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नई दिल्ली। स्टीव स्मिथ भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में शतक के बेहद करीब आकर आउट हो गए थे, लेकिन उन्होंने अपनी ये कसर तीसरे वनडे में बेंगलुरु में पूरी कर ली। तीसरे वनडे मुकाबले में भारत के खिलाफ स्मिथ ने आकर्षक पारी खेलते हुए शतक ठोक दिया। स्मिथ ने ये बेहतरीन पारी तब खेली जब टीम के दो अहम विकेट आरोन फिंच और डेविड वार्नर के तौर पर जल्दी ही गिर गए थे। स्मिथ का ये शतक आखिरी और निर्णायक वनडे में आया जब उनकी टीम को इसकी सख्त जरूरत थी।
वनडे करियर का 9वां शतक लगाया स्मिथ ने:-बेंगलुरु वनडे में स्टीव स्मिथ ने अपने वनडे करियर का नौवां शतक ठोका। वहीं भारतीय सरजमीं पर वनडे क्रिकेट में ये उनका पहला शतक रहा। तीसरे वनडे मैच में स्मिथ ने अपना शतक 117 गेंदों पर पूरा किया। उन्होंने अपनी इस धैर्यभरी पारी में 11 चौके लगाए। स्मिथ ने इस मैच में दूसरे विकेट के लिए लाबुशाने के साथ मिलकर 124 रन की अहम साझेदारी भी की। उन्होंने वनडे में साल 2017 के बाद यानी तीन साल के बाद शतक लगाया और भारत के खिलाफ ये उनका तीसरा वनडे शतक रहा। इस मैच में स्मिथ ने 132 गेंदों पर 131 रन की पारी खेली और अपनी पारी में 14 चौके व एक छक्का लगाया।
स्मिथ ने पूरे किए 4000 रन;-तीसरे वनडे में 92वां रन बनाते ही स्मिथ ने अपने वनडे करियर में 4000 रन भी पूरे कर लिए। उन्होंने ये कमाल अपने वनडे करियर की 106वीं पारी में पूरे किए। उन्होंने सबसे तेज 4000 रन पूरे करने के मामले में मैथ्यू हेडेन को पीछे छोड़ा और ज्योफ मार्श की बराबरी कर डाली। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से वनडे में सबसे तेज 4000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज डेविड वार्नर हैं जिन्होंने अपने वनडे करयिर की 93वीं पारी में ये कमाल किया था।
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से वनडे में सबसे तेज 4000 रन बनाने वाले टॉप पांच बल्लेबाज-
- 93 पारी- डेविड वार्नर
- 102 पारी- डीन जोंस
- 105 पारी- आरोन फिंच
- 106 पारी- ज्योफ मार्श/ स्टीव स्मिथ
- 109 पारी- मैथ्यू हेडेन
स्मिथ का भारत के खिलाफ 10वां अंतरराष्ट्रीय शतक-स्टीव स्मिथ का भारत के खिलाफ ये दसवां शतक रहा। क्रिकेट के तीनों प्रारूपों को मिलाकर उन्होंने टीम इंडिया के खिलाफ अपना दसवां शतक लगाया। इस तरह से भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में उन्होंने श्रीलंका के पूर्व खिलाड़ी जयसूर्या और जयवर्धने की बराबरी कर डाली। भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड रिकी पोंटिंग के नाम पर है। उन्होंने भारत के खिलाफ कुल 14 शतक लगाए थे।
भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी-
रिकी पोंटिंग - 14
विव रिचर्ड्स - 11
कुमार संगकारा- 11
स्टीव स्मिथ - 10*
सनथ जयसूर्या- 10
महेला जयवर्धने - 10

 

 

