वाशिंगटन। हब्बल स्पेस टेलीस्कोप के एक गाइरोस्कोप के काम बंद करने के बाद वह स्लीप मोड में चला गया है। यह कहना है अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का। एजेंसी ने बताया कि पांच अक्टूबर को टेलीस्कोप स्लीप मोड में चला गया था, जिसके बाद से वैज्ञानिक इसे ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं।नासा के बयान के मुताबिक, हब्बल के उपकरण अभी भी पूरी तरह से काम कर रहे हैं और उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह टेलीस्कोप विज्ञान के क्षेत्र में अपना और योगदान देगा। बयान में कहा गया कि सुरक्षित मोड टेलीस्कोप को एक स्थिर स्थिति में तब तक रखता है जब तक कि ग्राउंड कंट्रोल (निगरानी करने वाले कर्मचारी) इस समस्या को सुधार नहीं लेते और मिशन फिर सामान्य रूप से काम नहीं करने लगता।हब्बल स्पेस टेलीस्कोप वास्तव में एक खगोलीय दूरदर्शी है, जो अंतरिक्ष में कृत्रिम उपग्रह के रूप में स्थित है। इसे 25 अप्रैल, 1990 को अमेरिकी अंतरिक्ष यान डिस्कवरी की मदद से इसकी कक्षा में स्थापित किया गया था। हब्बल टेलीस्कोप को नासा ने यूरोपियन अंतरिक्ष एजेंसी के सहयोग से तैयार किया था। वर्ष 2009 में सर्विसिंग मिशन-4 के दौरान हब्बल में छह नए गाइरोस्कोप लगाए गए थे।
आमतौर पर तीन गाइरोस्कोप का होता है प्रयोग:-आमतौर पर हब्बल एक बार में अधिकतम क्षमता के लिए तीन गाइरोस्कोप का इस्तेमाल करता है, लेकिन वैज्ञानिक विश्लेषण केवल एक गाइरोस्कोप के जरिये भी किया जा सकता है।
एक साल से हो रही थी आशंका:-नासा के मुताबिक, यह खराबी अचानक नहीं आई है। खराब हुआ गाइरोस्कोप करीब एक साल से इस तरह काम कर रहा था कि उसके खराब होने की आशंका थी। वहीं, उसके साथ के दो अन्य गाइरोस्कोप पहले ही खराब हो चुके हैं। शेष बचे हुए तीन गाइरोस्कोप में तकनीकी रूप से विकास किया गया है, जिसके चलते उनके लंबे समय तक काम करने की उम्मीद है। वहीं, वर्तमान में इनमें से दो गाइरोस्कोप काम कर रहे हैं।
सुधार के लिए किए जा रहे प्रयास:-नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर और स्पेस टेलीस्कोप साइंस इंस्टीट्यूट के कर्मचारी विश्लेषण और परीक्षण कर रहे हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि गाइरोस्कोप को ठीक करने के लिए क्या विकल्प मौजूद हैं। जब तक इसकी खराबी का पता लगाकर उसे पूरी तरह से ठीक नहीं किया जाता, तब तक नासा ने हब्बल से की जाने वाली सभी खोजों को रोक दिया है।

Share this article

AUTHOR

Editor

हमारे बारे में

नार्थ अमेरिका में भारत की राष्ट्रीय भाषा 'हिन्दी' का पहला समाचार पत्र 'हम हिन्दुस्तानी' का शुभारंभ 31 अगस्त 2011 को न्यूयॉर्क में भारत के कौंसल जनरल अम्बैसडर प्रभु दियाल ने अपने शुभ हाथों से किया था। 'हम हिन्दुस्तानी' साप्ताहिक समाचार पत्र के शुभारंभ का यह पहला ऐसा अवसर था जब नार्थ अमेरिका में पहला हिन्दी भाषा का समाचार पत्र भारतीय-अमेरिकन्स के सुपुर्द किया जा रहा था। यह समाचार पत्र मुख्य सम्पादकजसबीर 'जे' सिंह व भावना शर्मा के आनुगत्य में पारिवारिक जिम्मेदारियों को निर्वाह करते हुए निरंतर प्रकाशित किया जा रहा है Read more....

ताज़ा ख़बरें