल सोसाइटी जर्नल प्रोसिडिंग्स बी में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि करीब एक करोड़ साल पहले पाए जाने वाले इस आठ टन वजनी जीव की काटने की शक्ति (बाइट फोर्स) 57,000 न्यूटन थी, जोकि इतने वजन वाले जीव के लिए औसत है। शरीर के आकार के हिसाब से बाइट फोर्स की तुलना करने पर पता चलता है कि फिंच की ताकत इस मामले में बहुत अधिक है। फिंच का बाइट फोर्स 70 न्यूटन है और वजन मात्र 33 ग्राम। इस लिहाज से फिंच चिड़िया टी-रेक्स डायनासोर से 320 गुना ज्यादा शक्तिशाली है।यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के वैज्ञानिक मनाबू सकामोटो ने बताया कि टी रेक्स के भयंकर खतरनाक जबड़े नजर आते थे। इसकी वजह से वह सबसे खतरनाक डायनासोर दिखता था, लेकिन शोध में यह सामने आया कि यह जबड़े केवल दिखने में ही खतरनाक थे। हकीकत में उनमें कोई विशेष ताकत नहीं थी। शोधकर्ताओं ने बताया कि डायनासोर में अपने शिकार को मारने और उनकी हड्यिों को चकनाचूर करने के लिए पर्याप्त शक्ति थी, लेकिन यह केवल इस वजह से थी कि वे बहुत विशालकाय थे।वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर टी रेक्स और फिंच को लड़ाया जाए और दोनों का आकार एक ही हो तो बेशक फिंच के मुकाबले टी रेक्स कहीं नहीं टिकेगा। यह शोध तमाम उन लोगों के लिए चौैंकाने वाला है जो यह मानते हैं कि डायनासोर से ताकतवर जीव कोई नहीं रहा।
सुपर कंप्यूटर के सहारे मापी जाती है काटने की ताकत:-वैज्ञानिकों ने सुपर कंप्यूटर के माध्यम से पृथ्वी पर पाई जाने वाली 434 प्रजातियों के बाइट फोर्स को मापा है। उनमें स्तनधारी, सरीसृप, पक्षी सभी शामिल हैं। प्राचीन समय में पाए जाने वाले वाले जानवरों के दांतों और जबड़े के सहारे काटने के बल को मापने के लिए वैज्ञानिकों ने उनके अवशेषों का अध्ययन किया।
मानव में बुद्धि के विकास के साथ घटती गई शक्ति:-शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि मानव में बुद्धि के विकास के साथ-साथ काटने की शक्ति घटती चली गई। यह हमारे विकसित होते दिमाग की वजह से हुआ। इसकी वजह से सिर की वह खाली जगह भर गई, जिस जगह पर काटने के समय जोर देते समय मांसपेशियां फैलकर पहुंच जाती थीं।

 

 

 

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