इस्‍लामाबाद। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने देशद्रोह मामले में मौत की सजा को चुनौती देने वाली पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ की अर्जी पर सुनवाई करने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने याचिका वापस करते हुए कहा कि जब तक वह सरेंडर नहीं करते हैं, तब तक उनको अपील करने की इजाजत नहीं होगी। मुशर्रफ ने गत गुरुवार को शीर्ष कोर्ट में अर्जी दाखिल कर विशेष अदालत के फैसले को रद करने की अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित विशेष अदालत ने गत 17 दिसंबर को मुशर्रफ को देशद्रोह का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी।
एक महीने के भीतर करना होगा सरेंडर:-एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने शुक्रवार को इस टिप्पणी के साथ पूर्व सैन्य शासक मुशर्रफ की अर्जी लौटा दी कि अपील से पहले दोषी आत्मसमर्पण करें। सर्वोच्च अदालत ने इस आपत्ति को दूर करने के लिए एक माह की मोहलत दी है। इसका मतलब यह हुआ कि मुशर्रफ को एक महीने के अंदर सरेंडर करना होगा। ऐसा नहीं करने पर वह अपील करने का अधिकार गंवा देंगे।
दाखिल की थी 90 पेज की अर्जी;-74 वर्षीय पूर्व सेना प्रमुख मुशर्रफ ने अपने वकील सलमान सफदर के जरिये गत गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में 90 पेज की अर्जी दाखिल की थी। इसमें बताया गया था कि विशेष अदालत में मुशर्रफ की अनुपस्थिति इरादतन नहीं थी। वह खराब सेहत के कारण अदालत में पेश नहीं हो पा रहे थे। मुशर्रफ को बीमार मानने के बावजूद विशेष अदालत ने उनकी अनुपस्थिति में फैसला सुना दिया। इसके पहले बीते सोमवार को लाहौर हाई कोर्ट ने मुशर्रफ की अपील पर विशेष अदालत के फैसले को असंवैधानिक करार दिया था।
इस मामले में हुई सजा:-वर्ष 2007 में पाकिस्तान पर आपातकाल लागू करने, संविधान को निलंबित करने और जजों को हिरासत में रखने के आरोप में मुशर्रफ के खिलाफ 2013 में मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मुकदमा तत्कालीन नवाज शरीफ सरकार की ओर से दर्ज कराया गया था। मामले में खुद को घिरते देख मुशर्रफ इलाज के बहाने 18 मार्च, 2016 को दुबई चले गए थे। तब से वह अपने मुल्क नहीं लौटे हैं। उन्‍होंने अपने वकील के द्वारा पाकिस्‍तान में खुद की जान को खतरा बताया था। फ‍िलहाल, वह दुबई में अपनी बीमारी का इलाज करा रहे हैं।

 

 

 

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में जस्टिस धींगरा की अध्यक्षता वाली एसआइटी की सिफारिशें उसने स्वीकार कर ली है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश जस्टिस एसएन धींगरा की अध्यक्षता वाली एसआइटी ने दंगों के बंद किये जा चुके 186 मामलों की जांच कर के रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में पुलिस पर आक्षेप लगाए गए हैं।दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य गुरलाद सिंह कहलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर 1984 के सिख विरोधी दंगों के बंद कर दिए गए मामलों की पुन: जांच की मांग की है। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 11 जनवरी 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश एसएन धींगरा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी जिसे 186 मामलों की जांच सौंपी थी। एसआइटी में जस्टिस धींगरा के अलावा आइपीएस अधिकारी राजदीप सिंह और आइपीएस अधिकारी अभिषेक दुलार भी सदस्य थे। लेकिन मामले की जांच एसआइटी के सिर्फ दो ही सदस्यों ने की थी क्योकि राजदीप सिंह ने निजी कारणों से एसआइटी में शामिल करने से इन्कार कर दिया था। एसआइटी ने जांच करके अपनी फाइनल रिपोर्ट दे दी है।बुधवार को सुनवाई के दौरान गुरलाद सिंह के वकील आरएस सूरी ने कहा कि रिपोर्ट से पता चलता है कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने दंगाइयों का साथ दिया ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। रिपोर्ट की सिफारिश के मुताबिक मामलों में अपील दाखिल होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि बरी होने के 25 साल बाद अपील दाखिल करना थोड़ा मुश्किल होगा लेकिन अपील होनी चाहिए। तभी केन्द्र सरकार की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार जस्टिस धींगरा कमेटी की रिपोर्ट मे की गई सिफारिशें स्वीकार करती है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। सूरी ने कहा कि वह एसआइटी रिपोर्ट के बारे में उचित अर्जी दाखिल करेंगे। कोर्ट ने उन्हें अर्जी दाखिल कर मांगे रखने के लिए चार सप्ताह का समय दे दिया।तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि मामले से जुड़े सारे रिकार्ड सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के पास हैं रिकार्ड सीबीआइ को वापस किये जाएं ताकि आगे की कार्रवाई हो सके। कोर्ट ने एसआइटी को आदेश दिया है कि वह मामले से जुड़ा सारा रिकार्ड गृह मंत्रालय को वापस करे।

