इस्लामाबाद - पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप से बरी हुईं आसिया बीबी को जेल से रिहा कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आसिया पर हमले के खतरे को देखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने गुरुवार को आसिया के देश से बाहर जाने की खबरों का भी खंडन किया। उन्होंने कहा कि आसिया बीबी पाकिस्तान में ही हैं।
ईसाई महिला आसिया को ईशनिंदा के आरोप में 2010 में मौत की सजा सुनाई गई थी और वह मुल्तान जेल में बंद थीं। पिछले हफ्ते पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा को पलटते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। पांच बच्चों की मां आसिया को बरी किए जाने के बाद पाकिस्तान में ¨हसा फैल गई थी। कट्टरपंथी इस्लामी तहरीक-ए-लबैक पार्टी (टीएलपी) ने धमकी दी थी कि अगर फैसले को पलटा नहीं जाता है तो वह पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करेगी।
टीएलपी ने आसिया को देश से बाहर भेजने की खबरों पर सख्त नाराजगी जताते हुए और उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। 53 साल की आसिया पर आरोप था कि पड़ोसियों ने जब गैर मुस्लिम होने के नाते उन्हें अपने गिलास में पानी पीने से रोका तो उन्होंने इस्लाम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। आसिया हमेशा ईशनिंदा के आरोप से इन्कार करती रहीं। पाकिस्तान में ईशनिंदा पर मौत की सजा देने का प्रावधान है।

 

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