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की ओर से 17 जनवरी को फ्रेंच गुयाना से एरियन-5 प्रक्षेपण यान के माध्यम से संचार उपग्रह जीसैट-30 प्रक्षेपित किया जाएगा। जीसैट-30 उपग्रह भारतीय समयानुसार उस दिन दो बजकर 35 मिनट पर दक्षिण अमेरिका के उत्तरपूर्वी तट पर कौरो के एरियर प्रक्षेपण परिसर से रवाना किया जाएगा। इसका वजन 3357 किलोग्राम है।इसरो की ओर से बताया गया कि जीसैट-30 इनसैट-4 ए की जगह लेगा और उसकी कवरेज क्षमता अधिक होगी। इस उपग्रह के अपनी जगह पर पहुंच जाने के बाद यह उपग्रह केयू बैंड में भारतीय मुख्य भूमि और द्वीपों को, सी बैंड में खाड़ी देशों, बड़ी संख्या में एशियाई देशों और आस्ट्रेलिया को कवरेज प्रदान करेगा। यह इसरो का इस साल यानी 2020 का पहला मिशन होगा। इसे लेकर तैयारी अंतिम चरण में है।
30 वर्ष की अवधि वाला मिशन:-जीसैट उपग्रह डीटीएच, टेलीविजन अपलिंक और वीसैट सेवाओं के लिए क्रियाशील संचार उपग्रह है। इसरो ने कहा कि जीसैट -30 के संचार पेलोड गको इस अंतरिक्ष यान में अधिकतम ट्रांसपोंडर लगाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। उसके अनुसार उसका उपयोग व्यापक रूप से वीसैट नेटवर्क, टेलीविजन अपलिंकिंग, टेलीपोर्ट सेवाएं, डिजिटल सैटेलाइट खबर संग्रहण (डीएसएनजी) , डीटीएच टेलीविजन सेवाओं आदि के लिए किया जाएगा।
इसरो का बनाया और डिजाइन किया हुआ उपग्रह:-जीसैट -30 इसरो द्वारा डिजाइन किया हुआ और बनाया गया एक दूरसंचार उपग्रह है। यह इनसैट सैटेलाइट की जगह काम करेगा। इससे राज्य-संचालित और निजी सेवा प्रदाताओं को संचार लिंक प्रदान करने की क्षमता में बढ़ोतरी होगी। मिशन की कुल अवधि 38 मिनट, 25 सेकंड होगी। इसका का वजन करीब 3357 किलोग्राम है। यह लॉन्चिंग के बाद 15 सालों तक काम करता रहेगा। इसे जियो-इलिप्टिकल ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा। इसमें दो सोलर पैनल होंगे और बैटरी होगी जिससे इसे ऊर्जा मिलेगी। यह 107 वां एरियन 5 वां मिशन होगा। कंपनी के 40 साल पूरे हो गए हैं। जीसैट 30 बढ़ी हुई कवरेज के साथ इनसैट -4 ए अंतरिक्ष यान सेवाओं के प्रतिस्थापन के रूप में काम करेगा। उपग्रह को यूरोपीय अंतरिक्ष कंपनी के दूरसंचार उपग्रह- यूटेलसैट कोनक्ट के साथ लॉन्च किया जाएगा।
वर्तमान में 25 उपग्रह लॉन्च करने की योजना:-वर्तमान में इसरो के पास आदित्य-एल 1 उपग्रह सहित 25 उपग्रह लॉन्च करने की योजना है, जोकि पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर लग्रनिज बिंदु (एल 1) के आसपास हॉलो ऑर्बिट में प्रवेश कराया जाएगा। आदित्य-एल 1 उपग्रह सौर कोरोना का अध्ययन करेगा, जिसमें एक लाख डिग्री से अधिक केल्विन तापमान होता है। यह सूर्य से निकलने वाले क्रोमोस्फीयर और कण प्रवाह का भी अध्ययन करेगा।
अन्य लॉन्चिंग योजना:-इसरो इस साल अन्य कई उपग्रह लॉंच करने की तैयारी में है। इसमें एसएसएलवी (स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) शामिल हैं, जो पृथ्वी की निचली कक्षा में छोटे उपग्रहों, जीएसएलवी, जीसैट -20 उपग्रह, एनएवीआईसी, इंडियन डेटा रिले सैटेलाइट सिस्टम और एक्सपोसेट को प्रवेश कराएगा।
पिछले साल इसरो ने 6 लॉन्च वाहन और 7 उपग्रह मिशन लॉन्च हुए:-पिछले साल इसरो ने 6 लॉन्च वाहन और 7 उपग्रह मिशन लॉन्च किए थे। इसने पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) के 50 वें लॉन्च का जश्न भी मनाया। एरियनस्पेस ने पिछले साल 6 फरवरी को इसरो का जीसैट -31 लॉन्च किया था।
महत्व:-संचार उपग्रह का उपयोग वीसैट नेटवर्क, डीटीएच टेलीविजन सेवाओं, डिजिटल उपग्रह समाचार सभा, डीटीएच टेलीविजन सेवाओं, टेलीपोर्ट सेवाओं, टेलीविजन अपलिंकिंग, सेलुलर बैकहॉल कनेक्टिविटी और ऐसे अन्य अनुप्रयोगों का समर्थन करने के लिए किया जाएगा। उपग्रह के संचार पेलोड को विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है और अंतरिक्ष यान की बस में ट्रांसपोंडर की संख्या को अधिकतम करने के लिए अनुकूलित किया गया है।

नई दिल्ली। भगोड़े अंडरव‌र्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने नेपाल के काठमांडू में अपना बड़ा अड्डा बना रखा है। वहीं से वह भारत में नकली नोट भेजता है। नेपाल में पाकिस्तान के दूतावास के खास अधिकारियों के जरिए ही वह अपना धंधा चलाता है। कभी दाऊद गैंग का सदस्य रहे एजाज लकड़ावाला ने मुंबई पुलिस की पूछताछ में यह जानकारी दी है। लकड़ावाला को आठ जनवरी को बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार किया गया था।लकड़ावाला ने मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान के कराची में दो घरों का पता भी बताया है। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के शीर्ष अधिकारियों ने मुताबिक दाऊद के एक घर का पता 6ए, खायाबन तंजीम फेज-5, डिफेंस हाउसिंग एरिया, कराची और दूसरे घर का पता डी-13, ब्लॉक-4, क्लिफ्टॉन, कराची है। दाऊद का भाई अनीस इब्राहिम और उसका खास छोटा शकील भी डिफेंस हाउसिंग एरिया में ही रहते हैं।मुंबई पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक एजाज लकड़ावाला भी कभी दाऊद गिरोह का सदस्य था और वह ड्रग तस्करी समेत तमाम गैर कानूनी गतिविधियों को देखता था। लेकिन 1993 में मुंबई में हुए विस्फोट के बाद वह छोटा राजन के साथ दाऊद गैंग से अलग हो गया था। बाद में पैसे के बंटवारे को लेकर छोटा राजन से मतभेद होने के बाद उसने आपना अलग गिरोह बना लिया था और नीदरलैंड में रहकर ड्रग तस्करी इत्यादि का धंधा चला रहा था।लकड़ावाला ने यह भी बताया है कि दाऊद की थाइलैंड और बांग्लादेश में भी अच्छी पकड़ है और वह इन दोनों देशों के माध्यम से भारत, यूरोप और अन्य देशों में ड्रग भेजता है। उसने यह भी बताया था कि छोटा राजन ने कराची में दाऊद इब्राहिम को मारने की योजना बनाई थी। दाऊद अपनी बेटी के जनाजे में आने वाला था। राजन का शॉर्प शूटर विकी मलहोत्रा उसे मारने गया था, लेकिन दाऊद जनाजे में आया ही नहीं।इस बीच, खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी है कि दाऊद लकड़ावाला को मरवाने की साजिश रच रहा है। दाऊद का गैंग जिसे डी कंपनी के नाम से भी जाना जाता है, लकड़ावाला के जेल जाने के बाद उसकी जेल में हत्या करने की साजिश रच रही है।

नई दिल्ली। सब कुछ यदि तय योजना के मुताबिक हुआ, तो 2024 तक देश की राष्ट्रीय राजधानी एक नए लुक में दिखेगी। इसमें नए संसद भवन सहित सेंट्रल विस्टा का विस्तार भी शामिल है। जिसका एक छोर यमुना नदी के किनारे तक और दूसरा छोर राष्ट्रपति भवन के पीछे प्रस्तावित एक बायो-डायवर्सिटी पार्क तक होगा। जिसमें देश भर के विलुप्त हो रहे सभी पेड़-पौधों को संरक्षित किया जाएगा।
सांसदों को बैठने के लिए होगी पर्याप्त जगह;-राष्ट्रीय राजधानी के आधुनिकीकरण में जो सबसे खास बात होगी, उसके तहत प्रस्तावित नए संसद भवन में सांसदों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी। मौजूदा समय में प्रत्येक सांसद को बैठने के लिए सिर्फ 40 सेटीमीटर ही जगह मिलती है। अब उनके लिए 60 सेंटीमीटर की जगह होगी। प्रस्तावित लोकसभा को करीब 900 सदस्यों की बैठने की क्षमता के लिए लिहाज से तैयार किया जाएगा। प्रस्तावित संसद में फिलहाल छह प्रवेश द्वार होंगे। मौजूदा संसद में पांच प्रवेश द्वार ही है। कुल मिलाकर नई संसद को कुछ इस थीम पर तैयार किया जाएगा, जहां लोकतंत्र प्रेमियों का श्रद्धा से सिर झूक सके। जैसा कि धार्मिक श्रद्धा रखने वाले मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे में श्रद्धा से झुकाते है।
पीएम और उप राष्ट्रपति के आवास भी होंगे सेंट्रल विस्टा में:-इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में जो बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, उनमें उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आवास भी अब सेंट्रल विस्टा में ही बनेंगे। अब तक देश की दोनों ही प्रमुख और अतिसुरक्षित शख्सियतें इस क्षेत्र से दूर है, जो आम लोगों की आवाजाही वाला क्षेत्र है। इसके तहत प्रधानमंत्री का नया कार्यालय और आवास अब साउथ ब्लाक से नजदीक ही होगा। इसी तरह उपराष्ट्रपति का आवास भी नॉर्थ ब्लाक में सेंट्रल विस्टा के नजदीक होगा।
डॉ बिमल पटेल देख रहे सारा काम:-लुटियन दिल्ली को नया रुप देने का यह काम फिलहाल देश के जाने-माने आर्कीटेक्ट डॉ बिमल पटेल को सौंपा गया है। जो मूलत: गुजरात के हैं। मौजूदा समय में काशी विश्वनाथ कॉरीडोर का निर्माण कार्य उन्हीं की देखरेख में चल रहा है।गौरतलब है कि मौजूदा संसद भवन करीब 90 साल से ज्यादा हो चुका है। साथ ही इनमें भूकंप और सुरक्षा के दूसरे उतने पुख्ता इंतजाम नहीं है। इस दौरान सेंट्रल विस्टा के आसपास सभी पुरानी बैरेक नुमा भवनों को हटा दिया जाएगा।
राजपथ के दोनों ओर मंत्रालयों के लिए बनेंगे दस बड़े भवन;-सेंट्रल विस्टा के आधुनिकीकरण की इस योजना के तहत राजपथ के दोनों ओर मंत्रालयों के लिए दस बड़े भवन बनेंगे। इसके साथ ही इनमें एक बड़ा कांफ्रेस रुम और संग्रहालय भी बनाया जाएगा। इन भवनों के बीच अंडर ग्राउंड कनेक्टिीविटी रहेगी। साथ ही यह सीधे मेट्रो लाइन से भी जुड़े रहेंगे।
हेरीटेज भवनों से नहीं होगी कोई छेड़छाड़:-सेंट्रल विस्टा के आधुनिकीकरण योजना के तहत हेरीटेज भवन की स्थिति पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने साफ किया कि हेरीटेज भवनों से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। बल्कि उसे सुसज्जित कर पर्यटकों और आम लोगों के लिए खोला जाएगा।

नई दिल्ली। राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप के बीच एनपीआर (NPR) की तैयारी अंतिम चरण में है और अप्रैल से सितंबर के बीच देश के हर नागरिक तक जनगणना कर्मी पहुंचकर सवाल पूछेंगे। हालांकि यह स्पष्ट किया गया है कि जो न चाहे व सवालों के जवाब न दें लेकिन अगर जानकारी गलत दी तो हजार रुपये का जुर्माना हो सकता है। यह प्रावधान 2010 के एनपीआर में भी था।वहीं गृहमंत्रालय के सूत्रों के अनुसार बाहर भले ही राजनीतिक बयानबाजी हो रही हो, लेकिन अभी तक किसी भी राज्य ने भारत के महापंजीयक (रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया-आरजीआई) को आधिकारिक रूप से एनपीआर नहीं कराने के बारे में सूचित नहीं किया है। अगर कोई जनगणनाकर्मी इसका बहिष्कार करता है, तो उसके लिए भी तीन साल तक सजा का प्रावधान है।
NPR में नहीं मांगे जाएगें दस्तावेज;-गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया कि इस बार एनपीआर के दौरान न तो किसी के कोई दस्तावेज मांगे जाएंगे, न ही बायोमेट्रिक देने को कहा जाएगा। लेकिन लोगों से उम्मीद की जाएगी कि वे सही-सही जानकारी दें। लगभग 18 सवाल होंगे। एनपीआर कानून और जनगणना कानून के तहत सही जानकारी नहीं देने वाले के खिलाफ जुर्माने का भी प्रावधान है। यह अलग बात है कि अभी तक किसी के ऊपर यह जुर्माना नहीं लगाया गया है।
2010 में 30 करोड़ लोगों का बायोमेट्रिक:-मंत्रालय के अनुसार 2010 में एनपीआर के तहत आरजीआइ ने 30 करोड़ लोगों का बायोमेट्रिक समेत अन्य दस्तावेज जुटाए थे, जो बाद में यूडीएआइ को दे दिये गए। 2015 में इसमे अपडेट किया गया था। उनके अनुसार अभी देश के 119 करोड़ लोगों की बायोमेट्रिक समेत पूरी जानकारी यूडीएआइ के पास मौजूद है। इस बार पुराने डाटा को अपडेट करने के लिए एनपीआर किया जा रहा है।
पहले भी मांगी गई थी जानकारी:-एनपीआर को लेकर सबसे अधिक विवाद इसमें माता-पिता के जन्म की तारीख को पूछे जाने को लेकर है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसको लेकर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। सच्चाई यह है कि 2010 में एनपीआर के दौरान भी यह जानकारी मांगी गई थी। अंतर सिर्फ इतना है कि पिछली बार घर में साथ रहने वाले माता-पिता की जन्म की तारीख पूछी गई थी। जो माता-पिता बच्चों से दूर दूसरी जगह रह रहे थे, उनसे वहां यह जानकारी देने को कहा गया था। इस बार अंतर यह है कि लोगों से अपने उन माता-पिता का भी नाम और जन्म तारीख मांगी जा रही है, जो उनके साथ नहीं है। देश में यतीम बच्चों के बारे में इससे सटीक जानकारी मिल सकती है।
पहले के कई सवाल हटाए गए:-एनपीआर की तैयारियों के सिलसिले में प्री सर्वे के दौरान सभी राज्यों में 30 लाख लोगों से यह सवाल पूछे गए थे। सभी ने बिना झिझक इसका जवाब भी दिया। किसी ने भी इस पर आपत्ति नहीं जताई। इसके बजाय अधिकांश लोगों ने सर्वे के दौरान पैन नंबर मांगे जाने पर आपत्ति जताई थी। यही कारण है कि एनपीआर के सवालों की सूची से इसे हटा लिया गया है।
राज्यों ने खुद तय किया समय;-वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल और केरल सरकार ने जनगणना के लिए लगे कर्मचारियों को कुछ दिनों के लिए इसपर विराम लगाने का निर्देश दिया है। लेकिन इसमें रोकने की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से 30 सितंबर के लंबे समय में कभी भी किसी राज्य में एनपीआर कराया जा सकता है। अधिकांश राज्यों ने खुद ही 40-45 दिन का समय इसके लिए तय करके आरजीआइ को बता दिया है।

कोच्चि। केरल के प्रभावशाली कैथोलिक चर्च ने कहा है कि राज्य में ईसाई समुदाय की लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाया जा रहा है। उन्हें इस्लामिक स्टेट के जाल में फंसाया जा रहा है और उनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जा रहा है।कैथोलिक सायरो-मालाबार चर्च के पादरियों की शीर्ष संस्था,जिसके प्रमुख कार्डिनल जॉर्ज एलनचेर्री हैं, ने केरल पुलिस पर लव जिहाद के मामलों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। सायरो-मालाबार मीडिया कमीशन के जरिए जारी बयान में चर्च ने कहा है कि केरल में लव जिहाद के नाम पर ईसाई लड़कियों की हत्या की जा रही है। इस बयान में दुनिया भर में ईसाइयों के खिलाफ हो रहे हमलों का उल्लेख किया गया है।पादरियों की संस्था ने कहा है कि केरल में बहुत ही सुनियोजित तरीके से लव जिहाद को अंजाम दिया जा रहा है। राज्य में लव जिहाद तेजी से अपनी जड़ें जमा रहा है, जो समाज में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए गंभीर खतरा है।
ईसाइयों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप:-चर्च ने पुलिस के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा है कि राज्य में इस्लामिक स्टेट में 21 लोगों को भर्ती किया गया है। इसमें से आधे ईसाई धर्म छोड़कर इस्लाम को अपनाने वाले लोग हैं। समुदाय के लिए ये घटनाएं आंखें खोलने वाली है। ईसाई समुदाय की लड़कियों को लव जिहाद में फंसाकर आतंकी गतिविधियों में उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे साफ है कि लव जिहाद कोरी कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत है। चर्च ने लव जिहाद के मामलों में त्वरित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पुलिस और सरकार मौन;-कैथोलिक चर्च के इस आरोप पर अभी तक न तो पुलिस की तरफ से और न ही राज्य सरकार की तरफ से किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया आई है। जबकि, केरल राज्य महिला आयोग की एक पदाधिकारी ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है।
पीएफआइ ने आरोप के समय पर उठाए सवाल:-इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) ने आरोपों को गलत बताते हुए चर्च के बयान के समय पर भी सवाल उठाया है। इस्लामिक संगठन ने चर्च से तुरंत इस बयान को वापस लेने का अनुरोध किया है। पीएफआइ ने कहा है कि इस बयान से हिंदुत्व फासीवाद के खिलाफ बनी एकता में टूट पड़ेगी। बता दें कि पीएफआइ पर लव जिहाद के मामलों में अहम भूमिका निभाने के आरोप लगते रहे हैं।
विहिप ने बयान का स्वागत किया:-विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने चर्च के इस बयान का स्वागत किया है। साथ ही केरल में लव जिहाद के खिलाफ संगठित लड़ाई का आह्वान किया है। विहिप के पूर्व प्रांत अध्यक्ष एसजेआर कुमार ने कहा है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले मुस्लिम लड़के हिंदू और ईसाई लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाते हैं और राज्य में जगह-जगह बने केंद्रों पर इन लड़कियों का धर्मपरिवर्तन कराया जाता है। इन लड़कियों का ड्रग तस्करी और आतंकी घटनाओं में इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि विहिप ने बहुत पहले ही मसला उठाया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

नई दिल्ली। कश्मीर मुद्दे पर पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 'बंद कमरे में बैठक' की कोशिश नाकाम होने के बाद चीन ने बुधवार को इसके लिए एक बार फिर पहल की है। हालांकि, उसके मंसूबे नाकाम होते दिख रहे हैं क्योंकि सुरक्षा परिषद के बाकी सभी सदस्य इसका विरोध कर सकते हैं। पिछले साल भी चीन की पहल पर कश्मीर मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की 'बंद कमरे में बैठक' हुई थी जिसमें वह अलग-थलग पड़ गया था। 'बंद कमरे में बैठक' पूरी तरह अनौपचारिक होती है, जिसका कोई रिकॉर्ड तक मैंटेन नहीं किया जाता।फ्रांसीसी राजनयिक सूत्रों ने बताया कि फ्रांस को यूएनएससी के एक सदस्य की तरफ से एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाने का अनुरोध मिला है और पिछली बार की तरह इस बार भी वह इसका विरोध करेगा। दरअसल, यूएनएससी ने एक अफ्रीकन देश से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए बंद कमरे में बैठक बुलाई है। इसके बाद चीन 'अन्य विषय' के अजेंडा के तहत कश्मीर मुद्दे पर भी चर्चा के लिए गुजारिश की है।

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी द्वारा टिकट जारी होने के बाद कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर बड़ा हमला बोला है। राजौरी गार्डन विधानसभा क्षेत्र से हाल ही में कांग्रेस छोड़ कर आप में शामिल होने वाले धनवती चंदेला को टिकट दिया गया है। कवि कुमार विश्वास ने बाहरी लोगों को टिकट मिलने पर ट्वीट कर हमला बोला है उन्होंने लिखा है कि 2013 में पार्टी के लोग इनसे पिटे, हमने संघर्ष किया और इन्हीं से लड़कर जीते...2020 में इन्हें बुलाकर टिकट दे दिया !बता दें कि कुमार विश्वास ने एक पुराने ट्वीट के आधार पर कहा है जिसमें लिखा गया था कि धनवती चंदेला के गुंडों ने आप के कार्यकर्ताओं को पीटा था। उधर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली कैंट से दो बार चुनाव जीत चुके विधायक कमांडो सुरेंद्र सिंह का टिकट भी काट दिया है। टिकट काटे जाने के बाद कमांडो दुखी और परेशान तो दिखे लेकिन उन्होंने कहा कि हमारा एक मोटो रहता है कि जब मुश्किल वक्त होता है तो हमारा नारा है "मुश्किल वक्त कमांडो सख्त"।वहीं आम आदमी पार्टी ने दिल्ली कैंट से इस बार वीरेंद्र सिंह कादियान को उम्मीदवार बनाया है। टिकट की घोषणा के बाद कमांडो सुरेंद्र सिंह आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पहुंचे और उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें बुधवार सुबह फिर बुलाया है।बता दें कि मंगलवार को आम आदमी पार्टी ने सभी 70 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने 46 मौजूदा विधायकों को टिकट दिया है, जबकि 15 का टिकट काट लिया है।

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